Students find these Class 9 Hindi MCQ and Class 9 Hindi Ganga Chapter 3 संवादहीन MCQ Online Test with Answers helpful for self-assessment and preparation.
Class 9 Hindi Chapter 3 MCQ संवादहीन
Class 9 Hindi संवादहीन MCQ
संवादहीन MCQ Questions – Class 9 Hindi Chapter 3 MCQ Online Test
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
मिट्ठू को ताई के पास कौन लेकर आया था?
(क) जगन मास्टर
(ख) गनपत
(ग) जगन मास्टर की पत्नी
(घ) गाँव के पड़ोसी
उत्तर:
(ख) गनपत
प्रश्न 2.
ताई के कुंभ-स्नान के लिए जाने पर मिट्ठू को किसके पास छोड़ा गया?
(क) गनपत के घर
(ख) शहर में रहने वाली अपनी बेटी के पास
(ग) जगन मास्टर की घरवाली के पास
(घ) जमींदार साहब के यहाँ
उत्तर:
(ग) जगन मास्टर की घरवाली के पास
प्रश्न 3.
जगन मास्टर ने मिट्टू के पिंजरे का दरवाजा क्यों खोला?
(क) ताई ने उन्हें ऐसा करने को कहा था
(ख) मिट्टू बीमार था
(ग) उन्हें पिंजरे में बंद मिट्टू को देखकर बेचैनी होती थी
(घ) मिट्टू ने खाना-पीना छोड़ दिया था
उत्तर:
(ग) उन्हें पिंजरे में बंद मिट्टू को देखकर बेचैनी होती थी
प्रश्न 4.
ताई के लौटने पर पिंजरे में बैठे नए तोते ने क्या किया?
(क) ‘राम राम सीताराम’ की रट लगा दी
(ख) पिंजरे में कूद-फाँद मचाई
(ग) केवल इधर-उधर ताकता रहा, कोई हरकत नहीं की
(घ) ताई को देखकर खुश हो गया
उत्तर:
(ग) केवल इधर-उधर ताकता रहा, कोई हरकत नहीं की
प्रश्न 5.
कहानी के अंत में ‘संवादहीन’ शीर्षक किसके लिए सबसे अधिक सार्थक है?
(क) मिट्टू के लिए, क्योंकि वह उड़ गया
(ख) जगन मास्टर के लिए, क्योंकि उनकी पत्नी नाराज थी
(ग) ताई के लिए, क्योंकि असली मिट्टू चला गया और नया तोता उनसे संवाद नहीं कर सका
(घ) गाँव के लोगों के लिए, क्योंकि वे ताई से बात नहीं करते थे
उत्तर:
(ग) ताई के लिए, क्योंकि असली मिट्टू चला गया और नया तोता उनसे संवाद नहीं कर सका
प्रश्न 6.
कहानी में मानव समाज में व्याप्त किस विसंगति को उजागर किया गया है?
(क) मजबूरी
(ख) पराधीनता
(ग) अकेलापन
(घ) संवादहीनता
उत्तर:
(ग) अकेलापन
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दिए गए गद्यांशों और उन पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरों को पढ़िए।
1. भला हो गनपत का, जिसने ताई के सूनेपन को सहारा दे दिया था, वह न जाने कहाँ से एक प्यारा-सा पहाड़ी तोता ले आया। था। ताई की सारी ममता मिट्टू पर बरस पड़ी। वह रात – दिन मिट्टू को लेकर ही बेचैन रहने लगीं। जो ताई अपनी खातिर चूल्हा जलाने में आलस्य कर जाती थीं, वही अब नियमपूर्वक मिट्टू के लिए दाल-भात बनातीं। मिट्ठू के वक्त-बेवक्त के तकाजों के लिए रोटी बचाकर रखतीं। अब ताई को इस बात की पूरी जानकारी रहने लगी थी कि किसके खेत में हरी मिर्चे तैयार हो गई हैं और किस पेड़ में फसल के आखिरी अमरूद बचे हैं। (पृष्ठ सं०-46)
(क) गनपत द्वारा लाए गए उपहार का ताई के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?
(i) उनका सूनापन और बढ़ गया
(ii) उनके सूनेपन को एक सहारा मिल गया
(iii) वे गनपत से नाराज हो गईं
(iv) वे गाँव छोड़कर चली गई
उत्तर:
(ii) उनके सूनेपन को एक सहारा मिल गया
(ख) मिट्ठू के आने से ताई की दिनचर्या में क्या परिवर्तन आया?
(i) वह और भी आलसी हो गईं
(ii) उन्होंने बाहर घूमना-फिरना छोड़ दिया
(iii) वह नियमपूर्वक मिट्टू के लिए दाल-भात बनाने लगीं
(iv) वह खेती-बाड़ी करने लगीं
उत्तर:
(iii) वह नियमपूर्वक मिट्टू के लिए दाल-भात बनाने लगीं
(ग) ताई खेतों में हरी मिर्ची और अमरूद के पेड़ों की जानकारी क्यों रखने लगी थीं?
(i) वे फसल बेचना चाहती थीं
(ii) वे अपनी खेती फिर से शुरू करना चाहती थीं
(iii) वे मिट्टू की पसंद का भोजन जुटाना चाहती थीं
(iv) वे गाँव की पटवारी बनना चाहती थीं
उत्तर:
(iii) वे मिट्टू की पसंद का भोजन जुटाना चाहती थीं
(घ) “वक्त-बेवक्त के तकाजों” का यहाँ क्या अर्थ है?
(i) मिट्ठू द्वारा समय-असमय खाने की माँग करना
(ii) गनपत द्वारा पैसे माँगना
(iii) गाँव वालों द्वारा काम बताना
(iv) खेती का समय निकल जाना
उत्तर:
(i) मिट्ठू द्वारा समय-असमय खाने की माँग करना
(ङ) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (A) : गनपत ने ताई के अकेलेपन को दूर करने में मदद की।
कारण (R) : उसने ताई के लिए एक पहाड़ी तोता लाकर दिया।
विकल्प-
(i) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ii) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(iii) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(iv) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
उत्तर:
(i) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
2. ताई के थके शरीर में प्राण लौट आते और तब उस अलस दोपहरी में ताई मिट्टू को अपनी राम कहानी सुनाने लगतीं। वैभव और सत्ता के बीते दिनों की गाथा। काल की अतल गहराइयों से झाँकता एक-एक चेहरा ताई को नए-नए प्रसंगों की याद दिला देता-जमींदार साहब का रोबीला चेहरा, उनके उपकारों से दबी प्रजा के अनगिनत चेहरे, वे हाथी, वे घोड़े, वे खेल-तमाशे, वे ब्याह – शादियाँ, तीज-त्योहार, जन्म और मृत्यु- पर्व, वे भोज, वे दावतें, जमींदार साहब के दरबार की रौनक, उनकी गुणग्राहकता, उनकी तुनकमिजाजी, उनका गुस्सा, उनके इशारे पर मर मिटने वाले लोग… ताई घंटों तक मिट्ठू को अपनी जीवन-गाथा सुनाती रहतीं और वह अपनी गर्दन टेढ़ी कर कभी धैर्यवान श्रोता बना रहता और कभी अपनी समझ के अनुसार बीच-बीच में कुछ टीका-टिप्पणी कर देता। (पृष्ठ सं०-47-48)
(क) ताई द्वारा मिट्टू को अपनी ‘राम कहानी’ सुनाना उनके किस मानसिक भाव को दर्शाता है?
(i) वह मिट्टू को शिक्षित करना चाहती थीं।
(ii) वह अपने वर्तमान एकाकीपन को अतीत के गौरव से भरने का प्रयास कर रही थीं।
(iii) वह मिट्टू को यह बताना चाहती थीं कि वे कितनी अमीर हैं।
(iv) वह अपनी याददाश्त तेज करने का अभ्यास कर रही थीं।
उत्तर:
(ii) वह अपने वर्तमान एकाकीपन को अतीत के गौरव से भरने का प्रयास कर रही थीं।
(ख) मिट्टू को ‘धैर्यवान श्रोता’ कहना किस ओर संकेत करता है?
(i) पक्षियों में मनुष्यों से अधिक धैर्य होता है।
(ii) मिट्ठू ताई की बातों से ऊब चुका था इसलिए चुप रहता था।
(iii) ताई और मिट्टू के बीच एक ऐसा भावनात्मक पुल बन गया था जहाँ भाषा से अधिक संवेदना मायने रखती थी।
(iv) मिट्टू को ताई की कहानियाँ बहुत रोमांचक लगती थीं।
उत्तर:
(iii) ताई और मिट्टू के बीच एक ऐसा भावनात्मक पुल बन गया था जहाँ भाषा से अधिक संवेदना मायने रखती थी।
(ग) रात के भोजन को किस प्रकार गरिमापूर्ण बनाया गया?
(i) अतिथि के लिए अनेक पकवान बनाकर
(ii) अतिथि को भूखा रखकर
(iii) अतिथि के लिए खिचड़ी बनाकर
(iv) अनौपचारिक मेहमाननवाजी की छाप छोड़कर
उत्तर:
(ii) अतिथि को भूखा रखकर
(घ) ताई के थके शरीर में ‘प्राण लौट आने’ का गहरा अर्थ क्या है?
(i) वे शारीरिक रूप से स्वस्थ महसूस करने लगती थीं।
(ii) मिट्टू का साथ उन्हें मानसिक ऊर्जा और जीने का उद्देश्य प्रदान करता था।
(iii) दोपहर की नींद पूरी होने से उनकी थकान मिट जाती थी।
(iv) उन्हें लगने लगा था कि अब उनका बुढ़ापा खत्म हो गया है।
उत्तर:
(ii) मिट्टू का साथ उन्हें मानसिक ऊर्जा और जीने का उद्देश्य प्रदान करता था।
(ङ) नीचे दिए गए कथनों को पढ़कर सही विकल्प का चयन कीजिए।
I. ताई अपने अतीत की यादों में डूबी रहती थीं।
II. ताई का जीवन पहले बहुत साधारण और संघर्षपूर्ण था।
III. मिट्टू ताई की बातें ध्यान से सुनता था और प्रतिक्रिया भी देता था।
IV. ताई की स्मृतियों में वैभव, दरबार और त्योहारों का वर्णन था।
विकल्प-
(i) केवल I और III सही हैं
(ii) केवल II और IV सही हैं
(iii) केवल I II और III सही हैं।
(iii) सभी सही हैं
उत्तर:
(i) केवल I और III सही हैं
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3. हँसी-हँसी में किसी ने सलाह दी, “ताई, मिट्ठू को भी साथ ले चलो, उसे भी गंगा स्नान करा देना।” किसी दूसरे ने टोक दिया कि रेलगाड़ी में उसका भी टिकट लगेगा, आखिर वह भी तो बोलता-बतियाता प्राणी है। ताई पशोपेश में पड़ गई । टिकट का पैसा भी वह मिट्ठू की खातिर खर्च कर देतीं लेकिन मेले-ठेले, भीड़-भाड़ में उसकी सुरक्षा के बारे में उन्हें पूरा भरोसा नहीं था, अंत में जगन मास्टर की घरवाली ने उनकी चिंता दूर कर दी। वह ताई के लौटने तक मिट्टू को अपने पास रखने के लिए सहमत हो गई थी । विदा के दिन ताई की आँसुओं की धार रुके नहीं रुकती थी। बार- बार वह मिट्टू को पुचकारतीं, जल्दी लौट आने का दिलासा देतीं। मिट्ठू भी उनकी बातों के उत्तर में ‘हर हर गंगे’, ‘राम राम सीताराम’ कहकर उन्हें भरोसा देते रहे कि वह जगन मास्टर की घरवाली के साथ प्रेम से रह लेंगे। (पृष्ठ सं०-48)
(क) ताई मिट्टू को अपने साथ प्रयागराज क्यों नहीं ले जा सकीं?
(i) वे टिकट के पैसे खर्च नहीं करना चाहती थीं
(ii) रेलगाड़ी में पक्षियों को ले जाना वर्जित था
(iii) उन्हें भीड़-भाड़ में मिट्ठू की सुरक्षा का भरोसा नहीं था
(iv) मिट्टू ने साथ जाने से मना कर दिया था
उत्तर:
(iii) उन्हें भीड़-भाड़ में मिट्ठू की सुरक्षा का भरोसा नहीं था
(ख) ताई की चिंता का समाधान किसने किया?
(i) गनपत ने मिट्टू की जिम्मेदारी लेकर
(ii) जगन मास्टर की पत्नी ने मिट्टू को अपने पास रखने की सहमति देकर
(iii) गाँव वालों ने मिलकर मिट्ठू का टिकट खरीदकर
(iv) ताई ने अपनी यात्रा रद्द करके
उत्तर:
(ii) जगन मास्टर की पत्नी ने मिट्टू को अपने पास रखने की सहमति देकर
(ग) “वह भी तो बोलता – बतियाता प्राणी है” – इस कथन के पीछे क्या तर्क दिया गया था?
(i) कि मिट्टू को भी मनुष्य माना जाए
(ii) कि मिट्टू का भी रेलगाड़ी में टिकट लगना चाहिए
(iii) कि मिट्टू को घर पर अकेला नहीं छोड़ना चाहिए
(iv) कि मिट्टू को गंगा स्नान की आवश्यकता नहीं है
उत्तर:
(ii) कि मिट्टू का भी रेलगाड़ी में टिकट लगना चाहिए
(घ) ताई के ‘पशोपेश में पड़ने का मुख्य कारण क्या था?
(i) गंगा – स्नान का लोभ और मिट्ठू के प्रति सुरक्षा की चिंता के बीच का द्वंद्व
(ii) टिकट के पैसों की कमी
(iii) जगन मास्टर से उनकी पुरानी दुश्मनी
(iv) यात्रा के लिए सही साथी न मिल पाना
उत्तर:
(i) गंगा – स्नान का लोभ और मिट्ठू के प्रति सुरक्षा की चिंता के बीच का द्वंद्व
(ङ) नीचे दिए गए कथनों को पढ़कर सही विकल्प का चयन कीजिए।
I. ताई मिट्ठू से बहुत लगाव रखती थीं
II. विदा के समय ताई रो रही थीं
III. मिट्टू ने ताई की बातों का कोई उत्तर नहीं दिया
III. मिट्ठू ताई को अपने शब्दों से भरोसा देता रहा
विकल्प-
(i) केवल I II और IV सही हैं
(ii) केवल II और III सही हैं
(iii) केवल I और III सही हैं
(iv) सभी सही हैं
उत्तर:
(i) केवल I II और IV सही हैं
4. जगन मास्टर के लिए जब मिट्टू की यातना असह्य हो गई, तो उन्होंने एक दिन कमरा बंदकर मिट्टू के पिंजरे को जमीन पर रखा और उसका दरवाजा खोल दिया, ताकि उसे कुछ देर के लिए ही सही खुली हवा में आने का मौका देकर अपने पाप का थोड़ा प्रायश्चित कर लें। मिट्टू अब पिंजरे में रहने के इतने आदी हो चुके थे कि उन्होंने बाहर आने की कोई इच्छा नहीं प्रकट की। जगन मास्टर भी अपनी धुन के पक्के थे। निकट ही अनाज का थैला पड़ा हुआ था। उन्होंने मुट्ठी में थोड़ा अनाज लेकर पिंजरे के दरवाजे से लेकर बाहर तक बिखेर दिया और स्वयं अलग हटकर उसे देखते रहे। मिट्ठू धीरे-धीरे दाना चुगते हुए बाहर आ गए तो जगन मास्टर ने संतोष की साँस ली। मिट्टू फिर पिंजरे की छत पर बैठ गए। एक दो घंटे बाद जगन मास्टर ने उन्हें पकड़कर फिर पिंजरे में बंद कर दिया और चैन साँस लेकर पिंजरे को बरामदे में टाँग दिया। (पृष्ठ सं० – 49-50)
(क) जगन मास्टर मिट्टू की स्थिति को ‘यातना’ (कष्ट) क्यों मान रहे थे?
(i) क्योंकि मिट्ठू भूखा था
(ii) क्योंकि ताई उसे बहुत डाँटती थीं
(iii) क्योंकि उनके सिद्धांतों के अनुसार किसी पक्षी का पिंजरे में बंद होना गुलामी और कष्ट है
(iv) क्योंकि मिट्टू बीमार लग रहा था
उत्तर:
(iii) क्योंकि उनके सिद्धांतों के अनुसार किसी पक्षी का पिंजरे में बंद होना गुलामी और कष्ट है
(ख) “अपने पाप का थोड़ा प्रायश्चित कर लें” – इस कथन से जगन मास्टर के किस गुण का पता चलता है?
(i) उनकी धार्मिक प्रवृत्ति का
(ii) उनकी अत्यधिक संवेदनशीलता और आदर्शवादी सोच का
(iii) उनकी चालाकी का
(iv) ताई के प्रति उनके डर का
उत्तर:
(ii) उनकी अत्यधिक संवेदनशीलता और आदर्शवादी सोच का
(ग) पिंजरे का दरवाजा खोलने पर भी मिट्टू ने बाहर आने की इच्छा क्यों नहीं दिखाई?
(i) वह जगन मास्टर से डरा हुआ था।
(ii) उसे बाहर की हवा पसंद नहीं थी।
(iii) वह लंबे समय तक पिंजरे में रहने के कारण उसका आदी (अभ्यस्त) हो चुका था।
(iv) पिंजरे के बाहर कोई अनाज नहीं था।
उत्तर:
(iii) वह लंबे समय तक पिंजरे में रहने के कारण उसका आदी (अभ्यस्त) हो चुका था।
(घ) जगन मास्टर ने मिट्ठू को पिंजरे से बाहर निकालने के लिए क्या युक्ति अपनाई?
(i) उन्होंने पिंजरे को जोर से हिलाया
(ii) उन्होंने पिंजरे के दरवाजे से लेकर बाहर तक अनाज बिखेर दिया
(iii) उन्होंने मिट्टू को डराकर बाहर निकाला
(iv) उन्होंने पिंजरे के अंदर पानी छिड़क दिया
उत्तर:
(ii) उन्होंने पिंजरे के दरवाजे से लेकर बाहर तक अनाज बिखेर दिया
(ङ) नीचे दिए गए कथनों को पढ़कर सही विकल्प का चयन कीजिए।
कथन (A) : मिट्टू के वापस पिंजरे में बैठने पर जगन मास्टर ने ‘चौन की साँस ली।
कारण (R) : जगन मास्टर का उद्देश्य मिट्टू को हमेशा के लिए भगाना नहीं, बल्कि उसे आज़ादी का थोड़ा सुख देना मात्र था।
विकल्प-
(i) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ii) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(iii) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(iv) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
उत्तर:
(i) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
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5. अब ये ही दो प्राणी गाँव के बीच में स्थित बड़े घर के उस सूने खंडहर में एक-दूसरे को सहारा देने के लिए रह गए थे। ताई ने अपने जीवन में अच्छे दिन भी देखे थे। पूत-परिवार, बहू-बेटियाँ, नौकर-चाकर, गाय-ढोर, क्या नहीं था बड़े घर में! देखते ही देखते क्या से क्या हो गया! बहू-बेटे गाँव का मोह छोड़कर शहरों के होकर रह गए। बेटियाँ अपने-अपने हाथ पीले कराकर अपनी गृहस्थी में रम गईं, किसके भरोसे कारबार सँभलता। धीरे-धीरे सब पराए हाथों में चला गया। जब खेती-बाड़ी नहीं, कारबार नहीं, तो नौकर-चाकर किस दम पर टिकते! अपनी अकेली जान के लिए ताई दो जून का एक जून चूल्हा फूँक लेतीं, व्रत-उपवास के बहाने चौका-चूल्हा टाल जातीं, पेट की समस्या उनके लिए कभी समस्या नहीं रही, पर सूने घर की भाँय – भाँय जैसे उन्हें काटने को दौड़ती थी।
भला हो गनपत का, जिसने ताई के सूनेपन को सहारा दे दिया था, वह न जाने कहा से एक प्यारा-सा पहाड़ी तोता ले आया था। ताई की सारी ममता मिट्टू पर बरस पड़ी। वह रात-दिन मिट्टू को लेकर ही बेचैन रहने लगीं। जो ताई अपनी खातिर चूल्हा जलाने में आलस्य कर जाती थीं, वही अब नियमपूर्वक मिट्टू के लिए दाल-भात बनातीं।
प्रश्न
(i) ताई के ‘बड़े घर’ के सूने खंडहर में बदल जाने का मुख्य कारण क्या था?
(क) प्राकृतिक आपदा का आना।
(ख) परिवार के सदस्यों का बिछड़ना और कारोबार का पराए हाथों में जाना।
(ग) घर में चोरी हो जाना।
(घ) ताई का बीमार रहना।
उत्तर:
(ख) परिवार के सदस्यों का बिछड़ना और कारोबार का पराए हाथों में जाना।
(ii) ‘दो जून का एक जून चूल्हा फूँकना’ का गद्यांश के संदर्भ में क्या अर्थ है?
(क) बहुत अधिक पकवान बनाना।
(ख) दिन में केवल एक बार भोजन बनाना या कम खाना।
(ग) चूल्हे की मरम्मत करना।
(घ) नए चूल्हे का प्रयोग करना।
उत्तर:
(ख) दिन में केवल एक बार भोजन बनाना या कम खाना।
(iii) ताई अक्सर ‘चौका-चूल्हा’ किस बहाने से टाल दिया करती थीं?
(क) बीमारी के बहाने।
(ख) काम की अधिकता के बहाने।
(ग) व्रत-उपवास के बहाने।
(घ) नींद आने के बहाने।
उत्तर:
(ग) व्रत-उपवास के बहाने।
(iv) कथन (A) : गनपत ने ताई के जीवन के खालीपन को भरने में मदद की।
कारण (R) : वह ताई के लिए एक पहाड़ी तोता लेकर आया था, जिसने ताई को सहारा दिया।
कूट
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(ग) कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है।
(घ) कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
उत्तर:
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(v) निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प गद्यांश के संदर्भ में सही है?
1. ताई को अपने पेट की भूख की चिंता मिट्टू की सुख-सुविधा से अधिक थी।
2. मिट्टू के आने के बाद ताई की ममता और दिनचर्या पूरी तरह बदल गई थी।
3. ताई की ममता मिट्टू और मैना पर बरस पड़ी।
कूट
(क) केवल 1
(ख) केवल 2
(ग) 1 और 2 दोनों
(घ) 2 और 3
उत्तर:
(ख) केवल 2
6. ताई के थके शरीर में प्राण लौट आते और तब उस अलस दोपहरी में ताई मिट्टू को अपनी राम कहानी सुनाने लगतीं। वैभव और सत्ता के बीते दिनों की गाथा। काल की अतल गहराइयों से झाँकता एक-एक चेहरा ताई को नए-नए प्रसंगों की याद दिला देता जमींदार साहब का रोबीला चेहरा, उनके उपकारों से दबी प्रजा के अनगिनत चेहरे, वे हाथी, वे घोड़े, वे खेल-तमाशे, वे ब्याह-शादियाँ, तीज-त्योहार, जन्म और मृत्यु – पर्व, वे भोज, वे दावतें, जमींदार साहब के दरबार की रौनक, उनकी गुणग्राहकता, उनकी तुनकमिजाजी, उनका गुस्सा, उनके इशारे पर मर मिटने वाले लोग… ताई घंटों तक मिट्टू को अपनी जीवन-गाथा सुनाती रहतीं और वह अपनी गर्दन टेढ़ी कर कभी धैर्यवान श्रोता बना रहता और कभी अपनी समझ के अनुसार बीच-बीच में कुछ टीका-टिप्पणी कर देता।
ऐसा नहीं कि ताई और मिट्टू का संवाद हमेशा प्रेमपूर्ण ही रहता हो, कभी-कभी ताई थकी-माँदी लेटी होतीं और अपनी किसी जिद को मनवाने लिए मिट्टू पिंजड़े में तूफान खड़ा कर देते।
प्रश्न
(i) ‘ताई के थके शरीर में प्राण लौट आते’ इस पंक्ति का गद्यांश के संदर्भ में क्या आशय है?
(क) ताई को कोई दवा मिल गई थी।
(ख) मिट्टू से बातें करने और अपनी यादें साझा करने से ताई में उत्साह भर जाता था।
(ग) ताई ने आराम करके अपनी थकान मिटा ली थी।
(घ) जमींदार साहब वापस आ गए थे।
उत्तर:
(ख) मिट्टू से बातें करने और अपनी यादें साझा करने से ताई में उत्साह भर जाता था।
(ii) ताई मिट्टू को किन विषयों पर अपनी ‘रामकहानी’ सुनाया करती थीं?
(क) देश की राजनीति और भविष्य के बारे में।
(ख) अपने बीते दिनों के वैभव, जमींदार साहब के दबदबे और पुराने उत्सवों के बारे में।
(ग) गाँव की अन्य विधवाओं के दुःख-दर्द के बारे में।
(घ) तीर्थयात्रा के अनुभवों के बारे में।
उत्तर:
(ख) अपने बीते दिनों के वैभव, जमींदार साहब के दबदबे और पुराने उत्सवों के बारे में।
(iii) ताई की कहानियों के प्रति मिट्टू की प्रतिक्रिया कैसी होती थी?
(क) वह डरकर पिंजरे के कोने में छिप जाता था।
(ख) वह सो जाता था और ताई की बातों पर ध्यान नहीं देता था।
(ग) वह गर्दन टेढ़ी कर धैर्य से सुनता और बीच-बीच में टीका-टिप्पणी करता था।
(घ) वह शोर मचाकर ताई को चुप करा देता था।
उत्तर:
(ग) वह गर्दन टेढ़ी कर धैर्य से सुनता और बीच-बीच में टीका-टिप्पणी करता था।
(iv) कथन (A) : ताई और मिट्टू का संबंध केवल प्रेमपूर्ण ही नहीं था, बल्कि उसमें नोक-झोंक भी थी।
कारण (R) : कभी-कभी मिट्टू अपनी जिद मनवाने के लिए पिंजरे में शोर मचाकर तूफान खड़ा कर देता था।
कूट
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(ग) कथन (A) सही हैं, किंतु कारण (R) गलत है।
(घ) कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
उत्तर:
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(v) निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प गद्यांश के संदर्भ में सही है?
1. ताई अपने वर्तमान के अकेलेपन को मिट्टू के साथ पुराने वैभव की यादें साझा करके भुला देती थीं।
2. जमींदार साहब एक कमजोर और डरपोक व्यक्ति थे, जिनका जनता पर कोई प्रभाव नहीं था।
3. ताई मिट्टू को अन्य किसानों के बारे में बताया करती थीं।
कूट
(क) केवल 1
(ग) 1 और 3
(ख) केवल 2
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(क) केवल 1
7. जगन मास्टर के लिए जब मिट्टू की यातना असह्य हो गई, तो उन्होंने एक दिन कमरा बंदकर मिट्टू के पिंजरे को जमीन पर रखा और उसका दरवाजा खोल दिया, ताकि उसे कुछ देर के लिए ही सही, खुली हवा में आने का मौका देकर अपने पाप का थोड़ा प्रायश्चित कर लें। मिट्टू अब पिंजरे में रहने के इतने आदी हो चुके थे कि उन्होंने बाहर आने की कोई इच्छा नहीं प्रकट की। जगन मास्टर भी अपनी धुन के पक्के थे। निकट ही अनाज का थैला पड़ा हुआ था। उन्होंने मुट्ठी में थोड़ा अनाज लेकर पिंजरे के दरवाजे से लेकर बाहर तक बिखेर दिया और स्वयं अलग हटकर उसे देखते रहे। मिट्टू धीरे-धीरे दाना चुगते हुए बाहर आ गए तो जगन मास्टर ने संतोष की साँस ली। मिट्टू फिर पिंजरे की छत पर बैठ गए। एक दो घंटे बाद जगन मास्टर ने उन्हें पकड़कर फिर पिंजरे में बंद कर दिया और चैन की साँस लेकर पिंजरे को बरामदे में टाँग दिया।
प्रश्न
(i) जगन मास्टर ने मिट्टू के पिंजरे का दरवाजा क्यों खोल दिया था?
(क) वे मिट्टू को हमेशा के लिए आजाद करना चाहते थे।
(ख) वे मिट्ठू की स्थिति देखकर प्रायश्चित करना चाहते थे और उसे खुली हवा देना चाहते थे।
(ग) वे मिट्टू को डराना चाहते थे।
(घ) वे पिंजरे की सफाई करना चाहते थे।
उत्तर:
(ख) वे मिट्टू की स्थिति देखकर प्रायश्चित करना चाहते थे और उसे खुली हवा देना चाहते थे।
(ii) पिंजरे का दरवाजा खुलने पर मिट्टू की क्या प्रतिक्रिया रही?
(क) वह तुरंत उड़कर पेड़ पर जा बैठा।
(ख) वह पिंजरे में ही जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
(ग) उसने बाहर आने की कोई इच्छा प्रकट नहीं की, क्योंकि वह पिंजरे का आदी हो चुका था।
(घ) उसने जगन मास्टर पर हमला कर दिया।
उत्तर:
(ग) उसने बाहर आने की कोई इच्छा प्रकट नहीं की, क्योंकि वह पिंजरे का आदी हो चुका था।
(iii) जगन मास्टर ने मिट्ठू को पिंजरे से बाहर निकालने के लिए क्या युक्ति अपनाई?
(क) उन्होंने मिट्टू को लकड़ी से डराया।
(ख) उन्होंने पिंजरे के दरवाजे से बाहर तक अनाज के दाने बिखेर दिए।
(ग) उन्होंने पिंजरा हिलाकर मिट्ठू को बाहर गिरा दिया।
(घ) उन्होंने पानी का छिड़काव किया।
उत्तर:
(ख) उन्होंने पिंजरे के दरवाजे से बाहर तक अनाज के दाने बिखेर दिए।
(iv) कथन (A) : जगन मास्टर ने मिट्टू को बाहर निकालने के बाद अंतत: फिर पिंजरे में बंद कर दिया।
कारण (R) : जगन मास्टर को डर था कि मिट्टू बाहर रहकर असुरक्षित हो सकता है या उड़ सकता है।
कूट
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(ग) कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है।
(घ) कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
उत्तर:
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(v) निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प गद्यांश के संदर्भ में सही है?
1. जगन मास्टर मिट्ठू को कष्ट में देखकर दुःखी थे और अपने किए पर पछता रहे थे।
2. मिट्टू को बाहर की दुनिया बहुत पसंद आई और उसने वापस पिंजरे में जाने से मना कर दिया।
कूट
(क) केवल 1
(ख) केवल 2
(ग) 1 और 2 दोनों
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(क) केवल 1
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8. ताई को घड़ी-भर के लिए भी मिट्टू का वियोग सहन नहीं हो सकता था। कभी-कभार गाँव में थोड़ी देर के लिए भी न्यौते-बुलावे में जातीं, तो दस बार खिड़की-दरवाजों की साँकलें टोहकर देखतीं, कंजूस के धन की तरह मिट्टू को छिपाकर रखतीं और जल्दी लौट आने का दिलासा देकर देहरी से पाँव बाहर निकालतीं। लेकिन एक संयोग आ पड़ा कि ताई धर्म-संकट में पड़ गई। इस लोक में ताई ने बहुत ऊँच-नीच देख लिए थे, अब कभी-कभी परलोक की चिंता भी मन में घर कर जाती। गाँव के कई लोग कुंभ-स्नान के लिए प्रयागराज जा रहे थे, अच्छा साथ बन रहा था। प्रयाग में कुंभ-स्नान का लोभ जहाँ उन्हें अपनी ओर खींच रहा था, वहीं मिट्टू की चिंता अपनी ओर खींच रही थी। हँसी-हँसी में किसी ने सलाह दी, “ताई, मिट्ठू को भी साथ ले चलो, उसे भी गंगा-स्नान करा देना।” किसी दूसरे ने टोक दिया कि रेलगाड़ी में उसका भी टिकट लगेगा, आखिर वह भी तो बोलता बतियाता प्राणी है। ताई पशोपेश में पड़ गईं।
प्रश्न
(i) ताई द्वारा मिट्टू को ‘कंजूस के धन की तरह छिपाकर रखने का क्या अर्थ है?
(क) वे मिट्टू को किसी को दिखाना नहीं चाहती थीं।
(ख) वे मिट्टू को बहुत मूल्यवान समझती थीं और उसकी सुरक्षा को लेकर अत्यंत सतर्क रहती थीं।
(ग) वे मिट्टू पर पैसा खर्च नहीं करना चाहती थीं।
(घ) वे गाँव वालों से डरती थीं।
उत्तर:
(ख) वे मिट्टू को बहुत मूल्यवान समझती थीं और उसकी सुरक्षा को लेकर अत्यंत सतर्क रहती थीं।
(ii) ताई के सामने ‘धर्म-संकट’ की स्थिति क्यों उत्पन्न हो गई थी?
(क) उन्हें गाँव छोड़कर हमेशा के लिए शहर जाना था।
(ख) उन्हें कुंभ-स्नान के लोभ और मिट्टू की सुरक्षा की चिंता के बीच चुनाव करना था।
(ग) उन्हें नया घर खरीदना था।
(घ) उन्हें मिट्टू को बेचना पड़ रहा था।
उत्तर:
(ख) उन्हें कुंभ – स्नान के लोभ और मिट्टू की सुरक्षा की चिंता के बीच चुनाव करना था।
(iii) किसी के द्वारा मिट्टू का भी रेल टिकट लगने की बात कहना क्या दर्शाता है?
(क) मिट्टू एक बहुत बड़ा पक्षी था।
(ख) लोग ताई का मजाक उड़ाना चाहते थे।
(ग) मिट्टू को भी एक जीवित और ‘बोलने-बतियाने’ वाले प्राणी के रूप में स्वीकार किया गया था।
(घ) रेल विभाग के सख्त नियमों का संकेत।
उत्तर:
(ग) मिट्टू को भी एक जीवित और ‘बोलने बतियाने’ वाले प्राणी के रूप में स्वीकार किया गया था।
(iv) कथन (A) : ताई को अब धीरे-धीरे परलोक की चिंता सताने लगी थी।
कारण (R) : ताई ने अपने जीवन में बहुत अधिक ऊँच-नीच और उतार-चढ़ाव देख लिए थे।
कूट
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(ग) कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है।
(घ) कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
उत्तर:
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(v) निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प गद्यांश के संदर्भ में सही है?
1. ताई को प्रयागराज जाने के लिए कोई अच्छा साथ नहीं मिल रहा था।
2. ताई घर से बाहर कदम रखते समय भी मिट्टू की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त नहीं हो पाती थीं।
कूट
(क) केवल 1
(ख) केवल 2
(ग) 1 और 2 दोनों
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ख) केवल 2