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Class 9 Hindi घर की याद Extra Question Answer
Class 9 Hindi Chapter 12 घर की याद Extra Question Answer
घर की याद Extra Question Answer लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
कवि ने घर को ‘परिताप का घर’ क्यों कहा है?
उत्तर:
कवि ने घर को परिताप का घर इसलिए कहा है क्योंकि वहाँ उसके न होने से परिवार दुख और चिंता में डूबा हुआ है। उसकी अनुपस्थिति से माता-पिता और भाई- बहन उसे याद करके व्यथित हैं। इसलिए जो घर सामान्यतः खुशियों का स्थान होता है, वही उसके लिए दुख और विरह का घर बन गया है।
प्रश्न 2.
कवि ने अपने भाई-बहनों को किनके समान बताया है?
उत्तर:
कवि ने अपने भाई को भुजा (बाँह) और बहिन को प्यार के समान बताया है। वे एक-दूसरे के लिए सहारा और स्नेह का स्रोत हैं, जो मिलकर परिवार की एकता और प्रेम को दर्शाते हैं।
प्रश्न 3.
‘यों न कहना अस्त हूँ मैं’, पंक्ति का तात्पर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
“यों न कहना अस्त हूँ मैं” का तात्पर्य है कि यह न कहना कि मैं दुखी निराश या टूट चुका हूँ। कवि चाहता है कि उसके घरवालों को यह लगे कि वह ठीक और प्रसन्न है, ताकि वे उसकी चिंता न करें।
प्रश्न 4.
कवि की माँ के दुखी होने का क्या कारण है?
उत्तर:
माँ के दुखी होने का कारण यह है कि उसका बेटा (कवि) घर से दूर अर्थात जेल में है। वह उसकी चिंता करती हैं। बेटे के बिछोह और उसके प्रति स्नेह के कारण माँ का मन दु:खी हो जाता है।
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प्रश्न 5.
कवि ने अपने पिता का वर्णन कैसे किया है?
उत्तर:
कवि अपने पिता के विषय में कहते हैं कि वे उम्रदराज होने के बाद भी एकदम स्वस्थ और क्रियाशील हैं। पिता की प्रशंसा करते हुए कवि कहते हैं कि उनके पिता प्रतिदिन सवेरे जल्दी उठकर गीता का पाठ एवं व्यायाम करते हैं। वे कठिन और आसान सभी काम को उत्साहपूवर्क तेजी से हँसते हुए करते हैं। कवि के पिता उत्साहशील होने के साथ-साथ संवेदनशील भी हैं। उन्हें हर समय पुत्र की चिंता सताती रहती है तथा उसका उनकी आँखों के सामने न होना उन्हें खलता है। कवि को स्वयं पर गर्व है क्योंकि पिता के दिखाए हुए मार्ग पर चल रहे हैं और देश की स्वतंत्रता में अपना योगदान दे रहे हैं।
प्रश्न 6.
कवि को स्मृतियाँ कब व्याकुल कर देती हैं?
उत्तर:
कवि जब जेल की चारदीवारी में बैठकर बाहर हो रही वर्षा को देखते हैं, तब उनको अपने घर की छवि दिखाई देने लगती है। घर का वो खुशी का माहौल याद आने लगता है। इस क्षण में अपने प्रियजनों से दूर होने के आभास उन्हें व्याकुल कर देता है।
Class 9 Hindi Chapter 12 Extra Questions and Answers दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
कवि कौन-सी बात अपने घरवालों को बताना नहीं चाहता और क्यों?
उत्तर:
कवि जेल में है और अपने परिजनों से दूर हैं। जेल के वातावरण से उन्हें घुटन होने लगी है। ये बात वे अपने परिवारजनों को नहीं बताना चाहते। जेल के अंदर का वातावरण उन्हें भाता नहीं है। वे रात-रात भर जागते रहते हैं, जिसके कारण उन्हें तनाव एवं दुःख का अहसास होता है। उन्हें अपने घर की स्मृतियों दंभ दे रही हैं। कवि का जीवन नीरस सा हो गया है। इन सबके चलते उनकी मनः स्थिति कुछ ऐसी हो गई है कि वे खुद को अभागा समझने लगे हैं तथा स्वयं को पहचान भी नहीं पा रहे हैं। कवि ये सच्चाई अपने घर वालों को नहीं बताना चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि उनके घर वाले उनको लेकर चिंता करें। इसलिए वे सावन से विनती करते हैं कि उनके परिवारजनों को ये बताए कि वे जेल में एकदम खुश हैं। वे अच्छी तरह से अपनी पढ़ाई-लिखाई तथा खान-पान कर रहे हैं।
प्रश्न 2.
कविता के आधार पर सिद्ध कीजिए कि कवि का अपने परिवार के साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।
उत्तर:
कवि का अपने परिवार के साथ गहरा भावात्मक जुड़ाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वर्षा के समय वह अपने घर, माता-पिता, भाई-बहनों को बार-बार याद करता है, जिससे उसके मन में गहरा स्नेह और लगाव प्रकट होता है। वह अपने घर को “खुशी का पूर” कहता है और परिवार के प्रत्येक सदस्य- माँ, पिता, भाई-बहनों का सजीव चित्रण करता है, जिससे उनके प्रति उसका प्रेम झलकता है।
कवि विशेष रूप से अपनी माँ के स्नेह और पिता के व्यक्तित्व को याद कर भावुक हो उठता है। माँ की गोद को वह दुख दूर करने वाली बताता है और पिता के साहस तथा स्नेह को याद करता है। वह यह भी चाहता है कि उसके परिवार को उसकी चिंता न हो, इसलिए वह उन्हें अपने सुखी होने का संदेश देने को कहता है। इस प्रकार, कविता में कवि का अपने परिवार के प्रति गहरा प्रेम, लगाव और संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से व्यक्त होती है, जो उसके भावनात्मक जुड़ाव को अत्यंत मार्मिक बनाती है।
Class 9 Ganga Chapter 12 Extra Question Answer दक्षता आधारित प्रश्नोत्तर
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
प्रश्न 1.
‘किंतु यह बस बड़ा बस है’, पंक्ति में निहित व्यंग्य और पीड़ा को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
यहाँ ‘बस’ शब्द कवि की लाचारी को व्यक्त करता है। कवि पहले तो कहते हैं कि ‘बस’ (सिर्फ) घर ही तो नहीं हूँ, लेकिन तुरंत सुधार करते हुए कहते हैं कि यह ‘बस’ (दूरी) इतनी बड़ी है कि इसने जीवन के सारे आनंद को छीन लिया है। यह ‘बस’ कवि की स्वाधीनता के अभाव और जेल की बेड़ियों का प्रतीक है। इस प्रकार यह पंक्ति कवि के अंतर्मन की वेदना, परिवार से बिछोह की पीड़ा और अपनी भावनाओं को छिपाने के प्रयास को अत्यंत मार्मिक रूप में प्रकट करती है।
प्रश्न 2.
‘आदमी से भागता हूँ’ पंक्ति के माध्यम से कवि ने अकेलेपन तथा उदासी का वर्णन किस प्रकार किया है?
उत्तर:
“आदमी से भागता हूँ” पंक्ति के माध्यम से कवि अपने गहरे अकेलेपन और मानसिक उदासी को व्यक्त करता है। वह लोगों से दूर भागना चाहता है क्योंकि भीतर से वह दुख और विरह से भरा हुआ है।
यह पंक्ति बताती है कि कवि इतना व्यथित है कि उसे किसी से मिलना-जुलना अच्छा नहीं लगता। वह अपनी पीड़ा को भीतर ही भीतर सहता है और दूसरों से अलग होकर एकांत में जीना चाहता है।
इस प्रकार कवि ने इस पंक्ति के माध्यम से अपने मन की निराशा, एकाकीपन और भावनात्मक टूटन का मार्मिक चित्रण किया है।
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दो बैलों की कथा Extra Questions काव्यबोध पर आधारित प्रश्नोत्तर
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।
प्रश्न 1.
कवि ने अपनी माँ को ‘बिन पढ़ी’ कहा है फिर भी उनके प्रति असीम श्रद्धा और प्रेम व्यक्त किया है। इस विरोधाभास को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कवि की माँ भले ही अनपढ़ हैं, लेकिन उनके हृदय में ममता और स्नेह का
अथाह सागर है। माँ की गोद में सिर रख लेने से सारे दुःख दूर हो जाते हैं। उनकी स्नेह धारा का विस्तार इतना व्यापक है कि वह जेल की दीवारों को भी पार करके अपने बेटे तक पहुँचती है। माँ की सबसे बड़ी विवशता यह है कि वे अनपढ़ होने के कारण अपने बेटे को पत्र नहीं लिख सकतीं और यही बात कवि को सबसे अधिक व्याकुल करती है। इस प्रकार, अनपढ़ होने के बावजूद माँ की ममता और भावनात्मक शक्ति किसी भी पढ़े-लिखे व्यक्ति से कहीं अधिक गहरी और आत्मीय है।
प्रश्न 2.
‘घर की याद’ कविता में कवि ने स्वयं को ‘अभागा’ क्यों कहा है, जबकि वे देश के लिए जेल गए थे?
उत्तर:
कवि ने स्वयं को ‘अभागा’ इसलिए कहा है, क्योंकि एक ओर पिताजी उन्हें ‘सोने पर सुहागा’ मानते थे और उनके प्रति विशेष प्रेम रखते थे, लेकिन आज वही प्रिय बेटा जेल में बँधा बैठा है। परिवार के सभी सदस्य घर पर एकत्र हैं और वे अकेले जेल में हैं।
पिताजी के बाकी स्वर्ण बेटे भी उन्हें इसलिए हीन लगने लगे हैं, क्योंकि पाँचवाँ सबसे प्रिय बेटा उनके पास नहीं है। यह वियोग और एकाकीपन ही कवि को अपने आप को अभागा कहने पर मजबूर करता है। यह उनकी देशभक्ति पर संदेह नहीं, बल्कि परिवार से दूरी की पीड़ा की स्वाभाविक अभिव्यक्ति है।
प्रश्न 3.
कवि ने सावन के बादलों को संदेशवाहक बताया है। वे सावन से परिवार के लिए क्या-क्या संदेश भेजते हैं?
उत्तर:
कवि सावन से आग्रह करते हैं कि वह उनके परिवार तक संदेश पहुँचाए कि वे मजे में हैं, लिख-पढ़ रहे हैं, काम कर रहे हैं और मस्त हैं। उनका वजन सत्तर सेर है और भोजन भरपूर मिल रहा है। वे कूदते हैं, खेलते हैं। और दुःखों को डटकर सामना करते हैं। साथ ही वे सावन से यह भी कहते हैं कि परिवार को उनकी वास्तविक पीड़ा और एकाकीपन के बारे में कुछ न बताए, उन्हें धैर्य दे और उनके मन में कोई संदेह न उत्पन्न होने दे।
प्रश्न 4.
कविता में पिताजी का व्यक्तित्व साहसी होते हुए भी भावुक दिखाया गया है। इसे ‘घर की याद’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कविता ‘घर की याद’ में पिताजी का व्यक्तित्व अत्यंत साहसी, कर्त्तव्यनिष्ठ, स्नेही और प्रेरणादायक रूप में सामने आता है। कवि ने उन्हें ‘भोले बहादुर, वज्र-भुज नवनीत सा उर’ कहकर उनकी बाहरी दृढ़ता और भीतरी कोमलता का सुंदर चित्रण किया है। वे नियमित रूप से गीता पाठ करते हैं और व्यायाम करते हैं, जिससे उनके अनुशासनप्रिय और आदर्शवादी स्वभाव का परिचय मिलता है।
पुत्र के जेल में होने के कारण वे भीतर से भावुक और चिंतित अवश्य होते हैं, परंतु फिर भी धैर्य बनाए रखते हैं। वे अपने पुत्र के देशसेवा के मार्ग का विरोध नहीं करते, बल्कि उसके त्याग और साहस पर गर्व करते हैं। इस प्रकार, कविता में पिताजी का व्यक्तित्व साहस, धैर्य, अनुशासन, , देशभक्ति और गहरे पारिवारिक स्नेह का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है।
प्रश्न 5.
कविता में कवि अपनी कमज़ोरी को पहचानते हुए स्वयं को क्यों धिक्कारते हैं?
उत्तर:
कवि अपनी भावुकता और कमज़ोरी को पहचानते हुए स्वयं को धिक्कारते हुए ‘तू’ कहकर संबोधित करते हैं और आत्मनिरीक्षण करते हैं। वे कहते हैं कि यह जरा-सा दुःख ही कितना है, जिसे तू सहन नहीं कर पा रहा। हवा का झोंका आया तो उड़ चला, लहर आई तो मुड़ चला, जरा-सा झटका लगा तो टूट बैठा।
कवि स्वयं को समझाते हैं कि जब तक इस दुःख पर नियंत्रण नहीं होगा, तब तक जीवन में कोई रस नहीं है। इस प्रकार, वे अपनी भावनात्मक कमज़ोरी को स्वीकार करते हुए उससे उबरने का प्रयास करते हैं और यही उनके संघर्षशील स्वभाव को दर्शाता है।
प्रश्न 6.
कविता में वर्णित घर केवल एक भौतिक स्थान नहीं, बल्कि भावनाओं का केंद्र है। इस कथन को कविता के आधार पर सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
कविता में कवि के लिए घर केवल चार दीवारों का मकान नहीं है, बल्कि वह माँ की ममता, पिता के साहस, भाइयों के प्रेम और बहनों के स्नेह से बना एक भावनात्मक संसार है। घर में चार भाई हैं और चार बहनें हैं, जिनके हृदय में एक दूसरे के प्रति प्रेम है माँ की गोद में सिर रखते ही सारे दुःख दूर हो जाते हैं। पिताजी की उपस्थिति घर को शक्ति और साहस से भर देती है। यही कारण है कि जेल में बंद कवि बार-बार घर को आँखों के सामने तैरते हुए देखते हैं और उसे खुशियों का भंडार बताते हैं। इस प्रकार, घर कवि के लिए एक भावनात्मक आश्रय और प्रेम का केंद्र है।
प्रश्न 7.
‘घर की याद’ कविता में प्रकृति और मानवीय भावनाओं का सुंदर संयोजन हुआ है। उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कविता में प्रकृति और मानवीय भावनाएँ एक दूसरे की प्रतिध्वनि बनकर चलती हैं। बाहर का बरसता पानी कवि के मन की उमड़ती पीड़ा का प्रतीक है। पानी का बहना, पत्तों का हिलना और हवा का सर सर चलना कवि के प्राणों को कँपा देता है। बादलों से ढका आकाश कवि को माँ के लीपे हुए आँगन जैसा लगता है, जो माँ के प्रति उनके प्रेम को प्रकट करता है। वर्षा रुकने के बाद पेड़ों का आँखें बंद करके स्थिर खड़े रहना कवि की उस क्षणिक शांति को दर्शाता है, जो भावनाओं के तूफान के बाद आती है। सावन को ही संदेशवाहक बनाना प्रकृति और भावनाओं के इस संयोजन की सबसे सुंदर अभिव्यक्ति है।
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प्रश्न 8.
कवि जेल में रहते हुए भी परिवार की चिंता करते हैं और उन्हें कष्ट से बचाना चाहते हैं। इस भाव को कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर कवि स्वयं जेल की कठिन परिस्थितियों में हैं, लेकिन उनके मन में सबसे अधिक चिंता परिवार की है। वे नहीं चाहते कि उनके कारण माता-पिता की आँखें बरसें, इसलिए वे सावन से कहते हैं कि परिवार को उनकी वास्तविक पीड़ा न बताए।
वे परिवार को यह संदेश भिजवाते हैं कि वे मस्त हैं, खा-पी रहे हैं और दुःखों का डटकर सामना कर रहे हैं। वे यह भी कहते हैं कि परिवार को धैर्य देते रहना और उनके मन में कोई शक न पैदा होने देना। इस प्रकार, कवि अपनी पीड़ा को मन में दबाकर परिवार को सुखी और निश्चिंत रखना चाहते हैं, जो उनके गहरे पारिवारिक प्रेम और त्याग की भावना को दर्शाता है।
प्रश्न 9.
कविता ‘घर की याद में भवानीप्रसाद मिश्र ने एकसाथ देशभक्त और संवेदनशील पुत्र दोनों रूपों को किस प्रकार प्रस्तुत किया है?
उत्तर:
कविता में कवि का देशभक्त रूप इस बात में दिखता है कि वे वर्ष 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में सक्रिय भागीदारी के कारण जेल में बंद हैं और इस पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है। माँ के शब्दों में भी यही भाव है कि यदि भवानी पाँव पीछे हटाता, तो कोख को लज्जित करता। कवि का संवेदनशील पुत्र रूप इस बात में दिखता है कि जेल में रहते हुए भी वे माँ की ममता, पिताजी के साहसी व्यक्तित्व, भाइयों के प्रेम और बहनों के स्नेह को बार-बार याद करते हैं और उनकी आँखों में आँसू न आएँ इसके लिए सावन को संदेशवाहक बनाकर परिवार के पास अपने कुशलक्षेम का संदेश भिजवाते हैं। इस प्रकार, कवि ने एक ही कविता में देशप्रेम और पारिवारिक प्रेम दोनों को बड़ी कुशलता से एक साथ प्रस्तुत किया है।
प्रश्न 10.
कविता में कवि ने ‘परिताप के घर’ कहकर अपने घर का वर्णन किया है। इस कथन के पीछे कवि की क्या भावना है?
उत्तर:
कवि ने अपने घर को ‘परिताप के घर’ इसलिए कहा है, क्योंकि उसके जेल चले जाने से घर का वातावरण दुःख और उदासी से भर गया है। पहले जहाँ घर में भाई-बहनों का प्रेम, हँसी-खुशी और अपनापन था, अब वहाँ उसकी अनुपस्थिति के कारण पीड़ा, चिंता और शोक का माहौल बन गया है। जब उसकी विवाहिता बहन मायके आई होगी और उसे (कवि) घर पर नहीं पाया होगा, तो वह बहुत दुःखी हुई होगी। इसी भावुक स्थिति को व्यक्त करने के लिए कवि कहता है कि बहन जैसे पिता के घर नहीं, बल्कि दुःख के घर (परिताप के घर आ गई हो अर्थात् कवि अपने परिवार से दूर होने की वेदना और घर के बदलते भावनात्मक वातावरण को व्यक्त कर रहा है।
प्रश्न 11.
कवि ने सुबह होने का अनुमान किस प्रकार लगाया और इससे उनकी किस मनःस्थिति का पता चलता है?
उत्तर:
कवि को सुबह होने का पता न सूरज की रोशनी से चला और न पक्षियों की आवाज से उन्होंने केवल बहुत अधिक सोने के बाद अनुमान लगाया कि सबेरा हो गया होगा, क्योंकि आसमान में बादलों की घनेरी अँधेरी अभी भी वैसी ही थी और चारों ओर अँधेरे के कारण रात जैसी स्थिति बनी हुई थी। इससे कवि की उस गहरी उदासी और बेचैनी का पता चलता है, जिसमें उन्हें समय का बोध भी नहीं रहा। जेल की एकाकी रातें और घर की याद उन्हें इतना भावनात्मक रूप से थका देती हैं कि सुबह और रात का अंतर भी धुंधला पड़ जाता है।
प्रश्न 12.
कविता में कवि ने ‘आज का दिन दिन नहीं है’ क्यों कहा है? इस पंक्ति में निहित भाव को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कवि के लिए जेल में बिताया जा रहा यह दिन सामान्य दिन नहीं है, क्योंकि इसका एक भी पल चैन से नहीं बीत रहा। घर और परिजनों से दूरी समय को असहनीय बना दिया है और एक-एक क्षण सौ वर्ष के बराबर भारी और लंबा लग रहा है। कवि कहते हैं कि इस दिन का कोई छिन अर्थात् क्षण नहीं है, जो शांति से बीते। परिजनों से मिलने की तड़प और वियोग की पीड़ा ने इस दिन को एक अत्यंत कठिन और पीड़ादायक अनुभव बना दिया है। इस प्रकार, यह पंक्ति कवि के वियोग की तीव्रता को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करती है।
प्रश्न 13.
कविता में कवि अपने पिताजी के दैनिक जीवन की कल्पना करते हैं। वह कल्पना किस प्रकार की है और उससे पिताजी के व्यक्तित्व का कौन-सा पहलू उजागर होता है?
उत्तर:
कवि कल्पना करते हैं कि पिताजी ने आज गीता पाठ किया होगा, दो सौ साठ दंड लगाए होंगे, खूब मुगदर (मुंगेरी) घुमाए होंगे और मुट्ठी मिलाई होगी। यह कल्पना पिताजी की अनुशासित, नियमित और ऊर्जावान जीवनशैली को दर्शाती है।
इससे यह पता चलता है कि बुढ़ापे के बावजूद पिताजी शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यंत सक्रिय और स्वस्थ हैं। साथ ही यह भी पता चलता है कि कवि अपने पिताजी की दिनचर्या से इतने परिचित हैं कि जेल में रहते हुए भी वे उनके हर पल की सटीक कल्पना कर सकते हैं, जो उनके बीच के गहरे आत्मीय पारिवारिक जुड़ाव को दर्शाता है।
प्रश्न 14.
कवि ने ‘अश्रु सिंचित हास तेरे’ कहकर अपनी किस स्थिति का वर्णन किया है?
उत्तर:
‘अश्रु सिंचित हास तेरे’ पंक्ति में कवि की वह दयनीय मनःस्थिति व्यक्त हुई है, जिसमें उनकी हँसी भी आँसुओं से भीगी हुई है। कवि प्रियजनों से दूर जेल में बंद हैं और उनके पास दुःख के सिवा कुछ नहीं है। वे बाहर से हँसने का प्रयास करते हैं, लेकिन अंदर से पूरी तरह टूटे हुए हैं। इस पंक्ति में हँसी और आँसू का यह विरोधाभास कवि की आंतरिक पीड़ा की सबसे मार्मिक और सटीक अभिव्यक्ति है।
प्रश्न 15.
कविता में घर के सदस्यों का वर्णन करते समय कवि ने किन-किन परिजनों का उल्लेख किया है और प्रत्येक के प्रति उनके मन में क्या भाव हैं?
उत्तर:
कविता में कवि ने माँ, पिताजी, चार भाइयों और चार बहनों का उल्लेख किया है। माँ के प्रति उनके मन में असीम श्रद्धा और ममता की चाहत है। माँ की गोद को वे दुःखों की औषधि मानते हैं और माँ का पत्र न आने की पीड़ा उन्हें सबसे अधिक व्याकुल करती है। पिताजी के प्रति उनके मन में गहरी आत्मीयता और गर्व का भाव है। भाइयों और बहनों के प्रति उनके मन में आत्मीयता और प्रेम का भाव है। बहन का मायके आना उनकी पीड़ा को और बढ़ा देता है, क्योंकि परिवार के सब सदस्य एकत्र हैं और केवल वे अनुपस्थित हैं।
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प्रश्न 16.
कविता में वर्षा थमने (रुकने) के बाद के वातावरण का चित्रण किस प्रकार किया गया है और इसका कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
वर्षां रुकने के बाद का वातावरण अत्यंत शांत और स्थिर है। आकाश में घने बादल फैले हुए हैं। उनमें कहीं कोई दरार नहीं है, जिससे कोई किरण झाँक सके। यह बादलों से भरा आकाश कवि को माँ के लीपे हुए जैसा लगता है।
दसों दिशाओं में गहरी चुप्पी छाई हुई है और पेड़ आँखें बंद करके क्षितिज पर जड़े हुए खड़े हैं। इस शांत वातावरण में अचानक एक पंछी बोल उठता है, जो कवि के हृदय को भाव विह्वल कर देता है। इस प्रकार, वर्षा के बाद की शांति कवि को क्षणिक राहत तो देती है, लेकिन अंदर की पीड़ा और अधिक गहरी हो जाती है।
Class 9 Hindi Chapter 12 Extra Question Answer for Practice
दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर विकल्पों से चुनिए।
1. पिता जी ने कहा होगा,
हाय, कितना सहा होगा,
कहाँ, मैं रोता कहाँ हूँ,
धीर मैं खोता, कहाँ हूँ,
हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन,
तुम बरस लो वे न बरसें,
पाँचवें को वे न तरसें,
मैं मज़े में हूँ सही है,
घर नहीं हूँ बस यही है,
किंतु यह बस बड़ा बस है,
इसी बस से सब विरस है,
(क) पिता जी ने क्या कहा होगा?
(i) मैं रो नहीं रहा हूँ।
(ii) मैं धैर्य नहीं खो रहा हूँ।
(iii) (i) और (ii) दोनों
(iv) इनमें से कोई नहीं
(ख) कवि किसे संबोधित करते हुए अपनी बात कह रहा है?
(i) पिता को
(ii) माता को
(iii) जेलर को
(iv) सावन को
(ग) सावन को कवि क्या कह रहा है?
(i) तुम वर्षा करते हो
(ii) तुम अत्यंत पवित्र हो
(iii) तुम बहुत गर्जना करते हो
(iv) तुम बहुत परोपकारी हो
(घ) अपने पिता को लेकर कवि किस बात से आशंकित हैं?
(i) कहीं वे अपने पाँचवे बेटे को याद करके दुखी न हो।
(ii) कहीं वे घर छोड़कर चले न जाएँ।
(iii) कहीं वे उससे मिलने न चले आएँ।
(iv) इनमें में से कोई नहीं
(ङ) कवि किसका नरक भोग रहा है?
(i) यातना का
(ii) दुख का
(iii) अलगाव का
(iv) स्वार्थ का
2. चार भाई चार बहिनें, भुजा भाई प्यार बहिनें,
खेलते या खड़े होंगे नजर उनको पड़े होंगे।
पिताजी जिनको बुढ़ापा, एक क्षण भी नहीं व्यापा,
रो पड़े होंगे बराबर, पाँचवें का नाम लेकर,
पाँचवाँ मैं हूँ अभागा, जिसे सोने पर सुहागा,
पिताजी कहते रहे हैं, प्यार में बहते रहे हैं,
आज उनके स्वर्ण बेटे, लगे होंगे उन्हें हेटे,
क्योंकि मैं उन पर सुहागा बँधा बैठा हूँ अभागा,
और माँ ने कहा होगा, दुःख कितना बहा होगा
आँख में किसलिए पानी, वहाँ अच्छा है भवानी,
वह तुम्हारा मन समझकर, और अपनापन समझकर,
गया है सो ठीक ही है यह तुम्हारी लीक ही है,
(i) पिताजी पाँचवें बेटे का नाम लेकर क्यों रो पड़े होंगे?
(क) क्योंकि पाँचवाँ बेटा उनसे झगड़कर चला गया था
(ख) क्योंकि पाँचवाँ बेटा बीमार था और उनकी सेवा नहीं कर पा रहा था
(ग) क्योंकि उनका सबसे प्रिय पाँचवाँ बेटा जेल में बंद है और वे उससे मिल नहीं सकते
(घ) क्योंकि पाँचवें बेटे ने परिवार की बात नहीं मानी थी
(ii) ‘सोने पर सुहागा’ मुहावरे का प्रयोग यहाँ किस संदर्भ में हुआ है?
(क) पिताजी की संपत्ति के संदर्भ में
(ख) चारों भाइयों के बाद जन्मे पाँचवें और सबसे प्रिय बेटे के संदर्भ में
(ग) घर की सुख-समृद्धि के संदर्भ में
(घ) माँ की ममता के संदर्भ में
(iii) माँ ने पिताजी को रोते देखकर क्या कहा होगा?
(क) भवानी ने गलत किया, उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था
(ख) भवानी को कारावास से जल्दी छुड़ाना चाहिए
(ग) भवानी वहाँ ठीक है और उसका जाना सही है, क्योंकि यही उसकी लीक है
(घ) भवानी की जगह किसी और बेटे को जाना चाहिए था
(iv) निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
1. पिताजी पर बुढ़ापे का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
2. पाँचवें बेटे के जेल जाने से पिताजी को अपने बाकी सभी बेटे भी हीन लगने लगे हैं।
3. माँ भी पिताजी की तरह रो-रोकर दुःखी हो रही हैं और किसी को धैर्य नहीं दे पा रहीं।
कूट
(क) केवल 3
(ख) 1 और 3
(ग) 2 और 3
(घ) 1 और 2
(v) कथन (A) : माँ पिताजी को रोने से मना करती हैं।
कारण (R) : माँ चाहती हैं कि पिताजी के रोने से घर के बाकी बच्चे भी दुःखी न हों!
कूट
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(ग) कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है।
(घ) कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में दीजिए।
प्रश्न 1.
‘पिता जी को बुढ़ापा नहीं, व्यापा’- आशय स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न 2.
कवि अपने पिता की दिनचर्या के बारे में क्या बताता है?
प्रश्न 3.
कवि जेल की मानसिक यातना को क्यों छिपाना चाहता है?
प्रश्न 4.
माँ ने भवानी के पिता को क्या सांत्वना दी?
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काव्यबोध पर आधारित प्रश्न
प्रश्न 1.
कविता में कवि ने सावन को पुण्य पावन’ कहा है। इस संबोधन के पीछे कवि की क्या भावना है?
प्रश्न 2.
कविता में कवि ने स्वयं को ‘कातने में व्यस्त’ बताया है। इस उल्लेख का क्या महत्त्व है?
प्रश्न 3.
कविता में कवि के मन में घर की जो छवि बनती है, उसमें किन-किन दृश्यों का चित्रण है? उन दृश्यों से कवि की किस मनोदशा का पता चलता है?
प्रश्न 4.
कवि ने लिखा है कि ‘ध्यान कितना फिक्र कितनी डाल जितनी जड़ें उतनी।’ इस पंक्ति में पिताजी के किस भाव को व्यक्त किया गया है और यह उपमा कितनी सटीक है?
प्रश्न 5.
कविता में कवि कहते हैं कि ‘कह न देना मौन हूँ मैं, खुद न समझें कौन हूँ मैं। इन पंक्तियों में कवि की किस आंतरिक स्थिति का चित्रण है?
प्रश्न 6.
घर की याद’ कविता की भाषा शैली की क्या विशेषताएँ हैं? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।