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Class 7 Social Science Chapter 10 Question Answer in Hindi भारत का संविधान एक परिचय
भारत का संविधान एक परिचय Question Answer in Hindi
कक्षा 7 भारत का संविधान एक परिचय पाठ 10 के प्रश्न उत्तर मौसम को समझना
प्रश्न और क्रियाकलाप (पृष्ठ 227-228)
प्रश्न 1.
‘संविधान सभा में भारत के विभिन्न क्षेत्रों और पृष्ठभूमियों के प्रतिनिधि सम्मिलित थे।’ आपके अनुसार ऐसा होना क्यों महत्वपूर्ण था?
उत्तर:
इसका कारण यह है कि भारत एक विविधता से भरा देश है, जिसमें विभिन्न संस्कृतियाँ, भाषाएँ और परंपराएँ हैं। जब विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोग शामिल होते हैं, तो यह सुनिश्चित होता है कि सभी नागरिकों की आवाजें, जरूरतें और अधिकार संविधान में शामिल हों। इससे सभी के बीच एकता और समानता को बढ़ावा मिलता है, और संविधान सभी के लिए न्यायपूर्ण और स्तीकार्य बनता है। इस विविधता ने एक ऐसा संविधान बनाने में मदद की, जो सभी के हितों का ध्यान रखता है।
प्रश्न 2.
नीचे दिए गए कथनों को ध्यान से पढ़िए और पहचानिए कि इनमें भारतीय संविधान की कौन-कौन सी प्रमुख विशेषताएँ या मूल्य दिखाई देते हैं-
(क) शीना, रजत और हर्ष एक पंक्ति में खड़े हैं। वे आम चुनावों में अपना पहला वोट डालने के लिए उत्साहित हैं।
उत्तर:
यह कथन सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के मूल्य को दर्शाता है।
(ख) राधा, इमोन और हरप्रीत एक ही विद्यालय की एक ही कक्षा में पढ़ते हैं।
उत्तर:
यह कथन समानता के मूल्य को दर्शाता है।
(ग) माता-पिता को अपने बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए।
उत्तर:
यह कथन न्याय और शिक्षा का अधिकार के मूल्यों को दर्शाता है।
(घ) गाँव के कुएँ का उपयोग सभी जाति, धर्म और लिंग के लोग कर सकते हैं।
उत्तर:
यह कथन बंधुता, पंथनिरपेक्षता और समानता के मूल्यों को दर्शाता है।
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प्रश्न 3.
यह कहा जाता है कि ‘भारत में सभी नागरिक कानून के समक्ष समान है।’ क्या आपको लगता है कि यह एक सच्चाई है? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? तर्कों के साथ उत्तर दीजिए।
उत्तर:
यह सच है कि ‘भारत में सभी नागरिक कानून के समक्ष समान हैं।’ यह भारतीय संविधान का एक मूल सिद्धांत है। इसका मतलब है कि सभी लोग, चाहे उनकी जाति, धर्म, लिंग या धन की स्थिति कुछ भी हो, कानून के सामने समान हैं।
नह्तीं, वास्तविकता में सामाजिक असमानताएँ और भेदभाव अभी भी मौजूद हैं। जबकि कानून कहता है कि हम समान हैं, कई बार लोगों को उचित व्यवहार नहीं मिलता।
सच्ची समानता की ओर बढ़ने के लिए, हमें एक समाज के रूप में एक साथ काम करना होगा। हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी को समान अवसर और अधिकार मिलें।
प्रश्न 4.
आपने पढ़ा कि ‘भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसने आरंभ से ही अपने नागरिकों को सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार प्रदान किया।’ क्या आप बता सकते हैं कि भारत ने ऐसा क्यों किया?
उत्तर:
- भारत ने आरंभ से ही अपने नागरिकों को सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार प्रदान किया क्योंकि वह राजनीतिक समानता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय में विश्वास करता था। इसका मतलब है कि हर वयस्क नागरिक, चाहे वह अमीर हो या गरीब, पुरुष हो या महिला. शिक्षित हो या अशिक्षित, किसी भी धर्म या जाति का हो, उसे वोट देने का अभिकार था।
- भारत के नेताओं ने यह सुनिश्चित करना चाहा कि सभी लोग देश के भविष्य को आकार देने में भाग ले सकें, जिससे समाज की विविध आवाजें और जरूरतें प्रतिबिंबित हो सकें।
- भारतीय संविधान तैयार करते समय, संविधान सभा के सदस्यों ने अन्य लोकतांत्रिक देशों के संविधान से अच्छे प्रथाओं का अध्ययन किया और उन्हें अपनाया।
प्रश्न 5.
स्वतंत्रता संग्राम ने भारतीय संविधान के निर्माण को कैसे प्रेरित किया? भारतीय सभ्यता की विरासत ने संविधान की किन प्रमुख विशेषताओं को किस प्रकार प्रेरित किया? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
इस संग्राम के दौरान समानता, न्याय, स्वतंत्रता और गरिमा जैसे मूल्यों पर जोर दिया गया। इन मूल्यों के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं ने इन्हें संविधान में शामिल किया।
भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने संविधान की प्रमुख विशेषताओं को भी प्रभावित किया। यह सुनिश्चित किया गया कि संविधान विभिन्न परंपराओं और मूल्यों को दर्शाता है, जैसे सहिष्णुता, बहुलवाद और दूसरों के विचारों, संस्कृति, भाषा और धर्म का सम्मान। इससे सभी नागरिकों के बीच एकता और सम्मान को बढ़ावा मिला।
प्रश्न 6.
क्या आपको लगता है कि हम एक समाज के रूप में संविधान के सभी आदर्शों को प्राप्त कर चुके हैं? यदि नहीं, तो एक नागरिक के रूप में हम में से प्रत्येक क्या कर सकता है जिससे कि हमारा देश इन आदर्शों के और निकट पहुँच सके?
उत्तर:
हम एक समाज के रूप में संविधान के सभी आदर्शों को पूरी तरह से प्राप्त नहीं कर सके हैं। जैसे कि भेदभाव, भ्रप्टाचार और असमानता अभी भी मौजूद हैं। इन आदर्शों के निकट पहुँचने के लिए हम निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
- जागरूकता : नागरिकों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जानना चाहिए और संविधान का सम्मान करना चाहिए।
- भागीदारी : सामुदायिक गतिविधियों में भाग लें और चुनावों में वोट डालें ताकि हमारी आवाज सुनी जा सके।
- विविधता का सम्मान : विभिन्न संस्कृतियों, धर्मों और पृष्ठभूमियों के बीच समझ और सम्मान को बढ़ावा दें।
- अधिवक्ता बनें : अन्याय के खिलाफ बोलें और हाशिए पर रहने वालों का समर्थन करें।
- शिक्षा : सभी के लिए शिक्षा को प्रोत्साहित करें, क्योंकि यह समानता और सशक्तिकरण की कुंजी है।
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प्रश्न 7.
नीचे दी गई शब्द-पहेली को भारतीय संविधान की महत्वपूर्ण अवधारणाओं का प्रयोग करते हुए हल कीजिए।
ऊपर से नीचे
2. वे अधिकार जो हर नागरिक को मिलते हैं, जैसे स्वतंत्रता और समानता का अधिकार।
1. वह गैस जिसमें मूल संविधान के प्रति सुरक्षित रखी गई है।
4. लोगों का वह समूह जिसने भारतीय संविधान तैयार किया।
7. संविधान का आरंभिक कथन, जो वे मूल्य व आदर्श बताता है, जिनका वह संरक्षण करता है।
बाएँ से दाएँ
6. वह प्रक्रिया जो संविधान में परिवर्तन के लिए प्रयोग की जाती है।
5. सरकार का अंग, जो कानून बनाता है।
8. सरकार का अंग, जो कानून को क्रियान्वित करता है।
3. संविधान का वह भाग जो नागरिकों के कर्तव्य को दर्शाता है।

उत्तर:

भारत का संविधान एक परिचय Class 7 Question Answer in Hindi
Class 7 Samajik Vigyan Chapter 10 Question Answer
महत्वपूर्ण प्रश्न? (पृष्ठ 209)
प्रश्न 1.
संविधान क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर:
संविधान एक देश के लिए नियमों की किताब की तरह होता है। यह एक ऐसा दस्तावेज है जो राष्ट्र के मूल सिद्धांतों और कानूनों को निर्धारित करता है। संविधान की आवश्यकताएँ :
- यह सरकार की शक्तियों की सीमाएँ बताता है।
- यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है और उनके कर्तव्यों को स्पष्ट करता है।
- यह न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित करता है और यह बताता है कि क्या अवैध है।
- यह शासन की एक व्यवस्थित विधि प्रदान करता है, जिससे देश का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
प्रश्न 2.
भारतीय संविधान का निर्माण किस प्रकार हुआ?
उत्तर:
भारतीय संविधान का निर्माण संविधान सभा द्वारा किया गया था, जिसका गठन 1946 में हुआ। इस सभा में 299 सदस्य थे, जिनमें 15 महिलाएँ भी शामिल थीं। ये सदस्य विभिन्न प्रांतों की विधायी सभाओं द्वारा चुने गए थे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद इस सभा के अध्यक्ष थे।
संविधान सभा ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अनुभवों और अन्य देशों के विचारों से प्रेरणा लेते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। तीन वर्षों की मेहनत के बाद, संविधान का मसौदा तैयार किया गया, जिसे 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया। प्रारंभिक मसौदा डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में तैयार किया गया था।
प्रश्न 3.
हमारे स्वाधीनता संग्राम और सभ्यता की विरासत ने संविधान को कैसे प्रभावित किया ?
उत्तर:
स्वतंत्रता संग्राम और भारत की समृद्ध संस्कृति ने संविधान को गहराई से प्रभावित किया। स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं, जैसे महात्मा गांधी, सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू, ने समानता, न्याय, गरिमा और स्वतंत्रता जैसे मूल्यों को प्राथमिकता दी। भारत की सभ्यता ने सभी धर्मों और संस्कृतियों के प्रति सम्मान पर जोर दिया।
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प्रश्न 4.
भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? सत्तर वर्ष से भी पहले लिखा गया संविधान आज भी प्रासंगिक क्यों है?
उत्तर:
भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं :
- भारतीय संविधान में सरकार के तीन अंगों-विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका और उनके कार्य एवं जिम्मेदारियों का विवरण दिया गया है।
- मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है।
- संविधान में राष्ट्र के दीर्घकालिक लक्ष्यों और आकांक्षाओं का वर्णन किया गया है।
संविधान आज भी प्रासंगिक है क्योंकि-
- यह संविधान विभिन्न पृष्ठभूमियों और क्षेत्रों के लोगों द्वारा तैयार किया गया था।
- संविधान सभा में 299 सदस्य थे, जो भारत की विविधता का प्रतिनिधित्व करते थे।
- संविधान को कई महीनों की बहस और चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया गया। .
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 211-212)
प्रश्न 1.
अपने समूह में चर्चा कीजिए कि यदि रेफरी और टीम कप्तानों के पास ऐसी कोई नियम-पुस्तिका नहीं होती, तो क्या हो सकता था?
उत्तर:
यदि रेफरी और टीम कप्तानों के पास कोई नियम-पुस्तिका नहीं होती, तो खेल में विवाद उत्पन्न हो सकते थे। इससे खिलाड़ियों के बीच बहस की स्थिति बनती। हर कोई अपनी-अपनी राय रखता, जिससे तनाव बढ़ता और यह तय करना मुश्किल होता कि असल में जीत किसकी हुई।
प्रश्न 2.
सभी लोग उस नियम-पुस्तिका का पालन करें, यह सुनिश्चित करने के लिए क्या आवश्यक होता है?
उत्तर:
सभी लोग उस नियम-पुस्तिका का पालन करें, यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट संवाद और आपसी सम्मान आवश्यक है। टीम के कप्तानों और खिलाड़ियों को समझना चाहिए कि नियम खेंल को निष्पक्ष रखने के लिए हैं।
प्रश्न 3.
अगर टीम कप्तान उस नियम-पुस्तिका को मानने से ही मना कर देते, तो क्या होता?
उत्तर:
अगर टीम कप्तान उस नियम-पुस्तिका का पालन नहीं करते, तो खेल में अराजकता फैल सकती है। इससे न तो स्पष्ट विजेता होगा और न ही खेल का सही तरीके से संचालन हो सकेगा।
प्रश्न 4.
किसी ऐसे खेल के बारे में सोचिए जिसे आप प्रायः खेलते हैं और उसमें पालन किए जाने वाले नियमों की सूची बनाइए। फिर प्रत्येक समूह अपनी-अपनी नियमों की सूची कक्षा के शेष विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत करेगा। सभी प्रस्तुतियों को ध्यान से सुनिए, नियमों पर चर्चा कीजिए और मिलकर उस खेल के लिए एक साझा नियम तय करने का प्रयास कीजिए। सभी की सहमति से नियम बनाने में आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
उत्तर:
जब हम किसी खेल को खेलते हैं, तो उसमें कुछ नियम होते हैं, जैसे ‘धक्का नहीं देना’ या ‘हर किसी को अपनी बारी का मौका मिलना चाहिए’। जब हम सभी के लिए एक साझा नियम बनाने की कोशिश करते हैं, तो हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
प्रश्न 5.
किसी देश के लिए ऐसी ‘नियम-पुस्तिका’ क्या हो सकती है? उसे कैसे बनाया जाता होगा?
उत्तर:
किसी देश के लिए ‘नियम-पुस्तिका’ का मतलब संविधान है। इसे बनाने के लिए संविधान सभा में चर्चा, बहस और लोगों की राय ली जाती है।
एक्वे इसदेखा न करें (पृष्ठ 212)
प्रश्न:
क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि 1950 के बाद ये संख्याएँ क्यों बढ़ी होंगी?
उत्तर:
1950 के बाद भारतीय संविधान में भागों और अनुसूचियों की संख्या बढ़ी है क्योंकि देश में समय के साथ कई बदलाव आए हैं। नए कानूनों और नियमों की आवश्यकता थी ताकि सामाजिक न्याय, अधिकारों और शासन से जुड़े मुद्दों को सही तरीके से संबोधित किया जा सके। इसलिए, संविधान में नए भाग और अनुसूचियाँ जोड़ी गईं ताकि यह लोगों की जरूरतों के अनुसार प्रासंगिक बना रहे।
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आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 221)
प्रश्न:
नीचे दिए गए उद्धरण को पढ़िए। आपके विचार से यह संविधान के किस अनुच्छेद का संदर्भ दे रहा है। आपके अनुसार उन्होंने ऐसा क्यों कहा कि महिलाओं की समानता भारत के लिए कोई नई अवधारणा नहीं है? कक्षा में इस पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
यह उद्धरण भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 से संबंधित है, जो समानता के अधिकार की बात करते हैं।
महिलाओं की समानता भारत के लिए कोई नई अवधारणा नहीं है क्योंकि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। संविधान में महिलाओं के अधिकारों की पुष्टि की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत ने हमेशा समानता को महत्व दिया है।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 223)
प्रश्न:
क्या आप पता कर सकते हैं कि पिछले इस वर्षों में संविधान में कौन-कौन से संशोधन किए गए हैं?
उत्तर:
कुछ प्रमुख संशोधन :
- 105 वाँ संशोधन (2021) : इस संशोधन ने ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) की पहचान के अधिकार को राज्य सरकारों को पुन: बहाल किया।
- 106 वाँ संशोधन (2023) : इस संशोधन के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए $33 \%$ सीटों का आरक्षण दिया गया।
- 129 वाँ संशोधन (2024) : एक राष्ट्र, एक चुनाव।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 226)
प्रश्न:
प्रस्तावना में उल्लिखित विशेषताओं की सूची नीचे दी गई है। इन्हें दिए गए चित्र में ध्यान से पढ़िए और अपने आस-पास के दैनिक जीवन में इन मूल्यों के पालन के उदाहरण लिखिए। दो उदाहरण दिए गए हैं, जिससे आपको अभ्यास पूर्ण करने में सहायता मिलेगी।
उत्तर:
| प्रस्तावना की विशेषताएँ | हम इन्हें अपने दैनिक जीवन में कैसे देखते हैं |
| संप्रभु | हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है, जैसे कि पूजा करना। |
| पंथनिरपेक्ष | किसी व्यक्ति को यदि अपने धर्म के रीति-रिवाजों का पालन करना है और वह दूसरे के जीवन में बाधा नहीं डालता, तो उसे इसके लिए राज्य से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। |
| गणतंत्र | सरकारी नौकरी में सभी को समान अवसर मिलते हैं, जैसे कि प्रतियोगी परीक्षाएँ। |
| न्याय | राज्य नौकरियों और अवसरों में सभी नागरिकों को जाति, धर्म, लिग आदि के आधार पर भेदभाव किए बिना समान अवसर प्रदान करता है। |
| स्वतंत्रता | व्यक्ति अपने विचार व्यक्त कर सकता है, जैसे कि लेखन या भाषण देना। |
| समानता | सभी को शिक्षा का अधिकार है, जैसे कि सरकारी स्कूलों में दाखिला। |
| बंधुत्व | समाज में सभी को एक परिवार की तरह व्यवहार करना चाहिए, जैसे कि एक-दूसरे की मदद करना। |