Teachers guide students to use Exploring Society India and Beyond Class 7 Solutions and Class 7 Social Science Chapter 9 Question Answer Hindi Medium शासक से शासित तक सरकार के प्रकार for quick learning.
Class 7 Social Science Chapter 9 Question Answer in Hindi शासक से शासित तक सरकार के प्रकार
शासक से शासित तक सरकार के प्रकार Question Answer in Hindi
कक्षा 7 शासक से शासित तक सरकार के प्रकार पाठ 9 के प्रश्न उत्तर मौसम को समझना
प्रश्न और क्रियाकलाप (पृष्ठ 207-208)
प्रश्न 1.
आपने अध्याय में किस-किस प्रकार की सरकारों के बारे में पढ़ा? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
सरकारों के नाम निम्नलिखित हैं:
लोकतंत्र, राजतंत्र, धर्मतंत्र, अल्पतंत्र और अधिनायकतंत्र।
प्रश्न 2.
भारत में किस प्रकार की सरकार है और उसे ऐसा क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
भारत में संसदीय लोकतत्र है। सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है। लोग मतदान के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं, जो संसद में बैठते हैं। प्रधानमंत्री, जो सरकार का प्रमुख होता है, ससद में बहुमत पार्टी से चुना जाता है। इस प्रकार, सरकार संसद के प्रति जवाबदेह होती है। इसलिए इसे संसदीय लोकतंत्र कहा जाता है।
प्रश्न 3.
आपने पढ़ा कि सभी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में स्वतंत्र न्ययपालिका होती है। न्यायपालिका का स्वतंत्र होना क्यों आवश्यक है? कोई तीन कारण बताइए।
उत्तर:
न्यायपालिका का स्वतंत्र होना लोकतंत्र में बहुत महत्वपूर्ण है। इसके तीन मुख्य कारण हैं:
- अधिकारों की सुरक्षा : न्यायपालिका यह सुनिश्चित करती है कि सभी नागरिकों के अधिकार, जैसे समानता और स्वतंत्रता के अधिकार, सुरक्षित रहें।
- निष्पक्षता : स्वतंत्र न्यायपालिका बिना किसी बाहरी दबाव के निर्णय ले सकती है।
- चेक और बैलेंस : न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका की शक्तियों पर नजर रखती है। यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी शक्ति का दुरुपयोग न हो और सभी कानृनों का पालन सही तरीके से किया जाए।
![]()
प्रश्न 4.
क्या आपको लगता है कि लोकतांत्रिक सरकार अन्य शासन प्रणालियों से बेहतर है? क्यों
उत्तर:
हाँ, लांकतांत्रिक सरकार अन्य शासन प्रणालियों से बेहतर है।
- लोकतंत्र में लोग अपनी सरकार का चुनाव करते हैं। यह उनकी सरकार होती है, इसलिए उनकी आवाज निर्णय लेने में सुनी जाती है।
- यदि सरकार अपने कार्य में असफल होती है, तो आगामी चुनाव में नई सरकार बनाई जा सकती है।
- लोकतंत्र में सभी नागरिकों के समान अधिकार होते हैं। हर किसी को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता होती हैं।
- लोकतांत्रिक सरकार सभी नागरिकों के कल्याण के लिए काम करती है। यह न्याय और समानता को बढ़ावा देती है।
- अधिनायकतंत्र या राजतंत्र में अक्सर लोगों के अधिकारों और विकल्पों को सीमित करती हैं।
प्रश्न 5.
नीचे कुछ देशों की शासन पद्धतियों से जुड़ी गतिविधियाँ दी गई हैं। क्या आप इनका मिलान संबंधित शासन प्रणाली से कर सकते हैं?

उत्तर:

प्रश्न 6.
नीचे कुछ देशों के नाम दिए गए है। पता लगाइए कि इनमें कौन-सी शासन व्यवस्था प्रचलित है-

उत्तर:
| क्र.सं. | देश | शासन प्रणाली |
| 1. | भूटान | संवैधानिक राजतंत्र |
| 2. | नेपाल | संसदीय लोकतंत्र |
| 3. | बांग्लादेश | संसदीय लोकतंत्र |
| 4. | दक्षिण अफ्रीका | संसदीय लोकतंत्र |
| 5. | ब्राजील | अध्यक्षीय शासन प्रणाली |
प्रश्न 7.
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में लोकतंत्र के आदर्शों और मूल्यों को प्राप्त करने में कौन-कौन सी बाधाएँ आ सकती हैं? उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है?
उत्तर:
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में लोकतंत्र के आदर्शों और मूल्यों को प्राप्त करने में कई बाधाएँ आ सकती हैं। इनमें भ्रष्टाचार, धन असमानता, जानकारी और जागरूकता की कमी, अशिक्षा, और धन एवं बल का दुरुपयोग शामिल हैं।
इन बाधाओं को दूर करने के लिए नागरिकों को जागरूक रहना चाहिए, चुनावों में भाग लेना चाहिए, और नेताओं को जिम्मेदार ठहराना चाहिए। शिक्षा को बढ़ावा देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना, और खुली चर्चाओं को प्रोत्साहित करना भी महत्वपूर्ण है।
![]()
प्रश्न 8.
लोकतंत्र, राजतंत्र और अधिनायकतंत्र से किस प्रकार भिन्न है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:

शासक से शासित तक सरकार के प्रकार Class 7 Question Answer in Hindi
Class 7 Samajik Vigyan Chapter 9 Question Answer
महत्वपूर्ण प्रश्न? (पृष्ठ 185)
प्रश्न 1.
सरकार के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
सरकार के विभिन्न प्रकार मुख्य रूप से निम्नलिखित हैं :
- लोकतंत्र : इसमें लोग अपने नेताओं को चुनने के लिए मतदान करते हैं।
- राजतंत्र : इस प्रकार की सरकार में एक राजा या रानी शांसन करते हैं।
- धर्मतंत्र : धार्मिक नेता सरकार का नियंत्रण करते हैं।
- तानाशाही : एक व्यक्ति या तानाशाह के पास सभी शक्तियाँ होती है।
- अधिनायकतंत्र : इस शासन प्रणाली में एक छोटे समूह के लोग सत्ता में होते हैं।
प्रश्न 2.
सरकार अपनी शक्ति कहाँ से प्राप्त करती है?
उत्तर:
सरकार अपनी शक्ति विभिन्न स्रोतों से प्राप्त करती है। यहाँ कुछ मुख्य प्रकार दिए गए हैं:
- लोकतंत्र में, सरकार की शक्ति लोगों से आती है।
- राजतंत्र में, शक्ति अक्सर परिवार की वंश परंपरा से आती है।
- धर्मतंत्र में, सरकार की शक्ति धार्मिक विश्वासों से आती है।
- अधिनायकतंत्र में, शक्ति बल या नियंत्रण के माध्यम से प्राप्त की जाती है।
- अल्पतंत्र में, शक्ति एक छोटे समूह या कुछ समृद्ध व्यक्तियों से आती है।
प्रश्न 3.
एक देश की सरकार जनता से किस प्रकार संवाद स्थापित करती है?
उत्तर:
सरकार जनता से संवाद् स्थापित करने के कई तरीके अपनाती है। यह संवाद कानून, सेवाओं, मीडिया, भाषणों, बैठकें, और चुनावों के माध्यम से होता है। सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाएँ प्रदान करती है और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून बनाती है।
प्रश्न 4.
लोकतंत्र का क्या महत्व है?
उत्तर:
लांकतंत्र का महत्व :
- नागरिकों की आवाज : लॉकतंत्र में लोगों को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार हांता है।
- समानता और स्वतंत्रता : लोकतंत्र सर्भी नागरिकों को समानता और स्वतंत्रता का अधिकार देता है।
- उत्तरदायित्व : लोकतांत्रिक सरकारें अपने नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होती हैं।
- भागीदारी : लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है।
- शांतिपूर्ण परिवर्तन : यदि सरकार सही ढंग से काम नहीं कर रही है, तो लोग चुनावों के माध्यम से उसे बदल सकते हैं।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 186)
प्रश्न 1.
क्या आपको अपनी कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तक का यह चित्र (पाठ्यपुस्तक में) याद है?
उत्तर:
हाँ, ये सरकार की भूमिकाएँ हैं।
![]()
प्रश्न 2.
सरकार के बहुत से अन्य कार्य भी हैं। उन्हें सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर:
सरकार के कुछ अन्य कार्य :
- अधिकारों की रक्षा : सरकार नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रताओं की रक्षा करती है।
- व्यापार का नियमन : सरकार व्यापार और वाणिज्य को प्रबंधित करती है।
- पर्यावरण संरक्षण : प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण की सुरक्षा करना सरकार का एक महत्वपूर्ण कार्य है।
- संकट प्रबंधन : प्राकृतिक आपदाओं जैसे संकटों के समय सरकार त्वरित प्रतिक्रिया देती है और लोगों की मदद करती है।
- संस्कृति का प्रचार : सरकार कला, संस्कृति और विरासत का समर्थन करती है।
- रोजगार सृजन : सरकार नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए योजनाएँ बनाती है।
- कानून बनाना : सरकार कानून बनाती है और उन्हें लागू करती है
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 188)
प्रश्न:
तीनों तरीकों में से आप सबसे अधिक प्रभावी किसे मानते हैं और क्यों?
उत्तर:
में तीसरे तरीके को सबसे अधिक प्रभावी मानता हूँ। इसमें प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थी अपने बीच से एक प्रतिनिधि चुनते हैं। यह प्रतिनिधि उनकी आवश्यकताओं का सही तरीके से पक्ष रख सकता है, जिससे सभी की आवाज सुनी जाती है।
आइए विचार करें (पृष्ठ 188)
प्रश्न:
विद्यालय का उदाहरण हमें प्रतिनिधित्व की अवधारणा और इसकी कार्यप्रणाली को समझने में सहायता करता है। यद्यपि विद्यार्थियों की समिति, संसदीय और विधायी समितियों से भिन्न होती है, जैसे कि विद्यालय के कक्षा प्रतिनिधि संसद अथवा विधान सभा के सदस्यों से काफी भिन्न होते हैं। ये भिन्नताएँ क्या हैं? कक्षा में अपने शिक्षक के साथ चर्चा कीजिए और इन भिन्नताओं की एक सूची बनाइए।
उत्तर:
विद्यालय और संसद की समितियों के बीच कुछ महत्वपूर्ण भिन्नताएँ हैं :
- चुनाव प्रक्रिया : विद्यालय में, छात्र अपने कक्षा प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। जबकि संसद में, सांसदों का चुनाव जनता द्वारा किया जाता है, जो बड़े क्षेत्रों जैसे जिलों या राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- जिम्मेदारी का दायरा : कक्षा प्रतिनिधि स्कूल से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जैसे कार्यक्रमों का आयोजन या छात्रों की समस्याओं का समाधान। दूसरी ओर, सांसद और विधायक देश या राज्य के व्यापक मुद्दों पर काम करते हैं, जैसे कानून और जनहित नीतियाँ।
- निर्णय लेने की शक्ति : छात्र समितियों की सीमित शक्ति होती है, और वे केवल स्कूल प्रशासन को सलाह दे सकते हैं। इसके विपरीत, सांसदों और विधायकों के पास कानून बनाने, संशोधन करने या अस्वीकार करने की महत्वपूर्ण शक्ति होती है, जो नागरिकों के जीवन को प्रभावित करती है।
- जवाबदेही : कक्षा प्रतिनिधि अपने सहपाठियों के प्रति जवाबदेह होते हैं, जबकि सांसदों और विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के प्रति जवाबदेह होना पड़ता है।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 196)
प्रश्न 1.
पिछले पृष्ठ पर दी गई तालिका 9.1 में देश ‘क’ और देश ‘ख’ के रूप में अपनी पसंद के दो अलग-अलग देशों का चयन कर रिक्त तालिका भरें।
उत्तर:

प्रश्न 2.
तालिका का विश्लेषण करें और इसके उदाहरणों में सभी समानताओं और भिन्नताओं पर आपस में चर्चा करें।
उत्तर:
समानताएँ:
- सभी देशों में कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के बीच स्पष्ट विभाजन है। इसका मतलब है कि हर शाखा स्वतंत्र रूप से काम करती है और एक-दूसरे में हस्तक्षेप नहीं करती।
- हर देश में एक स्वतंत्र न्यायपालिका होती है, जो कानूनों का पालन करवाने में मदद करती है।
- सभी देशों में प्रतिनिधि लोकतंत्र का रूप है, जहाँ चुने हुए अधिकारी जनता के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भिन्नताएँ:
- कुछ देशों जैसे भारत और ऑस्ट्रेलिया में कार्यपालिका (प्रधानमंत्री) विधायिका का हिस्सा होती है, जबकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति विधायिका से स्वतंत्र रूप से कार्य करता है।
- विधायिका में सदनों की संख्या भिन्न होती है। उदाहरण के लिए, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में दो सदन होते हैं (उच्च और निम्न), जबकि दक्षिण कोरिया में एक ही सदन होता है।
- भारत में, निम्न सदन उच्च सदन से अधिक शक्तिशाली होता है, जबकि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में दोनों सदनों की शक्ति समान होती है।
![]()
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 196)
प्रश्न 1.
(पाठ्यपुस्तक में) ऊपर दिए गए उदाहरणों का अध्ययन करने के पश्चात लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य सिद्धांतों को सूचीबद्ध करें। अपनी समझ के आधार पर नीचे दी गई गतिविधि कीजिए-
उत्तर:
- लोग अपने लिए कानून बनाने के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।
- शक्ति का पृथक्करण।
- स्वतंत्र न्यायपालिका।
- सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार।
- मौलिक अधिकार और कर्तव्य।
- समानता और स्वतंत्रता।
- सरकार के कार्यों की जनता के प्रति जवाबदेही।
प्रश्न 2.
आपको अपने विद्यालय में एक विद्यार्थी समिति का गठन करना है। इसके लिए एक योजना बनाइए और उसे लोकतांत्रिक तरीके से लागू कीजिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि-
- समिति के कार्य स्पष्ट रूप से परिभाषित हों।
- समिति के सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया लोकतांत्रिक हो।
उत्तर:
समिति के कार्य :
(क) जैविक विद्यालय कार्यक्रम और गतिविधियाँ आयोजित करना।
(ख) छात्रों की समस्याओं की सूची बनाना।
(ग) छात्रों के बीच अनुशासन और टीमवर्क बनाए रखना।
समिति के चुनाव की प्रक्रिया :
(क) अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और कक्षा प्रतिनिधि की भूमिका और जिम्मेदारी।
(ख) मतदाता सूची तैयार करना, चुनाव की तारीख की घोषणा करना।
(ग) छात्रों को पद के लिए नामांकित करने की अनुमति देना।
(घ) छात्र केवल एक वोट गुप्त मतपत्र द्वारा डाल सकते हैं।
(ङ) वोटों की पारदर्शी गिनती करना और विजेता की सार्वजनिक घोषणा करना।
आइए विचार करें (पृष्ठ 199)
प्रश्न:
यदि कोई राजा स्वयं को ईश्वरीय शक्तियों से युक्त मानने लगे, तो क्या हो सकता है? वह अपनी प्रजा पर किस प्रकार शासन करेगा?
उत्तर:
यदि कोई राजा स्वयं को ईश्वरीय शक्तियों से युक्त मानने लगे, ऐसा राजा अपने आपको कानून से ऊपर समझ सकता है और अपनी इच्छाओं के अनुसार शासन कर सकता है।
इस स्थिति में. राजा अपनी प्रजा पर अत्यधिक अधिकार से शासन करेगा। वह अपने धार्मिक विश्वासों के अनुसार कानून बनाएगा और लोगों से अपेक्षा करेगा कि वे उनका पालन करें।
राजा एक मंत्रिमंडल और अधिकारियों के सहारा लेकर अपने साम्राज्य का शासन करेगा। इससे वह सभी शक्तियों को अपने पास रखेगा।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 204)
प्रश्न 1.
क्या शेन का देश एक लोकतांत्रिक देश कहा जा सकता है?
उत्तर:
शेन का देश. उत्तर कोरिया, एक लोकतांत्रिक देश नहीं कहा जा सकता। लोकतंत्र में लोगों को अपने विचार व्यक्त करने और चुनाव करने की स्वतंत्रता होती है। लेकिन उत्तर कोरिया में सरकार हर चीज पर नियंत्रण रखती है, जिससे लोग अपनी पसंद के अनुसार निर्णय नहीं ले सकते।
प्रश्न 2.
आपके विचार में शेन का दैनिक जीवन कैसा होगा?
उत्तर:
शेन का दैनिक जीवन बहुत सख्त है। उसे कई नियमों का पालन करना पड़ता है, जैसे बाल कैसे कटवाने हैं और कपड़े कैसे पहनने हैं। उसे इंटरनेट का उपयोग करने की अनुमति नहीं है और उसे दूसरों की गतिविधियों की रिपोर्ट करनी होती है, जिससे उसे हमेशा निगरानी में रहने का अनुभव होता है।
प्रश्न 3.
क्या आप ऐसे देश में रहना चाहेंगे? बताइए क्यों?
उत्तर:
आपका प्रश्न बहुत महत्वपूर्ण है। यदि हम शासक से शासित तक के विषय पर विचार करें, तो मैं ऐसे देश में नहीं रहना चाहूँगा, जैसे कि उत्तर कोरिया। वहाँ लोगों को अपनी राय व्यक्त करने की स्वतंत्रता नहीं होती।
एक अच्छे लोकतंत्र में. नागरिकों को अपने विचार व्यक्त करने. अपनी पसंद चुनने और स्वतंत्रता से जीने का अधिकार होता है।
![]()
आइए पता लगाएँ (पूष्ठ 205)
प्रश्न 1.
(पाठ्यपुस्तक में) पिछले पृष्ठ पर दिए गए चित्र 9.13 को घ्यान से देखिए। यह चित्र 19 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में अमेरिका की एक निर्वाचित संस्था को दर्शाता है। चित्र में दिखाए गए सभी लोग निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। आप क्या देख रहे हैं? चित्र के ऊपर बाईं ओर क्या दिख रहा है? आपके अनुसार इस निर्वाचित संस्था में निर्णय कौन ले रहा है?
उत्तर:
चित्र 9.13 में हम अमेरिका की एक निर्वाचित संस्था, यानी सीनेट की बैठक देख रहे हैं। इसमें कुछ गजनातिज्ञ और धनी व्यापारी हैं, जो सीनेट के शासन पर प्रभाव डालते हैं। यह एक अल्पतंत्र का उदाहरण है।
चित्र के बाएँ कोने में “जनता का प्रवेश” लिखा है, जो बंद है। इसका मतलब है कि आम लोगों का सीनेट में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
इस निर्वाचित संस्था में निर्णय धनी परिवारों और व्यापारियों द्वारा लिए जा रहे हैं।
प्रश्न 2.
लोकतंत्र क्या अल्पतंत्र में बदल सकता है? लोकतंत्र को सशक्त रखने के लिए लोग क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, लोकतंत्र कभी-कभी अल्पतंत्र में बदल सकता है। लोकतंत्र के लिए लोग कई कदम उठा सकते हैं। जैसे कि:
- चुनावों में भाग लेकर सही नेताओं का चयन करें।
- सरकार की गतिविधियों और नीतियों के बारे में जागरूक रहें।
- स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करें और समाधान के लिए काम करें।
- स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया को प्रोत्साहित करें ताकि सही जानकारी लोगों तक पहुँचे।
- नेताओं से सवाल करें और उनकी कार्यप्रणाली पर नजर रखें।
पृष्ठ संख्या 205
प्रश्न:
शासन प्रणालियों के विभिन्न स्वरूपों में निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार करें और रिक्त खानों को ‘हाँ’ या ‘नहीं’ से भरें-
उत्तर:

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 206)
प्रश्न:
इसके पश्चात विचार करें कि कौन-सी शासन व्यवस्था आपको सबसे उपयुक्त लगी?
उत्तर:
में अनुसार, लाकतंत्र सबसे उपयुक्त शासन प्रणाली है। यह लांगों को निर्णय लेने में भागीदारी का अवसर देता है, व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करता है, और समानता को बढ़ावा देता है। लोकतंत्र में नागरिक अपनी राय व्यक्त कर सकते हैं और चुनावों के माध्यम से अपने नेताओं का चयन कर सकते हैं. जिससे यह सुनिश्चित होता है, कि सरकार लोगों की जरूरतों की सेवा करें।