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Class 9 Hindi Chapter 4 MCQ ऐसी भी बातें होती हैं
Class 9 Hindi ऐसी भी बातें होती हैं MCQ
ऐसी भी बातें होती हैं MCQ Questions – Class 9 Hindi Chapter 4 MCQ Online Test
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
यतींद्र मिश्र द्वारा रचित यह पाठ किस महान हस्ती के व्यक्तित्व पर आधारित है?
(क) गिरिजा देवी पर
(ख) लता मंगेशकर पर
(ग) एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी पर
(घ) आशा भोंसले पर
उत्तर:
(ख) लता मंगेशकर पर
प्रश्न 2.
लता मंगेशकर ने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा किससे प्राप्त की थी?
(क) अपनी माता से
(ख) उस्ताद अली खाँ से
(ग) अपने पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर से
(घ) बड़े गुलाम अली खाँ से
उत्तर:
(ग) अपने पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर से
प्रश्न 3.
‘आएगा आने वाला’ गीत की रेकॉर्डिंग के समय लता जी को माइक तक दबे पाँव चलकर क्यों आना था?
(क) क्योंकि उन्हें धीरे चलना पसंद था
(ख) स्वर के उतार-चढ़ाव को सही से रेकॉर्ड करने के लिए
(ग) क्योंकि माइक बहुत छोटा था
(घ) रेकॉर्डिंग रूम बहुत बड़ा था
उत्तर:
(ख) स्वर के उतार-चढ़ाव को सही से रेकॉर्ड करने के लिए
प्रश्न 4.
लता जी को बचपन में कौन-सा काम करना बिल्कुल पसंद नहीं था?
(क) संगीत सीखना
(ख) खाना बनाना
(ग) फ़िल्मों में अभिनय और मेकअप करना
(घ) पढ़ाई करना
उत्तर:
(ग) फ़िल्मों में अभिनय और मेकअप करना
प्रश्न 5.
1980 के दशक से पहले गानों की रेकॉर्डिंग की क्या विशेषता थी?
(क) कोरस और मुख्य गायक साथ ही रेकॉर्डिंग करते थे
(ख) गायक अपना गाना घर से रेकॉर्ड करके भेजते थे
(ग) केवल संगीत रेकॉर्ड होता था, आवाज़ नहीं
(घ) कोरस की जरूरत नहीं पड़ती थी
उत्तर:
(क) कोरस और मुख्य गायक साथ ही रेकॉर्डिंग करते थे
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दिए गए गद्यांशों और उन पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरों को पढ़िए।
1. यतींद्र मिश्र : आपके पिताजी पं. दीनानाथ मंगेशकर की वे कौन-सी स्मृतियाँ हैं, जो आज भी आपके स्मरण में जीवित हैं? जिनको याद करना आपको सुख से भरता है?
लता मंगेशकर : कई बातें हैं। जैसे हम लोग बचपन में जब बहुत शरारत करते थे, तब पिताजी सबको बुलाकर अपने सामने खड़ा करते थे। वे बस हमको गंभीरता से देखते थे और इतने में ही हमारा रोना शुरू हो जाता था। मतलब वे कुछ कहते नहीं थे, न ही किसी बात पर डाँट पड़ती थी; मगर हम सभी समझ जाते थे कि हमको बुलाया किसलिए गया है। पिताजी उस समय पूछते थे, ‘समझ गए न?’ इस पर हम लोग कहते थे, ‘हाँ, हम लोग समझ गए।’ इसके बाद वे कहते थे कि ‘अच्छा अब जाओ, बाहर जाकर खेलो।’ इस तरह हमारे पिताजी का गुस्सा था, जो बिना कुछ कहे ही हम भाई-बहनों को डरा देता था। (पृष्ठ सं०-63)
(क) पिता जी बच्चों की शरारत पर उन्हें किस प्रकार दंडित करते थे?
(i) वे बच्चों को बहुत बुरी तरह डाँटते थे।
(ii) वे बच्चों को घर से बाहर निकाल देते थे।
(iii) वे बस गंभीरता से बच्चों को देखते थे।
(iv) वे बच्चों को संगीत का अभ्यास कराते थे।
उत्तर:
(iii) वे बस गंभीरता से बच्चों को देखते थे।
(ख) पिता जी के “समझ गए न?” पूछने पर बच्चों की क्या प्रतिक्रिया होती थी?
(i) वे बहाने बनाने लगते थे।
(ii) वे स्वीकार करते थे कि वे समझ गए हैं।
(iii) वे और अधिक शरारत करने लगते थे।
(iv) वे हँसने लगते थे।
उत्तर:
(ii) वे स्वीकार करते थे कि वे समझ गए हैं।
(ग) गद्यांश के अनुसार, पिताजी का गुस्सा किस प्रकार का था?
(i) अत्यंत हिंसक और डरावना
(ii) चिल्लाने और डाँटने वाला
(iii) मौन रहकर भी अनुशासन सिखाने वाला
(iv) अस्थिर और क्षणिक
उत्तर:
(iii) मौन रहकर भी अनुशासन सिखाने वाला
(घ) “इतने में ही हमारा रोना शुरू हो जाता था” – यह वाक्य बच्चों के मन के किस भाव को दर्शाता है?
(i) पिताजी के प्रति घृणा
(ii) अपनी गलती का अहसास और पिताजी का सम्मानपूर्ण डर
(iii) शारीरिक पीड़ा
(iv) भूख और प्यास
उत्तर:
(ii) अपनी गलती का अहसास और पिताजी का सम्मानपूर्ण डर
(ङ) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (A) : पिता जी बचपन से ही बच्चों को अनुशासन तथा स्वाभिमान से जीना सिखाते थे।
कारण (R) : पिता जी चाहते थे कि बच्चे शरारत करना छोड़कर केवल घर के अंदर ही रहें।
विकल्प-
(i) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ii) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(iii) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(iv) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
उत्तर:
(iii) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
2. अरे! यह तो हम सब भाई-बहन बहुत करते थे। फिल्में ही थीं, जो मनोरंजन का एक ऐसा माध्यम थीं जिनको देखकर बच्चे अपने ढंग से कुछ-कुछ करते रहते थे। मुझे याद है कि प्रभात फिल्म कंपनी की एक पिक्चर थी ‘संत तुकाराम’ फिल्म में दिखाया गया है कि तुकाराम सदेह बैकुंठ जाते हैं और उन्हें लेने ईश्वर का विमान आता है। वे यह गीत गाते हुए स्वर्ग जाते हैं ‘अमी जातो अमचा गावा, अमचा राम-राम ध्यावा’ (मैं अपने गाँव जा रहा हूँ। सभी लोग मेरा राम-राम ले लीजिए।) हम कमरे में घर भर के गद्दे, तकिये एक के ऊपर एक रखकर ऊँचा स्वर्ग बनाते थे, जिस पर चढ़कर मैं बैठती थी और वहीं से यह गीत गाती थी। नीचे कमरे में मीना, मेरे फूफा का बेटा पंढरीनाथ और आशा, ये तीनों तुकाराम के अनुयायी बनकर रोते थे और कहते थे- ‘हमें भी साथ ले लीजिए। हमें भी साथ ले चलिए। (खिलखिलाकर हँसती हैं) उस समय उषा बहुत छोटी थी, इसलिए वह इन नाटकों में नहीं रहती थी। तो यह सब होता था। हम बहुत सारी फिल्मों की नकल उतारते थे, जिनमें धार्मिक फिल्में ज्यादा होती थीं क्योंकि पिताजी धार्मिक और देशभक्ति की फिल्मों के अलावा दूसरी फिल्में नहीं देखने देते थे। उनका सख्त अनुशासन था और यह सब काम चोरी-चोरी तब होता था, जब पिताजी घर के बाहर हों और यह जान न पाएँ कि घर में फिल्मों का खेल खेला जा रहा है। (पृष्ठ सं०-65)
(क) बच्चे घर में गद्दे और तकिये एक के ऊपर एक क्यों रखते थे?
(i) कमरा साफ़ करने के लिए
(ii) सोने की व्यवस्था करने के लिए
(iii) नाटक के लिए ‘ऊँचा स्वर्ग’ बनाने के लिए
(iv) पिताजी से छिपने के लिए
उत्तर:
(iii) नाटक के लिए ‘ऊँचा स्वर्ग’ बनाने के लिए
(ख) लता जी के अनुसार, वे फिल्मों की नकल ‘चोरी-चोरी’ क्यों करती थीं?
(i) क्योंकि उन्हें अभिनय करना पसंद नहीं था
(ii) क्योंकि पिताजी का सख्त अनुशासन था
(iii) क्योंकि कमरे में जगह कम थी
(iv) क्योंकि भाई – बहन आपस में लड़ते थे
उत्तर:
(ii) क्योंकि पिताजी का सख्त अनुशासन था
(ग) ‘संत तुकाराम’ फिल्म की नकल करते समय मीना और आशा की क्या भूमिका होती थी?
(i) वे विमान चलाने वाले चालक बनते थे
(ii) वे तुकाराम के अनुयायी बनकर रोने का नाटक करते थे
(iii) वे ऊँचे स्वर्ग पर लता जी के साथ बैठते थे
(iv) वे दर्शकों की तरह तालियाँ बजाते थे
उत्तर:
(ii) वे तुकाराम के अनुयायी बनकर रोने का नाटक करते थे
(घ) लता जी के पिताजी बच्चों को किस प्रकार की फिल्में देखने की अनुमति देते थे?
(i) केवल प्रेम कहानियों वाली फिल्में
(ii) केवल हास्य फिल्में
(iii) केवल धार्मिक और देशभक्ति की फिल्में
(iv) केवल डरावनी फिल्में
उत्तर:
(iii) केवल धार्मिक और देशभक्ति की फिल्में
(ङ) नीचे दिए गए कथनों को पढ़कर सही विकल्प का चयन कीजिए।
I. बच्चे फिल्मों की नकल करके उनका अभिनय करते थे।
II. बच्चों को सभी प्रकार की फिल्में देखने की पूरी अनुमति थी।
III. संत तुकाराम फिल्म का दृश्य बच्चों ने खेल-खेल में प्रस्तुत किया।
IV. पिताजी के सख्त अनुशासन के कारण बच्चे चोरी-चोरी नाटक करते थे।
विकल्प-
(i) I, III और IV सही हैं।
(ii) II और IV सही हैं।
(iii) I और II सही हैं।
(iii) सभी सही हैं।
उत्तर:
(i) I, III और IV सही हैं।
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3. हमेशा यही बात दिमाग में घूमती थी कि किसी तरह बस मुझे अपने परिवार को देखना है। फिर वह रेकार्डिंग का वक्त हो या घर का खाली समय। किस तरह मैं अपने परिवार के लिए ज्यादा से ज्यादा कमाकर उनकी जरूरतें पूरी कर सकती हूँ, इसी में सारा वक्त निकल जाता था। आप मेरी परिस्थितियों के बारे में पूछ रहे हैं, तो सच बात तो यही है कि मुझे रेकार्डिंग से या उसकी तकलीफों से इतना फर्क नहीं पड़ता था, जितना इस बात से कि आने वाले कल में मेरे कितने गीत रेकॉर्ड होने हैं। फलाँ फिल्म के खत्म होने के साथ मुझे नए कॉन्ट्रेक्ट की दूसरी नई फिल्मों के गाने कब रेकॉर्ड करने हैं। (पृष्ठ सं०- 66)
(क) लता जी के दिमाग में हर समय कौन-सी बात घूमती रहती थी?
(i) प्रसिद्ध होने की इच्छा
(ii) नए पुरस्कार जीतने की योजना
(iii) अपने परिवार की देखभाल और उनकी ज़रूरतें पूरी करना
(iv) विदेश यात्रा पर जाने का सपना
उत्तर:
(iii) अपने परिवार की देखभाल और उनकी ज़रूरतें पूरी करना
(ख) लता जी को रेकार्डिंग की तकलीफों से ज्यादा किस बात की चिंता रहती थी?
(i) रेकार्डिंग स्टूडियो की दूरी की
(ii) अगले दिन मिलने वाले नए गीतों और कॉन्ट्रेक्ट की
(iii) संगीत निर्देशकों के कठोर व्यवहार की
(iv) अपनी आवाज़ खराब होने की
उत्तर:
(ii) अगले दिन मिलने वाले नए गीतों और कॉन्ट्रेक्ट की
(ग) गद्यांश के अनुसार, लता जी का सारा वक्त किस काम में निकल जाता था?
(i) संगीत का रियाज़ करने में
(ii) नए-नए लोगों से मिलने-जुलने में
(iii) परिवार के लिए आय जुटाने और काम की व्यवस्था करने में
(iv) अपनी फिल्मों की सफलता का जश्न मनाने में
उत्तर:
(iii) परिवार के लिए आय जुटाने और काम की व्यवस्था करने में
(घ) लता जी के लिए ‘खाली समय’ का क्या महत्व था?
(i) वे उस समय आराम करना चाहती थीं।
(ii) उस समय भी वे परिवार की बेहतरी के बारे में ही सोचती थीं।
(iii) वे उस समय फिल्में देखना पसंद करती थीं।
(iv) वे संगीत से पूरी तरह दूर हो जाती थीं।
उत्तर:
(ii) उस समय भी वे परिवार की बेहतरी के बारे में ही सोचती थीं।
(ङ) नीचे दिए गए कथनों को पढ़कर सही विकल्प का चयन कीजिए।
I. लता मंगेशकर का मुख्य ध्यान अपने परिवार की ज़िम्मेदारियों पर था।
II. वे रेकार्डिंग की कठिनाइयों से बहुत परेशान रहती थीं।
III. उनका अधिक समय काम और परिवार की जरूरतें पूरी करने में बीतता था।
IV. वे आने वाले रेकार्डिंग कार्य और नए अनुबंध को लेकर सजग रहती थीं।
विकल्प-
(i) I, III और IV सही हैं।
(ii) I और II सही हैं।
(iii) II और III सही हैं।
(iv) सभी सही हैं।
उत्तर:
(i) I, III और IV सही हैं।
4. बहुत सारे ऐसे गाने मुझे याद हैं जिसमें कुछ विशेष प्रभावों को देने के लिए अनिल विश्वास, श्याम सुंदर, सज्जाद हुसैन, सलिल चौधरी और सी. रामचंद्र ने कुछ नए तरीके और अजीबोगरीब टोटके आजमाए थे, जिनसे गीतों में वह प्रभाव पैदा हो सका। आज, जो स्थिति है और जिस तरह हमारी तकनीक विकसित हो चुकी है, उसमें अगर इन लोगों को काम करने का मौका मिलता, तब तो कमाल ही हो गया होता। न जाने कितना और अधिक एडवांस किस्म का ये लोग संगीत रच पाते, आप सोच सकते हैं। ठीक उसी तरह जैसा सुंदर और स्तरीय संगीत आज के संगीतकार बना रहे हैं रहमान, जतिन-ललित और तमाम अन्य लोग- अगर पीछे जाकर काम करते, तो कितनी मुश्किलें आतीं और कितना संघर्ष करते हुए वे सब अपना गाना बनाते, इसका अंदाजा भी लगाया जा सकता है। मेरे लिए भी यह कम चुनौती की बात नहीं कि मैं अनिल विश्वास की धुनों जैसा काम रहमान के साथ कर रही होती और उसी तरह इन नए लोगों की धुनों पर नौशाद साहब के लिए रेकार्ड करती, तो कैसा होता? (पृष्ठ सं०- 68)
(क) पुराने समय के संगीतकार जैसे अनिल विश्वास, सलिल चौधरी गीतों में विशेष प्रभाव पैदा करने के लिए क्या करते थे?
(i) वे केवल महँगे वाद्य यंत्रों का प्रयोग करते थे।
(ii) वे गायकों को बहुत ज्यादा डाँटते थे।
(iii) वे कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर का उपयोग करते थे।
(iv) वे नए तरीके और ‘अजीबोगरीब टोटके’ आजमाते थे।
उत्तर:
(iv) वे नए तरीके और ‘अजीबोगरीब टोटके’ आजमाते थे।
(ख) लता जी के अनुसार, यदि पुराने संगीतकारों के पास आज की तकनीक होती, तो क्या होता?
(i) वे काम करना बंद कर देते।
(ii) वे ‘बहुत अधिक ‘एडवांस’ और कमाल का संगीत रचते।
(iii) उनके संगीत की गुणवत्ता कम हो जाती।
(iv) वे तकनीकी उलझनों में फँस जाते।
उत्तर:
(ii) वे ‘बहुत अधिक ‘एडवांस’ और कमाल का संगीत रचते।
(ग) लता जी ने आज के संगीतकारों (रहमान, जतिन-ललित) के पुराने समय में काम करने की कल्पना करते हुए क्या कहा है?
(i) उन्हें बहुत प्रसिद्धि मिलती
(ii) उन्हें काम करने में बहुत मजा आता।
(iii) उन्हें बहुत मुश्किलों और संघर्ष का सामना करना पड़ता।
(iv) वे पुराने संगीतकारों से बेहतर काम करते।
उत्तर:
(iii) उन्हें बहुत मुश्किलों और संघर्ष का सामना करना पड़ता।
(घ) गद्यांश के अंत में लता जी ने किस ‘चुनौती’ की बात की है?
(i) महँगे स्टूडियो में गाने की चुनौती।
(ii) अलग-अलग युगों के संगीतकारों की कार्यशैली के बीच तालमेल बिठाने की चुनौती।
(iii) बिना संगीत के गाने की चुनौती।
(iv) नए वाद्य यंत्र सीखने की चुनौती।
उत्तर:
(ii) अलग-अलग युगों के संगीतकारों की कार्यशैली के बीच तालमेल बिठाने की चुनौती।
(ङ) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (A) : पुराने समय में तकनीकी रूप से सिनेमा में बहुत तरक्की नहीं हुई थी।
कारण (R) : संगीतकारों को वांछित प्रभाव पाने के लिए रेकर्डिंग के दौरान बहुत मेहनत और रचनात्मक जुगाड़ करने पड़ते थे।
विकल्प-
(i) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ii) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(iii) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(iv) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
उत्तर:
(i) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
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5. आपको एक वाकया बताती हूँ। मैं मुंबई में उस्ताद अली अकबर खाँ और पंडित रविशंकर का एक कंसर्ट सुन रही थी। मैं श्रोताओं की पंक्ति में बिल्कुल आगे बैठी अली अकबर भाई का वादन सुन रही थी और वे अत्यंत मंत्रमुग्ध किस्म का वादन कर रहे थे। तभी कुछ समय बीता होगा, मसलन पचास-साठ मिनट कि ‘उन’ से उनके सरोद का एक तार टूटा और उन्हें बजाना बंद करना पड़ा। जब वे उठकर पीछे ग्रीन रूम में गए, तो उनसे मिलने मैं भी वहाँ गई। मैंने बोला, “आप बहुत सुंदर बजा रहे थे, काश कि यह तार न टूटता और हम पूरी तरह राग को अंत तक सुन पाते।” इस पर अली अकबर भाई ने एक बड़ी मार्मिक बात कही, जो आज तक मुझे भूलती नहीं। वे बोले- “बहन, जब बहुत सुर में तार लगता है, है।”
तो टूट जाता (पृष्ठ सं०-73)
(क) लता जी मुंबई में किन महान कलाकारों का कार्यक्रम (कंसर्ट) सुन रही थीं?
(i) बिस्मिल्लाह खाँ और हरिप्रसाद चौरसिया
(ii) उस्ताद अली अकबर खाँ और पंडित रविशंकर
(iii) उस्ताद जाकिर हुसैन और अमजद अली खाँ
(iv) पंडित शिवकुमार शर्मा और पंडित जसराज
उत्तर:
(ii) उस्ताद अली अकबर खाँ और पंडित रविशंकर
(ख) कार्यक्रम के दौरान अचानक क्या अप्रत्याशित घटना घटी?
(i) बिजली चली गई और अँधेरा हो गया।
(ii) श्रोताओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
(iii) अली अकबर खाँ के सरोद का एक तार टूट गया।
(iv) गायक की आवाज़ खराब हो गई।
उत्तर:
(iii) अली अकबर खाँ के सरोद का एक तार टूट गया।
(ग) तार टूटने के बाद अली अकबर ने वादन के बारे में क्या निर्णय लिया?
(i) उन्होंने दूसरा सरोद मँगाया।
(ii) उन्होंने गायन शुरू कर दिया।
(iii) उन्हें वादन बंद करना पड़ा।
(iv) उन्होंने बिना तार के ही बजाना जारी रखा।
उत्तर:
(iii) उन्हें वादन बंद करना पड़ा।
(घ) अली अकबर ने तार टूटने का क्या ‘मार्मिक’ कारण बताया?
(i) सरोद बहुत पुराना और कमजोर था।
(ii) जब तार बहुत अधिक ‘सुर’ में लगता है, तो वह टूट जाता है।
(iii) तार की गुणवत्ता अच्छी नहीं थी।
(iv) कमरे का तापमान बहुत कम था।
उत्तर:
(ii) जब तार बहुत अधिक ‘सुर’ में लगता है, तो वह टूट जाता है।
(ङ) नीचे दिए गए कथनों को पढ़कर सही विकल्प का चयन कीजिए।
I. उस्ताद अली अकबर खाँ का वादन अत्यंत प्रभावशाली था।
II. सरोद का तार खराब होने के कारण ही टूटा।
III. लता मंगेशकर उनसे ग्रीन रूम में मिलने गई।
IV. अली अकबर खाँ के अनुसार सुर की तीव्रता से तार नहीं टूटता है।
विकल्प-
(i) I और III सही हैं।
(ii) I और II सही हैं।
(iii) II और III सही हैं।
(iv) सभी सही हैं।
उत्तर:
(i) I और III सही हैं।