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Class 9 Hindi Chapter 12 MCQ घर की याद
Class 9 Hindi घर की याद MCQ
घर की याद MCQ Questions – Class 9 Hindi Chapter 12 MCQ Online Test
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
कवि घर से दूर है क्योंकि-
(क) वह प्रवास पर है।
(ख) वह जेल में बंद है।
(ग) वह ड्यूटी पर है।
(घ) वह सीमा पर लड़ने गया है।
उत्तर:
(ख) वह जेल में बंद है।
प्रश्न 2.
कवि की माँ उसे पत्र क्यों नहीं लिखती?
(क) वह अनपढ़ है।
(ख) वह पत्र लिखवाती नहीं।
(ग) वह पत्र लिखना नहीं चाहती।
(घ) उसे पत्र का पता नहीं।
उत्तर:
(क) वह अनपढ़ है।
प्रश्न 3.
कवि ने माँ की गोद में सिर रखने का क्या प्रभाव बताया है?
(क) नींद आ जाती है।
(ख) सारा दुख समाप्त हो जाता है।
(ग) घर की याद कम हो जाती है।
(घ) माँ कहानी सुनाती है।
उत्तर:
(ख) सारा दुख समाप्त हो जाता है।
प्रश्न 4.
‘पिता जी जिनको बुढ़ापा, एक क्षण भी नहीं व्यापा’ का क्या अर्थ है?
(क) उनकी उम्र बहुत कम है।
(ख) उन्हें कोई बीमारी नहीं है।
(ग) बुढ़ापे ने अब तक उन पर कोई प्रभाव नही डाला है, वे ऊर्जावान हैं।
(घ) वे व्यायाम नहीं करते।
उत्तर:
(ग) बुढ़ापे ने अब तक उन पर कोई प्रभाव नही डाला है, वे ऊर्जावान हैं।
प्रश्न 5.
कविता में माता-पिता को किसके लिए नहीं तरसने की बात कही जा रही है?
(क) खुशी के लिए
(ख) धन के लिए
(ग) पाँचवें पुत्र के लिए
(घ) इनमें सभी
उत्तर:
(ग) पाँचवें पुत्र के लिए
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दिए गए पद्यांशों और उन पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरों को पढ़िए।
1. आज पानी गिर रहा है,
बहुत पानी गिर रहा है,
रात भर गिरता रहा है,
प्राण-मन घिरता रहा है,
अब सबेरा हो गया है,
कब सबेरा हो गया है,
ठीक से मैंने न जाना,
बहुत सोकर सिर्फ माना-
क्योंकि बादल की अँधेरी,
है अभी तक भी घनेरी,
अभी तक चुपचाप है सब
रातवाली छाप है सब,
गिर रहा पानी झरा झर,
हिल रहे पत्ते हरा-हर,
बह रही है हवा सर-सर,
काँपते हैं प्राण थर-थर। (पृष्ठ सं०-195)
शब्दार्थ – गिर रहा – बरस रहा। प्राण-मन घिरना – प्राणों और मन में छा जाना। घनेरी – घनी, गहरी, पास-पास या बहुत अधिक। झर-झर – पानी के गिरने तेज हवा चलने या बारिश होने पर उत्पन्न होने वाली झर-झर की ध्वनि।
भाव-सौंदर्य – कवि बताता है कि आज बहुत तेज़ बारिश हो रही है। रातभर वर्षा होती रही है। ऐसे में उसके मन और प्राण घर की याद से घिर गए। सबेरा हो गया है। बहुत देर तक सोने तथा बादलों से घनीभूत अँधेरे के कारण कवि को सबेरा होने का ठीक-ठीक पता ही नहीं चल पाया। रात की तरह सुबह भी उसी तरह निस्तब्ध है। झर-झर गिरते पानी के कारण पत्ते भी हिल रहे हैं। ठंडी हवा सर-सर बह रही है तथा प्राण थर-थर काँप रहे हैं।
शिल्प-सौंदर्य-
1. सावन के महीने का स्वाभाविक वर्णन है।
2. घर की याद आने के कारण स्वाभाविक अलंकार है।
3. ‘पानी गिर रहा है’ में यमक अलंकार तथा आवृत्ति होने से अनुप्रास अलंकार है।
4. खड़ी बोली में सहज अभिव्यक्ति है।
5. ‘गिर रहा है पानी झरा झर’ में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।
6. भाषा सहज एवं सरल है।
7. खड़ी बोली का प्रयोग है।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
(क) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (A) – आज बहुत तेज़ बारिश हो रही है।
कथन (R) – अब सबेरा हो गया है।
विकल्प-
(i) कथन (A) सही है, कारण (R) गलत है।
(ii) कथन (A) सही नहीं है, कारण (R) सही है।
(iii) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, किंतु कारण (R) कथन (A) की व्याख्या नहीं करता है।
(iv) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है
उत्तर:
(iii) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, किंतु कारण (R) कथन (A) की व्याख्या नहीं करता है।
(ख) कवि घर से दूर है क्योंकि-
(i) वह प्रवास पर है।
(ii) वह जेल में बंद है।
(iii) वह डयूटी पर है।
(iv) वह सीमा पर लड़ने गया है।
उत्तर:
(ii) वह जेल में बंद है।
(ग) कवि को सबेरा होने का आभास क्यों नहीं हो पाया?
(i) कवि के पास घड़ी नहीं थी।
(ii) कवि अपने घर की याद में खोया था।
(iii) कवि बहुत देर तक सोता रहा था।
(iv) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(iii) कवि बहुत देर तक सोता रहा था।
(घ) बादलों के कारण अँधेरा कब तक था?
(i) रात भर तक
(ii) अर्ध रात्रि तक
(iii) सुबह तक
(iv) शाम तक
उत्तर:
(iii) सुबह तक
(ङ) किसके कारण प्राण थर-थर काँप रहे हैं?
(i) अनवरत बारिश के कारण
(ii) ठंडी हवा के कारण
(iii) भीषण सर्दी के कारण
(iv) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(ii) ठंडी हवा के कारण
2. और माँ बिन-पढ़ी मेरी,
दुःख में वह गढ़ी मेरी
माँ कि जिसकी गोद में सिर,
रख लिया तो दुख नहीं फिर,
माँ कि जिसकी स्नेह धारा,
का यहाँ तक भी पसारा,
उसे लिखना नहीं आता,
जो कि उसका पत्र पाता।
और पानी गिर रहा है,
घर चतुर्दिक् घिर रहा है,
पिता जी भोले बहादुर,
वज्र-भुज नवनीत-सा उर
पिता जी जिनको बुढ़ापा,
एक क्षण भी नहीं व्यापा,
जो अभी भी दौड़ जाएँ,
जो अभी भी खिलखिलाएँ. (पृष्ठ सं०-195)
शब्दार्थ – गढ़ी – डूबी। स्नेह – प्रेम। पसारा – फैलाव। पत्र – चिट्ठी। व्यापा – फैला हुआ। खिलखिलाएँ – खुलकर हँसना। चतुर्दिक् – चारों ओर, चारों दिशाओं में। वज्र-भुज – वज्र के समान शक्तिशाली भुजाएँ। नवनीत-सा उर – कोमल हृदय।
भाव सौंदर्य – सावन की बरसात में कवि को घर के सभी सदस्यों की याद आती है। उसे अपनी माँ की याद आती है। उसकी माँ अनपढ़ है। उसने बहुत कष्ट सहन किया है। वह दुखों में ही रची हुई है। माँ बहुत स्नेहमयी है। उसकी गोद में सिर रखने के बाद दुख शेष नहीं रहता अर्थात दुख का अनुभव नहीं होता। माँ का स्नेह इतना व्यापक है कि जेल में भी कवि उसको अनुभव कर रहा है। वह लिखना भी नहीं जानती। इस कारण उसका पत्र भी नहीं आ सकता। कवि अपने पिता के बारे में बताता है कि वे अभी भी चुस्त और बहादुर हैं। उनकी भुजाएँ वज्र के समान हैं। और हृदय अत्यंत कोमल है। बुढ़ापा उन्हें एक क्षण के लिए भी आगोश में नहीं ले पाया है। वे आज भी दौड़ सकते हैं तथा खूब खिल-खिलाकर हँसते हैं।
शिल्प सौंदर्य-
1. माँ के स्वाभाविक स्नेह तथा पिता के साहस व जीवनशैली का सुंदर व स्वाभाविक वर्णन है।
2. माँ की गोद में सिर रखने से चाक्षुष बिंब साकार हो उठता है।
3. पिता के वर्णन में वीर रस का आनंद मिलता है।
4. ‘अभी भी’ की आवृत्ति में अनुप्रास अलंकार है।
5. ‘वज्र-भुज नवनीत-सा उर’ में उपमा अलंकार है।
6. खड़ी बोली है।
7. भाषा सहज व सरल है।
8. संयुक्त परिवार का आदर्श उदाहरण है।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
(क) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (I) – कवि को अपनी माँ की बहुत याद आती है।
कथन (II) – माँ की गोद में सिर रखने के बाद दुख शेष नहीं रह जाता।
कथन (III) – कवि के पिता बहुत आलसी हैं।
विकल्प-
(i) कथन (I) सही है।
(ii) कथन (I) और (II) सही हैं।
(iii) कथन (II) और (III) सही हैं।
(iv) कथन (I) और (III) सही हैं।
उत्तर:
(ii) कथन (I) और (II) सही हैं।
(ख) माँ क्यों दुखी है?
(i) बेटी की विदाई पर
(ii) पुत्र के घर न होने पर
(iii) पुत्र के जेल में बंद होने पर
(iv) पुत्र के वियोग में
उत्तर:
(iv) पुत्र के वियोग में
(ग) माँ के स्नेह का प्रसार है-
(i) सब जगह
(ii) घर में
(iii) जेल में
(iv) हृदय में
उत्तर:
(iii) जेल में
(घ) कवि की माँ उसे पत्र क्यों नहीं लिखतीं?
(i) वह अनपढ़ है
(ii) वह पत्र लिखवाती नहीं
(iii) वह पत्र लिखना नहीं चाहती
(iv) उसे पत्र का पता नहीं
उत्तर:
(i) वह अनपढ़ है
(ङ) ‘घर चतुर्दिक् घिर रहा है’ का क्या भावार्थ है?
(i) घर चारों तरफ से घिर रहा है।
(ii) घर पानी से घिर रहा है।
(iii) कवि को घर की याद आ रही है।
(iv) इनमें सभी
उत्तर:
(iii) कवि को घर की याद आ रही है।
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3. आज गीता पाठ करके,
दंड दो सौ साठ करके,
खूब मुगदर हिला लेकर,
मूठ उनकी मिला लेकर,
जब कि नीचे आए होंगे,
नैन जल से छाए होंगे,
हाय, पानी गिर रहा है,
घर नज़र में तिर रहा है,
चार भाई चार बहिनें
भुजा भाई प्यार बहिनें
खेलते या खड़े होंगे,
नज़र उनको पड़े होंगे।
पिता जी जिनको बुढ़ापा,
एक क्षण भी नहीं व्यापा
रो पड़े होंगे बराबर,
पाँचवें का नाम लेकर, (पृष्ठ सं०- 196)
शब्दार्थ – दंड – व्यायाम का तरीका। मुगदर – व्यायाम करने का उपकरण। मूठ – पकड़ने का स्थान। नैन – नयन। तिर – तिरना। क्षण – पल। व्यापा – फैला।
भाव-सौंदर्य – कवि अपने पिता के विषय में बताता है कि आज वे गीता का पाठ करके दो सौ साठ दंड-बैठक लगाकर, मुगदर को दोनों हाथों से हिलाकर व उनकी मूठों को मिलाकर जब वे नीचे आए होंगे तो उनकी आँखों में पानी आ गया होगा। कवि को याद करके उनकी आँखें नम हो गई होंगी। कवि को घर की याद सताती है। घर में चार भाई व चार बहनें हैं जो सुरक्षा व प्यार में बँधे हैं। उन्हें खेलते या खड़े देखकर पिता जी को पाँचवें की याद आई होगी और वे जिन्हें कभी बुढ़ापा नहीं व्यापा था, कवि का नाम लेकर रो पड़े होंगे।
शिल्प सौंदर्य-
1. पिता के संस्कारी रूप स्वस्थ शरीर व भावुकता का वर्णन है।
2. दृश्य बिंब है।
3. संयुक्त परिवार का आदर्श रूप प्रस्तुत है।
4. भाषा सहज व सरल है।
5. ‘भुजा भाई’ में उपमा व अनुप्रास अलंकार है।
6. खड़ी बोली में प्रभावपूर्ण अभिव्यक्ति है।
7. शांत रस है।
8. मुक्त छंद है।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
(क) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (A) – बलवान व्यक्ति हृदय से कोमल नहीं होता।
कथन (R) – पिता जी पुत्र के प्रति बहुत कोमल हैं।
विकल्प-
(i) कथन (A) सही है, कारण (R) गलत है।
(ii) कथन (A) सही नहीं है, कारण (R) सही है।
(iii) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, किंतु कारण (R) कथन (A) की व्याख्या नहीं करता है।
(iv) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
उत्तर:
(ii) कथन (A) सही नहीं है, कारण (R) सही है।
(ख) कवि के पिता क्या करते हैं?
(i) बागवानी
(ii) अध्यापन
(iii) व्यायाम
(iv) गृह-कार्य
उत्तर:
(iii) व्यायाम
(ग) पिता जी के नयनों में जल क्यों रहा होगा?
(i) पुत्र के जेल में बंद होने के कारण
(ii) पुत्र के वियोग के कारण
(iii) पुत्र के परीक्षा में असफल होने के कारण
(iv) पुत्र के भविष्य की चिंता में
उत्तर:
(ii) पुत्र के वियोग के कारण
(घ) कविता में किस मौसम की चर्चा है?
(i) वसंत
(ii) ग्रीष्म
(iii) वर्षा
(iv) शीत
उत्तर:
(iii) वर्षा
(ङ) कवि घर से दूर क्यों है?
(i) वह काम के कारण बाहर है।
(ii) वह चोरी करके जेल में बंद है।
(iii) वह पहली बार विदेश गया है।
(iv) वह आज़ादी के लिए जेल में बंद है।
उत्तर:
(iv) वह आज़ादी के लिए जेल में बंद है।
4. पाँचवाँ मैं हूँ अभागा,
जिसे सोने पर सुहागा,
पिता जी कहते रहे हैं,
प्यार में बहते रहे हैं,
आज उनके स्वर्ण बेटे,
लगे होंगे उन्हें हेटे,
क्योंकि मैं उन पर सुहागा
बँधा बैठा हूँ अभागा,
(पृष्ठ सं०- 196)
शब्दार्थ – अभागा – भाग्यहीन। सोने पर सुहागा – वस्तु या व्यक्ति का दूसरों से बेहतर होना। प्यार में बहना – भाव-विभोर होना। स्वर्ण – सोना। हेटे – तुच्छ।
भाव-सौंदर्य – कवि कहता है कि वह उनका भाग्यहीन पाँचवाँ पुत्र है। वह उनके साथ नहीं है, परंतु पिता जी को सबसे प्यारा है। जब भी कभी कवि के बारे में चर्चा चलती है तो वे भाव-विभोर हो जाते हैं। आज उन्हें अपने सोने जैसे बेटे तुच्छ लगे होंगे, क्योंकि उनका सबसे प्यारा बेटा उनसे दूर जेल में बैठा है।
शिल्प सौंदर्य-
1. पिता-पुत्र के प्रगाढ़ और अटूट संबंधों का सुंदर चित्रण।
2. ‘सोने पर सुहागा’ मुहावरे का सुंदर प्रयोग है।
3. भाषा सहज व सरल है।
4. खड़ी बोली है।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
(क) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (I) – कवि अपने पिता के पाँचवें पुत्र हैं।
कारण (II) – कवि ने अपने आप को अभागा बताया है।
कथन (III) – पिता जी उसे सौभाग्यशाली बताते हैं।
विकल्प-
(i) कथन (I) सही है।
(ii) कथन (II) सही है।
(iii) कथन (II) सही है।
(iv) कथन (I), (II) तथा (III) सही हैं।
उत्तर:
(iv) कथन (I), (II) तथा (III) सही हैं।
(ख) कवि के प्यार में कौन बहता है?
(i) माँ
(ii) पिता
(iii) भाई
(iv) बहन
उत्तर:
(ii) पिता
(ग) प्रस्तुत काव्यांश का संदर्भ है-
(i) कवि का जेल प्रवास
(ii) कवि का विदेश प्रवास
(iii) कवि का जंगल प्रवास
(iv) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(i) कवि का जेल प्रवास
(घ) आज पिता का सोना जैसा बेटा …………………….. लगा होगा।
(i) महान
(ii) बड़ा
(iii) तुच्छ
(iv) अकेला
उत्तर:
(iii) तुच्छ
(ङ) कवि की याद की पृष्ठभूमि क्या है?
(i) रात
(ii) तूफ़न
(iii) धूप
(iv) वर्षा
उत्तर:
(iv) वर्षा
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5. और माँ ने कहा होगा,
दुःख कितना बहा होगा,
आँख में किसलिए पानी
वहाँ अच्छा है भवानी
वह तुम्हारा मन समझकर,
और अपनापन समझकर,
गया है सो ठीक ही है,
यह तुम्हारी लीक ही है,
पाँव जो पीछे हटाता,
कोख को मेरी लजाता,
इस तरह होओ न कच्चे,
रो पड़ेंगे और बच्चे, (पृष्ठ सं०- 196)
शब्दार्थ – लीक – परंपरा। पाँव पीछे हटाना – कर्तव्य से हटना। कोख को लजाना – मातृत्व को लज्जित करना। कच्चे – कमजोर।
भाव सौंदर्य – माँ ने पिता जी को समझाया होगा। ऐसा करते समय उसको भी बहुत दुख हुआ होगा। वह कहती है कि भवानी जेल में बहुत अच्छा है। तुम्हें आँसू बहाने की ज़रूरत नहीं है। वह आपके दिखाए मार्ग पर चला है और इसे अपना उद्देश्य बनाकर गया है। यह ठीक है। यह तुम्हारी ही परंपरा है। यदि वह आगे बढ़कर वापस आता तो यह मेरे मातृत्व के लिए लज्जा की बात होती। अत: तुम्हें अधिक कमज़ोर होने की ज़रूरत नहीं है। यदि तुम रोओगे तो बच्चे भी रोने लगेंगे।
शिल्प-सौंदर्य-
1. माँ द्वारा धैर्य बँधाने का स्वाभाविक वर्णन है।
2. लीक पर चलना, पाँव पीछे हटाना, कोख लजाना, कच्चा होना आदि मुहावरों का साभिप्राय प्रयोग है।
3. संवाद शैली है।
4. खड़ी बोली में सशक्त अभिव्यक्ति है।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
(क) काव्यांश में ‘भवानी’ शब्द का प्रयोग किसके लिए हुआ है?
(i) माँ के लिए
(ii) माता पार्वती के लिए
(iii) पृथ्वी के लिए
(iv) कवि के लिए
उत्तर:
(iv) कवि के लिए
(ख) माँ ने किसको समझाया होगा?
(i) कवि को
(ii) भाई को
(iii) पिता को
(iv) स्वयं को
उत्तर:
(iii) पिता को
(ग) माँ ने कवि को किसकी परंपरा का बताया है?
(i) भारत की
(ii) परिवार की
(iii) खानदान की
(iv) पिता की
उत्तर:
(iv) पिता की
(घ) माँ, पिता जी को किनके रोने की दुहाई दे रही है?
(i) देशवासियों की
(ii) बच्चों की
(iii) भाइयों की
(iv) इनमें सभी की
उत्तर:
(ii) बच्चों की
(ङ) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (A) – माँ, पिता जी से कहती हैं कि आपका बेटा आपके ही मार्ग का अनुसरण कर रहा है।
कथन (R) – यदि आप रोएँगे तो बच्चे भी रोने लगेंगे।
विकल्प-
(i) कथन (A) सही है, कारण (R) गलत है।
(ii) कथन (A) सही नहीं है, कारण (R) सही है।
(iii) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, किंतु कारण (R) कथन (A) की व्याख्या नहीं करता है।
(iv) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
उत्तर:
(iii) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, किंतु कारण (R) कथन (A) की व्याख्या नहीं करता है।
6. पिता जी ने कहा होगा,
हाय, कितना सहा होगा,
कहाँ, मैं रोता कहाँ हूँ,
धीर मैं खोता, कहाँ हूँ,
गिर रहा है आज पानी,
याद आता है भवानी,
उसे थी बरसात प्यारी,
रात दिन की झड़ी झारी,
खुले सिर नंगे बदन वह,
घूमता फिरता मगन वह,
बड़े बाड़े में कि जाता,
बीज लौकी का लगाता, (पृष्ठ सं०-197)
शब्दार्थ – धीर खोना – धैर्य खोना। झड़ी-झारी – वर्षा की फुहार। मगन – किसी कायों में लीन डूबा हुआ।। बाड़ – फसलों की सुरक्षा के लिए की गई घेराबंदी।
भाव-सौंदर्य – माँ की बातें सुनकर पिता ने कहा होगा कि “मैं रो नहीं रहा हूँ और न ही धैर्य खो रहा हूँ।” यह बात कहते हुए उन्होंने सारी पीड़ा मन में समेट ली होगी। पिता जी को भवानी अर्थात कवि की याद आई होगी। वे कहते होंगे कि उसे फुहारों से भरी बरसात उसे प्यारी थी। बचपन में वह खुले सिर ओर नंगे बदन घूमता और बाड़े में जाकर लौकी के बीज लगाता था।
शिल्प सौंदर्य –
1. पिता की भावुकता का सजीव वर्णन है।
2. पुत्र के प्रति पिता की भावनाओं का जीवंत चित्रण है।
3. संवाद शैली है।
4. ‘बड़े-बाड़े में कि जाता’ में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।
5. खड़ी बोली है।
6. मुक्त छंद है।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
(क) धैर्य कौन नहीं खोता है?
(i) माँ
(ii) भाई
(iii) पिता जी
(iv) बहने
उत्तर:
(iii) पिता जी
(ख) पिता जी को भवानी की कब याद आती है?
(i) रात में
(ii) अकेलेपन में
(iii) दुख में
(iv) बरसात के समय
उत्तर:
(iv) बरसात के समय
(ग) किसे बरसात प्यारी थी?
(i) कवि (भवानी को)
(ii) पिता जी को
(iii) माँ को
(iv) भाई को
उत्तर:
(i) कवि (भवानी को)
(घ) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (I) – बरसात के समय पिता जी को भवानी की याद आती है।
कथन (II) – भवानी को बरसात प्यारी नहीं थी।
कथन (III) – बरसात के समय भवानी खुले सिर और नंगे बदन घूमता था।
विकल्प-
(i) कथन (I) सही है।
(ii) कथन (II) सही है।
(iii) कथन (I) और (II) सही हैं।
(iv) कथन (I) तथा (III) सही हैं।
उत्तर:
(iv) कथन (I) तथा (III) सही हैं।
(ङ) लौकी का बीज कौन लगाता था?
(i) भवानी
(ii) पिता जी
(iii) माँ
(iv) भाई
उत्तर:
(i) भवानी
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7. किंतु उनसे यह न कहना,
उन्हें देते धीर रहना,
उन्हें कहना लिख रहा हूँ,
उन्हें कहना पढ़ रहा हूँ,
काम करता हूँ कि कहना,
नाम करता हूँ कि कहना,
चाहते हैं लोग कहना,
मत करो कुछ शोक कहना,
और कहना मस्त हूँ मैं,
कातने में व्यस्त हूँ मैं,
वज़न सत्तर सेर मेरा,
और भोजन ढेर मेरा,
कूदता हूँ, खेलता हूँ,
दुःख डटकर ठेलता हूँ.
और कहना मस्त हूँ मैं,
यों न कहना अस्त हूँ मैं, (पृष्ठ सं०- 198)
शब्दार्थ – धीर – धैर्य। शोक – दुख। डटकर ठेलना – तल्लीनता से हटाना। मस्त – अपने में मग्न रहना। अस्त – निराश।
भाव-सौंदर्य – कवि सावन से कहता है कि तुम मेरे माता-पिता को मेरे कष्टों के बारे में न बताना। तुम उन्हें धैर्य देते हुए यह कहना कि जेल में भी पढ़ रहा है। साहित्य लिख रहा है। वह यहाँ काम करता है तथा परिवार, देश का नाम रोशन कर रहा है। उसे अनेक लोग चाहते हैं। उनसे शोक न करने की बात कहना। उन्हें यह भी बताना कि मैं यहाँ सुखी हूँ। मैं यहाँ सूत कातने में व्यस्त रहता हूँ। मेरा वजन सत्तर सेर है। मैं ढेर सारा भोजन करता हूँ, खेलता- -कूदता हूँ तथा दुख को अपने नजदीक आने नहीं देता। मैं यहाँ मस्त रहता हूँ, परंतु उन्हें यह न कहना कि मैं डूबते सूर्य-सा निस्तेज हो गया हूँ।
शिल्प-सौंदर्य-
1. कवि के संदेश का सुंदर वर्णन है।
2. सावन का मानवीकरण किया गया है।
3. ‘कहना’ शब्द की आवृत्ति मनमोहक बनी है।
4. ‘काम करता’, ‘कि कहना’ में अनुप्रास अलंकार है।
5. खड़ी बोली है।
6. ‘डटकर ठेलना’, ‘अस्त होना’ मुहावरे का सुंदर प्रयोग है।
7. भाषा में प्रवाह है।
8. प्रसाद गुण है।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
(क) कवि सावन से अपने पिता जी से क्या कहने का आग्रह कर रहे हैं?
(i) विश्वास रखने
(ii) स्वयं को स्वस्थ रखने
(iii) प्रार्थना करने
(iv) धैर्य रखने
उत्तर:
(iv) धैर्य रखने
(ख) कवि सावन के माध्यम से अपने पिता को कह रहे हैं कि-
(i) वे सुस्त हैं।
(ii) वे लिख-पढ़ नहीं पा रहे हैं।
(iii) वे लिख-पढ़ रहे हैं।
(iv) उन्हें नींद नहीं आती है।
उत्तर:
(iii) वे लिख-पढ़ रहे हैं।
(ग) कवि अपना वजन कितना बता रहे हैं?
(i) 50 सेर
(ii) 60 सेर
(iii) 70 सेर
(iv) 80 सेर
उत्तर:
(iii) 70 सेर
(घ) ‘दुख डटकर ठेलता हूँ’ से कवि का क्या तात्पर्य है?
(i) दुख को भगा देता हूँ।
(ii) दुख को ठेलता हूँ।
(iii) दुख से व्यथित हूँ।
(iv) इनमें सभी
उत्तर:
(i) दुख को भगा देता हूँ।
(ङ) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए
कथन (A) – कवि सावन से कहता है कि तुम मेरे माता-पिता को मेरे कष्टों के बारे में न बताना।
कथन (R) – तुम उनसे कहना कि मैं जेल में भी पढ़ रहा हूँ, साहित्य लिख रहा हूँ।
विकल्प-
(i) कथन (A) सही है, कारण (R) गलत है।
(ii) कथन (A) सही नहीं है, कारण (R) सही है।
(iii) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, किंतु कारण (R) कथन (A) की व्याख्या नहीं करता है।
(iv) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
उत्तर:
(iv) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
8. हाय रे, ऐसा न कहना,
है कि जो वैसा न कहना,
कह न देना जागता हूँ,
आदमी से भागता हूँ,
कह न देना मौन हूँ मैं,
खुद न समझैं कौन हूँ मैं,
देखना कुछ बक न देना,
उन्हें कोई शक न देना,
हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन,
तुम बरस लो वे न बरसें,
पाँचवें को वे न तरसें। (पृष्ठ सं०- 198-199)
शब्दार्थ – मौन – चुपचाप। बक देना – फिजूल की बात कहना। शक – संदेह। पावन – पवित्र।
भाव-सौंदर्य – कवि सावन को सावधान करते हुए कहता है कि मेरे परिजनों को मेरी सच्चाई न बताना। उन्हें यह न बताना कि मैं देर रात तक जागता रहता हूँ, आम व्यक्ति से दूर भागता हूँ, मैं चुपचाप रहता हूँ। यह भी न बताना कि चिंता में डूबकर मैं स्वयं को भूल जाता हूँ। तुम सावधानी से बातें कहना। उन्हें कोई शक न होने देना कि मैं दुखी हूँ। हे सावन! तुम पुण्य कार्य में लीन हो, तुम स्वयं बरसकर धरती को प्रसन्न करो, परंतु मेरे माता-पिता की आँखों में आँसू न बहने देना, उन्हें मेरी याद न आने देना।
शिल्प सौंदर्य-
1. कवि अपनी व्यथा को अपने तक सीमित रखना चाहता है।
2. ‘आदमी से भागता हूँ’ में कवि की पीड़ा का वर्णन है।
3. ‘पाँचवें’ शब्द से अभिव्यक्त होनेवाली करुणा मर्मस्पर्शी है।
4. सावन का मानवीकरण किया है।
5. ‘सावन’ के लिए सजीले, हरे, पुण्य, पावन आदि विशेषणों का प्रयोग है।
6. ‘बक’ व ‘शक’ शब्द भाषा को प्रभावी बनाते हैं।
7. ‘पुण्य पावन’ में अनुप्रास अलंकार है।
8. खड़ी बोली में प्रभावी अभिव्यक्ति है।
9. संवाद शैली है।
10. प्रसाद गुण ह।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
(क) कवि सावन से अपने माता-पिता को क्या नहीं बताने का आग्रह करते हैं?
(i) खेल के नियम
(ii) जेल की पाबंदियाँ
(iii) सच्चाई
(iv) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ii) जेल की पाबंदियाँ
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(ख) ‘कह न देना जागता हूँ, आदमी से भागता हूँ’ पक्ति कवि की किस दशा का द्योतक है?
(i) अवसाद का
(ii) डर का
(iii) आनंद का
(iv) पीड़ा का
उत्तर:
(iv) पीड़ा का
(ग) कवि किससे कुछ शक नहीं प्रकट करने का आग्रह कर रहे हैं?
(i) पिता से
(ii) माँ से
(iii) भाई से
(iv) सावन से
उत्तर:
(iv) सावन से
(घ) पिता को किसके लिए नहीं तरसने की बात कही जा रही है?
(i) खुशी के लिए
(ii) धन के लिए
(iii) पाँचवे पुत्र के लिए
(iv) इनमें सभी
उत्तर:
(iii) पाँचवे पुत्र के लिए
(ङ) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (I) – यह मत कहना कि मैं जागता हूँ।
कथन (II) – यह मत कहना कि मैं मौन हूँ।
कथन (III) – यह कहना कि मैं आदमी से भागता हूँ।
विकल्प-
(i) कथन (I) सही है।
(ii) कथन (II) सही है।
(iii) कथन (I) और (II) सही हैं।
(iv) कथन ( II) तथा (III) सही हैं।
उत्तर:
(iii) कथन (I) और (II) सही हैं।