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Class 8 Hindi एक आशीर्वाद Extra Question Answer
Class 8 Hindi Chapter 3 Extra Question Answer एक आशीर्वाद
NCERT Class 8 Hindi Chapter 3 Extra Questions अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
जीवन की सच्चाइयों का सामना कैसे करना चाहिए?
उत्तर:
जीवन की सच्चाइयों को स्वीकार करके, उनसे जूझकर और उनसे निपटकर उनका सामना करना चाहिए।
प्रश्न 2.
दूसरों की सफलता देखकर क्या करना चाहिए?
उत्तर:
दूसरों की सफलता देखकर उससे प्रेरणा लेनी चाहिए।
प्रश्न 3.
कवि किस पर खड़ा होने का संदेश देता है ?
उत्तर:
कवि अपने पाँवों पर खड़े होने यानी आत्मनिर्भर होने का संदेश देता है।
प्रश्न 4.
इस कविता के रचयिता कौन हैं?
उत्तर:
इस कविता के रचयिता दुष्यंत कुमार जी हैं।
प्रश्न 5.
कवि ने क्या आशीर्वाद दिया है?
उत्तर:
कवि ने बड़े स्वप्न देखने कर आशीर्वाद दिया है।
प्रश्न 6.
कविता में व्यक्ति को कहाँ से उतरकर चलना सीखने को कहा गया है?
उत्तर:
कविता में व्यक्ति को भावना की गोद से उतरकर वास्तविकता के धरातल पर चलना सीखने की बात कही गई है।
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प्रश्न 7.
‘एक आशीर्वाद’ कविता में किसे आशीर्वाद दिया गया है?
उत्तर:
‘एक आशीर्वाद’ कविता में बच्चों और युवाओं को आशीर्वाद दिया गया है।
प्रश्न 8.
‘तेरे स्वप्न बड़े हों’ में स्वप्न किसके प्रतीक हैं?
उत्तर:
‘तेरे स्वप्न बड़े हों’ में स्वप्न ऊँची आकांक्षाओं या लक्ष्यों के प्रतीक हैं।
प्रश्न 9.
अप्राप्य सच्चाइयों को किसके समान बताया गया है?
उत्तर:
अप्राप्य सच्चाइयों को चाँद तारों के समान बताया गया है।
प्रश्न 10.
कविता में किसके लिए रूठने मचलने को कहा गया है?
उत्तर:
कविता में सफलता की प्राप्ति के लिए रूठने-मचलने को कहा गया है।
प्रश्न 11.
‘अपने पाँवों पर खड़े हों’ का क्या आशय है?
उत्तर:
अपने पाँवों पर खड़े हों’ का आशय है – सफलता प्राप्त करके आत्मनिर्भर बनना।
एक आशीर्वाद Class 8 Hindi Extra Question Answer लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
कवि ‘भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें’ क्यों कहता है?
उत्तर:
कवि ऐसा इसलिए कहता है ताकि व्यक्ति केवल कोरी कल्पनाओं और भावनाओं में न डूबा रहे, बल्कि जीवन की कठोर वास्तविकताओं का सामना करने और उनसे निपटने के लिए व्यावहारिक और कर्मठ बने।
प्रश्न 2.
‘चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना- मचलना सीखें’ पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
इस पंक्ति का भाव यह है कि जीवन में कुछ ऐसी परिस्थितियाँ या लक्ष्य होते हैं जो चाँद-तारों की तरह दूर और असंभव लग सकते हैं। कवि कहना चाहता है कि हमें इन कठिन सच्चाइयों से घबराना या हार मानना नहीं चाहिए, बल्कि उनसे जूझना, उन्हें स्वीकार करना और उनसे निपटने का तरीका सीखना चाहिए ।
प्रश्न 3.
यह कविता किस प्रकार एक आशीर्वाद है?
उत्तर:
यह कविता एक आशीर्वाद इसलिए है क्योंकि यह व्यक्ति को जीवन में सफल और खुश रहने के लिए महत्वपूर्ण गुण सिखाती है। यह बड़े सपने देखने, व्यावहारिक बनने, चुनौतियों का सामना करने, दूसरों से प्रेरणा लेने, स्वयं प्रयास करने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश देती है, जो किसी के भी जीवन के लिए अत्यंत मूल्यवान है।
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प्रश्न 4.
कविता का केंद्रीय भाव क्या है?
उत्तर:
कविता का केंद्रीय भाव प्रेरणा, आत्मनिर्भरता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण है। कवि चाहता है कि व्यक्ति अपने जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करे, व्यावहारिक होकर चुनौतियों का सामना करे, दूसरों की सफलता से सीखे, स्वयं के प्रयासों से आगे बढ़े और अंततः आत्मनिर्भर बने।
प्रश्न 5.
कवि व्यक्ति को भावना की गोद से उतरकर पृथ्वी पर चलना सीखने के लिए क्यों कहते हैं ?
उत्तर:
कवि चाहते हैं कि लोग केवल भावनाओं में न बहें, बल्कि जल्द ही व्यावहारिक होकर दुनियादारी सीखें और जीवन की सच्चाइयों का समाना करें।
प्रश्न 6.
कवि ने युवाओं को क्यों कहा है कि वे भावना की गोद से उतरें?
उत्तर:
कवि ने युवाओं को भावना की गोद से इसलिए उतरने को कहा है, क्योंकि युवा कल्पना की दुनिया में खाए रहते हैं। वे सच्चाई से अनभिज्ञ रहते हैं। वे यथार्थ का सामना करने के लिए तैयार नहीं रहते हैं।
प्रश्न 7.
‘जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें’ के माध्यम से कवि ने क्या कहना चाहा है और क्यों?
उत्तर:
‘जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें’ के माध्यम से कवि ने यह कहना चाहा है कि युवा वर्ग कल्पनाओं में न खोए रहें। वे वास्तविकता के धरातल पर आएँ और परिस्थितियों को स्वीकार करें, क्योंकि इसके बिना सफल होना बहुत ही कठिन ही नहीं असंभव होता है।
प्रश्न 8.
‘उँगली जलाएँ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि ने ऐसा क्यों कहा है?
उत्तर:
‘उँगली जलाएँ’ का प्रतीकार्थ है- सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष करना। कवि ने ऐसा इसलिए कहा है, क्योंकि सफलता या सपनों को साकार करने की राह में अनेक कठिनाइयाँ आती हैं। इन कठिनाइयों से संघर्ष करके ही आगे बढ़ा जा सकता है।
एक आशीर्वाद Extra Questions दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
कविता ‘एक आशीर्वाद’ जीवन में आशा और प्रेरणा का संचार कैसे करती है? विस्तार से चर्चा कीजिए ।
उत्तर:
कविता ‘एक आशीर्वाद’ जीवन में आशा और प्रेरणा का संचार कई माध्यमों से करती है। सबसे पहले, यह ‘बड़े स्वप्न’ देखने का आह्वान करती है, जो व्यक्ति को अपनी सीमाओं से परे सोचने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह शुरुआती बिंदु ही आशा का आधार बनता है। दूसरा, कवि ‘भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर ‘चलना सीखने’ की बात कहकर व्यक्ति को यथार्थवादी बनने और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है। वह प्रेरणा देता है कि केवल भावनात्मक होने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सक्रिय होकर कर्म करने से ही सफलता मिलेगी।
तीसरा, ‘चाँद-तारों सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना- मचलना सीखने’ का संदेश देता है, जिसका अर्थ है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों और असंभव लगने वाली परिस्थितियों से भागने के बजाय उनसे जूझना और उन्हें स्वीकार करना सीखना चाहिए। यह प्रतिकूल परिस्थितियों से भागने के बजाय उनसे जूझना और उन्हें स्वीकार करना सीखना चाहिए।
यह प्रतिकूल परिस्थितियों में भी हार न मानने की प्रेरणा है। चौथा, ‘हँसें, गाएँ, जैसी पंक्तियाँ जीवन में आनंद और सकारात्मकता बनाए रखने का महत्व बताती हैं, जो हर स्थिति में आशा को बनाए रखने में सहायक हैं। पाँचवाँ, ‘हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ, उँगली जलाएँ, कहकर कवि दूसरों की सफलता से ईर्ष्या करने के बजाय उनसे प्रेरणा लेने और स्वयं प्रयास करने की बात कहता है।
यह व्यक्ति को निष्क्रिय बैठने के बजाय सक्रिय होकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। अंततः, ‘अपने पाँवों पर खड़े हों’ का संदेश आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देता है, जो किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। इस प्रकार, यह कविता व्यक्ति को चुनौतियों का सामना करते हुए, सकारात्मक रहते हुए और स्वयं पर निर्भर रहते हुए अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रेरणा और आशा प्रदान करती है।
प्रश्न 2.
‘आत्मनिर्भरता’ के संदेश को कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर:
कविता ‘एक आशीर्वाद’ आत्मनिर्भरता के संदेश को कई पंक्तियों के माध्यम से स्पष्ट करती है। सबसे पहले, ‘भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें’ यह दर्शाता है कि व्यक्ति को केवल दूसरों की सहानुभूति या भावनामक सहारे पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी समस्याओं का सामना स्वयं करना सीखना चाहिए। यह आत्मनिर्भरंता की दिशा में पहला कदम है।
दूसरा, ‘हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ, उँगली जलाएँ, में ‘ उँगली जलाएँ, मुहावरा आत्मनिर्भरता का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्वयं प्रयास करना चाहिए, जोखिम उठाना चाहिए और अनुभव से सीखना चाहिए, भले ही उसमें कुछ कठिनाई या असफलता का सामना करना पड़े। यह दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं कर्म करने की प्रेरणा है।
अंत में, और सबसे स्पष्ट रूप से, पंक्ति ‘अपने पाँवों पर खड़े हों’ आत्मनिर्भरता का सीधा संदेश देती है। यह स्पष्ट रूप से कहता है कि व्यक्ति को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करते हुए, अपनी मेहनत से और अपने दम पर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए, न कि दूसरों के सहारे या मदद की प्रतीक्षा में रहना चाहिए। संक्षेप में, कवि चाहता है कि व्यक्ति स्वयं निर्णय ले, स्वयं प्रयास करे और अपनी सफलता के लिए स्वयं जिम्मेदार हो ।
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प्रश्न 3.
“ एक आशीर्वाद” कविता में कवि दृष्यंत कुमार ने एक व्यक्ति के सर्वांगीण विकास और सफल जीवन के लिए किन महत्वपूर्ण गुणों और अनुभवों को आवश्यक बताया है ? विस्तार से चर्चा करें ।
उत्तर:
“एक आशीर्वाद” कविता में दुष्यंत कुमार ने एक व्यक्ति के सर्वांगीण विकास और सफल जीवन के लिए कई महत्वपूर्ण गुणों और अनुभवों का वर्णन किया है। कवि सबसे पहले ‘बड़े स्वप्न’ देखने का आशीर्वाद देते हैं, जो जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उच्च आकांक्षाएँ रखने का प्रतीक है। वे कहते हैं कि व्यक्ति को भावना की गोद’ से उतरकर जल्द से जल्द ‘ पृथ्वी पर चलना सीखना ‘ चाहिए जिसका अर्थ है कि उसे भावनात्मक निर्भरता छोड़कर व्यावहारिक और यर्थायवादी बनना चाहिए।
कवि ‘चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठने-मचलने’ की बात करते हैं, जो दर्शाता है कि व्यक्ति को अपने आदर्शों और बड़े लक्ष्यों के प्रति बेचैन रहना चाहिए और उन्हें प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए। साथ ही, वे जीवन में प्रसन्नता और आशावाद बनाए रखने की सलाह देते हुए ‘हँसने, मुसकराने और गाने को कहते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण अनुभवों में से एक है ‘हर दीये की रोशनी देखकर ललचाना और उँगली जलाना’ जो नई चीज़ों को जानने की उत्सुकता, जोखिम लेने की प्रवृत्ति और अनुभवों से सीखने, यहाँ तक कि गलतियाँ करके भी सीखने की क्षमता को दर्शाता है। अंत में, ‘अपने पाँवों पर खड़े होना’ आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के महत्व पर बल देता है। इस प्रकार, कवि ने स्वप्न देखने से लेकर व्यावहारिक बनने, जिज्ञासु रहने, प्रसन्न रहने और आत्मनिर्भर बनने तक के गुणों को एक सफल और परिपूर्ण जीवन के लिए आवश्यक बताया है।
प्रश्न 4.
“एक आशीर्वाद” कविता के शीर्षक की सार्थकता सिद्ध करते हुए बताइए कि यह कविता आज के संदर्भ में कितनी प्रासंगिक है?
उत्तर:
“एक आशीर्वाद” शीर्षक इस कविता के मूल भाव और संदेश को पूरी तरह से सार्थक करता है। यह कविता वास्तव में एक बच्चे या किसी भी व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने और सफल होने के लिए दी गई एक प्रेरणादायक कामना है। कवि ने इसमें उन सभी मूलभूत तत्वों को शामिल किया है जो एक सार्थक और सफल जीवन के लिए आवश्यक होते हैं।
यह केवल भौतिक सुख-सुविधाओं का आशीर्वाद नहीं, बल्कि आंतरिक विकास, आत्मनिर्भरता और साहस का आशीर्वाद है। आज के संदर्भ में यह कविता अत्यधिक प्रासंगिक है। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में जहाँ युवा अकसर दिशाहीन महसूस करते हैं या तात्कालिक सफलताओं के पीछे भागते हैं, यह कविता उन्हें ‘बड़े स्वप्न’ देखने और उन पर विश्वास करने की प्रेरणा देती है।’
भावना की गोद से उतरकर पृथ्वी पर चलना’ आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि युवाओं को आभासी दुनिया से निकलकर वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है ।’ उँगली जलाकर सीखने’ का संदेश उन्हें असफलताओं से न डरने और अनुभव से सबक लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।
आत्मनिर्भरता और अपने बल पर खड़े होने का विचार तो हमेशा से ही प्रासंगिक रहा है, और आज के समय में जब युवाओं को अपने करियर और जीवन के निर्णय स्वयं लेने होते हैं, यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। कुल मिलाकर, यह कविता एक कालातीत संदेश देती है जो हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत है।
प्रश्न 5.
आपने क्या सपना देखा है? इसको पूरा करने के लिए आप क्या क्या प्रयास करेंगे?
उत्तर:
हर व्यक्ति अपने जीवन का एक लक्ष्य बनाता है। मैंने भी अपने जीवन में डॉक्टर बनने का सपना देखा है। इस सपने को पूरा करना आसान नहीं है। इसके लिए मैंने अभी से कठिन मेहनत करनी शुरू कर दी है। मैंने इसकी प्रवेश परीक्षा की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। मैं इसके मार्ग में आने वाली कठिनाइयों से संघर्ष करने के लिए तैयारी कर रहा हूँ।
Class 8 Hindi Chapter 3 Extra Questions and Answers अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
1. जा,
तेरे स्वप्न बड़े हों
भावना की गोद से उतरकर
जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें
चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए
रूठना-मचलना सीखें
प्रश्न-
प्रश्न 1.
कवि किसको और क्या आशीर्वाद दे रहा है?
उत्तर:
कवि सभी युवाओं को आशीर्वाद स्वरूप प्रेरित करते हुए कह रहा है कि उनके स्वप्न बड़े हों, अर्थात उन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य और आकाक्षाएँ रखनी चाहिए।
प्रश्न 2.
‘भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें’ पंक्ति का गहरा अर्थ क्या है?
उत्तर:
इस पंक्ति का गहरा अर्थ यह है कि व्यक्ति को केवल भावनात्मक रूप से संवेदनशील या काल्पनिक नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे जल्द से जल्द जीवन की वास्तविकताओं और व्यावहारिक पहलुओं को समझना चाहिए और उनसे सफलतापूर्वक निपटना सीखना चाहिए ।
प्रश्न 3.
‘चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों’ से कवि का क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
‘चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों’ से कवि का तात्पर्य उन कठिन, दुर्गम या आदर्शवादी वास्तविकताओं से है जो सामान्यतः मुश्किल लगती हैं या जिनसे निपटना चुनौतीपूर्ण होता है।
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प्रश्न 4.
ऐसी ‘अप्राप्य सच्चाइयों’ के लिए व्यक्ति को कैसा व्यवहार सीखना चाहिए?
उत्तर:
ऐसी ‘अप्राप्य सच्चाइयों’ के लिए व्यक्ति को ‘रूठना – मचलना’ सीखना चाहिए, जिसका अर्थ है कि उनसे घबराने या हार मानने के बजाय, उनसे जूझना, उन्हें स्वीकार करना और उनसे निपटने का तरीका खोजना सीखना चाहिए।
प्रश्न 5.
इस काव्यांश का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर:
इस काव्यांश का मुख्य संदेश यह है कि व्यक्ति को बड़े सपने देखने चाहिए, साथ ही उन्हें प्राप्त करने के लिए व्यावहारिक बनना चाहिए और जीवन की कठिन सच्चाइयों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
Class 8 Hindi Chapter 3 Extra Questions for Practice
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
कवि कैसे स्वप्न देखने के लिए प्रेरित करता है?
(क) छोटे
(ख) बड़े
(ग) काल्पनिक
(घ) अधूरे
प्रश्न 2.
‘भावना की गोद से उतरकर’ का क्या अर्थ है ?
(क) भावुक होना
(ख) व्यवहारिक होना
(ग) स्वप्न देखना
(घ) व्यवहारिक होना
प्रश्न 3.
‘जल्द पृथ्वी पर चलना सीखे’ का भाव क्या है?
(क) तेज चलना
(ख) जीवन की वास्तविकताओं का सामना करना
(ग) दौड़ना
(घ) अँधेरा करना
प्रश्न 4.
‘हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ’ का अर्थ क्या है?
(क) लालची होना
(ख) दूसरों की सफलता से प्रेरणा लेना
(ग) दीये जलाना
(घ) जमीन पर गिरना ।
प्रश्न 5.
‘उँगली जलाएँ’ मुहावरे का क्या अर्थ है ?
(क) चोट पहुँचाना
(ख) आग लगाना
(ग) प्रयास करना/जोखिम उठाना
(घ) हाथ धोना
प्रश्न 6.
कविता का मुख्य संदेश क्या है?
(क) आलस्य
(ख) निराशा
(ग) आत्मनिर्भरता और प्रेरणा
(घ) दुख
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प्रश्न 7.
कवि के अनुसार, चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए क्या करना चाहिए?
(क) अनदेखा करना
(ख) रूठना – मचलना सीखना
(ग) भाग जाना
(घ) रोना
अति लघूत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
कवि बच्चों को क्या-क्या करने को कहता है ?
प्रश्न 2.
हर दीये की रोशनी देखकर क्या करने को कहा गया है?
प्रश्न 3.
अंत में कवि किस बात पर ज़ोर देता है?
प्रश्न 4.
कवि किस प्रकार की सच्चाइयों के लिए रूठने- मचलने की बात करता है?
लघूत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
“ चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना – मचलना सीखें” पंक्ति का क्या आशय है?
प्रश्न 2.
कवि ने “ हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ, उँगली जलाएँ” ऐसा क्यों कहा है?
प्रश्न 3.
कविता का मुख्य संदेश क्या है ?
प्रश्न 4.
‘अपने पाँवों पर खड़े हों’ पंक्ति किस ओर संकेत करती है?
प्रश्न 5.
कवि ने कविता की शुरुआत और अंत “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों ” से क्यों की है?
प्रश्न 6.
कवि बच्चों को हँसने, मुस्कुराने और गाने के लिए क्यों प्रेरित करते हैं?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
कविता में कवि ने किन प्रतीकों या बिंबों का प्रयोग किया है और वे कविता के संदेश को कैसे प्रभावी बनाते हैं? उदाहरण सहित समझाइए |
प्रश्न 2.
“एक आशीर्वाद” कविता में कवि दुष्यंत कुमार का बच्चों के प्रति क्या दृष्टिकोण परिलक्षित होता है? क्या यह कविता केवल बच्चों के लिए है या इसका व्यापक अर्थ भी है ?
प्रश्न 3.
कवि ने ‘जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें’ और ‘अपने पाँवों पर खड़े हों’ जैसी पंक्तियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता और यथार्थवाद के महत्व को कैसे रेखांकित किया है? आज के संदर्भ में इन पंक्तियों का क्या महत्व है ?