Students often revise Exploring Society India and Beyond Class 6 Extra Questions and Class 6 SST Chapter 10 Extra Questions and Answers in Hindi आधारभूत लोकतंत्र भाग 1 शासन before their exams for better preparation.
Class 6 Social Science Chapter 10 Extra Questions and Answers in Hindi Medium आधारभूत लोकतंत्र भाग 1 शासन
बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन “राजानाम् धर्मगोप्तारम् धर्मो रक्षति रक्षितः ” से संबंधित है?
(a) शासक का मुख्य कार्य लोगों को शांति प्रदान करना है।
(b) शासक धर्म की रक्षा करता है और धर्म उसकी रक्षा करता है।
(c) धर्म केवल शासकों के लिए महत्त्वपूर्ण है, जनता के लिए नहीं ।
(d) शासक का धर्म से कोई संबंध नहीं है।
उत्तर:
(b) शासक धर्म की रक्षा करता है और धर्म उसकी रक्षा करता है।
प्रश्न 2.
दी गई तालिका को पूरा करें:
| विधायिका | कार्यपालिका | न्यायपालिक |
| (a) ……….. | (c) …………. | (e) ………… |
| (b) ……….. | (d) ………… | (f) ………… |
(a) कानून बनाती है।
(b) इसमें प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद शामिल हैं।
(c) संसद का कार्य इसका हिस्सा है।
(d) यह सुनिश्चित करती है कि कानून का पालन ठीक से हो।
(e) क़ानूनों को लागू करती है ।
(f) लोकसभा के निर्णयों के खिलाफ न्यायिक समीक्षा करती है।
उत्तर:
| विधायिका | कार्यपालिका | न्यायपालिका |
| (a) कानून बनाती है। | (e) कानूनों को लागू करती है। | (d) यह सुनिश्चित करती है कि कानून का पालन ठीक से हो। |
| (c) संसद का कार्य इसका हिस्सा है। | (b) इसमें प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद शामिल हैं। | (f) लोकसभा के निर्णयों के खिलाफ न्यायिक समीक्षा करती है। |
प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से कौन भारत की विविध जनसंख्या में योगदान देता है?
(a) विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली विभिन्न भाषाएँ ।
(b) पहाड़ों से लेकर रेगिस्तान तक जलवायु की विस्तृ श्रृंखला |
(c) ऐतिहासिक शासकों से प्रभावित सांस्कृतिक प्रथाएँ।
(d) उपरोक्त सभी।
उत्तर:
(d) उपरोक्त सभी।
प्रश्न 4.
चित्र का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें और सही विकल्प चुनकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें:
(A) ट्रैफिक सिग्नल और पुलिस की उपस्थिति का क्या महत्त्व है ?

(a) दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ाना
(b) सड़क पर व्यवस्था बनाए रखना
(c) वाहनों की गति बढ़ाना
(d) यातायात को और अधिक जाम करना
(B) पैराग्राफ के अनुसार, नियमों का पालन क्यों महत्त्वपूर्ण है?
(a) दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ाने के लिए
(b) समाज को समृद्ध और सुरक्षित रखने के लिए
(c) व्यक्तिगत अनुभव को खराब करने के लिए
(d) सड़क पर अधिक वाहन चलाने के लिए
(C) जब सभी लोग नियमों का पालन करते हैं, तो इसका परिणाम क्या होता है?
(a) समाज की स्थिति खराब होती है
(b) समाज में अनुशासन की कमी होती है
(c) व्यक्तिगत अनुभव और समाज दोनों बेहतर होते हैं
(d) सड़क पर अधिक दुर्घटनाएँ होती हैं
उत्तर:
(A) (b) सड़क पर व्यवस्था बनाए रखना
(B) (b) समाज को समृद्ध और सुरक्षित रखने के लिए
(C) (c) व्यक्तिगत अनुभव और समाज दोनों बेहतर होते हैं
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प्रश्न 5.
(A) चित्र के अनुसार, अराजकता और संघर्ष किस कारण होते हैं?

(a) नियमों का पालन करने से
(b) नियंत्रण और व्यवस्थाओं की कमी से
(c) पुलिस की उपस्थिति से
(d) सभी व्यक्तियों के विवेक से
(B) नियमों का उल्लंघन होने पर क्या परिणाम हो सकते हैं?
(a) समाज में बेहतर व्यवस्था
(b) अराजकता और दुर्घटनाएँ
(c) सभी का व्यक्तिगत अनुभव अच्छा होना
(d) समाज का समृद्ध होना
(C) चित्र के अनुसार समाज का संचालन कैसे संभव है?
(a) नियमों और विनियमों के बिना
(b) केवल पुलिस के नियंत्रण से
(c) नियमों और विनियमों के साथ
(d) केवल संघर्ष और अराजकता से
उत्तर:
(A) (b) नियंत्रण और व्यवस्थाओं की कमी से
(B) (b) अराजकता और दुर्घटनाएँ
(C) (c) नियमों और विनियमों के साथ
प्रश्न 6.
भारत में विभिन्न स्तरों पर सरकारें किस तरह से काम करती हैं?
(a) केवल राष्ट्रीय स्तर पर
(b) केवल राज्य स्तर पर
(c) केवल स्थानीय स्तर पर
(d) स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर
उत्तर:
(d) स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर
प्रश्न 7.
अगर एक जिले में बाढ़ आती है और वह भयानक रूप ले लेती है, तो किस स्तर की सरकार आगे आती है और मदद भेजती है?
(a) स्थानीय सरकार
(b) राज्य सरकार
(c) केंद्र सरकार
(d) कोई सरकार नहीं आती
उत्तर:
(c) केंद्र सरकार
प्रश्न 8.
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को किस उपनाम से जाना जाता है?
(a) मिसाइल मैन
(b) विज्ञान पुरुष
(c) महापुरुष
(d) तकनीकी विशेषज्ञ
उत्तर:
(a) मिसाइल मैन
प्रश्न 9.
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने किस पद पर कार्य किया?
(a) प्रधानमंत्री
(b) राष्ट्रपति
(c) रक्षा मंत्री
(d) उपराष्ट्रपति
उत्तर:
(b) राष्ट्रपति
प्रश्न 10.
‘डेमोक्रेसी’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
(a) शासन शक्ति
(b) लोक- शासन
(c) तंत्र शक्ति
(d) शासन प्रणाली
उत्तर:
(b) लोक- शासन
प्रश्न 11.
अगर कक्षा में कोई समस्या होती है तो कौन उस समस्या को प्रधानाचार्य के पास लेकर जाएगा?
(a) पूरी कक्षा
(b) कक्षा का मॉनीटर या प्रतिनिधि
(c) विद्यालय का प्रधानाचार्य
(d) कोई भी छात्र
उत्तर:
(b) कक्षा का मॉनीटर या प्रतिनिधि
प्रश्न 12.
भारत का सर्वोच्च न्यायालय स्थित है-

उत्तर:
(b) शासक धर्म की रक्षा करता है और धर्म उसकी रक्षा करता है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य
1. लोकतंत्र का अर्थ है ” जनता का शासन, जनता के द्वारा और जनता के लिए । (सत्य)
2. लोकतंत्र में केवल अमीर और शिक्षित लोग चुनाव में भाग ले सकते हैं। (असत्य)
3. समानता और स्वतंत्रता लोकतंत्र के आधारभूत सिद्धांत हैं। (सत्य)
4. लोकतंत्र में कानून का पालन केवल शासकों के लिए अनिवार्य होता है। (असत्य)
5. नागरिक अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए चुनाव प्रक्रिया में भाग लेते हैं। (सत्य)
6. लोकतंत्र का मुख्य उद्देश्य जनता के अधिकारों को सीमित करना है। (असत्य)
7. न्याय और समानता लोकतंत्र की पहचान हैं। (सत्य)
8. लोकतंत्र केवल कुछ देशों में लागू किया जाता है। (असत्य)
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कथन और कारण पर आधारित प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
कथन :लोकतंत्र में सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए जाते हैं।
कारण : लोकतंत्र का आधार समानता और न्याय है।
(a) दोनों सही हैं, लेकिन कारण घोषणा की सही व्याख्या नहीं करता है।
(b) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन को सही तरीके से स्पष्ट करता है।
(c) घोषणा सही है, कारण गलत है।
(d) घोषणा गलत है, कारण सही है।
उत्तर:
(b) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन को सही तरीके से स्पष्ट करता है।
प्रश्न 2.
कथन : भारत में केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार भी होती है।
कारण : भारत में शासन को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार को विभिन्न स्तरों में विभाजित किया गया है।
(a) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन को सही तरीके से स्पष्ट करता है।
(b) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन को सही तरीके से स्पष्ट नहीं करता है।
(c) घोषणा सही है, कारण गलत है।
(d) घोषणा गलत है, कारण सही है।
उत्तर:
(a) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन को सही तरीके से स्पष्ट करता है।
प्रश्न 3.
कथन : डिजिटल तकनीक ने समाज में कई बदलाव किए हैं, जिससे पुराने भुगतान के तरीके बदल गए हैं।
कारण : पहले मनीआर्डर और डिमांड ड्राफ्ट का उपयोग किया जाता था, लेकिन अब डिजिटल माध्यम से पैसे भेजने की प्रक्रिया आसान हो गई है।
(a) (कथन) सत्य है, (कारण) गलत है।
(b) (कथन) गलत है, (कारण) सत्य है।
(c) कथन) सत्य है. (कारण) सत्य है. लेकिन (कारण) (कथन) को सही प्रकार से नहीं समझाता है।
(d) (कथन) सत्य है. (कारण) सत्य है, और (कारण) (कथन) को सही प्रकार से समझाता है।
उत्तर:
(d) (कथन) सत्य है. (कारण) सत्य है, और (कारण) (कथन) को सही प्रकार से समझाता है।
प्रश्न 4.
कथन : लोकतंत्र में सभी लोग एक साथ शासन नहीं कर सकते, इसलिए प्रतिनिधि चयन की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
कारण : चुनावों के माध्यम से लोग अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं जो विधान सभा/लोक सभा में कानूनों पर चर्चा और समस्याओं के समाधान के लिए काम करते हैं।
(a) (कथन) सत्य है, (कारण) सत्य है, और (कारण) (कथन) को सही प्रकार से समझाता है।
(b) (कथन) सत्य है, (कारण) सत्य है, लेकिन (कारण) (कथन) को सही प्रकार से नहीं समझाता है।
(c) (कथन) सत्य है, (कारण) गलत है।
(d) (कथन) गलत है. (कारण) सत्य है।
उत्तर:
(a) (कथन) सत्य है, (कारण) सत्य है, और (कारण) (कथन) को सही प्रकार से समझाता है।
प्रश्न 5.
कथन : कक्षा में समस्याओं का समाधान कक्षा प्रतिनिधि द्वारा किया जाता है।
कारण : कक्षा के सभी छात्र एक साथ प्रधानाचार्य के पास नहीं जा सकते, इसलिए प्रतिनिधि का चुनाव किया जाता है।
(a) (कथन) सत्य है, (कारण) गलत है।
(b) (कथन) गलत है, (कारण) सत्य है।
(c) (कथन) सत्य है. (कारण) सत्य है. और (कारण) (कथन) को सही प्रकार से समझाता है।
(d) (कथन) सत्य है, (कारण) सत्य है, और (कारण) (कथन) को सही प्रकार से समझाता है।
उत्तर:
(c) (कथन) सत्य है. (कारण) सत्य है. और (कारण) (कथन) को सही प्रकार से समझाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
उदाहरण के माध्यम से समझाइए कि विभिन्न स्तरों पर सरकारें कैसे कार्य करती हैं?
उत्तर:
यदि किसी जिले में बाढ़ आती है और वह ज्यादा गंभीर नहीं है, तो स्थानीय सरकार उसे संभाल सकती है। अगर बाढ़ कई नगरों और गाँवों को प्रभावित करती है, तो राज्य सरकार बचाव कार्यों को शुरू करती है। यदि बाढ़ भयानक रूप ले लेती है, तो केंद्र सरकार राहत सामग्री और सेना भेजकर मदद करती है। इस उदाहरण में सरकार के तीनों स्तरों के काम को देखा जा सकता है।
प्रश्न 2.
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के कुछ प्रेरणादायक विचारों को संक्षेप में लिखिए।
उत्तर:
डॉ. कलाम ने अपने प्रेरणादायक विचारों में कहा कि “ आकाश की ओर देखिए, हम अकेले नहीं हैं। जो ऊँचे सपने देखते और उसके लिए काम करते हैं, वे सर्वोत्तम सहायता प्राप्त करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि ” स्वप्न वे होते हैं जो आपको सोने नहीं देते। ” और ” यदि आप बड़े लक्ष्य रखें, ज्ञान हासिल करें, कठिन परिश्रम करें और सतत प्रयास करें, तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। ”
प्रश्न 3.
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने असफलता को लेकर कौन – सा महत्त्वपूर्ण संदेश दिया है?
उत्तर:
डॉ. कलाम ने असफलता के बारे में कहा कि ” एफ.ए.आई.एल.” का अर्थ है ‘फर्स्ट एटेम्प्ट इन लर्निंग’ यानी सीखने की दिशा में पहला प्रयास। वे यह भी कहते हैं कि प्रयास कभी निरर्थक नहीं होते हैं, और ‘ना’ का मतलब है ‘नेक्स्ट अवसर’ के लिए तैयार रहना।
प्रश्न 4.
लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ क्या है और इसे कैसे समझा जा सकता है?
उत्तर:
लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ है ” लोक-शासन ” या “ लोगों का शासन”। यह ग्रीक भाषा के दो शब्दों ‘डेमोस’ (लोग) और ‘क्रेटोस’ (शासन प्रणाली या तंत्र) से बना है। इसका मतलब है कि शासन शक्ति लोगों के पास होती है, और वे अपने प्रतिनिधियों को चुनकर शासन में भागीदारी करते हैं।
प्रश्न 5.
कक्षा में किसी समस्या को प्रधानाचार्य के पास लाने का व्यावहारिक तरीका क्या है?
उत्तर:
कक्षा में किसी समस्या को प्रधानाचार्य के पास लाने के लिए पूरी कक्षा नहीं जाती बल्कि कक्षा के मॉनीटर या किसी प्रतिनिधि को चुना जाता है जो उस समस्या को प्रधानाचार्य के पास लेकर जाता है। इस तरह, समस्या का समाधान एक व्यक्ति द्वारा किया जाता है, जिससे व्यवस्था बनी रहती है।
प्रश्न 6.
यदि कोई नियमों का पालन नहीं करेगा तो क्या होगा?
उत्तर:
यदि कोई नियमों का पालन नहीं करेगा तो बहुत सारी समस्याएँ और अव्यवस्थाएँ होंगी। लोग वही करेंगे जो उन्हें सही लगेगा और बार- बार गलतफहमी और झगड़े का कारण बनेंगे। समाज शांति और विश्वास की स्थिति नहीं बना पाएगा।
प्रश्न 7.
नियम कैसे बनते हैं?
उत्तर:
नियम आमतौर पर सरकार की विधायी शाखा द्वारा बनाए जाते हैं। इन पर पहले केबिनेट (वरिष्ठ) और महत्त्वपूर्ण मंत्रियों द्वारा मसौदे के रूप में चर्चा की जाती है । फिर इस पर विधानमंडल ( संसद / राज्य विधानमंडल ) में सदस्यों द्वारा चर्चा की जाती है। एक बार जब सदस्य विधेयक ( नियम / कानून का मसौदा ) के पक्ष में मतदान कर देते हैं, तो यह हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति / राज्यपाल के पास जाता है। जैसे ही राष्ट्रपति मसौदे पर हस्ताक्षर करते हैं, यह नया नियम या कानून बन जाता है।
प्रश्न 8.
सरकार के तीन अंगों ( विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका) के कार्यों को स्पष्ट करें।
उत्तर:
विधायिका: नए कानून बनाती है, पुराने कानूनों में संशोधन करती है, और जरूरत पड़ने पर कानूनों को निरस्त करती है।
कार्यपालिकाः कानूनों को लागू करती है और उन पर अमल करवाती है, जैसे कि साइबर पुलिस जो साइबर अपराधों को रोकने के लिए काम करती है।
न्यायपालिका: यह तय करती है कि किसी ने कानून तोड़ा है या नहीं, और यदि तोड़ा है तो उस पर क्या कार्रवाई की जाएँ। वह यह भी सुनिश्चित करती है कि कार्यपालिका और विधायिका द्वारा किए गए निर्णय न्यायसंगत हैं या नहीं।
प्रश्न 9.
डिजिटल तकनीक ने किन विशेष प्रकार के अपराधियों को जन्म दिया है, और उन्हें रोकने के लिए सरकारें क्या कदम उठाती हैं?
उत्तर:
डिजिटल तकनीक ने साइबर अपराधियों को जन्म दिया है, जो डिजिटल माध्यमों से लोगों की धनराशि चुराते हैं। इन अपराधों को रोकने के लिए सरकारें नए कानून बनाती हैं और साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर दंड देती हैं। न्यायालय द्वारा इन्हें आर्थिक दंड और जेल की सजा दी जाती है।
प्रश्न 10.
किस प्रकार से सरकार के तीनों अंग मिलकर साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं?
उत्तर:
जब साइबर अपराधी लोगों का धन चुराते हैं, तो विधायिका नए कानून बनाती है या पुराने कानूनों में संशोधन करती है। कार्यपालिका उन कानूनों को लागू करती है और साइबर पुलिस जैसे अभिकरण अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करती है। न्यायपालिका न्यायालयों के माध्यम से यह निर्धारित करती है कि अपराधी ने कानून तोड़ा है या नहीं, और उसे सजा देती है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
भारत में ‘जन प्रतिनिधि’ आधारित लोकतंत्र के सिद्धांत का क्या महत्त्व है ? मतदान की प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए, इसका संबंध प्रत्यक्ष लोकतंत्र और आधारभूत लोकतंत्र से कैसे जोड़ा जा सकता है ? भारतीय लोकतंत्र की विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:
भारत एक ‘जन प्रतिनिधि’ आधारित लोकतंत्र है, जो 2024 के परिप्रेक्ष्य में लगभग 97 करोड़ मतदाताओं के साथ विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारतीय लोकतंत्र की विशेषता यह है कि इसमें 18 वर्ष से ऊपर के सभी भारतीय नागरिकों को चुनावों में मतदान का अधिकार प्राप्त है। इसका अर्थ यह है कि प्रत्येक नागरिक को अपनी सरकार बनाने और समाज के लिए महत्त्वपूर्ण निर्णयों में हिस्सा लेने का अधिकार है।
भारत में मतदान की प्रक्रिया को एक उदाहरण से समझा जा सकता है, जैसे कि एक कक्षा की पिकनिक योजना। मान लीजिए कि कक्षा के सामने पिकनिक के दो स्थान हैं- ‘क’ और ‘ख’। इस स्थिति में निर्णय लेना सभी के लिए कठिन हो सकता है, क्योंकि हर किसी की पसंद अलग हो सकती है। ऐसे में शिक्षक ने मतदान की प्रक्रिया अपनाई कक्षा के विद्यार्थियों से पूछा गया कि कौन-सा स्थान पसंद है, और जिस स्थान के लिए सबसे अधिक विद्यार्थियों ने वोट दिया, वही स्थान चुना गया। यह एक प्रत्यक्ष लोकतंत्र का उदाहरण है, क्योंकि हर विद्यार्थी ने सीधे निर्णय प्रक्रिया में भाग लिया।
इसके अलावा, आधारभूत या धरातलीय लोकतंत्र वह तंत्र है जिसमें सामान्य नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाता है। इसमें नागरिक स्वयं को प्रभावित करने वाले निर्णयों में अपनी आवाज उठा सकते हैं। यह लोकतंत्र में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में व्यापक सार्वजनिक समावेशिता होती है।
भारतीय लोकतंत्र की विशेषताएँ उसकी विविधता और समावेशिता में निहित हैं। यह एक ऐसा तंत्र है जहाँ प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों का पूरा प्रयोग करने का अवसर मिलता है। भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह जन प्रतिनिधियों के माध्यम से समाज के हर वर्ग की आवाज को संसद और विधानसभा तक पहुँचाने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करता है। इसके अलावा, भारतीय लोकतंत्र में चुनावों की प्रक्रिया, विभिन्न दलों की प्रतिस्पर्धा, और सरकार की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कानूनों और नियमों का पालन किया जाता है।
इस प्रकार, भारत का लोकतंत्र नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करता है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करता है।
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प्रश्न 2.
शक्तियों का पृथक्करण महत्त्वपूर्ण है। टिप्पणी करें।
उत्तर:
शक्तियों का पृथक्करण: शक्तियों का पृथक्करण (Separation of Powers) लोकतांत्रिक शासन प्रणाली का एक महत्त्वपूर्ण सिद्धांत है, जो शासन के विभिन्न अंगों (विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका) के बीच शक्ति का विभाजन करता है। इस सिद्धांत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि | कोई भी एक अंग अत्यधिक शक्तिशाली न हो और प्रत्येक अंग अपनी निर्धारित भूमिका में कार्य करता रहे । शक्तियों का पृथक्करण लोकतंत्र की स्थिरता और न्यायिक स्वतंत्रता को बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
1. विधायिका (Legislature ) : विधायिका का कार्य कानून बनाना और सरकार के कार्यों की निगरानी करना होता है। यह लोक प्रतिनिधियों द्वारा संचालित होता है जिनका चुनाव आम जनता द्वारा किया जाता है। विधायिका की स्वतंत्रता यह सुनिश्चित करती है कि सरकार पर सही और प्रभावी
नियंत्रण रखा जाए और वह लोगों के हित में काम करे।
2. कार्यपालिका (Executive ) : कार्यपालिका का कार्य कानूनों को लागू करना और उन्हें प्रशासनिक दृष्टिकोण से लागू करना होता है। यह सरकार और प्रशासन के प्रमुखों द्वारा संचालित होता है, जैसे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्री। कार्यपालिका को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति देना यह सुनिश्चित करता है कि वे नागरिकों के लिए नीतियाँ और योजनाएँ प्रभावी रूप से लागू करें।
3. न्यायपालिका (Judiciary): न्यायपालिका का कार्य यह सुनिश्चित करना है कि कानूनों का पालन सही तरीके से हो और यदि किसी पर कानून का उल्लंघन होता है, तो उचित दंड दिया जाए न्यायपालिका की स्वतंत्रता यह सुनिश्चित करती है कि सरकार के निर्णयों और विधायिका द्वारा पारित कानूनों को निष्पक्ष रूप से परखा जाए और किसी भी संविधानिक उल्लंघन को रोका जा सके।
महत्वः प्रभावी नियंत्रण और संतुलन: शक्तियों का पृथक्करण यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी अंग अपनी शक्ति का दुरुपयोग न कर सके। यदि किसी एक अंग को अत्यधिक शक्ति प्राप्त होती है, तो वह दूसरों के अधिकारों को उल्लंघन कर सकता है। शक्तियों के पृथक्करण से प्रत्येक अंग अपने कार्य में स्वतंत्र रहता है और एक-दूसरे की कार्यवाही की निगरानी करता है ।
न्यायिक स्वतंत्रता: यह सिद्धांत न्यायपालिका को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति देता है, जिससे वे निष्पक्ष रूप से न्याय देने में सक्षम होते हैं, बिना किसी राजनीतिक दबाव के । यह लोकतंत्र में नागरिकों | के अधिकारों की रक्षा करता है।
संविधान की रक्षा: जब शक्ति को पृथक किया जाता है. तो संविधान को सर्वोपरी माना जाता है।
प्रश्न 3.
विधायक और सांसद लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्लेषण करें।
उत्तर:
विधायक और सांसद लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका:
विधायक (Legislator) और सांसद (Member of Parliament) लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दो अहम घटक होते हैं, जो शासन के विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे जनता के प्रतिनिधि होते हैं और उनका कार्य संविधान द्वारा निर्धारित किया गया होता है। उनके कार्यों और जिम्मेदारियों की विस्तृत भूमिका लोकतंत्र की सफलता और प्रभावी संचालन में केंद्रीय होती है।
विधायक का कार्य और भूमिका: विधायक राज्य विधानसभा के सदस्य होते हैं और वे राज्य स्तर पर कानून बनाने, नीतियाँ तैयार करने और सरकार के कामकाज की निगरानी करने का कार्य करते हैं। उनकी भूमिका लोकतांत्रिक प्रक्रिया में कुछ प्रमुख बिंदुओं के माध्यम से समझी जा सकती है-
1. कानून बनाना: विधायकों का मुख्य कार्य नए कानून बनाना और पुराने कानूनों में आवश्यक संशोधन करना होता है। वे राज्य के मुद्दों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, और सुरक्षा से संबंधित कानूनों पर विचार करते हैं और उन्हें पारित करते हैं।
2. निगरानी और नियंत्रणः विधायक सरकार के कार्यों की निगरानी करते हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सरकार द्वारा लागू की जा रही नीतियाँ और योजनाएँ जनहित में हों। वे विधानसभा में प्रश्नकाल, चर्चा और मतदान के माध्यम से सरकार को जवाबदेह ठहराते हैं।
3. जनता से संपर्क : विधायक अपने क्षेत्र के लोगों के प्रतिनिधि होते हैं। उनका कार्य है कि वे जनता की समस्याओं को विधानसभा में उठाएँ और उन्हें हल कराने के लिए सरकार पर दबाव डालें। वे जनहित के मुद्दोंको प्रमुखता से उठाकर नीति निर्माण में योगदान देते हैं।सांसद का कार्य और भूमिका: सांसद संसद के सदस्य होते हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर काम करते हैं। उनकी भूमिका लोकतांत्रिक प्रक्रिया में और भी महत्त्वपूर्ण होती है क्योंकि वे न केवल कानून बनाने के कार्य में भाग लेते हैं, बल्कि वे देश के सबसे बड़े निर्णयों पर विचार-विमर्श करते हैं। उनके कार्य निम्नलिखित हैं:
1. कानून निर्माण: सांसद संसद में नए कानूनों को बनाने और पुराने कानूनों में सुधार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रीय मुद्दों पर बहस और निर्णय लेने में उनकी भूमिका बहुत अहम होती है।
2. सरकार पर निगरानी: सांसदों का कार्य सरकार की गतिविधियों पर निगरानी रखना होता है। वे संसद में विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाते हैं और विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सरकार अपने दायित्वों को सही तरीके से निभा रही है।
3. राष्ट्र के प्रतिनिधिः सांसद राष्ट्रीय स्तर पर अपने क्षेत्र और जनता के मुद्दों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे सांसद के रूप में अपनी आवाज को संसद में उठाते हैं, ताकि उनकी जनता की समस्याओं का समाधान हो सके।
4. राष्ट्रीय योजनाओं पर निर्णय लेना: सांसद बजट, विदेश नीति, रक्षा नीति और अन्य महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय योजनाओं पर निर्णय लेते हैं। वे राष्ट्रीय विकास के लिए निर्णय लेते समय जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए काम करते हैं।विधायक और सांसद के बीच अंतर: विधायक और सांसद दोनों का कार्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण है, लेकिन इन दोनों के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियाँ अलग-अलग होती हैं।
विधायक राज्य स्तर पर काम करते हैं, जबकि सांसद राष्ट्रीय स्तर पर काम करते हैं। विधायक राज्य की नीतियों और कानूनों पर काम करते हैं, जबकि सांसद राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करते हैं। विधायक अपने राज्य की समस्याओं को सुलझाने में मदद करते हैं, जबकि सांसद राष्ट्रीय मुद्दों पर निर्णय लेते हैं।
निष्कर्ष: विधायक और सांसद दोनों ही लोकतांत्रिक प्रणाली के आधार स्तंभ हैं। वे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं और उनके निर्णयों से जनता की जीवनशैली विकास और भविष्य प्रभावित होते हैं। उनकी भूमिका न केवल कानून बनाने तक सीमित होती है, बल्कि वे सरकार की नीतियों की निगरानी और आलोचना भी करते हैं। इनकी जिम्मेदारियों का निर्वहन लोकतंत्र की मजबूती और प्रभावी संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।