Students prefer NCERT Class 5 Hindi Veena Solutions Chapter 6 चतुर चित्रकार कविता के प्रश्न उत्तर Chatur Chitrakar Kavita Poem Question Answer Pdf that are written in simple and clear language.
Chatur Chitrakar Class 5 Question Answer
Class 5 Hindi Chatur Chitrakar Question Answer
कक्षा 5 हिंदी पाठ 6 प्रश्न उत्तर – Class 5 Hindi Chapter 6 Chatur Chitrakar Poem Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
चित्रकार की कौन-सी विशेषता आपको सबसे अधिक अच्छी लगी और क्यों?
उत्तर :
चित्रकार की विशेषताएँ:
चतुर – अचानक शेर के आ जाने से, चित्रकार पहले डरता है, फिर भी अपनी समझदारी से कठित स्थिति को नियंत्रित कर लेता है। शेर को चित्र बनाने का झाँसा देकर भाग जाता है और अपनी जान बचाता है।
प्रश्न 2.
शेर ने चित्रकार को ‘कायर – डरपोक’ कहा। क्या आपको लगता है कि चित्रकार वास्तव में कायर और डरपोक था या वह चतुर और समझदार था ? अपने उत्तर का कारण बताइए ।
उत्तर :
मुझे लगता है कि चित्रकार कायर नहीं है। वह अपनी चतुरता से अपने जीवन की रक्षा करता है। जानलेवा या कठिन परिस्थितियों में मनुष्य घबरा जाता है और निर्णय नहीं ले पाता। लेकिन कविता का चित्रकार मुश्किल समय में अपने धैर्य और सूझबूझ को बनाए रखता है।
प्रश्न 3.
आपके अनुसार ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं जिनका निरंतर अभ्यास करने से उनमें कुशलता बढ़ जाती है?
उत्तर :
1. पढ़ाई का पुर्न अभ्यास – लगातार और ध्यान से पढ़े गए विषयों को दोहराने से स्मृति में बैठ जाता है और विषय आसान लगता है।
2. समय का सदुपयोग – समय प्रबंधन लाभकारी होता है। समय का सही इस्तेमाल के अभ्यास से खेल, पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में संतुलन बन जाता है।
![]()
प्रश्न 4.
यदि झील के किनारे नाव न होती तो चित्रकार शेर से अपनी जान बचाने के लिए क्या उपाय करता?
उत्तर :
1. झील के किनारे नाव न होने की स्थिति में चित्रकार तैरकर नदी पार कर सकता था। 2. चित्रकार सुनसान जगह अपने वाहन का उपयोग करके आया होगा। वह भागकर अपने वाहन (स्कूटर या कार) में बैठकर भाग जाने का प्रयास करता ।
पाठ से
नीचे दिए गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरों पर तारे का चित्र (✶) बनाइए-
प्रश्न 1.
चित्रकार ने जंगल के किस स्थान पर चित्र बनाना शुरू किया?
(क) नदी के किनारे
(ख) सुनसान जगह
(ग) पेड़ों के नीचे
(घ) पहाड़ की चोटी पर
उत्तर :
(ख) सुनसान जगह
प्रश्न 2.
यमराज का मित्र किसे कहा गया है?
(क) शेर को
(ख) चित्रकार को
(ग) नाविक को
(घ) शिकारी को
उत्तर :
(क) शेर को
प्रश्न 3.
चित्रकार ने शेर से अपने प्राण कैसे बचाए ?
(क) धैर्य और चतुराई से
(ख) क्रोध और शक्ति से
(ग) डर और घबराहट से
(घ) अहंकार और गर्व से
उत्तर :
(क) धैर्य और चतुराई से
प्रश्न 4.
चित्रकार ने शेर को पीठ फेरकर बैठने के लिए क्यों कहा?
(क) ताकि वह शेर की पीठ का चित्र बना सके।
(ख) ताकि वह भागने की योजना पूरी कर सके ।
(ग) ताकि शेर आराम से बैठ सके।
(घ) ताकि शेर के साथ आँख-मिचौनी खेल सके।
उत्तर :
(ख) ताकि वह भागने की योजना पूरी कर सके ।
सोचिए और लिखिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए-
प्रश्न 1.
चित्रकार जिस वातावरण में चित्र बना रहा था, उसका वर्णन कीजिए ।
उत्तर :
चित्रकार जंगल में सुनसान स्थान पर खड़े होकर चित्र बना रहा था। चारों तरफ घने पेड़-पौधे फैले हुए थे। दूर झील का मनोरम दृश्य नजर आ रहा था और झरनों के गिरने की मधुर आवाज़ें आ रही थीं। पक्षियों के चहचहाने की ध्वनि कभी तेज़ तो कभी कम होती प्रतीत हो रही थी ।
प्रश्न 2.
चित्रकार ने शेर को जंगल में चित्रकला का अभ्यास करने के लिए क्यों कहा होगा?
उत्तर :
कविता में चित्रकार ने शेर को जंगल में चित्रकला का अभ्यास करने का कथन व्यंग्य के रूप में कहा होगा। चित्रकार अपनी चतुराई से जान बचाना चाहता था और शेर की नज़रों से ओझल होना चाहता था। खतरनाक स्थिति में कलम व कागज़ से ज्यादा जीवन की रक्षा करना अधिक महत्त्वपूर्ण होता है।
प्रश्न 3.
आपको इस कविता की कौन-सी घटना सबसे रोचक लगी?
उत्तर :
इस कविता में चित्रकार द्वारा शेर से अपने आपको बचाने वाली घटना बहुत ही रोचक है। चित्रकार शेर से डरने की बजाय अपनी बुद्धिमानी और हिम्मत से काम लेता है।
![]()
प्रश्न 4.
चित्रकार ने शेर से बचने के लिए क्या किया ?
उत्तर :
चित्रकार शेर से बचने के लिए चतुराई और हिम्मत का प्रयोग करता है। पहले वह शेर को सुंदर चित्र बनाने का झाँसा देता है। फिर वह शेर को पीठ फिराकर बैठने के लिए कहता है ताकि भागने का मौका मिल सके। जब शेर आँख मूँदकर पीठ दिखाकर बैठ जाता है, तो चित्रकार झील की ओर भागता है और नाव में बैठकर दूर निकल जाता है।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
चित्रकार ने शेर को ‘जंगल के सरदार’ नाम से क्यों पुकारा होगा ?
उत्तर :
शेर को ‘जंगल के सरदार’ नाम से पुकारने का तरीका चित्रकार की चतुराई को दर्शाता है। पहले उसने शेर को सम्मान देकर आश्वस्त किया और चित्रकारी बनाने के बहाने सही समय पहचानकर वह शेर से दूर भाग गया।
प्रश्न 2.
यदि चित्रकार जंगल में रुक जाता और शेर से मित्रता करने का प्रयत्न करता तो क्या होता ?
उत्तर :
यदि चित्रकार जंगल में रुक जाता और शेर से मित्रता करने का प्रयत्न करता तो मेरी कल्पना में दो परिस्थितियाँ बनती-
1. चित्रकार शेर से डरने के स्थान पर साहस करता । वह धैर्य और सम्मान का भाव दिखाते हुए शेर से बातचीत करने का प्रयास करता । शेर भी उसकी बात सुनकर थोड़ा शांत होता और झुक जाता। दोनों आस-पास रहते हुए भी थोड़ी दूरी बनाए रखते। दोनों के बीच अनोखी दोस्ती होती जहाँ शेर चित्रकार की रक्षा करता और चित्रकार उसकी तस्वीरें बनाता।
2. दूसरी स्थिति में शेर खतरनाक व हिंसक होता है। अपनी स्वाभाविक प्रवृत्ति के अनुसार चित्रकार को खा जाता।
प्रश्न 3.
यदि शेर को भी चित्रकला में रुचि होती तो वह कौन-से चित्र बनाना पसंद करता?
उत्तर :
यदि शेर को भी चित्रकला में रुचि होती तो शायद वह ऐसे चित्र बनाना पसंद करता-
1. स्वयं का चित्र – शेर ‘जंगल का राजा’ होता है, तो वह स्वयं की शक्ति प्रदर्शन वाले चित्र पसंद करता।
2. शिकार के चित्र – शिकार के दृश्य जिसमें हिरण, ज़ेबरा, भैंस आदि जानवरों को पकड़ने और ग्रहण करने वाले दृश्य होते ।
3. मनुष्य की क्रूरता के चित्र – मनुष्य ने शेर की खाल के लालच में प्रकृति और वन्य प्राणियों के संतुलन को बिगाड़ा है। शायद ‘शेर बचाओ, प्रकृति बचाओ’ से संबंधित विषयों पर शेर चित्रकारी करना पसंद करता।
प्रश्न 4.
यदि चित्रकार के स्थान पर आप होते तो शेर से बचने के लिए क्या करते?
उत्तर :
यदि चित्रकार के स्थान पर मैं होता तो शेर से बचने के लिए चतुराई और सावधानी से काम लेता ।
(क) डर जाने की स्थिति में शेर से बचने की संभावना बिलकुल समाप्त हो जाती । इसलिए धीरे-धीरे पेड़-पौधों की ओट लेकर सुरक्षित स्थान खोजने का प्रयास करता ।
(ख) किसी नज़दीकी पेड़ पर चढ़ने की कोशिश करता ताकि शेर वहाँ तक न पहुँच सके। संभव होता तो आग जलाता क्योंकि पशु आग से डरते हैं।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इनमें छिपे मुहावरे पहचानिए और उनके नीचे रेखा खींचिए –
(क) “उसे देखकर चित्रकार के तुरंत उड़ गए होश । ”
(ख) “नदी, पहाड़, पेड़, पत्तों का, रह न गया कुछ जोश । ”
(ग) “ चित्रकार ने नाव पकड़कर, ली जी भर के साँस । ”
(घ) “इधर शेर था धोखा खाकर, झुंझलाहट में चूर ।
उत्तर :
(क) उड़ गए होश ।
(ख) रह न गया कुछ जोश।
(ग) जी भर के साँस
(घ) धोखा खाकर
प्रश्न 2.
अब इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए अपने मन से नए-नए वाक्य बनाइए ।
उत्तर :
(क) होश उड़ जाना – पुलिस को देखते ही चोर के होश उड़ गए।
(ख) जोश न रहना – परीक्षा में कम अंक आने पर आरती का जोश ठंडा पड़ गया।
(ग) जी भर के साँस लेना – गणित परीक्षा समाप्त होने के बाद, विद्यार्थियों ने जी भर के साँस ली।
(घ) धोखा खाना – अपने परम मित्र से धोखा खाकर, रोहन अत्यंत दुखी हो गया ।
प्रश्न 3.
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
इतने ही में वहाँ आ गया, यम राजा का मित्र ।
चित्रकार चुपके से खिसका, जैसे कोई चोर ।
जल्दी-जल्दी नाव चलाकर, निकल गया वह दूर ।
इन पंक्तियों में जिन शब्दों के नीचे रेखा खींची गई है, वे क्रिया शब्द हैं जिन्हें ‘आने’ या ‘जाने’ के कार्य को बताने के लिए उपयोग में लाया जाता है।
आ गया’ शब्द का प्रयोग अचानक आने को दर्शाने के लिए किया गया है।
‘खिसका’ शब्द ‘धीरे-धीरे हटने ‘ या ‘ बिना किसी को पता लगे’ जाने का भाव प्रकट करता है।
‘निकल गया’ शब्द तेजी से दूर जाने का संकेत देता है।
‘आने’ और ‘जाने’ के कार्य को बताने के लिए इसी प्रकार के अनेक क्रिया शब्दों का प्रयोग किया जाता है। आगे दिए गए ऐसे ही क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने मन से वाक्य बनाइए–

उत्तर :
| आने के लिए क्रिया शब्द | जाने के लिए क्रिया शब्द |
| आना- वह मेरे पास आया। | निकल पड़ना – मैं साहसिक यात्रा के लिए निकल पड़ा। |
| पहुँचना-प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु समय पर पहुँचना आवश्यक है। | रवाना होना-मुंबई जाने वाली बस ठीक चार बजे दिल्ली बस स्टैंड से रवाना होगी। |
| दाखिल होना-छात्रों को कॉलेज में दाखिल होने के लिए एक प्रवेश परीक्षा देनी होगी। | उड़ना-पक्षियों को आकाश में स्वतंत्र उड़ते देख मुझे अच्छा लगता है। |
| प्रवेश करना-अध्यापक के कक्षा में प्रवेश करते ही, बच्चे चुप हो गए। | फिसलना-बर्फ पर फिसलने से बचने के लिए सावधानीपूर्वक आगे बढ़ें। |
| उपस्थित होना-स्कूल कार्यक्रम में सभी छात्र-छात्राओं का उपस्थित होना अनिवार्य है। | खिसकना-पुलिस को देखते ही चोर चुपचाप खिसकने की कोशिश करते हैं। |
![]()
प्रश्न 4.
“ फिर उसको कुछ हिम्मत आई, देख उसे चुपचाप ”
उपर्युक्त पंक्ति को ध्यान से देखिए । यहाँ जिन शब्दों को रेखांकित किया गया है, वे शब्द संज्ञा शब्दों क्रमशः ‘चित्रकार’ और ‘शेर’ के लिए प्रयुक्त हुए हैं। आप जानते ही होंगे कि संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले ऐसे शब्दों को ‘सर्वनाम’ कहते हैं।
अब नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित संज्ञा शब्दों को हटाकर उचित सर्वनाम शब्दों का प्रयोग कीजिए-
(क) फिर शेर को चुपचाप देखकर चित्रकार को कुछ हिम्मत आई। → फिर उसे चुपचाप देखकर उसको कुछ हिम्मत आई।
(ख) चित्रकार जल्दी-जल्दी नाव चलाकर दूर निकल गया। → _______ जल्दी-जल्दी नाव चलाकर दूर निकल गया।
(ग) चित्रकार नाव में बैठ गया । → _______ नाव में बैठ गया।
(घ) शेर बहुत गुस्से में था। → _______ बहुत गुस्से में था ।
(ङ) चित्रकार और शेर के बीच वार्तालाप हुआ। → _______ के बीच वार्तालाप हुआ।
उत्तर :
(क) फिर उसे चुपचाप देखकर उसको कुछ हिम्मत आई।
(ख) वह जल्दी-जल्दी नाव चलाकर दूर निकल गया।
(ग) वह नाव में बैठ गया ।
(घ) वह बहुत गुस्से में था ।
(ङ) उन दोनों के बीच वार्तालाप हुआ ।
अथवा
उनके बीच वार्तालाप हुआ।
कविता से कहानी
1. ‘चतुर चित्रकार’ कविता में आपने शेर और चित्रकार की कहानी का आनंद लिया। अब इस कहानी को अपने शब्दों में लिखिए।
2. इस कहानी के अंत में चित्रकार नाव में बैठकर दूर चला जाता है । अपनी कल्पना से इस कहानी का अंत बदलकर लिखिए। उदाहरण के लिए-

चित्रकार शेर से मित्रता कर लेता है।
शेर चित्र बनाने में चित्रकार की सहायता करता है।
उत्तर :
एक राज्य में सूर्यकांत नामक चित्रकार रहता था। उसे अकेले व शांत वातावरण में चित्र बनाना पसंद था। जंगलों में जाकर वह पशु-पक्षी, पेड़-पौधे और झीलों के दृश्य चित्रित करता। एक सुबह सूर्यकांत सुनसान स्थान पर एक पेड़ के पास खड़ा चित्र बना रहा था कि उसे एक हल्की-सी सरसराहट महसूस हुई। सर उठाकर देखा, तो वास्तव में विशालकाय शेर सामने खड़ा था।
चित्रकार ने घबराने की बजाए बुद्धिमानी और धैर्य का प्रयोग किया। डर से कंपन को छुपाते हुए शेर से कहा-
“आप तो जंगल के राजा हैं; मुझ जैसे मामूली चित्रकार को आज तक असली शेर का चित्र बनाने का मौका नहीं मिला। कृपा करें और थोड़ी देर बैठें, तो आपका शौर्यभरा चित्र बना सकूँगा । ” शेर यह बात सुनकर प्रसन्न हुआ और बोला- “ हाँ-हाँ, मैं जंगल का महान राजा हूँ…लो बैठ जाता हूँ। अब मेरा चित्र बनाओ।”
चित्रकार चित्र बनाने का नाटक करने लगा, जैसे ही शेर आरामभरी स्थिति में बैठा, वह चुपके-चुपके उस स्थान से भागकर झील की ओर पहुँचा ।
थोड़ी देर बाद शेर उसकी ओर दौड़ा और बोला- “ अरे डरपोक ! ठहर अभी मैं तुझको खा जाऊँगा । ” चित्रकार नाव चलाते हुए बोला- “महाराज, आप आराम करें और मेरे कलम व कागज़ से चित्रकारी अभ्यास कीजिए । ”
शेर मन मसोसकर दहाड़ता रहा और सूर्यकांत ने अपनी समझदारी से अपने प्राणों की रक्षा की।
बातचीत
नीचे दी गई शेर और चित्रकार के मध्य बातचीत को अपनी कल्पना से पूरा कीजिए-

उत्तर :
1. अरे जंगल के राजा! आप चुपचाप क्यों बैठे हैं? आज आप शांत कैसे हैं?
मैं तुम्हारी चित्रकारी देख रहा हूँ क्या आप मुझे वैसा ही बना रहे हैं, जैसा मैं सच में हूँ? मनुष्य अपनी पर आए तो प्रकृति के हर अंग को नष्ट कर दे ।
हाँ; स्वार्थी मनुष्य अपने लालच के लिए पशुओं और जंगलों को नष्ट करने में संकोच नहीं करता । परंतु सारे मनुष्य बुरे भी नहीं होते। मैं प्रकृति और सभी जीवों की सुरक्षा के प्रति सजग हूँ ।
यह तो अच्छी बात है तुम्हारे जैसे मनुष्य धरती को बचा सकते हैं। दुख इस बात पर है कि लोग हमें सिर्फ शिकार या खतरा समझते हैं। हमारी चुप्पी का दर्द किसने समझा… ?
हमें माफ़ करना। हमने जंगल जला दिए, तुम्हारे घर छीन लिए और चित्र बनाकर या फोटो खींचकर तुम्हें बचाने की बात करते हैं।
सही कहा ओ भले इंसान। मेरा ऐसा चित्र बनाओ की लोग जागरूक हो सकें। शेर और अन्य जीव-जन्तुओं की प्रजाति को बचाने हेतु सजग हो जाएँ।
हाँ, मैं तुम्हें सिर्फ शेर नहीं, एक आवाज़ बनाकर चित्रित करूगा । मेरा चित्र बोलेगा – “जंगल हमारे घर हैं, जीवन है” प्रकृति की रक्षा करो। ”
तुलना
चित्रकार और शेर की विशेषताओं की तुलना कीजिए और उचित स्थान पर सही (✓) या गलत (✗) का चिह्न लगाइए-

उत्तर :
| गुण | चित्रकार | शेर |
| बुद्धिमान | ✓ | ✗ |
| शक्तिशाली | ✗ | ✓ |
| डरपोक | ✓ | ✗ |
| चतुर | ✓ | ✗ |
| डरावना | ✗ | ✓ |
| साहसी | ✓ | ✗ |
| भोला | ✗ | ✓ |
| जिज्ञासु | ✗ | ✓ |
पाठ से आगे
प्रश्न 1.
चित्रकार अपनी चतुराई का प्रयोग करके संकट से बच गया था। क्या कभी आपने किसी . संकट का सामना करने के लिए अपनी चतुराई दिखाई है? उस अनुभव को कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर :
एक बार हमारी कक्षा में अचानक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। शिक्षक ने सभी छात्रों को भाग लेने का आदेश दिया। विषय था- “पर्यावरण संरक्षण” इस विषय पर एक मिनट का समय बोलने के लिए निश्चित किया गया। मेरी तैयारी नहीं थी और कक्षा मंच पर सबके सामने बोलने में झिझक हो रही थी ।
लेकिन कुछ क्षण बाद मैंने स्वयं को संभाला और बुद्धिमानी व धैर्य से काम करने का निश्चय किया। मैंने विज्ञान विषय में पर्यावरण पर आधारित पाठ पढ़ा था। टी.वी पर भी पर्यावरण संबंधी कार्यक्रम व समाचार देखता रहता था। मैंने दिमाग में अपने विचारों को एकाग्रता से समेटा और सरल भाषा में अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रस्तुतीकरण के दौरान वृक्षारोपण, प्लास्टिक के दुरुपयोग और जल ही जीवन है से जुड़े उदाहरण भी साझा किए। भाषण के अंत में शिक्षक ने मुझे शाबाशी दी और बिना रटंत के विचार प्रस्तुत करने के तरीके की सराहना भी करी। इस अनुभव से मैंने सीखा कि आत्मविश्वास और धैर्य से हम किसी भी कठिनाई का सामना कर सकते हैं।
प्रश्न 2.
क्या आपने कभी किसी की संकट में सहायता की है ? बताइए कि आपने कैसे सहायता की थी ?
उत्तर :
एक बार मेरे मित्र को छुट्टी के समय बस पकड़ने में देरी हो गई और वह अपनी स्कूल बस छूटता देख बहुत परेशान हो गया। मैंने तुरंत स्थिति को समझा और जल्द-से-जल्द अध्यापिका को सूचित किया । अध्यापिका जी ने तुरंत मित्र के माता-पिता से संपर्क किया और स्कूल से मित्र को घर ले जाने की प्रार्थना की। इस तरह मित्र को उचित सहायता प्रदान की जिससे वह सुरक्षित घर पहुँच पाया।
![]()
चित्रकार का विद्यालय
प्रश्न 1.
कल्पना कीजिए कि चित्रकार ने जंगल में एक चित्रकला विद्यालय खोला है। आप इस विद्यालय का कोई नाम सुझाइए और इसके बारे में कुछ वाक्य अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए।

उत्तर :
शीर्षक – ” वनचित्र कला संगम” स्वागत है ‘वनचित्र कला संगम’ विद्यालय विद्याल में । हमारा विद्यालय प्रकृति की रक्षा – सबकी सुरक्षा का संदेश प्रदान करता है। यहाँ विद्यार्थियों को खुले आसमान के नीचे, प्रकृति व मेड़ों की छाँव में बैठकर अपनी रचना को प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है और वे प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य को कागज़ / कैनवास पर उतारते हैं। शांति और सृजन का अनोखा संगम ।
प्रश्न 2.
इस विद्यालय के बारे में एक आकर्षक विज्ञापन बनाइए जिसे पढ़कर जंगल के पशु-पक्षियों में इस विद्यालय में प्रवेश लेने की इच्छा जाग जाए ।
(जैसे- प्रवेश जारी है। एक अनोखा विद्यालय, आपके पड़ोस में, आइए और सीखिए…)
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।
खोजबीन
अपने अभिभावकों के साथ पशु-पक्षियों से संबंधित भारतीय वृत्तचित्र (डॉक्युमेंट्री) देखिए और उससे प्राप्त जानकारी कक्षा में साझा कीजिए।
जंगल में शांति और सुरक्षा
मान लीजिए, शेर और चित्रकार अच्छे मित्र हैं। वे चाहते हैं कि जंगल में सुख-शांति रहे। आप उन्हें जंगल में शांति के लिए क्या उपाय सुझाएँगे? कम से कम तीन सुझाव अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
(संकेत – ऐसे उपाय सोचिए जिनसे जंगल के पेड़-पौधे, हवा-पानी और पशु-पक्षी सुरक्षित रहें।)
पुस्तकालय से
पुस्तकालय से अपने शिक्षक की सहायता से पंचतंत्र अथवा हितोपदेश में से उन कहानियों को ढूँढ़िए जिनमें पशु-पक्षियों और मनुष्यों के मध्य संवाद हों।
आज की पहले
प्रश्न 1.
चित्रकार जिस जंगल में गया था, वहाँ कौन-कौन से पेड़ हो सकते थे? आइए इस पहेली से पता लगाते हैं। इस पहेली को इसी कविता के कवि ने रचा है। अपने समूह में मिलकर पहेली बूझिए –
बाबूलाल मदन मुरलीधर इलाचंद्र हुबलाल। गिरिजाशंकर बेनीमाधव दंडपाणि यशपाल।। गणपति काशीराम कलापी टहलराम घनश्याम। लेकर गए एक से दूने, कितने थे कुल आम?
उत्तर :
16383 आम
![]()
प्रश्न 2.
ऊपर दी गई कविता में 12 पेड़ों के नाम छिपे हैं। उन नामों को ढूँढ़िए, जैसे – गणपति, कलापी और टहलराम शब्दों में से ‘पीपल’ निकलता है। कोई एक अक्षर कई नामों के लिए भी प्रयुक्त हो सकता है।
उत्तर :
पेड़ों के नाम — आम, पीपल, नीम, शीशम, जामुन, बबूल, कटहल, महुआ, बेल, इमली, बरगद, कदंब