Students prefer NCERT Class 5 Hindi Veena Solutions Chapter 2 न्याय की कुर्सी के प्रश्न उत्तर Nyay Ki Kursi Question Answer Pdf that are written in simple and clear language.
Nyay Ki Kursi Class 5 Question Answer
Class 5 Hindi Nyay Ki Kursi Question Answer
कक्षा 5 हिंदी पाठ 2 प्रश्न उत्तर – Class 5 Hindi Chapter 2 Nyay Ki Kursi Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
आपका प्रिय खेल कौन-सा है? आप उसे कैसे खेलते हैं?
उत्तर :
मेरा प्रिय खेल ‘छुपन – छुपाई’ है। इसे लुकाछिपी भी कहते हैं। हम सब में से एक साथी ढूँढ़ने वाला ( खोजकर्ता) चुना जाता है। वह दूर जाकर आँखें बंद करके एक निश्चित संख्या (20, 50 या 100) तक गिनती करता है। उतनी देर में हम सब किसी ऐसी जगह पर छिप जाते हैं जहाँ से वह हमें आसानी से ढूँढ़ न पाए । गिनती पूरी करके ढूँढ़ने वाला हमारा साथी हमें ढूँढ़ता है और जैसे ही वह किसी को भी सबसे पहले ढूँढ़ता है तो उसे छूकर ‘धप्पा’ बोलता है। फिर जिसे वह ढूँढ़ता है उसकी गिनती करके बाकी सबको ढूँढ़ने की बारी आ जाती है। यह बहुत ही रोचक खेल है।
प्रश्न 2.
क्या आपने कभी किसी समस्या का समाधान किया है? अपना अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर :
हाँ, मैंने भी अपने मित्रों की समस्या का समाधान किया है। मेरी कक्षा में मेरे दो मित्र हैं- विनय और मृदुल। मैं पढ़ने में अच्छा हूँ इसलिए दोनों मेरे साथ बैठने के लिए झगड़ पड़े थे। मेरे स्कूल का नियम है कि एक बेंच पर दो ही छात्र बैठ सकते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर मैंने उन दोनों को कहा कि तुम दोनों आपस में मत लड़ो, मैं बारी-बारी करके तुम दोनों के साथ बैठ जाया करूँगा। इस तरह उन दोनों का झगड़ा समाप्त हुआ ।
प्रश्न 3.
यदि आप राजा के स्थान पर होते और आपको लड़के के बारे में पता चलता तो आप क्या करते?
उत्तर :
यदि मैं राजा के स्थान पर होता और मुझे लड़के के बारे में पता चलता तो मैं सिंहासन (न्याय की कुर्सी) के साथ-साथ उस लड़के को भी राजदरबार में ले आता । जैसे राजा सिंहासन पर नहीं बैठ पाया था, यदि वैसे ही मैं भी न बैठ पाऊँ तो कम-से-कम वह लड़का सिंहासन पर बैठकर प्रजा को सही न्याय दे पाए।
प्रश्न 4.
लड़के के अंदर ऐसे कौन-कौन से गुण होंगे जिनके कारण वह सिंहासन पर बैठ पा रहा था ? उत्तर- लड़के के अंदर सच्चाई, नेकी, ईमानदारी जैसे गुण तो थे ही साथ ही साथ वह बहुत भोला-भाला था। उसका मन बहुत पवित्र था। अपने इन्हीं गुणों के कारण वह सिंहासन पर बैठ पाया ।
पाठ से
नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर के आगे तारे का चिह्न (✶) बनाइए ।
एक से अधिक विकल्प भी सही हो सकते हैं-
प्रश्न 1.
राजा को लड़के द्वारा न्याय करने के विषय में कैसे पता चला?
(क) लड़के द्वारा की गई शरारतों को सुनकर
(ख) लोगों द्वारा लड़के के न्याय की प्रशंसा सुनकर
(ग) लड़के द्वारा अपने न्याय की बुराई सुनकर
(घ) मंत्रियों द्वारा लड़के की बुद्धि की प्रशंसा सुनकर
उत्तर :
(ख) लोगों द्वारा लड़के के न्याय की प्रशंसा सुनकर
प्रश्न 2.
राजा को सबसे अधिक आश्चर्य किस बात से हुआ ?
(क) बच्चे खेल – खेल में न्याय कर रहे थे।
(ख) लोग राजा के दरबार में नहीं आ रहे थे।
(ग) सिंहासन पर बैठने वाला लड़का सही न्याय करता था ।
(घ) स्वयं सिंहासन में ही कोई चमत्कारी शक्ति विद्यमान थी ।
उत्तर :
(ग) सिंहासन पर बैठने वाला लड़का सही न्याय करता था ।
(घ) स्वयं सिंहासन में ही कोई चमत्कारी शक्ति विद्यमान थी ।
प्रश्न 3.
लड़कों को यह खेल इतना अच्छा क्यों लगा कि वे प्रतिदिन इसे खेलने लगे?
(क) क्योंकि वे राजा जैसा बनने का आनंद ले रहे थे।
(ख) क्योंकि यह अन्य खेलों से अधिक मनोरंजक था।
(ग) क्योंकि उन्हें न्याय करने का अनुभव अच्छा लगा।
(घ) क्योंकि इस खेल से वे नगर भर में प्रसिद्ध हो गए थे।
उत्तर :
(क) क्योंकि वे राजा जैसा बनने का आनंद ले रहे थे।
(ख) क्योंकि यह अन्य खेलों से अधिक मनोरंजक था।
प्रश्न 4.
राजा ने उपवास और प्रायश्चित क्यों किया?
(क) ताकि वह सिंहासन पर बैठने के योग्य बन सके।
(ख) क्योंकि उसे अपने कर्मों पर पछतावा था ।
(ग) क्योंकि मूर्तियों ने उसे ऐसा करने के लिए कहा था।
(घ) क्योंकि जनता ने उसे ऐसा करने को कहा था।
उत्तर :
(क) ताकि वह सिंहासन पर बैठने के योग्य बन सके।
(ग) क्योंकि मूर्तियों ने उसे ऐसा करने के लिए कहा था।
सोचिए और लिखिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए-
प्रश्न 1.
सभी लड़के सिंहासन पर बैठ पा रहे थे लेकिन राजा नहीं बैठ पाया। ऐसा क्यों?
उत्तर :
राजा सिंहासन पर इसलिए नहीं बैठ पाया क्योंकि वह लड़कों की तरह भोला-भाला और पवित्र मन वाला नहीं था। उसमें नेकी, ईमानदारी और सच्चाई जैसे गुणों की कमी थी।
प्रश्न 2.
क्या राजा को प्रायश्चित करने के बाद सिंहासन पर बैठने का अधिकार मिलना चाहिए था ? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।
उत्तर :
नहीं, राजा को प्रायश्चित करने के बाद सिंहासन पर बैठने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए था ‘क्योंकि मुझे लगता है कि राजा ने प्रायश्चित सिर्फ सिंहासन पर बैठने के लिए किया था, हृदय से नहीं किया था।
प्रश्न 3.
दोनों किसानों ने अपने झगड़े के निपटारे के लिए राजा के दरबार में जाने के बजाय लड़के के पास जाने का फैसला क्यों किया?
उत्तर :
दोनों किसानों ने अपने झगड़े के निपटारे के लिए राजा के दरबार में जाने के बजाय लड़के के पास जाने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उन दोनों ने टीले वाले लड़के के न्याय की काफ़ी चर्चा सुन रखी थी।
प्रश्न 4.
चौथी मूर्ति सिंहासन के साथ आकाश में क्यों उड़ गई ?
उत्तर :
चौथी मूर्ति सिंहासन के साथ आकाश में इसलिए उड़ गई क्योंकि उसे राजा सिंहासन के योग्य नहीं लगा।
प्रश्न 5.
इस कहानी को एक नया शीर्षक दीजिए और बताइए कि आपने यह शीर्षक क्यों चुना?
उत्तर :
नया शीर्षक- ‘जादुई सिंहासन’- मैंने यह शीर्षक इसलिए चुना क्योंकि सिंहासन को अपने जादू से पहले ही पता चल जाता था कि कौन उस पर बैठने योग्य है और कौन नहीं ? सिंहासन हवा में उड़ भी सकता था और उसके पायों की मूर्तियाँ भी बोलतीं थीं।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
कहानी में सिंहासन की मूर्तियाँ उड़कर किसी और जगह चली जाती हैं। वे कहाँ जाती होंगी और वहाँ क्या करती होंगी?
उत्तर :
मुझे लगता है कि कहानी में सिंहासन की मूर्तियाँ उड़कर अपने असली राजा विक्रमादित्य के पास स्वर्ग में जाती होंगी। वहाँ जाकर वे राजा विक्रमादित्य को धरती पर सिंहासन के साथ हो रही घटनाओं के बारे में बताती होंगी।
प्रश्न 2.
यदि इस कहानी के अंत में राजा सिंहासन पर बैठने में सफल हो जाता तो क्या होता?
उत्तर :
यदि इस कहानी के अंत में राजा सिंहासन पर बैठने में सफल हो जाता तो वह चाहकर भी किसी के साथ अन्याय नहीं कर पाता। वह चाहकर भी किसी की जमीन पर न तो कब्जा कर पाता, न ही झूठ बोलकर किसी को चोट पहुँचा पाता।
भाषा की बात
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
यह तो और भी आश्चर्य की बात है हो न हो पत्थर की इस कुर्सी में ही कोई चमत्कार है मैं इसकी जाँच करूँगा
ऊपर दिए गए वाक्यों को ध्यान से देखिए। आपको इसका अर्थ समझने में कुछ कठिनाई हो रही है न? अब इसी वाक्य को एक बार फिर पढ़िए-
“यह तो और भी आश्चर्य की बात है! हो न हो, पत्थर की इस कुर्सी में ही कोई चमत्कार है। मैं इसकी जाँच करूँगा।”
अब आपको इन वाक्यों का अर्थ और भाव ठीक-ठीक समझ में आ रहा होगा। इसका कारण है कुछ विशेष चिह्न जैसे- । !
इस प्रकार के चिह्नों को ‘विराम चिह्न’ कहते हैं। विराम चिह्नों से पता चलता है कि लिखे हुए वाक्यों में कहाँ ठहराव है और उनका क्या भाव है।
प्रश्न 1.
अब नीचे दिए गए वाक्यों में उचित स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए-
(क) चौथी मूर्ति ने कहा ठहरो जो लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे वे भोले भाले थे उनके मन में कलुष नहीं था अगर तुमको विश्वास है कि तुम इस योग्य हो तो इस सिंहासन पर बैठ सकते हो
उत्तर :
चौथी मूर्ति ने कहा, “ ठहरो! जो लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे, वे भोले-भाले थे। उनके मन में कलुष नहीं था। अगर तुमको विश्वास है कि तुम इस योग्य हो तो इस सिंहासन पर बैठ सकते हो। ”
(ख) राजा बड़ी देर तक सोचता रहा फिर उसने मन ही मन कहा अगर एक लड़का इस पर बैठ सकता है तो भला मैं क्यों नहीं बैठ सकता हूँ मैं राजा हूँ मुझसे ज्यादा धनवान बलवान और बुद्धिमान भला और कौन होगा मैं अवश्य इस सिंहासन पर बैठने योग्य हूँ
उत्तर :
राजा बड़ी देर तक सोचता रहा । फिर उसने मन ही मन कहा, अगर एक लड़का इस पर बैठ सकता है तो भला मैं क्यों नहीं बैठ सकता हूँ। मैं राजा हूँ। मुझसे ज्यादा धनवान, बलवान और बुद्धिमान भला और कौन होगा? मैं अवश्य इस सिंहासन पर बैठने योग्य हूँ।”
प्रश्न 2.
“ तीसरी मूर्ति भी उड़ गई।” इस वाक्य के आधार पर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) इस वाक्य में संज्ञा शब्द कौन-सा है ?
उत्तर :
मूर्ति-संज्ञा शब्द
(ख) कौन-सा शब्द इस संज्ञा शब्द के गुण या विशेषता को बता रहा है?
उत्तर :
तीसरी – यह शब्द संज्ञा शब्द मूर्ति की विशेषता बता रहा है।
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प्रश्न 3.
कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इनमें विशेषण शब्द पहचानकर उनके नीचे रेखा खींचिए –
(क) एक दिन लड़कों का एक झुंड वहाँ खेल रहा था।
(ख) उज्जैन की प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी के बाहर एक लंबा-चौड़ा मैदान था ।
(ग) इतनी छोटी उम्र में इतनी बुद्धि का होना आश्चर्य की बात है।
(घ) राजा ने देखा कि वह पत्थर नहीं, बहुत ही सुंदर सिंहासन था।
(ङ) बात ही बात में वहाँ अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई।
उत्तर :
(ख) उज्जैन की प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी के बाहर एक लंबा-चौड़ा मैदान था।
(ग) इतनी छोटी उम्र में इतनी बुद्धि का होना आश्चर्य की बात है।
(घ) राजा ने देखा कि वह पत्थर नहीं, बहुत ही सुंदर सिंहासन था ।
(ङ) बात ही बात में वहाँ अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई।
प्रश्न 4.
आपमें कौन-कौन सी विशेषताएँ होनी चाहिए जिससे आप कहानी के सिंहासन पर बैठ सकें? लिखिए-

उत्तर :
ईमानदारी, सच्चाई, दयालुता, न्यायप्रियता, दूरदर्शिता, साहस, धार्मिक प्रवृत्ति तथा प्रजा – प्रेमी।
पाठ से आगे
प्रश्न 1.
कहानी में गाँव वाले न्याय करवाने या झगड़े सुलझाने बच्चों के पास जाया करते थे । आप अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए किन-किनके पास जाते हैं? आप उन्हीं के पास क्यों जाते हैं?
उत्तर :
मैं अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए अपने से बड़ों के पास जाता हूँ, जैसे- मम्मी- पापा, दादा-दादी और विद्यालय में मेरे अध्यापकगण । मैं इनके पास इसलिए जाता हूँ क्योंकि हर बार ये सब मेरी समस्या को बड़ी शांति से सुनकर उसका हल बताते हैं। मुझे इन सब पर बहुत विश्वास है।
प्रश्न 2.
क्या कभी ऐसा हुआ है कि किसी ने आपके साथ अन्याय किया हो? आपने उस स्थिति का सामना कैसे किया ?
उत्तर :
नहीं, मेरे साथ कभी भी किसी ने अन्याय नहीं किया है।
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पता लगाकर कीजिए
” राजा ने आज्ञा दी कि सिंहासन को ले जाकर राजदरबार में रख दिया जाए । ‘
सिंहासन एक विशेष प्रकार की भव्य कुर्सी हुआ करती थी जिस पर राजा-महाराजा बैठा करते थे। आज भी हम बैठने के लिए अनेक प्रकार की वस्तुओं का उपयोग करते हैं। इनमें से कुछ वस्तुओं के चित्र दिए गए हैं। इनका वर्णन कीजिए और यह भी लिखिए कि आपकी भाषा में इन्हें क्या कहते हैं?

उत्तर :

Note- चटाई → चटाई
दरी → दरी
प्रदत्त जगह पर छाप दीजिएगा।