Students prefer NCERT Class 5 Hindi Veena Solutions Chapter 11 हमारे ये कलामंदिर के प्रश्न उत्तर Hamare Ye Kalamandir Question Answer Pdf that are written in simple and clear language.
Hamare Ye Kalamandir Class 5 Question Answer
Class 5 Hindi Hamare Ye Kalamandir Question Answer
कक्षा 5 हिंदी पाठ 11 प्रश्न उत्तर – Class 5 Hindi Chapter 11 Hamare Ye Kalamandir Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
आपकी छुट्टियाँ कब-कब होती हैं? आप छुट्टियों में कहाँ-कहाँ जाते हैं?
उत्तर :
हमारी छुट्टियाँ गर्मियों में, मई और जून के महीने में होती हैं। ये छुट्टियाँ डेढ़ महीने की होती हैं, सर्दियों में भी हमारी छुट्टियाँ जनवरी के महीने में होती हैं और ये दस दिन की होती हैं। इसके अतिरिक्त त्योहारों पर भी हमारी छुट्टियाँ होती हैं। गर्मियों की छुट्टियों में तो हम पहाड़ों पर घूमने जाते हैं और नानी के घर भी जाते हैं। सर्दियों में भी हम नानी और दादी के घर जाते हैं तथा त्योहारों की छुट्टियाँ घर पर ही बिताते हैं और त्योहार मनाते हैं ।
प्रश्न 2.
अजंता और एलोरा की गुफाओं के भीतर दीवारों पर अत्यंत सुंदर चित्र बने थे। आपके घर और घर के आस-पास कौन-कौन से चित्र बने या लगे हैं?
उत्तर :
हमारे घर की दीवारों पर एक बहुत ही सुंदर दृश्य की तस्वीर लगी है जिसमें पहाड़, पेड़ और झरना है। इसके साथ ही हमारे घर के मंदिर में भगवानों के भी चित्र लगे हैं। हमारे घर के सामने एक प्रतिभा विद्यालय है उसके मुख्य दरवाजे पर बगीचे और विद्यालय का चित्र बना हुआ है।
प्रश्न 3.
आपके घर में कौन-कौन और कहाँ-कहाँ चित्रकारी करते हैं? (जैसे- कागज पर, धरती पर, दीवारों पर, मिट्टी की वस्तुओं पर कपड़ों पर आदि।)
उत्तर :
हमारे घर में हमारी मम्मी कपड़ों पर बहुत सुंदर चित्र बनाती हैं, उन्होंने चादरों और सूट पर बहुत सुंदर चित्रकारी की हैं। मैं और मेरा भाई तो कागज पर चित्र बनाते हैं और रंग करते हैं। इसके साथ ही मैंने एक छोटे मटके पर भी डिजाइन बनाया था और फिर उस मटके में पौधा लगाया था।
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प्रश्न 4.
गुफाओं के चित्र देखते ही निशा के मुँह से ‘वाह!’ क्यों निकला? आपके मुँह से कब-कब ‘वाह!’ निकलता है?
उत्तर :
निशा ने जब गुफाओं पर बने सुंदर चित्र देखे तो उसके मुँह से ‘वाह’ निकला क्योंकि चित्रों के रंग बहुत ही सुंदर थे और हजारों साल बीत जाने पर भी फीके नहीं पड़े थे। गुफाओं में गौतम बुद्ध, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और स्त्रियों के बहुत सुंदर रंगीन चित्र बने हुए थे जो लगभग 2 हजार वर्ष पुराने थे और आज भी चमकदार थे।
पाठ से
दिए गए प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के आगे सूरज का चित्र (✶) बनाइए –
प्रश्न 1.
निशा, अजंता और एलोरा जाने के लिए क्यों उत्साहित थी ?
(क) वह पहली बार हवाई यात्रा करने वाली थी।
(ख) उसने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था।
(ग) उसे मौसी जी से एक नया खिलौना मिलने वाला था।
(घ) उसने अजंता और एलोरा के बारे में मित्रों से सुना था।
उत्तर :
(ख) उसने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था।
प्रश्न 2.
निशा को अजंता और एलोरा देखकर कैसा लगा?
(क) उसे निराशा हुई।
(ग) उसे दुख हुआ।
(ख) उसे आश्चर्य हुआ।
(घ) वह उदास हो गई।
उत्तर :
(ख) उसे आश्चर्य हुआ।
प्रश्न 3.
अजंता की गुफाओं में बने रंग इतने वर्षों बाद भी क्यों फीके नहीं पड़े थे?
(क) वे विशेष प्रकार के कागज पर बनाए गए थे।
(ख) चित्रों में प्रति वर्ष फिर से नया रंग भरा जाता था ।
(ग) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे।
(घ) वे सभी गुफाएँ बहुत ठंडे स्थान पर स्थित थीं।
उत्तर :
(ग) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे।
प्रश्न 4.
यात्रा से लौटने के बाद भी निशा को वे कलाकृतियाँ बार-बार क्यों याद आ रही थीं?
(क) उसने अपनी पाठ्यपुस्तक में उनके बारे में पढ़ा था ।
(ख) मौसी जी ने वादा किया था कि वे फिर वहाँ जाएँगे।
(ग) यात्रा बहुत लंबी थी इसलिए उसे याद आ रही थी।
(घ) गुफाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं।
उत्तर :
(घ) गुफाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं।
अब अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि किस किसने कौन-कौन से उत्तर चुने और क्यों ।
उत्तर :
चयनित सभी उत्तर सही हैं। मेरे मित्र सहपाठियों ने भी यही उत्तर चुने हैं क्योंकि पाठ में यही उत्तर पंक्तियों के रूप में लिखे हुए हैं।
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सोचिए और लिखिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए-
प्रश्न 1.
अजंता में निशा ने क्या-क्या देखा?
उत्तर :
अजंता पहुँचकर निशा ने बहुत मनोरम दृश्य देखा। एक ओर छोटी-सी नदी बह रही थी । नदी में बड़े-बड़े शिलाखंड पड़े थे। नदी के दक्षिण में एक पहाड़ी पर एक पंक्ति में उनतीस गुफाएँ थीं। इन गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा की ओर था। गुफा के नीचे पानी का एक कुंड था और घाटी में रंग-बिरंगे फूल खिले हुए थे।
प्रश्न 2.
कैलाश मंदिर के बारे में आपको कौन-सी बात सबसे अधिक आश्चर्यजनक लगी?
उत्तर :
कैलाश मंदिर के बारे में यह बात आश्चर्यजनक थी कि पूरा मंदिर एक ही पहाड़ को तराशकर बनाया गया था। एक ही चट्टान से बनी इतनी बड़ी और सुंदर इमारत सचमुच अद्भुत थी।
प्रश्न 3.
मौसी जी ने छोटी और बड़ी गुफा के बारे में क्या बताया ?
उत्तर :
मौसी जी ने छोटी और बड़ी गुफा के बारे में बताया कि ये सभी गुफाएँ पहाड़ों को काटकर ही ” बनाई गई थी। इन गुफाओं में बनी मूर्तियाँ भी पत्थरों को तराशकर बनाई गई थीं ।
प्रश्न 4.
क्या कारण है कि अजंता की गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा में बनाया गया है?
उत्तर :
अजंता की गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा की तरफ बनाया गया था; जिसके कारण प्रात:काल के सूर्य की किरणें इन पर पड़ रही थीं।
प्रश्न 5.
अजंता और एलोरा तक पहुँचने के लिए यातायात के कौन-कौन से साधनों का प्रयोग कर सकते हैं?
उत्तर :
अजंता और एलोरा तक पहुँचने के लिए यातायात हेतु रेलगाड़ी, बस और कार का प्रयोग कर सकते हैं। निशा अपनी मौसी के साथ रेलगाड़ी और बस के प्रयोग से इन गुफाओं तक पहुँची थी।
अनुमान एवं कल्पना
प्रश्न 1.
यदि अजंता की दीवारों के चित्र बोल सकते तो वे हमें क्या कहानियाँ सुनाते?
उत्तर :
यदि अजंता की दीवारों के चित्र बोल सकते तो वे हमें महात्मा गौतम बुद्ध के जीवन के बारे में बताते कि किस प्रकार उन्होंने घर छोड़ा, कैसे तपस्या की, कैसे साधु के रूप में भिक्षा माँगी और किस प्रकार भिक्षुओं को उपदेश दिया। इसके साथ ही वे विभिन्न पशु-पक्षियों की आवाजें भी सुनाते । सचमुच बहुत सुंदर लगता ये सब सुनकर ।
प्रश्न 2.
मान लीजिए कि आप हजारों वर्ष पहले के संसार में चले गए हैं और आपको अजंता की गुफाओं में एक नया चित्र बनाने का अवसर मिला है। आप क्या बनाएँगे और क्यों?
उत्तर :
यदि हम हजार वर्ष पहले के संसार में चले जाएँ और हमें अजंता की गुफाओं में चित्र बनाने का अवसर मिले तो हम उसमें सुंदर-सुंदर घर, उपवन, हरी-भरी प्रकृति, नदी, झरने, सुंदर शहर, प्यारा-सा विद्यालय, और हँसते-खेलते बच्चे तथा प्रसन्न लोगों के चित्र बनाते। क्योंकि हम चाहते हैं कि उसे देखने वाले ऐसे ही सुंदर संसार को बनाने का प्रयास करें। ऐसा करने पर भविष्य में एक सुंदर संसार हम सबके पास होगा जिसमें सभी प्रसन्न और सुखी होंगे।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
पाठ में से कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन्हें उनके मिलते-जुलते अर्थों के साथ रेखाएँ खींचकर मिलाइए-

उत्तर :

प्रश्न 2.
“निशा और मौसी ने स्टेशन पर ही विश्रामगृह में रात बिताई। ”
यहाँ ‘विश्रामगृह’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘विश्राम’ और ‘गृह’। विश्राम का अर्थ है- आराम। गृह का अर्थ है – घर। अतः विश्रामगृह का अर्थ हुआ – आराम करने का घर या स्थान।
पाठ में से ऐसे ही दो शब्दों के मेल से बने अन्य शब्दों को खोजकर उनके अर्थ लेखन – पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर :
कार्यक्रम, शिलाखंड, जड़ी-बूटियों, आश्चर्यचकित, कलाकृतियों, प्रात: काल
| कार्यक्रम- | कार्य अर्थात्–काम |
| क्रम – एक के बाद एक | |
| अर्थात्-(कार्य किए जाने की सूची ) | |
| शिलाखंड – | शिला – चट्टान |
| खंड-टुकड़े | |
| अर्थात्-(चट्टान के टुकड़े) | |
| जड़ी-बूटी – | जड़ी – जड़ (पेड़ की जड़) |
| बूटी – वनस्पति | |
| अर्थात्- (एक प्रकार की औषधि ) | |
| आश्चर्यचकित – | आश्चर्य – विस्मय |
| चकित हैरान | |
| अर्थात्-(विस्मय से हैरान होना ) | |
| कलाकृतियाँ- | कला-शिल्प |
| कृति – किया हुआ कार्य | |
| अर्थात्- (कला के माध्यम से बनाई गई मूर्ति ) | |
| प्रातःकाल- | प्रातः- सुबह |
| काल-समय | |
| अर्थात् – (सुबह का समय ) |
प्रश्न 3.
निशा ने आश्चर्यचकित होकर कहा- “ दो हजार वर्ष ! पर आज भी इनके रंग ज्यों के त्यों कैसे हैं?”
‘ज्यों का त्यों’ का अर्थ है- कोई परिवर्तन न होना ।
इसी प्रकार के कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए अपनी लेखन – पुस्तिका में वाक्य लिखिए-
| ज्यों का त्यों | जैसे का तैसा | बिलकुल वैसा ही |
| वैसा का वैसा | जैसे थे वैसे ही | वास्तविक रूप में |
उत्तर :
ज्यों का त्यों
वाक्य- तुम्हें कितना समझाया गया परंतु तुम्हारा व्यवहार ज्यों का त्यों रहा ।
जैसे का तैसा-
वाक्य- अशोक सबको मूर्ख बनाता था पर आज सुरेश ने उसे ही मूर्ख बना दिया । इसे कहते हैं जैसे को तैसा मिलना।
बिलकुल वैसा ही-
वाक्य- जैसा पेन मैंने माँगा था, माँ बिलकुल वैसा ही लाई हैं।
वैसा का वैसा-
वाक्य- सुमित तू तो वैसा का वैसा ही है बिलकुल नहीं बदला।
जैसे थे वैसे ही-
वाक्य- वे जैसे थे वैसे ही जिंदगी भर रहे।
वास्तविक रूप में-
वाक्य-नाटक समाप्त होते ही सभी पात्र अपने वास्तविक रूप में आ गए।
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प्रश्न 4.
” ऐसे सजीव चित्र थे कि लगता था अभी बोल पड़ेंगे। ”
” इन मूर्तियों की कारीगरी देखते ही बनती थी । ”
रेखांकित अंशों को ध्यान में रखते हुए अब नीचे दिए गए वाक्यांशों से वाक्य बनाइए-
| दंग रह जाना | ऐसा जैसे सपना हो | प्रशंसा के योग्य होना |
| आँखें न हटा पाना | दिल को छू जाना | कल्पना से परे होना |
| मन मोह लेना | दृश्य भूल न पाना | दृष्टि थम जाना |
उत्तर :
- दंग रह जाना – मीता का बदला रूप देखकर मैं दंग रह गई ।
- ऐसा जैसे सपना हो- आज हम पिताजी के साथ अमृत उद्यान देखने गए उसे देखकर लगा ऐसा जैसे सपना हो।
- प्रशंसा के योग्य होना- मनुष्य को हमेशा प्रशंसा के योग्य कार्य करना चाहिए ।
- आँखें न हटा पाना – ईश्वर के प्रेम
- डूबा भक्त उनके चेहरे से आँखें नहीं हटा पाता।
- दिल को छू जाना – मोहित की सच्ची बातें मेरे दिल को छू गई।
- कल्पना से परे होना – दिलवाड़ा के मंदिर की सुंदरता मेरी कल्पना से परे थी।
- मन मोह लेना – मीरा के नृत्य ने सबका मन मोह लिया ।
- दृश्य भूल न पाना – मैं, अपनी आँखों के सामने देखी दुर्घटना का दृश्य भूल न पाया।
- दृष्टि थम जाना – एकाएक दस साल पहले बिछुड़े मित्र को सामने देख मेरी दृष्टि थम गई।
प्रश्न 5.
नीचे एक वर्ग पहेली दी गई है। इस वर्ग पहेली में कुछ विशेषण शब्द छिपे हुए हैं। शब्दों को खोजिए और उन शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-

उत्तर :

- अद्भुत – ‘ताजमहल’ एक अद्भुत इमारत है।
- बेजोड़ – ऐलोरा की गुफाओं की कलाकारी बेजोड़ है।
- सुंदर – श्रीकृष्ण का रूप बहुत सुंदर है ।
- कठिन – मेहनती लोगों को कोई कार्य कठिन नहीं लगता।
- सजीव – मूर्तिकार ने ऐसी सजीव मूर्ति बनाई मानो अभी बोल पड़ेगी।
- विशाल – हिमालय बहुत विशाल है।
- रंग-बिरंगा – माँ मेरे लिए रंग-बिरंगा छाता लाई ।
- बड़ी – मीरा घर की बड़ी बेटी है।
- छोटी – तुम तो छोटी-सी बात पर नाराज़ हो गए।
- मनोरम – मान सरोवर’ एक मनोरम स्थान है।
- प्रसिद्ध – भारतीयों का आतिथ्य विश्व प्रसिद्ध है।
चित्र का वर्णन
आपने पाठ में अजंता के चित्रों का सुंदर वर्णन पढ़ा। नीचे अजंता का एक प्रसिद्ध चित्र दिया गया है। इसका वर्णन अपने शब्दों में लेखन – पुस्तिका में कीजिए-

उत्तर :
यह गौतम बुद्ध का चित्र है। यह बहुत शांत है। इसे देखकर ऐसा लग रहा है मानो ये जीवित हों। ये पत्थरों पर उकेरे गए हैं। इनके दोनों तरफ इनके शिष्य भी नजर आ रहे हैं। बुद्ध के एक हाथ में फूल है। इन्होंने मुकुट पहना हुआ है और इनके गले में मोतियों की माला है। इन्होंने बाजुबंद भी पहना है। ये गंभीर मुद्रा में नज़र आ रहे हैं। इनके शिष्य इनकी तरफ देख रहे हैं। इनके ऊपर भी दोनों तरफ लोगों के चित्र नज़र आ रहे हैं। इनमें बहुत सुंदर रंगों का प्रयोग किया गया है।
मानचित्र
आपने पाठ में अजंता का वर्णन पढ़ा। नीचे अजंता का एक मानचित्र दिया गया है। इस वर्णन और मानचित्र की सहायता से नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर खोजिए-

1. नदी का क्या नाम है?
उत्तर :
वाघोरा नदी
2. कुल कितनी गुफाएँ दिखाई गई हैं?
उत्तर :
27
3. चारों दिशाओं में से कौन-सी दिशा का संकेत दिया गया है?
उत्तर :
उत्तर दिशा
4. “आप यहाँ हैं” से क्या आशय है?
उत्तर :
शटल सेवा पर
5. कुंड का क्या नाम है ?
उत्तर :
सतकुंड
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आइए मापें
लंबाई मापने के फीते की सहायता से अपने समूह के साथ मिलकर कक्षा में इन्हें मापिए और लिखिए-
1. कक्षा की लंबाई – _________________
2. कक्षा की चौड़ाई – _________________
3. दरवाजे की चौड़ाई – _________________
4. खिड़की की चौड़ाई – _________________
5. श्यामपट्ट की लंबाई-चौड़ाई – _________________
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।
रंगों का संसार
आपने पाठ में पढ़ा कि रंगों को प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करके भी बनाया जा सकता है। आगे रंग बनाने की कुछ विधियाँ दी गई हैं। अपने अभिभावकों की सहायता से इनका प्रयोग करके आप भी प्राकृतिक रंग बनाइए-
हरा रंग
सामग्री: पालक, मेहँदी, पुदीना या हरा धनिया, पानी
विधिः पालक के पत्तों को पानी में उबालिए और फिर पीस लीजिए। इस मिश्रण को छानकर गाढ़ा हरा रंग तैयार किया जा सकता है। पुदीना, धनिया व पालक की पत्तियों को धूप में सुखाकर और उसका पाउडर बनाकर आप हरे रंग को तैयार कर सकते हैं।
पीला रंग
सामग्री: हल्दी पाउडर, पानी
विधि : एक चम्मच हल्दी पाउडर में थोड़ा पानी मिलाइए और इसे अच्छी तरह से घोलिए । हल्दी का रंग गहरा पीला होता है और इसे आप चित्रकारी के लिए आसानी से उपयोग कर सकते हैं।
लाल रंग
सामग्री: चुकंदर, पानी
विधि: चुकंदर को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में उबालिए। इसके बाद इसे ठंडा होने दीजिए और फिर पीसकर छान लीजिए। इससे गहरा लाल रंग मिल जाएगा। आप इसे पानी के साथ पतला करके पेंट के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं।
नीला रंग
सामग्री: नील ( कपड़ों में लगाने वाला)
विधिः नीले रंग के लिए नील को पानी में मिला लीजिए।
भूरा रंग
सामग्री: कॉफी पाउडर या चाय की पत्तियाँ, पानी
विधिः थोड़ा-सा कॉफी पाउडर या चाय की पत्तियों को पानी में उबाल लीजिए। इसे ठंडा करके प्रयोग कीजिए। इससे भूरा रंग तैयार होगा ।
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।
पुस्तकालय से
इस पाठ में आपने अजंता एलोरा के बारे में पढ़ा और उसके बारे में जाना। अब भारत के अन्य दर्शनीय स्थानों के बारे में अपने पुस्तकालय में खोजबीन कीजिए और उनके बारे में पढ़िए । साथ ही कक्षा में उनके बारे में चर्चा भी कीजिए।
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।
धन्यवाद कार्ड
निशा को उसकी मौसी ने अजंता और एलोरा की गुफाएँ दिखाईं। इस कारण निशा ने अपनी मौसी को धन्यवाद कार्ड लिखा। अब आप भी अपने किसी संबंधी को धन्यवाद कार्ड लिखिए-

उत्तर :
प्रिय/पूज्य चाचा जी
नमस्कार, आपने मेरे जन्मदिन पर जो उपहार में घड़ी भेजी है वह मुझे बहुत पसंद आई। मैं बहुत दिनों से यह घड़ी लेने की सोच रही थी और जब आज यह मैंने आपके द्वारा भेजे गए उपहार के रूप में देखी तो मुझे बहुत खुशी हुई। इसके लिए आपको धन्यवाद। अब आप जल्दी घर आईएगा। मुझे आपका इंतजार रहेगा ।
आपका/आपकी भतीजी
आपकी अभिव्यक्ति
क्या आपने कभी कोई रेल यात्रा की है? अपनी किसी रेल यात्रा का कोई रोचक अनुभव साझा कीजिए। यदि आपने रेल यात्रा नहीं की हो तो अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य के अनुभव भी लिख सकते हैं।
उत्तर :
मुझे रेल से कहीं भी आना-जाना बहुत अच्छा लगता है। एक बार मैं अपने माता-पिता के साथ रेल के सफर में वैष्णो देवी गई। मुझे वह रेल का सफर बहुत अच्छा लगा। हमने वंदे भारत की चार टिकटें लीं। मम्मी- पापा, भईया और मैं । यह ट्रेन बहुत ही सुंदर थी। हमने अपना सामान ऊपर के स्थान पर रख दिया। मैं खिड़की की तरफ बैठी और बाहर के नज़ारे देखकर खुश होती रही। माँ भी मुझे बहुत-सी चीज़ों के बारे में जानकारी दे रही थीं। मैंने बिस्कुट और चिप्स भईया के साथ बाँटकर खाए। रेल में ही हमें नाश्ता और खाना दोनों मिले जो बहुत स्वादिष्ट थे। जब हमारा स्टेशन आया तो हम सब कटरा पर उतर गए और ऑटो करके होटल पहुँच गए। हमें इस सफर में सचमुच बहुत आनंद आया। वापसी में हम इसी रेल से दिल्ली वापस आए।
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आपकी चित्रकारी
हिंदी की गिनती मिलाकर चित्र पूरा कीजिए और उसमें अपनी रुचि के रंग भरिए-

उत्तर :
छात्रों के स्वयं करने योग्य।