Students revise important topics using Class 7 SST Extra Questions Chapter 8 भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं Extra Questions before exams.
भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं Class 7 Extra Question Answer
Class 7 SST Chapter 8 Extra Question Answer in Hindi भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
पावन निकुंजों का संरक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
पावन निकुंजों में जैव विविधता का संरक्षण होता है, जो पर्यावरण के संतुलन के लिए आवश्यक है।
- ये निकुंज जल संरक्षण में मदद करते हैं, जिससे स्थानीय जल स्रोतों की रक्षा होती है।
- पावन निकुंज धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखते हैं. जो समुदायों की पहचान को बनाए रखते हैं।
प्रश्न 2.
भारत में पर्वतों का धार्मिक महत्व क्या है?
उत्तर:
पर्वतों को देवताओं का निवास माना जाता है, जिससे लोग उन्हें पवित्र मानते हैं।
- तीर्थयात्रा के दौरान पर्वतों की यात्रा को आध्यात्मिक अनुभव के रूप में देखा जाता है।
- पर्वतों की ऊँचाई उन्हें स्वर्ग का प्रतीक मानती है, जो धार्मिक आस्था को बढ़ाती है।
प्रश्न 3.
पावन स्थलों की यात्रा का व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
तीर्शयात्रियों की उपस्थिति से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलता है, जैसे कि भोजन और वस्त्रों की बिक्री।
- व्यापारियों को तीर्थयात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करने का अवसर मिलता है।
- यात्रा और व्यापार के बीच संबंध से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
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प्रश्न 4.
पीपल के वृक्ष का सास्कृतिक महत्व क्या है?
उत्तर:
- पीपल का वृक्ष कई धमों में पवित्र माना ज्ञाता है, जैसे हिंदू, बौद्ध, और जैन।
- इसे ज्ञात और आत्मज्ञान का प्रतीक माना जाता है, जिससे लोग इसकी पूजा करते हैं।
- पीपल के वृक्ष का संरक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है क्रोंकि यह कई जीवों का आश्रय है।
प्रश्न 5.
पावन स्थलों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका क्या है?
उत्तर:
- स्थानीय समुदाय पावन स्थलों को देवताओं का निवास मानते हैं, जिससे वे उनकी रक्षा करते हैं।
- वे हानिकारक गतिविधियों जैसे कि वृक्षों की कटाई और शिकार के खिलाफ खड़ं होते हैं।
- समुदायों का संरक्षण प्रयास पारिस्थितिकी संतुलन बनाए गखने में मदद करता है और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
पावनता के विभिन्न पहलुओं को समझाइए।
उत्तर:
पावनता का अर्थ धार्मिक और आध्यात्मिक भावनाओं से है।
- यह किसी विशेष स्थान या धार्मिक स्थल से जुड़ी होती है, जो श्रद्धा का प्रतीक है।
- पावनता केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भों से भी जुड़ी होती है।
- भारत में विभिन्न धर्मों के अपने-अपने पावन स्थल हैं, जैसे बोधगया और हरिद्वार।
- पावनता का अनुभव तीर्थ यात्रा के दौरान होता है, जो आध्यात्मिकता का प्रतीक है।
प्रश्न 2.
तीर्थ यात्रा का महत्व क्या है?
उत्तर:
तीर्थ यात्रा धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- यह यात्रा श्रद्धालुओं को पावन स्थलों से जोड़ती है, जैसे गंगा और यमुना।
- तीर्थ यात्रा के दौरान लोग अपने विश्वास और परंपराओं को पुन: अनुभव करते हैं।
- यह यात्रा सांस्कृतिक एकीकरण का माध्यम भी है, जहाँ विभिन्न विचारों का आदान-प्रदान होता है।
- तीर्थ यात्रा से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और आंतरिक शांति आती है।
प्रश्न 3.
भारत में पावन स्थलों की विविधता को कैसे समझा जा सकता है?
उत्तर:
भारत में विभिन्न धर्मों के पावन स्थल हैं. जैसे-हिंदू, बौद्ध, सिख्ब और जैन।
- ये स्थल धार्मिक मान्यताओं और परपराओं से जुड़े होते हैं।
- पावन स्थलों में प्राकृतिक सौदर्य भी महत्वपूर्ण होता है, जैसे-पहाड़ और नदियाँ।
- पावन स्थलों की यात्रा सं श्रद्धालुओं का सांस्कृतिक और ऐतिह्यासिक ज्ञान मिलता है।
- ये स्थल न केवल धार्मिक वल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी हैं।
प्रश्न 4.
पावनता और प्रकृति के बीच संबंध को कैसे समझा सकते हैं?
उत्तर:
पावनता का एक महत्वपूर्ण पहलू प्रकृति के तत्वों से जुड़ा होता है।
- कई पावन स्थल जैसे-पर्वत, नदियाँ और वन प्राकृतिक सौदर्य के प्रतीक हैं।
- भारतीय संस्कृति में प्राकृतिक तत्वों को देवी-देवताओं के रूप में पूजा जाता है।
- पावन स्थलों की यात्रा से प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना विकसित होती है।
- इस प्रकार, पावनता और प्रकृति का संबंध एक दूसरे को समृद्ध करता है।
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प्रश्न 5.
पावन स्थलों की यात्रा के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव क्या हैं?
उत्तर:
- पावन स्थलों की यात्रा से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है।
- श्रद्धालुओं की आमद से हाँटल, रेस्तरां और स्थानीय व्यवसायों को लाभ होता है।
- यात्रा के दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता है, जिससे सामाजिक एकता बढ़ती है।
- पावन स्थलों की यात्रा से धार्भिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है।
- यह यात्रा लोगों को एकजुट करती है और सामुदायिक संबंधों को मजबूत बनाती है।
स्थिति अध्ययन
कुंभ मेला ‘अमृत मंथन’ के आख्यान से आरंभ होता है। पारंपरिक रूप से. एक-दूसरे के शत्रु देवता और असुर एक बार समुद्र-मंथन के लिए एकत्र हुए। उन्हं विश्वास था कि इस मंथन से प्राप्त अमृत उन्हें अमरत्व प्रदान करेगा। असुर अमृत प्राप्त न करें, इसके लिए श्री विष्णु ने अति सुंदरी मोहिनी का रूप धारण कर अमृत-कलश (कुंभ) को ले लिया। इसी क्रम में अमृत की कुछ बूँदें चार स्थानों-हरिद्वार, प्रयागराज, नासिक और उज्जैन में गिर गई। तब से इन स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता आ रहा है और एक विशेष खगोलीय अवधि में वहाँ की नदियों में डुबकी लगाना अत्यंत मांगलिक माना जाता है।
प्रश्न 1.
कुंभ मेले का आयोजन कितने वर्षों में एक बार होता है?
उत्तर:
हर छह वर्ष में।
प्रश्न 2.
कुंभ मेला किस तीन नदियों के संगम पर आयोजित होता है?
उत्तर:
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती।
प्रश्न 3.
कुंभ मेले का आयोजन क्यों महत्वपूर्ण है? दो बिंदुओं में उत्तर दें।
उत्तर:
(i) सांस्कृतिक धरोहर : कुंभ मेला भारत की अमृत सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है, जिसे यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त है।
(ii) आध्यात्मिक महत्व : कुंभ मेला एक विशेष खगोलीय अवधि में आयोजित होता है, जब श्रद्धालु नदियों में स्नान करके अपने पापों से मुक्ति पाने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए डुबकी लगाते हैं।
भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं Class 7 MCQ
बहुविकल़्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
पावनता का तात्पर्य किससे है?
(क) केवल धार्मिक स्थलों से
(ख) धार्मिक और आध्यात्मिक भावनाओं से
(ग) केवल प्राकृतिक स्थलों से
(घ) केवल ऐतिहासिक स्थलों से
उत्तर:
(ख) धार्मिक और आध्यात्मिक भावनाओं से
प्रश्न 2.
कुंभ मेला किस घटना से जुड़ा हुआ है?
(क) अमृत मंथन
(ख) समुद्र मंथन
(ग) गंगा का उद्गम
(घ) बौद्ध धर्म की स्थापना
उत्तर:
(क) अमृत मंथन
प्रश्न 3.
भारत में पावन स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्री किस प्रकार के अनुभव प्राप्त करते हैं?
(क) केवल भौतिक अनुभव
(ख) केवल आध्यात्मिक अनुभव
(ग) भौतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव
(घ) केवल सांस्कृतिक अनुभव
उत्तर:
(ग) भौतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव
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कथन आधारित प्रश्न
प्रश्न 4.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें:
कथन I : पावनता केवल धार्मिक स्थलों से जुड़ी होती है।
कथन II : भारत में सभी धर्मों के अपने-अपने पावन स्थल हैं।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दानों I और II सही हैं।
उत्तर:
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
प्रश्न 5.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें:
कथन I : तीर्थयात्रा केवल धार्मिक उद्देश्यों के लिए होती है।
कथन II : तीर्थयात्रा के दौरान लोग विभिन्न संस्कृतियों और विचारों का आदान-प्रदान करते हैं।
विकल्प:
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
प्रश्न 6.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें:
कथन I : पावन स्थलों की यात्रा केवल एक बार की जाती है।
कथन II : भारत में पावन स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्री अक्सर विभिन्न स्थानों पर जाते हैं।
विकल्प:
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
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प्रश्न 7.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें:
कथन I : पावनता का संबंध केवल धार्मिक विश्वासों से है।
कथन II : प्राकृतिक तत्वों को भी पावन माना जाता है, जैसे नदियाँ और पहाड़।
विकल्प:
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
अभिकथन-कारण प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों में, अभिकथन (A) के बाद कारण
(R) दिया गया है। सही विकल्प का चयन इस रूप में करें-
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
(ख) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परंतु कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) अभिकथन (A) सही है परंतु कारण (R) गलत है।
(घ) अभिकथन (A) गलत है परंतु कारण (R) सही है।
प्रश्न 1.
(A) : पावनता केवल धार्मिक स्थलों से संबंधित होती है।
(R) : पावनता का तात्पर्य उन सभी स्थानों से है जहाँ श्रद्धा और सम्मान का भाव होता है।
उत्तर:
(घ) अभिकथन (A) गलत है परंतु कारण (R) सही है।
प्रश्न 2.
(A) : भारत में सभी धर्मों के पावन स्थल हैं।
(R) : विभिन्न धर्मों के अनुयायी इन स्थलों पर श्रद्धा के साथ यात्रा करते हैं।
उत्तर:
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
प्रश्न 3.
(A) : तीर्थयात्रा केवल भौतिक यात्रा होती है।
(R) : तीर्थयात्रा में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी शामिल होते हैं।
उत्तर:
(घ) अभिकथन (A) गलत है परंतु कारण (R) सही है।
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प्रश्न 4.
(A) : पावन स्थलों का चयन केवल धार्मिक मान्यता पर आधारित होता है।
(R) : पावन स्थलों का चयन प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक महत्व पर भी निर्भर करता है।
उत्तर:
(ख) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परंतु कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
प्रश्न 5.
(A) : कुंभ मेला केवल एक धार्मिक उत्सव है।
(R) : कुंभ मेला एक सांस्कृतिक और सामाजिक समागम भी है।
उत्तर:
(घ) अभिकथन (A) गलत है परंतु कारण (R) सही है।
रिक्त स्थान भरिए
1. पावनता का तात्पर्य उन समस्त धार्मिक एवं आध्यात्मिक भावों से है, जो ________ और ________ हो।
उत्तर: पावन, दिव्य
2. भारत में बौद्ध धर्म के पावन स्थलों में ________ और ________ शामिल हैं।
उत्तर: साँची, बोधगया
3. सिख धर्म में पावन स्थलों को ________ कहा जाता है।
उत्तर: तख्त
4. तीर्थयात्रा का एक मुख्य उद्देश्य ______ और _______ का अनुभव करना है।
उत्तर: आध्यात्मिकता, धार्मिकता
5. कुंभ मेला चार स्थानों पर आयोजित होता है : ________, _______, ________ और ________ ।
उत्तर: हरिद्वार, प्रयागराज, नासिक, उज्जैन।
सत्य/असत्य संबंधी प्रश्न
1. पावनता का तात्पर्य केवल धार्मिक भावनाओं से है।
उत्तर: असत्य।
2. भारत में सभी धर्मों के अपने-अपने पावन स्थल हैं।
उत्तर: सत्य
3. बोधगया का महाबोधि स्तूप बौद्ध धर्म का पावन स्थल है।
उत्तर: सत्य
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4. तीर्थ यात्राएँ केवल शारीरिक यात्रा होती हैं।
उत्तर: असत्य।
5. कुंभ मेला केवल एक धार्मिक उत्सव है।
उत्तर: असत्य।