Students prefer Class 5 Hindi Extra Question Answer Veena Chapter 2 न्याय की कुर्सी Nyay Ki Kursi Extra Questions and Answers that are written in simple and clear language.
Class 5 Hindi Nyay Ki Kursi Extra Question Answer
Class 5 Hindi Chapter 2 Extra Question Answer Nyay Ki Kursi
NCERT Class 5 Hindi Chapter 2 Extra Questions न्याय की कुर्सी
न्याय की कुर्सी Class 5 MCQ
प्रश्न 1.
लड़के को टीले के नीचे क्या मिला था ?
(क) एक खजाना
(ख) एक तलवार
(ग) पत्थर की शिला
(घ) एक मूर्ति
उत्तर:
(ग) पत्थर की शिला
प्रश्न 2.
लड़के के न्याय करने के तरीके से लोग क्या सोचने लगे?
(क) वह राजा बनना चाहता है
(ख) उसमें कोई दैवी शक्ति है
(ग) वह झूठा है
(घ) वह राजा का विरोधी है
उत्तर:
(ख) उसमें कोई दैवी शक्ति है
प्रश्न 3.
“वह कोई ऐसा-वैसा सिंहासन नहीं था – सदियों पुराना, राजा विक्रमादित्य का सिंहासन था ।” यह कथन किसने कहा?
(क) सिपाहियों ने
(ख) राजदरबारी ने
(ग) विद्वान पंडितों ने
(घ) ये सभी
उत्तर:
(ग) विद्वान पंडितों ने
प्रश्न 4.
मूर्ति ने राजा से पहला प्रश्न क्या पूछा?
(क) क्या तुमने कभी झूठ नहीं बोला है ?
(ख) क्या तुमने कभी चोरी नहीं की है ?
(ग) क्या तुमने कभी किसी को चोट नहीं पहुँचाई है?
(घ) क्या तुम इस सिंहासन पर बैठने योग्य हो ?
उत्तर:
(ख) क्या तुमने कभी चोरी नहीं की है ?
प्रश्न 5.
किस मूर्ति ने कहा “ ठहरो! तुम विश्वास के साथ कह सकते हो कि तुमने कभी झूठ नहीं बोला?”
(क) पहली मूर्ति ने
(ख) दूसरी मूर्ति ने
(ग) तीसरी मूर्ति ने
(घ) चौथी मूर्ति ने
उत्तर:
(ख) दूसरी मूर्ति ने
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रिक्त स्थान भरें
नीचे दिए गए वाक्यों में रिक्त स्थान की पूर्ति उचित शब्द से कीजिए।
क्रोधित, राजा, देवदूतों, दैवी, राजा विक्रमादित्य
प्रश्न 1.
शिला पर बैठने वाला लड़का _____ बन गया था।
उत्तर:
राजा
प्रश्न 2.
न्याय करने वाले लड़के की चर्चा सुनकर लोग उसे _____ शक्ति वाला मानने लगे।
उत्तर:
दैवी
प्रश्न 3.
जब राजा को इस बात का पता चला, तो वह _____ हो गया।
उत्तर:
क्रोधित
प्रश्न 4.
सिंहासन के चारों पायों पर _____ की मूर्तियाँ बनी थीं।
उत्तर:
देवदूतों
प्रश्न 5.
विद्वानों ने बताया कि यह सिंहासन _____ का था।
उत्तर:
राजा विक्रमादित्य
गद्यांश पर आधारित प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।
गद्यांश
उस दिन के बाद तो नगर के सभी लोग अपनी फरियाद लेकर यहीं आने लगे। राजा के दरबार में कोई न जाता और ऐसा कभी नहीं हुआ कि लड़के के फैसले से उन्हें संतोष न हुआ हो । धीरे-धीरे यह बात राजा के कानों तक पहुँची, उसको बहुत क्रोध आया। उसने गरजकर कहा, “उस छोकरे की यह मजाल कि अपने को मुझसे अच्छा न्यायकर्ता समझे? मैं इन किस्सों में विश्वास नहीं करता। मैं खुद जाकर देखूँगा ।”
राजा का इशारा पाते ही उस स्थान को खोदकर पत्थर को बाहर निकाला गया। राजा ने देखा कि वह पत्थर नहीं, बहुत ही सुंदर सिंहासन था। उस पर बहुत बारीक और खूबसूरत मूर्तियाँ खुदी हुई थीं। उसके चारों पायों पर चार देवदूतों की मूर्तियाँ बनी हुई थीं। चारों ओर खबर फैल गई। बात – ही- बात में वहाँ अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई। विद्वान पंडितों ने बताया कि वह कोई ऐसा-वैसा सिंहासन नहीं था सदियों पुराना, राजा विक्रमादित्य का सिंहासन था। राजा विक्रमादित्य अपने न्याय और विवेक के लिए बहुत प्रसिद्ध थे।
प्रश्न 1.
राजा ने उस स्थान पर क्या पाया, जहाँ लड़का बैठा करता था?
(क) पत्थर
(ख) सिंहासन
(ग) मूर्तियाँ
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ख) सिंहासन
प्रश्न 2.
राजा विक्रमादित्य क्यों प्रसिद्ध थे?
(क) न्याय के लिए
(ख) विवेक के लिए
(ग) ‘क’ और ‘ख’ दोनों
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ग) ‘क’ और ‘ख’ दोनों
प्रश्न 3.
नगर के लोग राजा के दरबार की बजाय कहाँ जाने लगे थे?
उत्तर:
नगर के लोग राजा के दरबार की बजाय अपनी फरियाद लेकर उस लड़के के पास जाने लगे थे, शिला पर बैठकर न्याय करता था ।
प्रश्न 4.
जब लड़के द्वारा न्याय की बात राजा के कानों तक पहुँची, तो उसकी क्या प्रतिक्रिया थी?
उत्तर:
जब लड़के द्वारा न्याय की बात राजा के कानों तक पहुँची, तो उसे बहुत क्रोध आया और उसने स्वयं जाकर उस स्थान की जाँच करने का निर्णय लिया।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
प्रश्न 1.
लड़कों ने टीले पर क्या खोजा और उस पर क्या खेल खेला?
उत्तर:
लड़कों ने टीले पर एक बड़ी चिकनी शिला (पत्थर) खोजी। लड़का उसे सिंहासन मानकर राजा बना और बाकी लड़कों को दरबारी बना दिया। वे फ़रियादें लेकर आते और राजा बना लड़का न्याय करता । यह खेल सबको बहुत पसंद आया।
प्रश्न 2.
प्रस्तुत पाठ में जमीन को लेकर विवाद किनके मध्य हुआ था?
उत्तर:
प्रस्तुत पाठ में जमीन को लेकर विवाद दो किसानों के मध्य हुआ था।
प्रश्न 3.
राजा को गुस्सा क्यों आया और उसने क्या किया?
उत्तर:
राजा को यह जानकर गुस्सा आया कि लोग उसकी जगह लड़के के पास न्याय के लिए जा रहे हैं। उसने स्वयं जाकर उस स्थान पर ‘खुदाई करवाई और शिला को बाहर निकलवाया।
प्रश्न 4.
सिंहासन पर कितनी मूर्तियाँ खुदी हुई थीं?
उत्तर:
सिंहासन के चारों पाँयों पर चार देवदूतों की मूर्तियाँ खुदी हुई थीं।
प्रश्न 5.
राजा सिंहासन पर क्यों नहीं बैठ सका?
उत्तर:
राजा सिंहासन पर इसलिए नहीं बैठ सका, क्योंकि राजा हर बार मूर्तियों के सवालों की कसौटी पर खरा नहीं उतर सका। उसके पाप और अभिमान के कारण एक-एक करके मूर्तियाँ उड़ गईं।
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व्याकरण संबंधी प्रश्न
प्रश्न 1.
दिए गए वाक्यों में से क्रिया शब्दों को पहचानकर लिखिए
- पुस्तक मेज़ पर पड़ी है।
- मोहन खाना खाता है।
- राम स्कूल जाता है।
- गीता गाती है।
- बच्चा खेलता है।
- श्याम हँसता है।
- दीप्ति खाना बनाती है।
उत्तर:
- पड़ी
- खाता
- जाता
- गाती
- खेलता
- हँसता
- बनाती।
प्रश्न 2.
दिए गए मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य बनाए
- अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना
- अक्ल का दुश्मन
- आग से खेलना
- उल्लू बनाना
- एक पंथ दो काज
उत्तर:
- अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना स्वयं अपनी प्रशंसा करना
वाक्य – अच्छे लोगों को अपने मुहँ मियाँ मिट्ठू बनना शोभा नहीं देता। - अक्ल का दुश्मन – मूर्ख
वाक्य – पवन अपने पिता की बात का सही से जवाब नहीं देता है, लगता है कि आजकल वह अक्ल का दुश्मन हो गया है। - आग से खेलना – खतरनाक काम करना
वाक्य – मजदूर अपने घर का खर्चा चलाने के लिए रोज़ आग से खेलते हैं। - उल्लू बनाना बेवकूफ़ बनाना
वाक्य – कल एक साधु मोना को उल्लू बनाकर उससे रुपये ले गया। - एक पंथ दो काज एक साधन से दो काम करना ।
वाक्य – राजू अपने दोस्त से मिलने गया और उससे किताब भी ले ली। यह एक पंथ दो काज हो गया।
लेखन संबंधी प्रश्न
प्रश्न 1.
‘किसान’ पर अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर:
किसान हमारे देश के बहुत मेहनती लोग होते हैं। वे खेतों में काम करते हैं और हमारे लिए अनाज, फल और सब्जियाँ उगाते हैं। किसान सुबह – सुबह उठकर खेतों में जाते हैं। वे हल चलाते हैं, बीज बोते हैं और फसल की देखभाल करते हैं। गर्मी हो या सर्दी, किसान हर मौसम में मेहनत करते हैं। उनकी वजह से ही हमें खाना मिलता है। किसान बहुत सादा जीवन जीते हैं। हमें किसानों का सम्मान करना चाहिए और उनका धन्यवाद करना चाहिए।