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उपपद विभक्ति संस्कृत Class 9 – Upapad Vibhakti in Sanskrit Class 9
Karak Uppad Vibhakti Class 9 – कारक उपपद विभक्ति संस्कृत Class 9
Sanskrit Uppad Vibhakti Class 9 – उपपद विभक्ति संस्कृत Class 9
क्रिया के प्रश्नोग में जिन-जिन पदों या शब्दों का उपयोग होता है, उन्हें कारक कहते हैं। ‘क्रियाऽन्वयित्वं कारकत्वम्।’ जिस कर्ता का सीधा संबंध क्रिया से होता है, वे कारक कहलाते हैं। राम जाता है, रामः गच्छति । यहाँ ‘रामः’ कर्ता का सीधा संबंध क्रिया गच्छति से है। अतः ‘रामः’ पद कारक हुआ।
कारक के प्रश्नार कारक छ: होते हैं—
कर्ता कर्म च करणं च सम्प्रश्नानं तथैव च ।
अपादानाधिकरणे इत्याहुः कारकाणि षट्।।
इनके अतिरिक्त संबंध की स्थिति में षष्ठी विभक्ति लगती है तथा संबोधन के लिए प्रश्नमा विभक्ति का ही प्रश्नोग किया जाता है । संस्कृत में संबंध व संबोधन को कारकों में नहीं गिना जाता है।

ध्यातव्याः बिन्दवः
- तीन लिंग – पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
- तीन वचन – एकवचन, द्विवचन बहुवचन
- तीन पुरुष – प्रश्नमपुरुष, मध्यमपुरुष, उत्तमपुरुष
कर्ता कारक प्रश्नमपुरुष में – क्रिया
बालकः / लता/सः / तत् / सा / भवान् – गच्छति/पठति/लिखति
बालकौ/लते/तो/ते/ते/भवन्तौ – गच्छतः/पठतः/लिखतः
बालकाः/लता:/ते/तानि/ताः /भवन्तः – गच्छन्ति पठन्ति/लिखन्ति
कर्ता कारक मध्यमपुरुष में – क्रिया
त्वम् – गच्छसि / पठसि / लिखसि
युवाम् – गच्छथः/पठथः/लिखथः
यूयम् – गच्छथ/पठथ/लिखथ
कर्ता कारक उत्तमपुरुष में – क्रिया
अहम् – गच्छामि / पठामि / लिखामि
आवाम् – गच्छावः/पठावः/लिखावः
वयम् – गच्छामः/पठामः/लिखामः
विशेष अस्मद् (अहम्, आवाम्, वयम्) उत्तम पुरुष । युष्मद् (त्वम्, युवाम्, यूयम्) मध्यम पुरुष । इन दोनों के अतिरिक्त संपूर्ण पद या शब्द प्रश्नम पुरुष में प्रश्नुक्त होते हैं।
कर्म कारक – द्वितीयाविभक्तिः उपपद विभक्ति:
सूत्र – कर्तुरीप्सिततं कर्म । कर्मणि द्वितीया अकथितञ्च ।
कर्म कारक, द्वितीया विभक्ति – कर्म कारक का चिह्न ‘को’ है अर्थात् जिस शब्द के बाद ‘को’ लगा रहता है, उसमें कर्म कारक होता है, परंतु कहीं-कहीं ‘को’ चिह्न छिपा रहता है।
‘कर्म कारक’ जानने का सबसे आसान तरीका यह है कि क्रिया से पूर्व क्या अथवा किसको लगाने से जो उत्तर आता है, वह कर्म कारक
कहलाता है। परन्तु कभी – कभी ‘को’ का प्रश्नोग नहीं होता है।
जैसे –
- वह सूर्य को देखता है। सः सूर्यं पश्यति ।
- मैं गाँव को जाता हूँ। अहं ग्रामं गच्छामि ।
- वे पुस्तक पढ़ते हैं। ते पुस्तकं पठन्ति ।
- श्याम विद्यालय को गया । श्यामः विद्यालयम् अगच्छत्।
- तुम कल प्रश्नाग जाओगे । त्वं श्वः प्रश्नागं गमिष्यसि ।
- तुम सब नाटक देखते हो। यूयं नाटकं पश्यथ ।
- हम दोनों पत्र लिखते हैं। आवां पत्रं लिखावः ।
- वे दोनों कल दिल्ली गए । तौ ह्यः दिल्लीम् अगच्छताम्।
- तुम दोनों पाठ पढ़ो। युवां पाठं अपठतम्।
- हम ईश्वर को भजते हैं। वयं ईश्वरं भजामः ।
कुछ शब्दों के योग में द्वितीया विभक्ति प्रश्नुक्त होती है, वे उपपद विभक्ति निम्नलिखित हैं
उभयतः – राजमार्गम् उभयतः वृक्षाः सन्ति । (राजमार्ग)
अभितः – प्रश्नागम् अभितः नद्यौ स्तः । (प्रश्नाग)
परितः – मन्दिरं परितः भक्ताः सन्ति । (मंदिर)
समया – ग्रामं समया जलाशयं वर्तते । (ग्राम)
निकषा – लङ्कां निकषा समुद्रम् अस्ति। (लंका)
प्रश्नि – दीनान् प्रश्नि दयां कुरू । (दीन)
धिक् – धिक् कृपणम्। (कृपण)
विना – मातरं विना शिशुः सुखी न भवति । (मातृ)
ध्यान रखने योग्य बातें
- जिस पद या पदार्थ पर क्रिया का फल पड़ता है, उसे कर्म कारक कहते हैं।
- धातु से पूर्व यदि उप, अनु, अधि उपसर्ग हों, तो वहाँ (कर्म में) द्वितीया विभक्ति होती है।
- जो पद कर्म की सूचना देते हैं, उनमें द्वितीया विभक्ति होती है।
- विना के योग में द्वितीया, तृतीया या पंचमी विभक्ति होती है।
- क्त्वा, ल्यप्, तुमुन्, शतृ आदि प्रश्न्ययों पूर्व भी शब्दों में द्वितीया विभक्ति होती है।
करणकारक-तृतीयाविभक्ति: उपपद विभक्ति:
सूत्र साधकतमं करणम् । कर्तृ करणयोस्तृतीया ।
करण कारक, तृतीया विभक्ति – करण कारक का चिह्न ‘से’, ‘के द्वारा ‘ होता है। जिसकी सहायता से कर्ता अपना कार्य पूर्ण करता है, उसमें करण कारक होता है।
जैसे –
- वह नेत्रों से देखता है। सः नेत्राभ्यां पश्यति ।
- हम सब गेंद से खेलते हैं। वयं कन्दुकेन क्रीडामः ।
- विद्या से कीर्ति प्रश्नप्त होती है। विद्यया कीर्तिं प्रश्नप्यते ।
- साधु हाथों से जल पीते हैं। साधवः हस्ताभ्यां जलं पिबन्ति।
- वह लेखनी से लिखता है। सः लेखन्या लिखति ।
- यात्री बस से यात्रा करते हैं। यात्रिणः लोकयानेन यात्रां कुर्वन्ति ।
- मेरे पिता कार से ऑफिस जाते हैं। मम पिता कारयानेन कार्यालयं गच्छति ।
- मैं कलम से पत्र लिखता हूँ। अहं कलमेन पत्रं लिखामि ।
- राम ने रावण को बाण से मारा। रामः रावणं बाणेन हतवान्।
- किसान हल से खेत जोतता है। कृषकः हलेन क्षेत्रं कर्षति ।
कुछ शब्दों के योग में तृतीया विभक्ति प्रश्नुक्त होती है, वे उपपद विभक्ति निम्नलिखित हैं
काण: – रमेशः नेत्रेण काणः अस्ति । (नेत्र)
खञ्जः – मोहनः पादेन खञ्जः अस्ति । (पाद)
बधिरः – सुरेशः कर्णाभ्याम् बधिरः अस्ति । (कर्ण)
हीन: – ज्ञानेन हीनः जनः सम्मानं न लभते । (ज्ञान)
सह – पुत्रः पित्रा सह गच्छति। (पितृ)
साकम् – त्वं मित्रेण साकम् पठसि । (मित्र)
समं – अहं भ्रात्रा समं खादामि । (भ्रातृ)
सार्धम् – सः मोहनेन सार्धं वार्तालापं करोति । (मोहन)
विना – यानेन विना यात्रा न भवति । (यान)
अलं – अलं विवादेन । (विवाद)
सदृश: – पित्रा सदृशः अयं बालकः सुन्दरः अस्ति। (पितृ)
सदृशीः – मात्रा सदृशी इयं कन्या गुणवती अस्ति। (मातृ)
ध्यान रखने योग्य बातें
- हेतु (कारण) के योग में तृतीया विभक्ति होती है।
- जिस अंग में विकार होता है, उस अंग के वाचक शब्द में तृतीया विभक्ति होती है।
- जिससे कोई कार्य किया जाता है, उसमें तृतीया विभक्ति होती है।
- स्वभाव, प्रश्नृति आदि में भी तृतीया विभक्ति होती है।
सम्प्रश्नानकारक: चतुर्थीविभक्तिः उपपद विभक्ति:
सूत्र कर्मणा यमभिप्रश्नति स सम्प्रश्नानम् । चतुर्थी सम्प्रश्नाने ।
संप्रश्नान कारक, चतुर्थी विभक्ति – संप्रश्नान कारक का चिह्न ‘के लिए’ होता है । जहाँ दान क्रिया के कर्म के साथ कर्ता जिससे सम्बद्ध उद्दिष्ट या युक्त रहता है अथवा जिसे वस्तु प्रश्नान की जाती है, उसमें चतुर्थी विभक्ति होती है;
जैसे –
- राजा ब्राह्मण को गाय देता है । राजा विप्रश्नय धेनुं ददाति।
- प्रश्नानाचार्य छात्र को पुरस्कार देते हैं। प्रश्नानाचार्य: छात्राय पुरस्कारं यच्छति।
- माता पुत्र को दूध देती है। मात्रा पुत्राय दुग्धं यच्छति।
- यज्ञ के लिए लकड़ी लाओ । यज्ञाय काष्ठम् आनय ।
- फल भोजन के लिए हैं। फलानि भोजनाय सन्ति ।
- भक्त के लिए ये फल हैं। भक्ताय एतानि फलानि सन्ति ।
- शिव ने अर्जुन के लिए अस्त्र दिया। शिव: अर्जुनाय अस्त्रम् अयच्छत्।
- रमेश, सुरेश के लिए पुस्तक देता है । रमेश: सुरेशाय पुस्तकं ददाति ।
- विद्या ज्ञान के लिए होती है। विद्या ज्ञानाय भवति ।
- बल रक्षा के लिए होता है। बलं रक्षाय भवति ।
कुछ शब्दों के योग में चतुर्थी विभक्ति प्रश्नुक्त होती है, वे उपपद विभक्ति निम्नलिखित हैं।
रुच् – विप्रश्नय मधुरं रोचते । (विप्रश्नय)
दा – (यच्छ्) बालकाय मोदकं यच्छति। (बालक)
कुप् – सेवकाय कुप्यति । (सेवक)
क्रुध् – श्रीरामः रावणाय क्रुध्यति । (रावण)
नमः – श्रीगुरवे नमः । (गुरु)
स्वाहा – देवाय स्वाहा। (देव)
स्वधा – पितृभ्यः स्वधा। (पितृ)
अलम् – एषा भिक्षा याचकाय अलम्। (याचक)
स्वस्ति – गणेशाय स्वस्ति । (गणेश)
ध्यान रखने योग्य बातें
- जब कोई वस्तु हमेशा के लिए दी जाती है और देने वाले का उस पर से अधिकार समाप्त हो जाता है, तब प्रश्नप्तकर्ता में चतुर्थी विभक्ति का प्रश्नोग होता है।
- जिस व्यक्ति के लिए कोई कार्य किया जाता है, उसमें चतुर्थी विभक्ति होती है।
अपादानकारकः पञ्चमीविभक्तिः- उपपद विभक्तिः सूत्र ध्रुवमपायेऽपादानम् । अपादाने पञ्चमी।
अपादान कारक, पंचमी विभक्ति – अपादान कारक का चिह्न ‘से’ (अलग होना) होता है। जब कोई व्यक्ति या वस्तु किसी से अलग (विश्लेष) होती है, तब जिससे अलग होती है, उसमें पंचमी विभक्ति का प्रश्नोग होता है; जैसे-
- पेड़ से पत्ते गिरते हैं। वृक्षात् पत्राणि पतन्ति ।
- घोड़े से राजकुमार गिरा। अश्वात् राजकुमारः अपतत्।
- उसके हाथ से पुस्तक गिरी । तस्य हस्तात् पुस्तकम् अपतत्।
- गंगा हिमालय से निकलती है। गङ्गा हिमालयात् निर्गच्छति।
- चूहा बिल से निकलता है। मूषकः बिलात् निर्गच्छति ।
- मोहन घर से आता है। मोहनः गृहात् आगच्छति।
- राजा महल से उतरता है। नरेशः प्रश्नसादात् अवतरति ।
- कुए से शुद्ध जल लाओ । कूपात् शुद्धं जलम् आनय ।
- भक्त घर से मंदिर जाता है । भक्तः गृहात् मन्दिरं गच्छति ।
- मैं अध्यापक से संस्कृत पढ़ता हूँ। अहं अध्यापकात् संस्कृतं पठामि ।
कुछ शब्दों के योग में पंचमी विभक्ति प्रश्नुक्त होती हैं, वे उपपद विभक्ति निम्नलिखित हैं
विना – रामः लक्ष्मणात् विना अयोध्यां गन्तुं नेच्छति स्म। (लक्ष्मण)
ऋते – ज्ञानात् ऋते मुक्तिः नास्ति। (ज्ञान)
बहिः – विद्यालयात् बहिः राजमार्गम् अस्ति। (विद्यालय)
परः – चैत्रमासात् परः वैशाखमासः भवति । (बैसाखमास)
पूर्व: – वैशाखमासात् पूर्वः चैत्रमासः अस्ति । (चैत्रमास)
अनन्तरम् – बालकः अध्ययनात् अनन्तरं क्रीडति । (अध्ययन)
आरभ्य – आषाढमासात् आरभ्य भाद्रपदमासपर्यन्तं वर्षा भवति। (आषाढमास)
भी – (बिभेति) मूषक: बिडालात् बिभेति । (बिडाल)
रक्ष – (रक्षति/निवारयति) गुरुः शिष्यं कुमार्गात् रक्षति । (कृमार्ग)
प्रश्नद् – स्वाध्यायात् न प्रश्नदितव्यम् । (स्वाध्याय)
तरप् – दुर्योधनात् बलवत्तरः भीमः । (दुर्योधन)
ध्यान रखने योग्य बातें
- प्रश्न्यक्ष या अप्रश्न्यक्ष रूप से जिससे कोई वस्तु अलग हो रही है। उसमें अपादान कारक, पंचमी विभक्ति का प्रश्नोग होता है।
- कुछ हटाया जाता है, या जिससे रक्षा की जाती है, उसमें पंचमी विभक्ति होती है।
- कुछ अध्ययन किया जाता है, उसके वाचक शब्दों में पंचमी विभक्ति होती है।
- कुछ उत्पन्न होता है, उसमें पंचमी विभक्ति होती है।
- जब दो वस्तुओं की तुलना की जाती है, तो वहाँ पंचमी विभक्ति होती है।
सम्बन्धकारक: षष्ठीविभक्तिः – उपपद विभक्तिः सूत्र षष्ठी शेषे
संबंध कारक, षष्ठी विभक्ति – संबंध कारक का चिह्न का, की, के, रा, री, रे होता है। जब दो – या – दो से अधिक संज्ञा या सर्वनाम शब्दों में कोई संबंध दिखाया जाता है, तब जिसका संबंध होता है, उसमें षष्ठी विभक्ति का प्रश्नोग होता है;
जैसे –
- कृष्ण वसुदेव के पुत्र थे। कृष्णः वसुदेवस्य पुत्रः आसीत्।
- गाय का दूध मीठा होता है। धेनोः दुग्धं मधुरं भवति ।
- राम का भाई लक्ष्मण है। रामस्य भ्राता लक्ष्मणः अस्ति ।
- अर्जुन का पुत्र अभिमन्यु था। अर्जुनस्य पुत्रः अभिमन्युः आसीत्।
- तुम्हारा क्या नाम है ? तव किम् नाम अस्ति?
- अपनी चिंता करनी चाहिए । स्वस्य चिन्तां कुर्यात् ।
- गंगा का जल गुणदायक है । गङ्गायाः जलं गुणदायकम् अस्ति।
- कुएँ का जल स्वादिष्ट होता है। कूपस्य जलं स्वादिष्टं भवति ।
- मेरा घर उत्तर प्रश्नेश में है । मम गृहम् उत्तरप्रश्नेशे अस्ति ।
- हमारा देश भारत है । अस्माकं देश: भारतम् अस्ति।
कुछ शब्दों के योग में षष्ठी विभक्ति प्रश्नुक्त होती है। वे उपपद विभक्ति निम्नलिखित हैं
उपरि – वृक्षस्य उपरि खगाः तिष्ठन्ति । (वृक्ष)
अधः – मञ्चस्य अधः कूपः अस्ति । (मंच)
पुरतः – गृहस्य पुरतः कूपः अस्ति । (गृह)
पृष्ठतः – मन्दिरस्य पृष्ठत: उद्यानम् अस्ति । (मंदिर)
तुल्यः – हरिश्चन्द्रस्य तुल्यः गान्धी आसीत् । (हरिश्चंद्र)
सदृश: – अर्जुनस्य सदृशः कोऽपि नासीत् । (अर्जुन)
अन्तः – महलस्य अन्तः प्रश्नोष्ठाः सन्ति । (महल)
अग्रतः – मम अग्रतः मन्दिरम् अस्ति। (मम)
अधः – वृक्षस्य अधः बालकाः सन्ति । (वृक्ष)
निर्धारणे – कालस्य निर्धारणे अहं नैष्ठिकः अस्मि । (काल)
षष्ठी विभक्ति
सूत्र यतश्च निर्धारणम्
जब बहुत में से किसी एक की जाति, गुण, क्रिया के द्वारा विशेषता प्रश्नट की जाती है, तब विशेषण शब्दों के साथ इष्ठन् अथवा तमप् प्रश्न्यय का प्रश्नोग किया जाता है और जिससे विशेषता प्रश्नट की जाती है, उसमें षष्ठी अथवा सप्तमी विभक्ति का प्रश्नोग होता है; जैसे-
1. कवियों में कालिदास श्रेष्ठ है।
कवीनां / कविषु कालिदासः श्रेष्ठः अस्ति । (कवि)
2. छात्रों में सुरेश सबसे पटु (कुशल) है।
छात्राणां / छात्रेषु सुरेशः पटुतमः अस्ति । (छात्र)
ध्यान रखने योग्य बातें
- जब दो या दो से अधिक संज्ञा या सर्वनाम शब्दों में कोई संबंध बताया जाता है, तब जिसका संबंध होता है, उसमें षष्ठी विभक्ति होती है।
- बराबर या समान अर्थ रखने पर अथवा तुलना करने पर षष्ठी या तृतीया विभक्ति होती है।
- इसमें उपपद विभक्ति के शब्द उपरि, अधः, पुरतः, पृष्ठतः विशेष उपयोगी है।
अधिकरणकारक: सप्तमीविभक्तिः – उपपद विभक्तिः
सूत्र आधारोऽधिकरणम्। सप्तम्यधिकरणे च ।
जिस वस्तु स्थान में आधार या कोई कार्य होता है उसमें अधिकरण कारक होता है; अधिकरण कारक में सप्तमी विभक्ति होती है।
जैसे –
- मैं प्रश्नाग में निवास करता हूँ। अहं प्रश्नागे निवसामि ।
- राम आयोध्या में रहते थे। श्री रामः आयोध्यां वसति स्म ।
- रात में अन्धकार फैलता है। रात्रौ अन्धकारः प्रश्नरति ।
- बगीचे में फूल खिलते हैं। उद्याने पुष्पाणि विकसन्ति।
- तालाबों में कमल खिलते हैं। जलाशयेषु कमलानि विकसन्ति ।
- पेड़ पर पक्षी कूजते हैं। वृक्षे खगाः कूजन्ति ।
- आपने पत्र में क्या लिखा । भवान् पत्रे किम् अलिखत् ?
- विद्यालय में छात्र पढ़ते हैं। विद्यालये छात्राः पठन्ति ।
- नदी में मछलियाँ तैरती हैं। नद्यां मीनाः तरन्ति ।
- वृक्ष पर बंदर हैं। वृक्षे वानराः सन्ति ।
कुछ शब्दों के योग में सप्तमी विभक्ति प्रश्नुक्त होती है, वे उपपद विभक्ति निम्नलिखित हैं
स्निह् – शकुन्तलायां दुष्यन्तस्य स्नेहः अस्ति । (शकुन्तला)
आसक्तिः – पुत्रे पितुः आसक्तिः दृश्यते । (पुत्र:)
स्निह् – भरतः रामे स्निह्यति । (राम:)
निपुणः – अहं कन्दुकक्रीडने निपुणः अस्मि । (कन्दुकक्रीडन)
कुशलः – भीम: भोजनपाचने कुशलः अस्ति। (भोजनपाचन)
विश्वसः – सः ईश्वरे विश्वसिति । – (ईश्वर)
श्रेष्ठः – कविषु कालिदासः श्रेष्ठः । (कवि)
प्रश्नीणः – मम मित्रं श्लोकगायने प्रश्नीणः । (श्लोकगायन)
विश्वस् – पिता पुत्रे विश्वसिति । – (पुत्र)
पटु कृष्णः कक्षायां पटुतमः अस्ति । – (कक्षायां)
ध्यान रखने योग्य बातें
- जिस पर स्नेह किया जाता है, उसमें सप्तमी विभक्ति होती है। जिस पर भक्ति की जाती है, उसमें सप्तमी विभक्ति होती है।
- जिस पर आसक्ति, स्नेह, अभिलाषा अनादर किया जाता है, वहाँ सप्तमी विभक्ति होती है।
- जहाँ निपुणता, कुशलता, प्रश्नीणता, श्रेष्ठता आदि बताई जाए, उसमें सप्तमी विभक्ति होती है।
अभ्यासप्रश्न्नाः
नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित प्रश्न्न
अधोलिखितवाक्येषु विकल्पेभ्यः उचित विभक्तिरूपेण वाक्यपूर्तिं कृत्वा पुनः लिखत । (निम्नलिखित वाक्यों में विकल्पों के उचित विभक्ति रूप से वाक्यों की पूर्ति करके पुनः लिखिए |)
प्रश्न 1.
अलं तव …….|
(क) विवादम्
(ख) विवादे
(ग) विवादस्य
(घ) विवादेन
उत्तर:
(घ) विवादेन
प्रश्न 2
……….. विना धर्मः न भवति ।
(क) धनेन
(ख) धनाय
(ग) धने
(घ) धनेभ्यः
उत्तर:
(क) धनेन
प्रश्न 3.
सः ……… काणः अस्ति ।
(क) नेत्रम्
(ख) नेत्रेण
(ग) नेत्राय
(घ) नेत्रस्य
उत्तर:
(ख) नेत्रेण
प्रश्न 4.
हंसः …….. खञ्जः अस्ति ।
(क) पादम्
(ख) पादात्
(ग) पादेन
(घ) पादाय
उत्तर:
(ग) पादेन
प्रश्न 5.
मनोज: ……. बधिरः अस्ति।
(क) कर्णाभ्याम्
(ख) कर्ण:
(ग) कर्णम्
(घ) कर्णात्
उत्तर:
(क) कर्णाभ्याम्
प्रश्न 6.
…………. हीनः वस्त्रम् न प्रश्नप्नोति ।
(क) धने
(ख) धनेन
(ग) धनाय
(घ) धनेषु
उत्तर:
(ख) धनेन
प्रश्न 7
……….. विना श्रद्धां कुरू। (मातृ)
(क) मात्रा
(ख) मातरम्
(ग) माता
(घ) मतरि
उत्तर:
(ख) मातरम्
प्रश्न 8.
पुत्रः ………. साकम् गच्छति।
(क) मातृ
(ख) मात्रे
(ग) मातरं
(घ) मात्रा
उत्तर:
(घ) मात्रा
प्रश्न 9.
अहं ……… समं खादामि।
(क) मित्रेण
(ख) मित्रम्
(ग) मित्राणि
(घ) मित्रे
उत्तर:
(क) मित्रेण
प्रश्न 10.
केशवः पादेन …….. अस्ति ।
(क) बधिरः
(ख) काण:
(ग) खञ्ज:
(घ) खल्वाट:
उत्तर:
(ग) खञ्ज:
प्रश्न 11.
वयं …….. अलम्।
(क) शत्रु:
(ख) शत्रवः
(ग) शत्रुभ्यः
(घ) शत्रोः
उत्तर:
(ग) शत्रुभ्यः
प्रश्न 12.
……. नमः ।
(क) शिवाय
(ख) शिवे
(ग) शिव:
(घ) शिवस्य
उत्तर:
(क) शिवाय
प्रश्न 13.
……. स्वाहा।
(क) अग्निः
(ख) अग्नये
(ग) अग्नेः
(घ) अग्नी
उत्तर:
(ख) अग्नये
प्रश्न 14.
श्री कृष्णः …… क्रुध्यति ।
(क) कंस:
(ख) कंसे
(ग) कंसम्
(घ) कंसाय
उत्तर:
(घ) कंसाय
प्रश्न 15.
गुरुः …….. क्रुध्यति ।
(क) शिष्याय
(ख) शिष्यः
(ग) शिष्यम्
(घ) शिष्यस्य
उत्तर:
(क) शिष्याय
प्रश्न 16.
……. अध्ययनं रोचते ।
(क) अहम्
(ख) आवाम्
(ग) वयम्
(घ) मह्यं
उत्तर:
(घ) मह्यं
प्रश्न 17.
………. परितः वृक्षाः सन्ति। (राजमार्ग)
(क) राजमार्गात्
(ख) राजमार्गे
(ग) राजमार्गात्
(घ) राजमार्गम्
उत्तर:
(घ) राजमार्गम्
प्रश्न 18.
…….. स्वाहा।
(क) इन्द्राय
(ख) इन्द्रम्
(ग) इन्द्रा:
(घ) इन्द्रस्य
उत्तर:
(क) इन्द्राय
प्रश्न 19.
………. स्वधा ।
(क) पितरम्
(ख) पिता
(ग) पितृन्
(घ) पितृभ्यः
उत्तर:
(घ) पितृभ्यः
प्रश्न 20.
श्रीरामः ………. अलम्।
(क) रावणः
(ख) रावणम्
(ग) रावणाय
(घ) रावणे
उत्तर:
(ग) रावणाय
प्रश्न 21.
मृगः ………. बिभेति ।
(क) सिंहात्
(ख) सिंहम्
(ग) सिंह:
(घ) सिंहेन
उत्तर:
(क) सिंहात्
प्रश्न 22.
………… बहिः उद्यानम् अस्ति।
(क) ग्रामः
(ख) ग्रामम
(ग) ग्रामे
(घ) ग्रामात्
उत्तर:
(घ) ग्रामात्
प्रश्न 23.
अहं केशवं …….. रक्षामि ।
(क) व्याघ्रः
(ख) व्याघ्रात्
(ग) व्याघ्रम्
(घ) व्याघ्रे
उत्तर:
(ख) व्याघ्रात्
प्रश्न 24.
………. विना जीवनं निरर्थकम् अस्ति ।
(क) शिक्षा
(ख) शिक्षां
(ग) शिक्षैः
(घ) शिक्षायैः
उत्तर:
(ख) शिक्षां
प्रश्न 25.
……….. ऋते कोऽपि सहयोगं न करोति ।
(क) धनात्
(ख) धनस्य
(ग) धनम्
(घ) धने
उत्तर:
(क) धनात्
प्रश्न 26.
……… विना वृष्टिः न भवति ।
(क) मेघम्
(ख) मेघस्य
(ग) मेघात्
(घ) मेघे
उत्तर:
(ख) मेघस्य
प्रश्न 27.
……….. बहिः वृक्षाः सन्ति ।
(क) गृहे
(ख) गृहम्
(ग) गृहस्य
(घ) गृहात्
उत्तर:
(घ) गृहात्
प्रश्न 28.
केशवः ……… विना न गच्छति ।
(क) रामः
(ख) रामात्
(ग) रामे
(घ) रामा:
उत्तर:
(ख) रामात्
प्रश्न 29.
……. पूर्व मंगलवासरः भवति ।
(क) सोमवासरात्
(ख) बुधवासरात्
(ग) गुरुवासारात्
(घ) रविवासरात्
उत्तर:
(ख) बुधवासरात्
प्रश्न 30.
………. सिंहः बिभेति ।
(क) आखेटकं
(ख) आखेटक:
(ग) आखेटकात्
(घ) आखेटकेन
उत्तर:
(ग) आखेटकात्
प्रश्न 31.
……. उपरि वक्तारः सन्ति ।
(क) मञ्च
(ख) मञ्चे
(ग) मञ्चम्
(घ) मञ्चस्य
उत्तर:
(घ) मञ्चस्य
प्रश्न 32.
…….. पुरत: उपवनम् अस्ति ।
(क) गृहस्य
(ख) गृहम्
(ग) गृहे
(घ) गृहाणि
उत्तर:
(क) गृहस्य
प्रश्न 33.
………. पृष्ठतः प्रश्नर्थना काले छात्राः सन्ति ।
(क) छात्रस्य
(ख) छात्रम्
(ग) छात्रे
(घ) छात्रौ
उत्तर:
(क) छात्रस्य
प्रश्न 34.
………. अधः श्रोतारः सन्ति ।
(क) मञ्चे
(ख) मञ्चम्
(ग) मञ्चस्य
(घ) मञ्चेन
उत्तर:
(ग) मञ्चस्य
प्रश्न 35
………. तुल्यः दुर्योधनः नासीत् ।
(क) भीम:
(ख) भीमे
(ग) भीमस्य
(घ) भीमम्
उत्तर:
(ग) भीमस्य
प्रश्न 36
पुरतः जलाशयः अस्ति ।
(क) वृक्ष:
(ख) वृक्षस्य
(ग) वृक्षम्
(घ) वृक्षे
उत्तर:
(ख) वृक्षस्य
प्रश्न 37.
………. उपरि शिरस्त्राणम् अस्ति ।
(क) शिर:
(ख) शिरसी
(ग) शिरसः
(घ) शिरसाम्
उत्तर:
(ग) शिरसः
प्रश्न 38
……….. अन्तः भोजनम् अस्ति।
(क) भोजनाल्यात्
(ख) भोजनालम्
(ग) भोजनलये
(घ) भोजनालयस्य
उत्तर:
(घ) भोजनालयस्य
प्रश्न 39.
………… अधः फलानि सन्ति ।
(क) वृक्षस्य
(ख) वृक्षम्
(ग) वृक्षे
(घ) वृक्षौ
उत्तर:
(क) वृक्षस्य
प्रश्न 40.
………. पृष्ठतः आरक्षकः धावति ।
(क) चौरेण
(ख) चौरम्
(ग) चौरस्य
(घ) चौरात्
उत्तर:
(ग) चौरस्य
प्रश्न 41.
……… भक्तस्य आसक्तिः अस्ति ।
(क) ईश्वरं
(ख) ईश्वरस्य
(ग) ईश्वरः
(घ) ईश्वरे
उत्तर:
(घ) ईश्वरे
प्रश्न 42.
सः ……… निपुणः अस्ति ।
(क) गीतगायने
(ख) गीतगायनम्
(ग) गीतगायनानि
(घ) गीतगयनेन
उत्तर:
(क) गीतगायने
प्रश्न 43.
वानराः ……… स्निह्यन्ति ।
(क) कदलीफलम्
(ख) कदलीफले
(ग) कदलीफलानि
(घ) कदलीफलम्
उत्तर:
(ख) कदलीफले
प्रश्न 44.
सः ……….. प्रश्नीणः अस्ति ।
(क) धावनम्
(ख) धावने
(ग) धावनस्य
(घ) धावनौ
उत्तर:
(ख) धावने
प्रश्न 45.
……… अभितः वृक्षाः सन्ति।
(क) राजमार्ग
(ख) राजमार्गम्
(ग) राजमार्गे
(घ) राजमार्गस्य
उत्तर:
(ख) राजमार्गम्
प्रश्न 46.
……… उभयतः जलाशयौ स्तः ।
(क) ग्रामम्
(ख) ग्रामस्य
(ग) ग्रामे
(घ) ग्रामतः
उत्तर:
(क) ग्रामम्
प्रश्न 47.
…….. परितः आम्रवृक्षाः सन्ति ।
(क) उद्याने
(ख) उद्यानस्य
(ग) उद्यानम्
(घ) उद्यानेन
उत्तर:
(ग) उद्यानम्
प्रश्न 48.
……. परितः सैनिकाः सन्ति ।
(क) देशस्य
(ख) देशम्
(ग) देशाय
(घ) देशेन
उत्तर:
(ख) देशम्
प्रश्न 49.
………. उभयतः क्रीडकाः सन्ति ।
(क) मम
(ख) माम्
(ग) मह्यम्
(घ) मया
उत्तर:
(ख) माम्
प्रश्न 50.
……… परितः जनाः अतिष्ठन् ।
(क) तव
(ख) तुभ्यम्
(ग) त्वाम्
(घ) त्वयि
उत्तर:
(ग) त्वाम्
प्रश्न 51.
तेन ……….. किम् ? यो धनं देशरक्षायै न ददाति ।
(क) धनी
(ख) धनिनम्
(ग) धनिना
(घ) धनिनः
उत्तर:
(ग) धनिना
प्रश्न 52.
अनेन ……. ‘किम् ? यो दुर्बलान् न रक्षति ।
(क) बलिनम्
(ख) बलिने
(ग) बलिना
(घ) बलिनि
उत्तर:
(ग) बलिना
प्रश्न 53.
अहं ………… सह गृहं गमिष्यामि ।
(क) जनकम्
(ख) जनकेन
(ग) जनकस्य
(घ) जनकाय
उत्तर:
(ख) जनकेन
प्रश्न 54.
त्वं ……… सह वत्स्यसि ?
(क) केन
(ख) कस्मात्
(ग) कस्य
(घ) कस्मिन्
उत्तर:
(क) केन
प्रश्न 55.
तेन ………. ‘किम् ? यो छात्रान् न पाठयति ।
(क) अध्यापकम्
(ख) अध्यापकेन
(ग) अध्यापकस्य
(घ) अध्यापके
उत्तर:
(ख) अध्यापकेन
प्रश्न 56.
………. स्वाहा ।
(क) लक्ष्मी:
(ख) लक्ष्मीम्
(ग) लक्ष्म्यै
(घ) लक्ष्म्याः
उत्तर:
(ग) लक्ष्म्यै
प्रश्न 57.
………. क्रीडनम् रोचते ।
(क) शिशुम्
(ख) शिशोः
(ग) शिशवे
(घ) शिशुः
उत्तर:
(ग) शिशवे
प्रश्न 58.
हरिः ….. अलम्।
(क) दैत्यानाम्
(ख) दैत्यान्
(ग) दैत्यैः
(घ) दैत्येभ्यः
उत्तर:
(घ) दैत्येभ्यः
प्रश्न 59.
……….. अपमानं न रोचते ।
(क) किमपि
(ख) कस्मै अपि
(ग) कस्मादपि
(घ) कस्य अपि
उत्तर:
(ख) कस्मै अपि
प्रश्न 60.
क्रिकेटक्रीडायाम् भारतम् ……… अलम् ।
(क) सर्वान्
(ख) सर्वै:
(ग) सर्वेभ्यः
(घ) सर्वेषाम्
उत्तर:
(ग) सर्वेभ्यः
प्रश्न 61.
……….. विना रावणं कः हनिष्यति ?
(क) रामेण
(ख) रामात्
(ग) रामस्य
(घ) रामाय
उत्तर:
(ख) रामात्
प्रश्न 62.
……… गच्छथ।
(क) यूयम्
(ख) त्वम्
(ग) तौ
(घ) अहम्
उत्तर:
(क) यूयम्
प्रश्न 63
…………. गच्छामः ।
(क) तौ
(ख) त्वम्
(ग) यूयम्
(घ) वयम्
उत्तर:
(घ) वयम्
प्रश्न 64.
दुर्योधनः ……… बिभेति स्म ।
(क) भीमेन
(ख) भीमात्
(ग) भीमस्य
(घ) भीमाय
उत्तर:
(ख) भीमात्
प्रश्न 65.
……….. पूर्वम् नदी अस्ति।
(क) नगरस्य
(ख) नगरेण
(ग) नगरात्
(घ) नगराय
उत्तर:
(ग) नगरात्
प्रश्न 66.
…….. अधः सञ्चिका वर्तते ।
(क) काष्ठफलम्
(ख) काष्ठफलेन
(ग) काष्ठफलस्य
(घ) काष्ठफलात्
उत्तर:
(ग) काष्ठफलस्य
प्रश्न 67.
…………. पुरतः वनम् अस्ति।
(क) ग्रामम्
(ख) ग्रामेण
(ग) ग्रामाय
(घ) ग्रामस्य
उत्तर:
(घ) ग्रामस्य
प्रश्न 68.
सुरेश ……….. श्रेष्ठः अस्ति ।
(क) बालकेषु
(ख) बालकैः
(ग) बालकात्
(घ) बालकेभ्यः
उत्तर:
(क) बालकेषु
प्रश्न 69.
……….. पुरतः वधिकः पलायितः ।
(क) अङ्गरक्षकम्
(ख) अङ्गरक्षकेण
(ग) अङ्गरक्षकाय
(घ) अङ्गरक्षकस्य
उत्तर:
(घ) अङ्गरक्षकस्य
प्रश्न 70.
…….. अधः दशरूप्यकाणि सन्ति ।
(क) आसन्दिकायै
(ख) आसन्दिकाया:
(ग) आसन्दिकाम्
(घ) आसन्दिकया
उत्तर:
(ख) आसन्दिकाया:
प्रश्न 71.
अहं …………. प्रश्नीणः अस्मि ।
(क) वाहनचालने
(ख) वाहनचालनाय
(ग) वाहनचालनेन
(घ) वाहनचालनात्
उत्तर:
(क) वाहनचालने
प्रश्न 72.
सुरेशः चौर…….. कुशलः अस्ति ।
(क) चौर कर्मणे
(ख) चौर कर्मणि
(ग) चौर कर्मणः
(घ) चौर कर्मणा
उत्तर:
(ख) चौर कर्मणि
प्रश्न 73.
नेतारः ……….. निपुणाः भवन्ति ।
(क) भाषाणम्
(ख) भाषणेन
(ग) भाषणे
(घ) भाषणाय
उत्तर:
(ग) भाषणे
प्रश्न 74.
सचिनः ………. प्रश्नीणः अस्ति ।
(क) क्रीडाम्
(ख) क्रीडायै
(ग) क्रीडायाम्
(घ) क्रीडया
उत्तर:
(ग) क्रीडायाम्
प्रश्न 75.
मम पिता ………. ‘कुशलः वर्तते ।
(क) पाककलाम
(ख) पाककलाया:
(ग) पाककलायाम्
(घ) पाककलायै
उत्तर:
(ग) पाककलायाम्
प्रश्न 76.
……. सर्वे भयं कुर्वन्ति ।
(क) राक्षसैः
(ख) राक्षसानाम्
(ग) राक्षसेभ्यः
(घ) राक्षसेषु
उत्तर:
(ग) राक्षसेभ्यः
प्रश्न 77.
……… नमः ।
(क) सरस्वतीम्
(ख) सरस्वत्या
(ग) सरस्वत्यै
(घ) सरस्वत्याः
उत्तर:
(ग) सरस्वत्यै
प्रश्न 78.
…….. स्वाहा ।
(क) सोमम्
(ख) सोमेन
(ग) सोमाय
(घ) सोमात्
उत्तर:
(ग) सोमाय
प्रश्न 79.
सीता ……. सह वनं गतवती।
(क) रामम्
(ख) रामेण
(ग) रामाय
(घ) रामस्य
उत्तर:
(ख) रामेण
प्रश्न 80.
नमो …….. वासुदेवाय।
(क) भगवताय
(ख) भगवते
(ग) भगवन्तम्
(घ) भगवतः
उत्तर:
(ख) भगवते
प्रश्न 81.
……… अध्यापनं रोचते ।
(क) गुरुम्
(ख) गुरुणा
(ग) गुरवे
(घ) गुरो:
उत्तर:
(ग) गुरवे
प्रश्न 82.
………. क्रीडनं रोचते ।
(क) बालकैः
(ख) बालकेभ्यः
(ग) बालकानाम्
(घ) बालकेषु
उत्तर:
(ख) बालकेभ्यः
प्रश्न 83.
कृष्णः वीणा …….. कुशलः आसीत्।
(क) वादनेन
(ख) वादने
(ग) वादनाय
(घ) वादनात्
उत्तर:
(ख) वादने
प्रश्न 84.
………. परितः अनुयायिनः आसन्।
(क) नेतारम्
(ख) नेत्रा
(ग) नेत्रे
(घ) नेतुः
उत्तर:
(क) नेतारम्
प्रश्न 85.
……… सर्वे पशवः बिभ्यति ।
(क) सिंहेन
(ख) सिंहात्
(ग) सिंहस्य
(घ) सिंहाय
उत्तर:
(ख) सिंहात्
प्रश्न 86.
मोहनः ……… निपुणः अस्ति ।
(क) धावने
(ख) धावनाय
(ग) धावनस्य
(घ) धावनात्
उत्तर:
(क) धावने
प्रश्न 87.
कृष्णः …….. ‘कुशलः अस्ति ।
(क) पठने
(ख) पठनाय
(घ) पठनात्
(ग) पठनस्य
उत्तर:
(क) पठने
प्रश्न 88.
भीमः गदा …… प्रश्नीणः आसीत्।
(क) युद्धाय
(ख) गदा युद्धम्
(ग) गदायुद्धेन
(घ) युदायुद्धे
उत्तर:
(घ) युदायुद्धे
प्रश्न 89.
मम गुरवः …….. कुशलाः सन्ति ।
(क) अध्यापनम
(ख) अध्यापनेन
(ग) अध्यापने
(घ) अध्यापनात्
उत्तर:
(ग) अध्यापने
प्रश्न 90.
रामस्य भगिनी …….. निपुणा अस्ति ।
(क) गायनम्
(ख) गायनाय
(ग) गायनस्य
(घ) गायने
उत्तर:
(घ) गायने
प्रश्न 91.
अहं ………. सह विवाहोत्सवे गमिष्यामि ।
(क) त्वाम्
(ख) त्वया
(ग) तुभ्यम्
(घ) तव
उत्तर:
(ख) त्वया
प्रश्न 92.
तस्मै श्री ………. नमः ।
(क) कृष्णम्
(ख) कृष्णेन
(ग) कृष्णाय
(घ) कृष्णात्
उत्तर:
(ग) कृष्णाय
प्रश्न 93.
वयं ………. बिभीमः ।
(क) पितरम्
(ख) पित्रा
(ग) पित्रे
(घ) पितुः
उत्तर:
(घ) पितुः
प्रश्न 94.
कालिदासः साहित्य- ……… ‘निपुणः आसीत् ।
(क) सृजने
(ख) सृजनेन
(ग) सृजनात्
(घ) सृजनाय
उत्तर:
(क) सृजने
प्रश्न 95.
……… पुरतः मम गृहम् अस्ति ।
(क) सरोवरात्
(ख) सरोवरस्य
(ग) सरोवरेण
(घ) सरोवशण
उत्तर:
(ख) सरोवरस्य
प्रश्न 96.
पूर्वम् रविवासरः अस्ति ।
(क) सोमवासरम्
(ख) सोमवासरेण
(ग) सोमवासराय
(घ) सोमवासरात्
उत्तर:
(घ) सोमवासरात्
प्रश्न 97.
विना कोऽपि तत्र न वत्स्यति ।
(क) माम्
(ख) मम
(ग) अहम्
(घ) मयि
उत्तर:
(क) माम्
प्रश्न 98.
सः बालकः …….. अलम्।
(क) युष्माभिः
(ख) युष्मभ्यम्
(ग) युष्माकम्
(घ) युष्मासु
उत्तर:
(ख) युष्मभ्यम्
पाठ्यपुस्तकस्य (व्याकरणवीथिः)
अभ्यासकार्यम्
प्रश्न 1.
कोष्ठकेषु मूलशब्दाः प्रदत्ताः। तेषु उचितविभक्ती: योजयित्वा रिक्तस्थानाननि पूरयता
1. नास्ति ………………. समः शत्रुः। (क्रोध)
2. ……….. भीत: बालकः क्रदन्ति। (चौर)
3. अस्माकम् बालिका: ………………. निपुणाः सन्ति। (गायन)
4. माता ………………. स्निह्यति। (शिशु)
5. ………………. नमः। (सरस्वती)
6. अलम् ……….. । (विवाद)
7. धिक् देशस्य ……………….। (शत्रु)
8. पितरौ ………………. सर्वस्वं यच्छतः। (अस्मद्)
9. किम् ……… एतत् गीतं रोचते? (युष्मद्)
10. परितः वायुमण्डलम् अस्ति। (पृथ्वी) ………… बहिः छात्राः कोलाहलं कुर्वन्ति? (कक्षा)
उत्तर:
1. क्रोधेन
2. चौरात्
3. गायने
4. शिशौ
5. सरस्वत्यै
6. विवादेन
7. शत्रून्/शत्रुम्
8. अस्मभ्यम्
9. तुभ्यम्
10. पृथ्वीम्
11. कक्षायाः
प्रश्न 2.
कोष्ठकेभ्यः शुद्धम् उत्तरं चित्वा रिक्तस्थानपूर्तिं कुरुत
1. ………………. सह सीता वनम् अगच्छत्। (रामस्य/रामेण)
2. माता ………………. स्निह्यति। (माम/मयि)
3. ………………. मोदकं रोचते। (मोहनम्/मोहनाय)
4. …………… धनं ददाति। (रमेशम्/रमेशाय)
5. अध्यापिका ………………. पुस्तकं यच्छति। (सुलेखाम्/सुलेखायै)
6. ………………. परितः वृक्षाः सन्ति। (विद्यालयम्/विद्यालयस्य)
7. ………………. नमः। (गुरवे/गुरुम्) उत्तराणि
उत्तर:
1. रामेम्
2. मयि
3. मोहनाय
4. रमेशाय
5. सुलेखायै
6. विद्यालयम्
7. गुरवे।
प्रश्न 3.
उचितविभक्तिप्रयोगं कृत्वा अधोलिखितपदानां सहायतया वाक्यरचनां कुरुत
1. समम्
2. धिक्
3. विना
4. बहिः
5. निपुणः
6. अलम्
7. बिभेति।
उत्तर:
1. रामेण समम् सीता लक्ष्मणः च वनम् अगच्छताम्।
2. धिक् दुष्टम्।
3. धनं विना किमपि न भवति।
4. ग्रामात् बहिः त्डागोऽस्ति।
5. सः संस्कृते निपुणः अस्ति।
6. अलम् कोलाहलेन।
7. स:सिंहात् बिभेति।
प्रश्न 4.
‘क’ स्तम्भे शब्दाः दत्ताः सन्ति, ‘ख’ स्तम्भे च विभक्तयः। कास्य योगे का विभिक्तिः प्रयुज्यते इति। योजयित्वा लिखत

उत्तर:
1. (घ) चतुर्थी
2. (ज) तृतीया
3. (छ) चतुर्थी
4. (ग) पञ्चमी
5. (ख) चतुर्थी
6. (ञ) प्रथमा
7. तृतीया,
8. (झ) द्वितीया, तृतीया, पञ्चमी,
9. (च) तृतीया
10. (ङ) प्रथमा।
प्रश्न 5.
‘स्थूलपदानां’ स्थाने शुद्धपदं लिखत
1. अध्यापिकायाः परितः छात्राः सन्ति।
2. गोपालः शिवस्य सह वार्ता करोति।
3. महापुरुषम् नमः।
4. त्वाम् किम् रोचते?
5. सा गृहकर्मणः निपुणः।
उत्तर:
1. अध्यापिकाम्
2. शिवेन
3. महापुरुषाय
4. तुभ्यम्
5. गृहकर्मणि।
अतिरिक्तं कार्यम्
प्रश्न 1.
अधोलिखितेभ्यः शुद्धं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत।
(नीचे लिखे गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।)
(Fill in the blanks with the suitable word choosing from the given words.)
1. पश्य! पश्य ! ………….. परितः पुष्पाणि न सन्ति।
(क) विद्यालयः
(ख) विद्यालयम्
(ग) विद्यालयस्य
(घ) विद्यालयेन
उत्तर:
(ख) विद्यालयम्
2. सज्जनाः …….. सह चलन्ति।
(क) सज्जनैः
(ख) सज्जनान्
(ग) सज्जनानाम्
(घ) सज्जनात्
उत्तर:
(क) सज्जनैः
3. सः पाठनकाले ………. बहिः गच्छति।
(क) कक्षायाः
(ख) कक्षायाम्
(ग) कक्षाम्
(घ) कक्षायै
उत्तर:
(क) कक्षायाः
4. कक्षायाम् …… परितः छात्रा: अतिष्ठन्।
(क) गुरुणा
(ख) गुरुम्
(ग) गुरोः
(घ) गुरौ
उत्तर:
(ख) गुरुम्
5. सः पुरुषः ……….. बिभेति।
(क) शत्रोः
(ख) शत्रुम्
(ग) शत्रवे
(घ) शत्रुणा
उत्तर:
(क) शत्रोः
6. ………… पृष्ठतः कः?
(क) ग्रामम्
(ख) ग्रामस्य
(ग) ग्रामाय
(घ) ग्रामात्
उत्तर:
(ख) ग्रामस्य
7. स: ………….. निपुणः।
(क) पठने
(ख) पठनाय
(ग) पठनेन
(घ) पठनस्य
उत्तर:
(क) पठने
8. सम्प्रति …………. परितः के?
(क) मम
(ख) माम्
(ग) अहम्
(घ) मह्यम्
उत्तर:
(ख) माम्
9. …………… बहिः उद्यानम् वर्तते।
(क) नगरस्य
(ख) नगरात्
(ग) नगरं
(घ) नगराय
उत्तर:
(ख) नगरात्
10. अधुना ……………. नृत्यम् रोचते।
(क) बालिकाम्
(ख) बालिकायै
(ग) बालिकायाम्
(घ) बालिके
उत्तर:
(ख) बालिकायै
11. सः …………… सह गच्छति।
(क) बालिकायाः
(ख) बालिकया
(ग) बालिकाय
(घ) बालिकायै
उत्तर:
(ख) बालिकया
12. सम्प्रति …………… विना न सफलता।
(क) परिश्रमात्
(ख) परिश्रमस्य
(ग) परिश्रमे
(घ) परिश्रमैः
उत्तर:
(क) परिश्रमात्
13. छात्राः कथयन्ति ……. नमः।
(क) अध्यापकम्
(ख) अध्यापकाय
(ग) अध्यापकेन
(घ) अध्यापकस्य
उत्तर:
(ख) अध्यापकाय
14. अध्यापकः …………. पुस्तकम् ददाति।
(क) छात्राय
(ख) छात्रम्
(ग) छात्रेण
(घ) छात्रात्
उत्तर:
(क) छात्राय
15. माता ……… क्रुप्यति।
(क) पुत्राय
(ख) पुत्रम्
(ग) पुत्रेण
(घ) पुत्रस्य
उत्तर:
(क) पुत्राय
16. बालकः …………. बिभेति।
(क) सिंहात्
(ख) सिंहस्य
(ग) सिंहम्
(घ) सिंहेन
उत्तर:
(क) सिंहात्
17. छात्राः ….. सह भ्रमणाय गच्छन्ति ।
(क) गुरोः
(ख) गुरुणा
(ग) गुरुम्
(घ) गुरवे
उत्तर:
(ख) गुरुणा
18. तस्यै ……………… पठनम् रोचते।
(क) छात्रायै
(ख) छात्रस्य
(ग) छात्रायाः
(घ) छात्रायाम्
उत्तर:
(क) छात्रायै
19. सीता ….. सह वनम् अगच्छत् ।
(क) रामस्य
(ख) रामेण
(ग) रामाय
(घ) रामम्
उत्तर:
(ख) रामेण
20. सम्भवतः अद्य ……. मोदकम् न रोचते।
(क) मम
(ख) मह्यम्
(ग) मत्
(घ) माम्
उत्तर:
(ख) मह्यम्
21. सः ………. निपुणः वर्तते।
(क) कार्यस्य
(ख) कार्ये
(ग) कार्यात्
(घ) कार्येण
उत्तर:
(ख) कार्ये
22. अहं कथयामि-वरुण ………… नमः।
(क) देवाय
(ख) देवम्
(ग) देवात्
(घ) देवेन
उत्तर:
(क) देवाय
23. राजा …………………. गाम् यच्छति।
(क) ब्राह्मणाय
(ख) ब्राह्मणम्
(ग) ब्राह्मणः
(घ) ब्राह्मणात्
उत्तर:
(क) ब्राह्मणाय
24. भिक्षुकः …………… बहिः देवालयः अस्ति।
(क) देवालयात्
(ख) देवालयम्
(ग) देवालयाय
(घ) देवालये उत्तराणि
उत्तर:
(क) देवालयात्
प्रश्न 2.
अधः संवादे कोष्ठकगतशब्देषु उचितविभक्तिं प्रयुज्य वाक्यानि पूरयत।
(नीचे लिखे संवाद में कोष्ठक के शब्दों में उचित विभक्ति का प्रयोग करके वाक्यों को पूरा कीजिए।
Complete the sen tences by using the suitable inflexion of the words from the brackets in the following dialogue.)
दीपकः — आम्। ……….. (युष्मद्) सह अन्ये के गच्छन्ति?
प्रभा — मम कक्षायाः प्रायः सर्वे छात्राः। पश्य, आगछन्ति ते।
दीपकः — आचार्यः अपि आगतः।
सर्वे छात्राः — ……………….. (आचार्य) नमः।
आचार्यः — नमस्ते नमस्ते! प्रसन्नाः भवत। बसयानम् .. …..(ग्राम)बहिः ……….
(चिकित्सालय) पुरतः स्थितम् अस्ति । सर्वे तत्र चलन्तु । बसयानम् इतः प्रातः 10.00 वादने प्रस्थास्यति ।
दीपकः — प्रभे! अहम् अपि त्वया सह गच्छामि। आगच्छ चलावः।
रमेशः — त्वम् कस्मिन् विद्यालये पठसि?
सुरेशः — अहम् सर्वोदय विद्यालये पठामि ।
रमेशः — कीदृशः तव विद्यालयः?
सुरेशः — मम ………………. (विद्यालय) परितः वृक्षाः सन्ति।
रमेशः त्वम् विद्यालयं केन सह गच्छसि?
सुरेशः — अहम् विद्यालयं महेशेन सह गच्छामि।
रमेशः — परन्तु महेशः तु खञ्जः
अस्ति। — सुरेशः आम्। सः ……………….. (दण्ड) चलति।
रमेशः — हे महेश! तव माता प्रातः काले किं करोति त्वम् च किं करोषि?
सुरेशः — मम माता प्रातःकाले ओ३म् ……………… (गणेश) नमः इति मन्त्रेण पूजां करोति। अहम् स्वाध्यायं करोमि।
माला — रमेश! किं त्वमपि ……………. प्रति (कश्मीर) गमिष्यसि?
रमेशः — आम्। ……………. (युष्मद्)।
सह अन्ये के गमिष्यन्ति? ।
माला — मम कक्षायाः प्रायः सर्वे छात्राः सर्वाः छात्राश्च तत्र गमिष्यन्ति। पश्य, ते आगच्छन्ति ।
रमेशः — आचार्यः अपि आगच्छति।
छात्राः — ……. (आचार्य) नमः।
आचार्यः — नमस्ते, नमस्ते! प्रसन्नाः भवत। बसयानं तु ……………….. (ग्राम) बहिः ………………. (विद्यालय)
पुरतः स्थितम् अस्ति। सर्वे तत्र चलन्तु। बसयानम् इतः प्रातः 10.00 वादने प्रस्थास्यति।
उत्तर:
त्वया, आचार्याय, ग्रामात्, चिकित्सालयस्य, विद्यालयं, दण्डेन, गणेशाय, कश्मीरं, त्वया, आचार्याय, ग्रामात्, विद्यालयस्य
प्रश्न 3.
(क) कोष्ठकगतपदेषु उचितविभक्तिं प्रयुज्य वाक्यानि पूरयत।
(कोष्ठक में आए हए शब्दों में उचित विभक्ति को प्रयोग करके वाक्यों की पूर्ति कीजिए।) (Complete the sentences with the suitable inflexion of the words from the brackets.)
1. (i) ……………. (उद्यान) बहिः एकः जलाशयः अस्ति। (ii) तत्र विकसितानि कमलानि ……………. (जन) रोचन्ते। (iii) ……… (जलाशय) पुरतः एकः देवालयः अपि अस्ति। जनाः प्रतिदिनं तत्र गच्छन्ति। (iv) भो मित्र! पश्य, कीदृशः एषः सुन्दरः तडाग:? …………. (तडाग) परितः जम्बु-आमवृक्षाः सन्ति। (v) तडागे विकसितानि कमलानि …………. (अस्मद्) अतीव रोचन्ते। तडागे तरन्त्यः मीनाः बहु शोभन्ते।।
उत्तर:
(क)
(i) उद्यानात्
(ii) जनेभ्यः
(iii) जलाशयस्य
(iv) तडागं
(v) अस्मभ्यम्
2. (i) इदम् एकम् उद्यानम् अस्ति। ……………. (उद्यान) परितः वृक्षाः सन्ति। (ii) वृक्षः ……………. (लता) सह शोभते। (iii) ………….. (अस्मद्) पुष्पाणि रोचन्ते। (iv) वृक्षाः अपि ………… (पुष्प) ऋते न शोभन्ते। (v) …………. (उद्यान) बहिः देवालयः अपि अस्ति।
उत्तर:
(i) उद्यानम्
(ii) लताभिः
(iii) अस्मभ्यं
(iv) पुष्पेभ्यः
(v) उद्यानात्
(ख) मञ्जूषायाः उचितानि पदानि चित्वा अधोलिखितेषु अनुच्छेदेषु रिक्तस्थानानि पूरयन्तु।
(मञ्जूषा से उचित पदों को चुनकर नीचे लिखे अनुच्छेदों में खाली स्थानों को भरिए।)
(Fill in the blanks with the suitable words choosing from the given in box.)
1. संसारे जनाः स्व-स्व (i) ……………… कुशलाः भवेयुः यतः आधुनिके काले (ii) ……. विना कार्य न सरति। संसारं (iii) ………….. सुअवसराः प्रसृताः सन्ति। अतः जनाः (iv) …………… न बिभेत्य स्वमार्गेषु निरन्तरं चलेयुः। (v) …………. पृष्ठतः एव सफलता आगच्छति।
मञ्जूषा-परिश्रमात्, कार्येषु, परितः, श्रमस्य, श्रमात्।
उत्तर:
(i) कार्येषु
(ii) परिश्रमात्
(iii) परितः
(iv) श्रमात्
(v) श्रमस्य
2. मम (i) …………….. उभयतः हरिताः वृक्षाः सन्ति, (iii) ………….. बहिः एकं जलयन्त्रं वर्तते। सर्वे छात्राः शिक्षकेभ्यः कथयन्ति (iii) …. ………… मिलित्वा वार्तालाप कुर्वन्ति। (v) ……….. एकः अतीव निपुणः छात्रः अस्ति।
मञ्जूषा-सह, विद्यालयम्, तेषु, शिक्षकेभ्यः, तस्मात्।
उत्तर:
(i) विद्यालयम्
(ii) तस्मात्
(iii) शिक्षकेभ्यः
(iv) सह
(v) तेषु
प्रश्न 4.
अधोलिखितेष पदेष उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि परयत।
(नीचे लिखे पदों में से उचित पद चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।)
(Fill in the blanks with the suitable word choosing from the given words.)
1. इयम् शान्तिसभा, अलम्
(क) कोलाहलेन
(ख) कोलाहलात्
(ग) कोलाहलाय
(घ) कोलाहलात्
उत्तर:
(क) कोलाहलेन
2. ……….. नमः।
(क) शिवम्
(ख) शिवाय
(ग) शिवात्
(घ) शिवेन
उत्तर:
(ख) शिवाय
3. ……….. परितः अग्निः ज्वलति।
(क) भवनम्
(ख) भवनस्य
(ग) भवनेन
(घ) भवनात्
उत्तर:
(क) भवनम्
4. ……… बहिः वाटिका अस्ति।
(क) गृहात्
(ख) गृहस्य
(ग) गृहम्
(घ) गृहेण
उत्तर:
(क) गृहात्
5. …….. बहिः रक्षकः तिष्ठति।
(क) गृहस्य
(ख) गृहात्
(ग) गृहम्
(घ) गृहेणे
उत्तर:
(ख) गृहात्
6. धनिकः ………… धनं यच्छति।
(क) याचकम्
(ख) याचकाय
(ग) याचकात्
(घ) याचकस्य
उत्तर:
(ख) याचकाय
7. सः …………….. बिभेति।
(क) सर्पस्य
(ख) सर्पात्
(ग) सर्पम्
(घ) सर्पण
उत्तर:
(ख) सर्पात्
8. …………. परित: आम्रवृक्षाः सन्ति।
(क) तडागम्
(ख) तडागेन
(ग) तडागे
(घ) तडागाय
उत्तर:
(क) तडागम्
9. ……….. नमः।
(क) शिवम्
(ख) शिवाय
(ग) शिवात्
(घ) शिवस्य
उत्तर:
(ख) शिवाय
प्रश्न 5.
अधोलिखितेभ्यः शुद्धं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत।
(नीचे दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।)
(Fill in the blanks with the suitable word choosing from the given words.)
1. अलम् ……………
(क) कोलाहलं
(ख) कोलाहलेन
(ग) कोलाहलात्
(घ) कोलाहलस्य
उत्तर:
(ख) कोलाहलेन
2. धिक ……..
(क) असत्यवादिने
(ख) असत्यवादिनम्
(ग) असत्यवादिन्
(घ) असत्यवादी
उत्तर:
(ख) असत्यवादिनम्
3. …….. मिष्ठान्नं रोचते।
(क) बालकं
(ख) बालकाय
(ग) बालकस्य
(घ) बालके
उत्तर:
(ख) बालकाय
4. सः बालकः …………. समया उपतिष्ठति।
(क) पुस्तकस्य
(ख) पुस्तकम्
(ग) पुस्तकेन
(घ) पुस्तकात्
उत्तर:
(ख) पुस्तकम्
5. माता …… स्निह्यति।
(क) पुत्रे
(ख) पुत्रम्
(ग) पुत्रेण
(घ) पुत्रात्
उत्तर:
(क) पुत्रे
6. अध्यापकः …………. विश्वसिति।
(क) छात्रम्
(ख) छात्रे
(ग) छात्रेण
(घ) छात्रात्
उत्तर:
(ग) छात्रेण
7. संसारे ……….. विना न ज्ञानम्।
(क) गुरुणा
(ख) गुरौ
(ग) गुरोः
(घ) गुरवे
उत्तर:
(क) गुरुणा
8. मृगः ………… प्रति धावति।
(क) ग्रामम्
(ख) ग्रामात्
(ग) ग्रामाय
(घ) ग्रामस्य
उत्तर:
(क) ग्रामम्
9. सा ……….. कुशला अस्ति।
(क) नृत्यम्
(ख) नृत्ये
(ग) नृत्येण
(घ) नृत्यस्य
उत्तर:
(ख) नृत्ये
10. धिक् …………. यः सीताम् अहरत् ।
(क) रावणम्
(ख) रावणेन
(ग) रावणाय
(घ) रावणः
उत्तर:
(क) रावणम्
11. अध्यापकः …………… कुप्यति।
(क) छात्राय
(ख) छात्रम्
(ग) छात्रेण
(घ) छात्रस्य
उत्तर:
(क) छात्राय
12. अलम् अति ………..
(क) वदनात्
(ख) वदनेन
(ग) वदनाय
(घ) वदनम्
उत्तर:
(ख) वदनेन
13. अध्यापकः ………………. प्रति अकथयत्।
(क) देवम्
(ख) देवेन
(ग) देवाय
(घ) देवात्
उत्तर:
(क) देवम्
14. अलम् वृथाः
(क) रोदनेन
(ख) रोदनात्
(ग) रोदनाय
(घ) रोदनात्
उत्तर:
(क) रोदनेन
15. तं …….. समया सुन्दरम् उद्यानं वर्तते।
(क) विद्यालयात्
(ख) विद्यालयम्
(ग) विद्यालयस्य
(घ) विद्यालये
उत्तर:
(ख) विद्यालयम्
16. बाल: …………… निकषा गच्छति।
(क) मातुः
(ख) मातरम्
(ग) माता
(घ) मात्रा
उत्तर:
(ख) मातरम्
17. कुत्र ………. विना जीवनम्?
(क) वायुना
(ख) वायोर
(ग) वायवे
(घ) वायौ
उत्तर:
(क) वायुना
18. ………. विना न जीवनम्।
(क) विद्यायाः
(ख) विद्यायै
(ग) विद्याम्
(घ) विद्यया
उत्तर:
(ग) विद्याम्
19. त्वं ………… निकषा गच्छसि?
(क) कस्य
(ख) कम्
(ग) किम्
(घ) केन
उत्तर:
(ख) कम्
20. ……….. विना जीवानां जीवनम् वृथा अस्ति।
(क) जलस्य
(ख) जलम्
(ग) जलेन
(घ) जलाय
उत्तर:
(ख) जलम्
21. धिक् तान् …………….. ।
(क) राक्षसाः
(ख) राक्षसान्
(ग) राक्षसेभ्यः
(घ) राक्षसैः
उत्तर:
(ख) राक्षसान्
22. अध्यापकः ………. स्निह्यति।
(क) छात्राय
(ख) छात्रे
(ग) छात्रेण
(घ) छात्रम्
उत्तर:
(ख) छात्रे
23. धिक् एतान् …………..
(क) जाल्मेभ्यः
(ख) जाल्मान्
(ग) जाल्मैः
(घ) जाल्मानाम्
उत्तर:
(ख) जाल्मान्
24. अलम् अनेन …………..|
(क) कथनम्
(ख) कथनेन
(ग) कथनाय
(घ) कथने
उत्तर:
(ख) कथनेन
25. त्वम् अधुना विना कथं पठिष्यसि?
(क) पुस्तकस्य
(ख) पुस्तकम्
(ग) पुस्तके
(घ) पुस्तकाय
उत्तर:
(ख) पुस्तकम्
प्रश्न 6.
अधः संवादे कोष्ठकगतशब्देष उचितविभक्तिं प्रयुज्य वाक्यानि पुरयत।
(नीचे लिखे संवाद में कोष्ठक के शब्दों में उचित विभक्ति का प्रयोग करके वाक्यों को पूरा कीजिए।)
Complete the sentences by using the suitable inflexion of the words from the brackets in the following dialogue.)
(i) प्रभा — दीपक! किम् त्वमपि ……….. (हरिद्वार) प्रति चलसि?
(ii) रमेशः – अतिशोभनम् ………….. (स्वाध्याय) मा प्रमदितव्यम्। (सहसा अध्यापक: आगच्छति वदति च अलम् …………… (वार्तालाप)
(iii) माला – रमेश! किं त्वमपि …………… (कश्मीर) प्रति चलसि?
उत्तर:
(i) हरिद्वार
(ii) स्वाध्यायात्, वार्तालापेन
(ii) कश्मीरं।
कारक के उदाहरण |
कारक – उपपद विभक्तीनां प्रयोगः
प्रयच्छ — मह्यम् तण्डुलमूल्यं प्रयच्छ।
कृते — अहं तव कृते सोपानम् उत्तारयामि।
स्वर्णमयेन सोपानेन — स्वर्णमयेन सोपानेन अहम् आगच्छामि।
प्रति — सः माम् प्रति आगच्छति।
अन्तिकम् (षष्ठी) — सः पितुः अन्तिकम् अगच्छत्।
न्यवेदयत् (द्वितीया) — पुत्रः पितरं न्यवेदयत्।
आज्ञया (तृतीया/करणकारक) पुत्रः पितुः — आज्ञया गृहम् अगच्छत्।
उपसर्पतः — श्वसुरौ विमलाम् उपसर्पतः।
शपामि — अहं गुरुः ईश्वरेण शपामि।
महानसम् — माता पुत्रीम महानसम् आनयति।
सप्राणपणम् — ते सर्वे सप्राणपणम् कार्यं कुर्वन्ति।
सह — पुरुषनिरीक्षकेण सह सोमप्रभा प्रविशति।
उप+चर् — वयम् एनाम् उपचरामः।
नि+दिश् — निरीक्षकः सोमप्रभां निर्दिश्य कथयति।
कारक एवं उपपदविभक्तीनां प्रयोगः
1. नेश्वरैरगुणैः समः!
अत्र समः कारणेन गुणैः शब्दे तृतीया विभक्तिः अस्ति।
सह साकं, साधु, समं इन शब्दों के कारण तृतीया विभक्ति का प्रयोग होता है।
2. मरालैः सह हंसाः क्रीडन्ति।
अत्र ‘सह’ कारणेन मरालैः शब्दे तृतीया विभक्तिः अस्ति ।
सह, साकं, सार्धं, समं, विना तथा अंगविकार के कारण शब्दों में तृतीया विभक्ति का प्रयोग होता है।
3. सह-तेन सह केलिभिः कालं क्षेप्तुं कोऽपि न आसीत्।
अत्र सह कारणेन ‘तेन’ शब्दे तृतीया विभक्तिः अस्ति ।
4. अलं स्वच्छन्दप्रलापेन!
अत्र अलम् कारणेन प्रलापेन शब्दे तृतीया विभक्ति अस्ति।
5. गम्यतामनेन सार्धम्।
अत्र सार्धं कारणेन अनेन शब्दे तृतीया विभक्ति अस्ति।
6. तेन अभ्यागतेन सह प्रस्थितः।
अत्र सह कारणेन अभ्यागतेन शब्दे तृतीया विभक्ति अस्ति।
7. मे शिशुः यः त्वया सह नदीं गतः।
अत्र गम् धातु कारणेन नदी शब्दे द्वितीया विभक्ति अस्ति।
8. नदीतटात् स श्येनेन हतः।
जब किसी के द्वारा कोई काम होता है तो तृतीया विभक्ति का प्रयोग होता है। यहाँ हतः के कारण श्येन शब्द में
तृतीया विभक्ति प्रयुक्त भक्ति हुआ है।
9. अलमलं तव श्रमेण।
अत्र अलमलं कारणेन श्रमेण शब्दे तृतीया विभक्तिः अस्ति ।
10. लिप्यक्षरज्ञानं विना केवलं तपोभिः कथं विद्यां प्राप्नोसि?
विना कारणेन ज्ञानं शब्दे द्वितीया वि० अस्ति।
11. अक्षरज्ञानं विनैव वैदुष्यम् अवाप्तुं इच्छसि।
अत्र विना कारणेन अक्षरज्ञानं शब्दे द्वितीया विभक्तिः अस्ति।
12. “नमः एतेभ्यः “।
अत्र नमः कारणाय ‘एतेभ्यः’ शब्दे चतुर्थी विभक्तिः प्रयुक्ता।
13. अलमलं तव श्रमेण।।
अत्र अलमलं कारणेन श्रमेण शब्दे तुतीया विभक्तिः अस्ति ।
14. लिप्यक्षरज्ञानं विना केवलं तपोभिः कथं विद्यां प्राप्नोसि?
अत्र विना कारणेन ज्ञानं शब्दे द्वितीया वि० अस्ति।
15. अक्षरज्ञानं विनैव वैदुष्यम् अवाप्तुम् इच्छसि।
अत्र विना कारणेन अक्षरज्ञानं शब्दे द्वितीया विभक्तिः अस्ति।