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Class 7 Social Science Chapter 2 Question Answer in Hindi मौसम को समझना
मौसम को समझना Question Answer in Hindi
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान पाठ 2 के प्रश्न उत्तर मौसम को समझना
प्रश्न और क्रियाकलाप (पृष्ठ 42)
प्रश्न 1.
मौसम के तत्वों का उनको मापने वाले उपकरणों के साथ मिलान कीजिए।

उत्तर:
| प्रयुक्त उपकरण | मौसम के तत्व |
| 1) आर्द्रतामापी (हाइग्रोमीटर) | घ) आर्द्रता |
| 2) पवन वेगमापी (एनीमोमीटर) | ग) वायु की दिशा और गति |
| 3) वायुदाबमापी (बैरोमीटर) | ख) वायुमंडलीय दबाव |
| 4) तापमापी (थर्मामीटर) | ङ) तापमान |
| 5) वर्षामापी (रेन गेज) | क) वर्षण (प्रेसिपिटेशन) |
प्रश्न 2.
ज्योत्सना यह सोच रही है कि जून में मुंबई में अपनी विद्यालय यात्रा के समय कौन-से कपड़े साथ ले जाए। वह मौसम के पूर्वानुमान को देखती है, जो 29 डिग्री सेल्सियस और 84 प्रतिशत आर्द्रता की भविष्यवाणी करता है। आप उसको क्या सलाह देंगे?
उत्तर:
जब ज्योत्सना जून में मुंबई में यात्रा के लिए कपड़े चुन रही है, तो उसे 29 डिग्री सेल्सियस तापमान और 84 प्रतिशत आर्द्रता को ध्यान में रखना चाहिए। इस मौसम में उसे गर्मी और चिपचिपाहट का अनुभव होगा।
उसे सूती या लिनन के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये कपड़े उसे ठंडा रखने में मदद करेंगे। इसके अलावा, उसे धूप से बचने के लिए एक टोपी और धूप के चश्मे लाने चाहिए। बारिश के मौसम को देखते हुए, एक छाता या बारिश का कोट भी साथ रखना अच्छा रहेगा।
प्रश्न 3.
कल्पना कीजिए कि आपका एक छोटा समूह वर्षामापी यंत्र स्थापित कर रहा है। यहाँ उसे स्थापित करने के स्थान के कुछ विकल्प दिए गए हैं –
(i) विद्यालय का सब्जी उद्यान।
(ii) विद्यालय भवन की छत।
(iii) ऊँचे चबूतरे के साथ खुला मैदान।
(iv) विद्यालय परिसर की दीवार।
(v) विद्यालय प्रयोगशाला का बरामदा।
अपने समूह के साथ चर्चा कीजिए और सर्वाधिक उपर्युक्त स्थान का निर्धारण कीजिए। अपने निर्णय के कारणों को लिखिए।
उत्तर:
जब हम एक वर्षामापी यंत्र स्थापित करने की योजना बनाते हैं, तो सही स्थान का चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है। आपके द्वारा दिए गए विकल्पों पर चर्चा करने के बाद, मैं सुझाव दूँगा कि वर्षामापी को ‘ऊँचे चबूतरे के साथ खुला मैदान’ में स्थापित किया जाए।
इस स्थान का चयन करने के कई कारण हैं:
- कम बाधाएँ : खुला मैदान होने के कारण, वर्षामापी को बारिश के पानी को बिना किसी रुकावट के इकट्ठा करने का मौका मिलता है।
- उच्चता : ऊँचा चबूतरा होने से पानी इकट्ठा होने की संभावना कम होती है।
- स्थिरता : चबूतरें पर वर्षामापी को स्थिरता मिलती है, जिससे यह हवा या अन्य वाहरी कारकों सं प्रभावित नहीं होता है।
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प्रश्न 4.
नीचे भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, जम्मू और कश्मीर से ली गई एक सारणी है। उपलब्ध आँकड़ों को देखते हुए, दिखाए गए दिन को, जम्मू और कश्मीर के विभिन्न भागों में मौसम की स्थिति को दर्ज करने हेतु एक लघु आलेख लिखिए। (संकेत- ताप सीमा, अधिकतम और न्यूनतम तापमान, आर्द्रता, वर्षा आदि को सम्मिलित करें।)

ध्यान दें- ACT (एक्चुअल अर्थात वास्तविक), NOR (नॉर्मल अर्थात सामान्य), DEP (डिपार्चर अर्थात सामान्य से हटकर), R / F (रेनफॉल अर्थात वृष्टि), S / N (स्नोफॉल अर्थात हिमपात), TR (ट्रेस अमाउंट अर्थात् वर्षण की माप)।
उत्तर:
जम्मू और कश्मीर के मौसम की स्थिति
(1 फरवरी 2024)
1 फरवरी 2024 को जम्मू और कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम की स्थिति में काफी विविधता देखने को मिली। इस दिन श्रीनगर में अधिकतम तापमान 6.5°C और न्यूनतम तापमान 0.2°C दर्ज किया गया। तापमान की यह सीमा 6.3°C है। इस दिन श्रीनगर में हल्की वर्षा हुई, जिसमें 8: 30 बजे से 17:30 बजे तक केवल ट्रेस मात्रा में वर्षा हुई. लेकिन पूरे दिन में 2.4 सेमी बर्फबारी हुई। यहाँ की आर्द्रता 89 % रही, जो कि काफी उच्च है।
काजीगुंड में अधिकतम तापमान 3.2°C और न्यूनतम तापमान -0.4°C रहा, जिससे तापमान की सीमा 2.8°C बनती है। इस क्षेत्र में 11.8 मिमी वर्षा और 10 सेमी बर्फबारी हुई। पूरे दिन में 36.2 मिमी वर्षा और 22.0 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई। आर्द्रता 97 % रही. जो कि मौसम को ठंडा और नम बनाती है।
पहलगाम में तापमान और भी कम था, जहाँ अधिकतम तापमान 1.1°C और न्यूनतम तापमान -4.1°C रहा। यहाँ 6.0 मिमी वर्षा और 8.0 सेमी बर्फबारी हुई। आर्द्रता 96 % रही, जो कि इस क्षेत्र की ठंडक को बढ़ाती है।
कुपवाड़ा में अधिकतम तापमान 5.1°C और न्यूनतम तापमान -0.7°C रहा। यहाँ 0.5 मिमी वर्षा और 10 सेमी बर्फबारी हुई। आर्द्रता 97 % से 94 % के बीच रही।
कूकरेग में तापमान 2.6°C से -1.4°C के बीच रहा, जहाँ 12.0 मिभी वर्षा और 8.0 संमा बर्फवारी हुई। यहाँ की आर्द्रता 96 % से 97 % के बीच रही।
गुलमर्ग सबसे ठंडा स्थान था, जहाँ अधिकतम तापमान -2.6°C और न्यूनतम तापमान -7.6°C रहा। यहाँ 8.2 मिमी वर्षा और 6.35 सेमी वर्फबारी हुई। आर्द्रता 76 % से 100 % के बीच रही।
मुजक्फराबाद में मौसम अपेक्षाकृत गर्म था. जहाँ अधिकतम तापमान 8.5°C और न्यूनतम 5.6°C रहा। यहाँ 25.8 मिमी वर्षा हुई और आर्द्रता 93 % रही।
मौसम को समझना Class 7 Question Answer in Hindi
Class 7 Samajik Vigyan Chapter 2 Question Answer
महत्वपूर्ण प्रश्न (पृष्ठ 27)
प्रश्न 1.
हम अपने आस-पास के मौसम का आकलन एवं निरीक्षण किस प्रकार कर सकते हैं?
उत्तर:
हम अपने आस-पास के मौसम का आकलन और निरीक्षण विभिन्न उपकरणों और तरीकों का उपयोग करके कर सकते हैं। यहाँ कुछ सामान्य तरीके दिए गए हैं:
- तापमापी : यह उपकरण तापमान को मापने के लिए उपयोग किया जाता है। इससे हमें पता चलता है कि हवा कितनी गर्म या ठंडी है।
- वायुदाबमापी : यह वायुमंडलीय दबाव को मापता है। वायुदाब में परिवर्तन मौसम में बदलाव का संकेत दे सकता है, जैसे तूफान या साफ आसमान।
- पवनमापी : यह हवा की गति और दिशा को मापता है। हवा की गति जानना नौकायन या उड़ान के लिए महत्वपूर्ण होता है।
- आर्द्रता मापी : यह हवा में जलवाष्प की मात्रा को मापता है। आर्द्रता का माप खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में बहुत महत्वपूर्ण है।
- वृष्टि मापी : यह वर्षा की मात्रा को मापता है। इससे हमें पता चंलता है कि किसी विशेष क्षेत्र में कितनी वर्षा हुई है।
- मौसम उपग्रह : ये अंतरिक्ष से मौसम पैटर्न की छवियाँ और डेटा प्रदान करते हैं। ये मौसम वैज्ञानिकों को तूफानों का पता लगाने और बड़े क्षेत्रों में मौसम के बदलाव की भविष्यवाणी करने में मदद करते हैं।
- मौसम केंद्र : ये कई उपकरणों को मिलाकर एक स्थान पर मौसम की पूरी तस्वीर प्रदान करते हैं। ये तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और दिशा, वर्षा और वायुदाब को एक साथ माप सकते हैं।
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प्रश्न 2.
भारी वर्षा, तूफान, सूखा और ताप लहर (हीट वेव) जैसी घटनाओं के लिए तैयार रहने में मौसम की भविष्यवाणियाँ किस प्रकार हमारी सहायता करती हैं?
उत्तर:
मौसम की भविष्यवाणियाँ हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि ये हमें यह जानने में मदद् करती हैं कि हमें किस प्रकार के मौसम की उम्मीद करनी चाहिए। यहाँ कुछ मुख्य बिंदु हैं जो यह बताते हैं कि मौसम की भविष्यवाणियाँ कैसे हमारी सहायता करती हैं:
- भारी वर्षा और बाढ़ : यदि हमें पता है कि भारी वर्षा आने वाली है, तो हम सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर सकते हैं।
- तूफान : जिन क्षेत्रों में तूफान आने की संभावना होती है, वहाँ रहने वाले लोगों को घर के अंदर रहने या जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की चेतावनी दी जा सकती है।
- कृषि : किसान मौसम की भविष्यवाणी के आधार पर अपने कार्यों की योजना बना सकते हैं, जैसे कि फसल बोने या काटने का सही समय। इससे उनकी फसलें बेहतर होती हैं।
- सूखा : सूखे की स्थिति में, पहले से जानकारी होने से हम पानी को बचाने और सही तरीके से उपयोग करने की योजना बना सकते हैं।
- ताप लहर : ताप लहरों की भविष्यवाणी हमें ठंडा रहने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए सतर्क कर सकती है, जो विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण है।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 28)
प्रश्न:
आप अपनी स्थानीय भाषा में मौसम का वर्णन करने के लिए किन-किन शब्दों का प्रयोग करते हैं? हॉट, कोल्ड, वॉर्म, चिली, क्रिस्प, प्लेजेंट आदि सामान्यतः अंग्रेजी भाषा में उपयोग किए जाने वाले शब्द हैं।
उत्तर:
स्थानीय भाषा में मौसम का वर्णन करने के लिए कई शब्द होते हैं, जैसे-
- गर्मी – गर्म मौसम के लिए।
- ठंडी – ठंडे मौसम के लिए।
- सुखद – सुखद् मौसम के लिए।
- बारिश – वर्षा के लिए।
- आँधी – तूफान के लिए।
- सुहावना – आरामदायक मौसम के लिए।
आइए विचार करें (पृष्ठ 29)
प्रश्न:
कल्पना कीजिए कि चेन्नई का कृष्णन कश्मीर में रहने वाले आमिर से वार्तालाप कर रहा है। कृष्णन कह रहा है कि पिछली रात की वर्षा के बाद चेन्नई में ठिठुरन हो गई है। आमिर पूछता है कि वहाँ कितनी ठंड है। कृष्णन आमिर को कैसे बताएगा कि चेन्नई में कितनी ठंड है? आखिरकार, कृष्णन के लिए जो मौसम ठंडा है, वह आमिर के लिए बहुत सुहावना हो सकता है।
उत्तर:
आमिर को चेन्नई में ठंड का अनुभव समझाने के लिए तापमान की जानकारी दे सकता है। वह कह सकता है, “चेन्नई में तापमान 20°C है।” इस तरह से आमिर को यह समझने में मदद मिलेगी कि कृष्णन को कितनी ठंड लग रही है। तापमान एक सामान्य मानक है, जिससे वे अपने मौसम की स्थिति की तुलना कर सकते हैं।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 29)
प्रश्न:
आपके अनुसार मौसम के अधिक सटीक आकलन के क्या लाभ हो सकते हैं? (संकेत- कुछ घंटे अथवा कुछ दिन पहले मौसम के विषय में पूर्व जानकारी आपको कुछ गतिविधियों की योजना बनाने में किस प्रकार सहायता करेगी?)
उत्तर:
मौसम के अधिक सटीक आकलन के कई लाभ होते हैं। उदाहरण के लिए, सटीक मौसम पूर्वानुमान हमें चराई, कृषि और यात्रा जैसी गतिविधियों के लिए भी सही निर्णय लेने में मदद करता है। अत्यधिक मौसम की स्थिति, जैसे तूफान या बर्फबारी, के लिए भी सही पूर्वानुमान आवश्यक है। इससे हम सुरक्षित रह सकते हैं और संभावित नुकसान को कम कर सकते हैं।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 30)
प्रश्न:
अपने आस-पड़ोस के बुजुर्गों से बात कीजिए और उनसे पूछिए कि वे मौसम का पूर्वानुमान कैसे लगाते हैं। वे किन संकेतकों का अवलोकन करते हैं? अपनी क्षेत्रीय भाषा में प्रचलित कुछ कहावतें, जो मौसम के पूर्वानुमान से संबंधित हों, उन्हें लिखिए।
उत्तर:
मौसम का पूर्वानुमान लगाने के लिए हमारे आस-पड़ोस के बुजुर्ग कई प्राकृतिक संकेतों का अवलोकन करते हैं। जैसे, वे चींटियों को अपने अंडों को ऊँचाई पर ले जाते हुए देखते हैं, मेंढक की टर्र-टर और पक्षियों का नीचा उड़ना। ये संकेत बताते हैं कि बारिश आने वाली है।
कुछ क्षेत्रीय कहावतें भी प्रचलित हैं, जैसे- “जब रात को आसमान लाल होता है, तो सुबह धूप की उम्मीद करें।” इस तरह की कहावतें मौसम के बदलाव को समझने में मदद करती हैं।
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इसे अनदेखा न करें (पृष्ठ 32)
प्रश्न:
सूर्य से वर्षा क्यों होती है? क्या आप इसका कारण सोच सकते हैं?
उत्तर:
बारिश का होना सूर्य की गर्मी के कारण होता है। जब सूर्य जल को गर्म करता है, जैसे- महासागरों, नदियों और झीलों से, तो वह जल वाष्प में बदल जाता है और वायुमंडल में उठता है।
जब यह वाष्प ठंडी होती है, तो यह छोटे-छोटे बूँदों में संघनित हो जाती है और बादल बनाती है।
जब ये बूँदें एकत्रित होकर भारी हो जाती हैं, तो वे पृथ्वी पर वर्षा के रूप में गिरती हैं।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 32)
प्रश्न 1.
यहाँ मध्य प्रदेश में एक नगर के तापमान को एक तालिका द्वारा प्रस्तुत किया गया है। सप्ताह में अधिकतम और न्यूनतम तापमान कितना है? ताप सीमा (रेंज) का आकलन कीजिए।

उत्तर:
सप्ताह में अधिकतम और न्यूनतम तापमान :
- अधिकतम तापमान : 32°C(03.03 .2025)
- न्यूनतम तापमान : 14°C(05.03 .2025)
- ताप सीमा (रेंज) का आकलन : ताप सीमा का आकलन करने के लिए हम निम्नलिखित सूत्र का उपयोग करते हैं:
- ताप सीमा = अधिकतम तापमान – न्यूनतम तामपान
- यहाँ, ताप सीमा = 32°C-14°C = 18°C
प्रश्न 2.
कुष्णन और आमिर के बीच हुए वार्तालाप को याद करें। अगर कृष्णन कहता है कि चेन्नई में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस है और उसे थोड़ी ठंड लग रही है, तो उसके और आमिर के पास कोई साधन होगा जिससे वे दोनों इसे समझ सकते हों। आमिर द्वारा कृष्णन के कथन पर दी गई प्रतिक्रिया के बारे में आप क्या सोचते हैं?
उत्तर:
जब कृष्णन कहता है कि चेन्नई में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस है और उसे ठंड लग रही है, तो आमिर, जो कश्मीर में रहता है, उसे यह अजीब लग सकता है। कश्मीर में तापमान अक्सर 0 डिग्री या उससे भी कम होता है, इसलिए आमिर सोच सकता है कि 20 डिग्री सेल्सियस तो बहुत अच्छा है।
आइए विचार करें (पृष्ठ 35)
प्रश्न:
आपके अनुसार वायुमंडलीय दाब को मापना क्यों महत्वपूर्ण है? वे कौन हैं जिन्हें इस प्रकार के मापनों की सर्वाधिक आवश्यकता होती है?
उत्तर:
वायुमंडलीय दबाव को मापना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे मौसम में होने वाले बदलावों का अनुमान लगाया जा सकता है। जैसे, यदि दबाव कम है, तो इसका मतलब है कि बारिश या तूफान आ सकता है। और यदि दबाव अधिक है, तो मौसम साफ रहने की संभावना होती है।
इस प्रकार के मापनों की सबसे अधिक आवश्यकता मौसम विज्ञानियों (मौसम विशेषज्ञों), पायलटों और किसानों को होती है।
आइए विचार करें (पृष्ठ 36)
प्रश्न:
क्या आपने बीजों को इस प्रकार से पवन में उड़ते देखा है? अगर पवन न होती तो इन बीजों का क्या होता?
उत्तर:
हाँ, जब पवन होती है, तो बीज हवा में उड़कर दूर-दूर तक पहुंच सकते हैं। अगर पवन नहीं होती, तो बीज अपने माता-पिता के पौधों के पास ही गिरते। इससे पौधों में भीड़-भाड़ हो सकती है, जिससे संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ती है।
इससे पौधों की वृद्धि सीमित हो जाती है और जैव विविधता में कमी आती है। पवन बीजों को नए क्षेत्रों में फैलाने में मदद करती है।
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आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 37)
प्रश्न:
कोच्चि और जयपुर में कहाँ अधिक आर्द्रता होने की संभावना है? इसके बारे में आप क्या सोचते हैं? आप अनुमान लगा सकते हैं कि समुद्र के निकट होने के कारण कोच्चि में जयपुर की तुलना में अधिक आर्द्रता होगी। किंतु हम निश्चित रूप से इसे कैसे जान सकते हैं? यदि हमे कोच्चि और मंगलुरू के बीच आर्द्रता की तुलना करनी हो, तो हम यह कैसे करेंगे? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।
उत्तर:
कोच्चि और जयपुर में आर्द्रता की तुलना करते समय, हमें यह समझना चाहिए कि कोच्चि समुद्र के निकट है, जबकि जयपुर एक शुष्क क्षेत्र है। इसलिए, काच्चि में अधिक आर्द्रता होने की संभावना है। आर्द्रता को मापने के लिए हम आर्द्रतामापी का उपयोग कर सकते हैं, जो हवा में जलवाष्प की मात्रा बताता है।
यदि हमें कोच्चि और मंगलुरू के बीच आर्द्रता की तुलना करनी हो, तो हम दोनों स्थानों पर एक ही समय में आर्द्रतामापी का उपयोग करेंगे। इससे हमें यह पता चलेगा कि किस स्थान पर आर्द्रता का प्रतिशत अधिक है। उच्च प्रतिशत का मतलब है कि वहाँ हवा में अधिक नमी है।
आइए विचार करें (पृष्ठ 38)
प्रश्न:
यदि दिल्ली में आर्द्रता 52 प्रतिशत और कोच्चि में 84 प्रतिशत हो, तो दोनों स्थानों में से कहाँ गीले कपड़ों के जल्दी सूखने की संभावना है? यदि दोनों स्थानों पर तापमान समान है, तो कहाँ आपको अधिक पसीना आने की संभावना है?
उत्तर:
जब दिल्ली में आर्द्रता 52 प्रतिशत है और कोच्चि में 84 प्रंतिशत है, तो दिल्ली में गीले कपड़े जल्दी सूखने की संभावना है। इसका कारण यह है कि जब आर्द्रता कम होती है, तो वायु में पानी के वाष्प की मात्रा कम होती है, जिससे पानी जल्दी वाष्पित हो जाता है।
यदि तापमान समान है, तो आपको कोच्चि में अधिक पसीना आने की संभावना है। उच्च आर्द्रता के कारण, पसीना जल्दी सूख नहीं पाता और यह गर्मी का अनुभव बढ़ाता है।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 41)
प्रश्न:
विभिन्न परिस्थितियों में मौसम का पूर्वानुमान किस प्रकार सहायक हैं, इसकी चर्चा समूह में कीजिए। एक सूची बनाइए और बनाने के बाद अपने निकट बैठे समूह के साथ इसे साझा कर चर्चा कीजिए। आप अलग-अलग परिस्थितियों की कितनी श्रेणियों की पहचान कर सकते हैं?
उत्तर:
मौसम का पूर्वानुमान विभिन्न परिस्थितियों में बहुत सहायक होता है। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं:
- बाहरी कार्यक्रम : यदि आप पिकनिक, खेल या शादी की योजना बना रहे हैं, तो मौसम का पता होना यह तय करने में मदद करता है कि कार्यक्रम को अंदर ले जाना है या बाहर किया जा सकता है।
- यात्रा की योजनाएँ : यात्रा करते समय यह जानना जरूरी है कि बारिश, बर्फबारी या तूफान होगा या नहीं। इससे आप सही कपड़े पैक कर सकते हैं और देरी के लिए योजना बना सकते हैं।
- आपातकालीन तैयारी : जब भीषण मौसम जैसे तूफान, चक्रवात या बाढ़ की संभावना होती है, तो पूर्वानुमान लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने में मदद कर सकता है।
- कृषि : किसान मौसम के पूर्वानुमान पर निर्भर करते हैं ताकि वे अपनी फसल बोने या काटने का सही समय जान सकें। इससे उन्हें अच्छी उपज सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
- स्वास्थ्य : मौसम का पूर्वानुमान लोगों को गर्मी की लहरों या ठंड के झटकों के बारे में सूचित कर सकता है, जो विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण है।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 41)
प्रश्न 1.
आप उस दिन क्या-क्या घटित होते हुए देखते हैं? वे कौन-कौन सी परिस्थितियाँ हैं, जिनके बारे में भारतीय मौसम विभाग लोगों को सचेत कर रहा है?
उत्तर:
इस दिन कई राज्यों में गरज और बिजली गिरने की संभावना थी। तमिलनाडु, केरल, अरुणाचल प्रदेश और लक्षद्वीप में भारी बारिश की चेतावनी थी। मध्य क्षेत्र में गर्म और आर्द्र मौसम था।
प्रश्न 2.
किन राज्यों में चेतावनी के संकेत हैं?
उत्तर:
चेतावनी के संकेत पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, तमिलनाडु और केरल में हैं। ये राज्य मौसम की गंभीर परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं।
प्रश्न 3.
भारत के कौन-से भाग भीषण मौसमी घटनाओं से मुक्त हैं?
उत्तर:
अंडमान और निकोबार द्वीप, मिजोरम, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर भीषण मौसमी घटनाओं से मुक्त हैं। यहाँ मौसम सामान्य रहता है।
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प्रश्न 4.
किन राज्यों में ताप लहर की संभावना है?
उत्तर:
मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश. राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा में ताप लहर की संभावना है। यहाँ गर्मी अधिक हो सकती है।
प्रश्न 5.
त्रिपुरा और लक्षद्वीप में चेतावनी के क्या कारण हैं?
उत्तर:
त्रिपुरा में गरज और बिजली गिरने की चेतावनी है। लक्षद्वीप में भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की चेतावनी है। यह मौसम की गंभीरता को दर्शाता है।