Experts have designed these Class 7 Social Science Notes in Hindi and Class 7 SST Chapter 2 Notes in Hindi मौसम को समझना for effective learning.
Understanding the Weather Class 7 Notes in Hindi
मौसम को समझना Class 7 Notes
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान अध्याय 2 नोट्स मौसम को समझना
→ मौसम : पृथ्वी के वायुमंडल की स्थिति, जिसमें तापमान, आर्द्रता, वर्षा, पवन और दृश्यता जैसे कारक शामिल होते हैं।
→ वायुमंडल : पृथ्वी के चारों ओर गैसों की परत, जो मुख्य रूप से नाइट्रोजन और ऑक्सीजन से बनी होती है, जो जीवन का समर्थन करती है और मौसम के लैटर्न को प्रभावित करती है।
→ सहिमवृष्टि : जमी हुई या आंशिक रूप से जमी हुई वर्षा।
→ ओले : छोटे, कठोर बर्फ के गोले जो बारिश की तरह आसमान से गिरते हैं।
→ जलवाष्प : जल का वह रूप जो गैसीय अवस्था में होता है, न कि तरल रूप में।
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→ क्षोभमंडल : वायुमंडल की सबसे निचली परत, जो पृथ्वी की सतह से लगभग 6 से 18 किलोमीटर ऊँचाई तक फैली होती है, जहाँ अधिकांश मौसम की घटनाएँ होती हैं।
→ वायुदाबमापी : एक उपकरण जो वायुमंडलीय दाब को मापने के लिए उपयोग किया जाता है, जिसे आमतौर पर मिलीबार ‘mb) में व्यक्त किया जाता है।
→ उच्च दबाव प्रणाली : एक क्षेत्र जहाँ वायुमंडलीय दबाव आस-पास के क्षेत्रों की तुलना में अधिक होता है, जो अक्सर साफ आसमान और शांत मौसम से जुड़ा होता है।
→ निम्न दबाव प्रणाली : एक क्षेत्र जहाँ वायुमंडलीय दबाव आस-पास के क्षेत्रों की तुलना में कम होता है, जो अक्सर बादल और वर्षा का कारण बनता है और तूफान या चक्रवात में विकसित हो सकता है।
→ आर्द्रता : हवा में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा इसे सामान्यतः प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है, जो यह दर्शाता है कि हवा कितनी नमी से संतृप्त है।
→ वर्षण : वायुमंडल से पृथ्वी की सतह पर गिरने वाला जल, जो तरल या ठोस रूप में हो सकता है, जैसे- वर्षा, बर्फ, स्लीट और ओले।
→ तापमान : वायुमंडल की गर्मी या ठंड का माप, जिसे सामान्यतः डिग्री सेल्सियस (°C) या फॉरेनहाइट (°F) में मापा जाता है।
→ जलवायु : किसी विशेष क्षेत्र में लंबे समय तक (आमतौर पर 30 वर्षों या उससे अधिक) मौसम की औसत स्थितियाँ।
→ पर्यानुकूलन : वह प्रक्रिया जिसके द्वारा शरीर अपने वातावरण में बदलावों के प्रति समायोजित होता है, जैसे ऊँचाई या तापमान में परिवर्तन।
→ पूर्वानुमान : वर्तमान मौसम डेटा के आधार पर भविष्य के मौसम की स्थितियों की भविष्यवाणी करने की प्रक्रिया।
→ सापेक्ष आर्द्रता : हवा में वर्तमान जलवाष्प की मात्रा का उस अधिकतम मात्रा से अनुपात जो उस तापमान पर हवा रख
सकती है, इसे प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है।
→ मौसम विज्ञान : मौसम और इसके विकास का प्रणालीबद्ध अध्ययन। यह अध्ययन मौसम पूर्वानुमान का आधार है।
→ आँकड़े : जानकारी या डेटा को इकट्ठा करने और विश्लेषण करने की तकनीक, ताकि पैटर्न का पता लगाया जा सके, घटनाओं को समझा जा सके या भविष्यवाणियाँ की जा सकें।
→ चक्रवात : एक बड़े पैमाने पर वायु द्रव्यमान जो एक मजबूत निम्न वायुमंडलीय दबाव केंद्र के चारों ओर घूमता है, अक्सर गंभीर मौसम की स्थितियों का परिणाम होता है।
→ ओस बिंदु : वह तापमान जिस पर हवा नमी से संतृप्त हो जाती है और जलवाष्प तरल जल (ओस) में संघनित होना शुरू होता है।
→ मौसम चेतावनी : मौसम विज्ञान एजेंसियों द्वारा जारी एक सूचना जो जनता को गंभीर मौसम की स्थितियों के बारे में चेतावनी
देती है, जो सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
→ मौसम
किसी समय और स्थान विशेष पर पृथ्वी की वायुमंडलीय दशाओं को मौसम कहते हैं। इसके 5 मुख्य तत्व होते हैं। मौसम को गर्म, ठंडा, बारिश, हवा, बादलों से भरा आदि के रूप में वर्णित किया जाता है।
→ मौसम के उपकरण
प्राकृतिक मौसम का अवलोकन करने के लिए।
तापमान : तापमान मापने के लिए थर्मामीटर का उपयोग किया जाता है (डिग्री सेल्सियस /फॉरेनहाइट में)।
तापमान की गणना : \(\)\frac{{ }^{\circ} \mathrm{C} \times 9}{5}\(\) + 32 = °F
औसत दैनिक तापमान = 
वर्षण : वर्षा की माप करने के लिए वर्षा मापी का उपयोग किया जाता है (मि.ली. में)।
वायुमंडलीय दबाव : इसे वायुदाबमापी (बैरोमीटर) द्वारा मापा जाता है।
पवन / हवा : दो पहलू- दिशा और गति दिशा को हवा के दिशा सूचक (विंड वेन) द्वारा मापा जाता है (उत्तर/ दक्षिण / पूर्व / पश्चिम)।
गति को पवन वेगमापी द्वारा मापा जाता है (किमी./घंटा में)।
आर्द्रता : इसे सापेक्षिक आर्द्रता के रूप में मापा जाता है।
सूखे मौसम की आर्द्रता (20 – 40%)
नम मौसम की आर्द्रता (60 – 80%)
100% आर्द्रता वर्षा / कोहरा उत्पन्न करती है।
इसे आर्द्रतामापी द्वारा मापा जाता है।
→ वायुमंडल
गैसों की परत जो एक ग्रह के चारों ओर होती है।
साँस लेना, सूर्य की विकिरण से सुरक्षा प्रदान करना।
तापमान को नियंत्रित करता है।
मौसम की घटनाएँ क्षोभमंडल (ट्रोपोस्फीयर, 6-18 किमी) में होती हैं।
→ तत्व
तापमान (गर्म या ठंडा)
वर्षण ( बारिश के रूप में पानी / बर्फ)।
वायुमंडलीय दबाव (हमारे ऊपर का वजन)
पवन (हवा का गति और दिशा)
आर्द्रता (हवा में जल वाष्प की मात्रा)
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→ मौसम का महत्व
बारिश के प्रतिरूपों को पहचानना
ताप लहर, तूफान आदि की भविष्यवाणी करना।
→ मौसम केंद्र
मौसम से संबंधित जानकारी एकत्र करने के स्थान।
स्वचालित मौसम केंद्र (AWS) अपने आप संवेदकों (सेंसर) का उपयोग करके काम करते हैं।
→ मौसम पूर्वानुमान के चरण
- मौसम को समझना।
- प्रकृति का अवलोकन करना।
- प्रौद्योगिकी का उपयोग करना-तापमापी, वायुदाबमापी, पवन वेगमापी, वर्षामापी, आर्द्रतामापी, वायु वेन।
- आँकड़े एकत्रित करना।
- पूर्वानुमान बनाना।
→ मौसम पूर्वानुमान का महत्व
गतिविधियों की योजना बनाने में मदद करता है।
किसानों पायलटों और आपातकालीन सेवाओं की मदद करता है।
समय पर निवारक उपाय करने में मदद करता है।