Students revise important topics using Class 7 SST Extra Questions Chapter 10 वस्तु विनिमय से मुद्रा तक Extra Questions before exams.
वस्तु विनिमय से मुद्रा तक Class 7 Extra Question Answer
Class 7 SST Chapter 11 Extra Question Answer in Hindi वस्तु विनिमय से मुद्रा तक
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
मुद्रा का संग्रहण क्या है?
उत्तर:
- मुद्रा के संग्रहण का अर्थ है कि इसे भविष्य में उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।
- उदाहरण के लिए, यदि किसान गेहूँ की जगह मुद्रा का उपयोग करता है, तो वह इसे लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है।
- यह मुद्रा को एक स्थायी मूल्य के रूप में कार्य करने में मदद करता है, जिससे भविष्य में खरीदारी की जा सके।
प्रश्न 2.
मुद्रा के उपयोग का महत्व क्या है?
उत्तर:
- मुद्रा का उपयोग व्यापार को सरल और सुविधाजनक बनाता है, जिससे लेन-देन करना आसान होता है।
- यह विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को मापने का एक मानक प्रदान करता है।
- मुद्रा के माध्यम से श्रमिक अपने वेतन को प्राप्त करते हैं और आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी करते हैं।
प्रश्न 3.
प्राचीन सिक्कों के निर्माण की प्रक्रिया क्या थी?
उत्तर:
- प्राचीन समय में सिक्के शासकों द्वारा ढाले जाते थे, जो नागरिकों के लिए मान्यता प्राप्त मुद्रा होती थी।
- सिक्कों को महँगी धातुओं जैसे सोना, चाँदी और ताँबा से बनाया जाता था।
- सिक्कों पर विभिन्न चिह्न और आकृतियाँ उकेरी जाती थीं, जो उस समय के राजाओं और देवी-देवताओं का प्रतिनिधित्व करती थीं।
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प्रश्न 4.
डिजिटल मुद्रा के लाभ क्या हैं?
उत्तर:
- डिजिटल मुद्रा लेन-देन को तेज और सुविधाजनक बनाती है, जिससे उपयोगकर्ता आसानी से भुगतान कर सकते हैं।
- यह भौतिक मुद्रा की आवश्यकता को कम करती है, जिससे सिक्कों और नोटों को ले जाने की समस्या समाप्त होती है।
- डिजिटल लेन-देन सुरक्षित होते हैं और इन्हें आसानी से ट्रैक किया जा सकता है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होती है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
वस्तु विनिमय प्रणाली की सीमाएँ क्या हैं?
उत्तर:
- वस्तु विनिमय प्रणाली में मूल्य का सामान्य मानक नहीं होता, जिससे विनिमय करना कठिन हो जाता है।
- विभाज्यता की समस्या होती है; जैसे बैल का कुछ हिस्सा देना संभव नहीं है।
- सुवाह्यता की समस्या होती है; भारी वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना कठिन होता है।
- टिकाऊपन की समस्या भी होती है; कुछ वस्तुएँ जल्दी खराब हो जाती हैं।
- इन समस्याओं के कारण, वस्तु विनिमय प्रणाली में कई बाधाएँ आती हैं।
प्रश्न 2.
आवश्यकताओं का द्विसंयोग का क्या अर्थ है?
उत्तर:
- यह एक आर्थिक अवधारणा है, जिसमें दो व्यक्तियों की आवश्यकताएँ एक-दूसरे से मेल खाती हैं।
- इसका अर्थ है कि एक व्यक्ति के पास ऐसी वस्तु हो, जिसकी दूसरे व्यक्ति को आवश्यकता हो।
- दोनों व्यक्तियों को एक-दूसरे की वस्तुओं का विनिमय करने के लिए सहमत होना चाहिए।
- यदि कोई एक व्यक्ति अपनी वस्तु का मूल्य नहीं समझता है, तो वह विनिमय में रुचि नहीं रखेगा।
- यह प्रणाली वस्तु विनिमय के लिए आवश्यक है, लेकिन अक्सर कठिनाई उत्पन्न करती है।
प्रश्न 3.
प्राचीन काल में किस प्रकार की वस्तुओं का विनिमय किया जाता था?
उत्तर:
- प्राचीन काल में लोग कौड़ी, नमक, चायपत्ती और कपड़े जैसी वस्तुओं का विनिमय करते थे।
- पशुधन जैसे गाय, बकरी, और घोड़े भी विनिमय के लिए उपयोग में लाए जाते थे।
- बीज और अन्य कृषि उत्पाद भी विनिमय के लिए महत्वपूर्ण थे।
- ये वस्तुएँ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार चुनी जाती थीं।
- इस प्रणाली में वस्तुओं का मूल्य उनके उपयोग और माँग पर निर्भर करता था।
प्रश्न 4.
वस्तु विनिमय प्रणाली के लाभ क्या हैं?
उत्तर:
- यह प्रणाली सरल और सीधी होती है, जिसमें मुद्रा का उपयोग नहीं होता।
- लोग अपनी आवश्यकताओं के अनुसार वस्तुओं का आदान-प्रदान कर सकते हैं।
- यह स्थानीय स्तर पर सामुदायिक संबंधों को मजबूत करती है।
- वस्तुओं का पुन: उपयोग होने से संसाधनों की बर्बादी कम होती है।
- यह प्रणाली पारंपरिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है।
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प्रश्न 5.
वस्तु विनिमय प्रणाली में टिकाऊपन की समस्या का समाधान कैसे किया जा सकता है?
उत्तर:
- टिकाऊ वस्तुओं का चयन करके, जैसे अनाज या अन्य दीर्घकालिक वस्तुएँ, समस्या को कम किया जा सकता है।
- वस्तुओं को सही तरीके से संग्रहित करने से उनके खराब होने की संभावना कम होती है।
- स्थानीय बाजारों में वस्तुओं का आदान-प्रदान करने से ताजगी बनी रहती है।
- एक स्थायी विनिमय प्रणाली विकसित करने के लिए सामुदायिक सहयोग आवश्यक है।
- शिक्षा और जागरूकता बढ़ाने से लोग टिकाऊ विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
स्थिति अध्ययन
कल्पना कीजिए कि आप एक बागवान हैं और आपके पास कई प्रकार की सब्जियाँ हैं, जैसे-टमाटर, भिंडी और बैंगन। आपके पड़ोसी को इन सब्जियों की आवश्यकता है, लेकिन उसके पास आपके लिए केवल कुछ मुर्गियाँ हैं। आपको इन मुर्गियों का उपयोग करके अपने लिए कुछ आवश्यक वस्तुएँ प्राप्त करनी हैं, जैसे कि चावल और दाल। आपको पहले किसी ऐसे व्यक्ति को खोजना होगा जो मुर्गियों के बदले चावल देने को तैयार हो। फिर आपको चावल को किसी अन्य व्यक्ति के पास ले जाकर दाल के लिए विनिमय करना होगा।
प्रश्न 1.
उपर्युक्त उदाहरण में आवश्यकताओं के द्विसंयोग के क्या दृष्टांत हैं?
उत्तर:
आपके उदाहरण में आवश्यकताओं के द्विसंयोग का दृष्टांत यह है कि बागवान को मुर्गियों के बदले चावल और फिर चावल के बदले दाल प्राप्त करनी है।
प्रश्न 2.
बागवान को किस प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है?
उत्तर:
उचित मात्रा का निर्धारण और सब्जियों की ताजगी बनाए रखना।
प्रश्न 3.
बागवान की स्थिति में मूल्य के सामान्य मानक माप की कमी के कारण कौन-सी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?
उत्तर:
- मूल्य का निर्धारण करना कठिन होगा, जिससे लेन-देन में असुविधा होगी।
- यदि दोनों पक्षों को समान मूल्य का समझ नहीं आता है, तो लेन-देन में विफलता हो सकती है।
वस्तु विनिमय से मुद्रा तक Class 7 MCQ
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए चार्ट में खाली स्थानों को भरने के लिए उपयुक्त विकल्प चुने :
| वस्त्. विनियय प्रणाली | विशेषताएँ |
| वस्तु विनिमय प्रणाली | बिना मुद्रा के वस्तुओं और संवाओं का आदान प्रदान करने का तराका। |
| ? | किसी वस्तु को एक स्थान से दूमर स्थान पर ले जाने की क्षमता। |
| ? | यह प्रणाली तब भी सीमित होती है जब वस्तु का मूल्य निर्धारित करना कठिन हो जाता है। |
(क) सुवाह्यता, विभाज्यता
(ख) विभाज्यता, एँकाऊपन
(ग) टिकाऊपन सुवाह्यता
(क) आवश्यकताओं का द्वस्याग. सुवाह्यता
उत्तर:
(क) सुवाह्मता, विभाज्यता
प्रश्न 2.
प्रार्चीन काल में, लोग अपनी वस्तुओं और सेवाओं का विनिमय अन्य वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए करते थे। इस प्रणाली को वस्तु विनिमय प्रणाली (बार्टर सिस्टम) कहा जाता है। इस प्रणाली में सबसे बड़ी समस्या क्या होती थी?
(क) वस्तुओं का मूल्य निर्धारित करना
(ख) वस्तुओं का भंडारण करना
(ग) वस्तुओं का परिवहन करना
(घ) वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना
उत्तर:
(क) वस्तुओं का मूल्य निर्धारित करना
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प्रश्न 3.
वस्तु विनिमय प्रणाली में, यदि एक व्यक्ति के पास ऐसी वस्तु है जिसकी दूसरे व्यक्ति को आवश्यकता है, लेकिन वह वस्तु सीधे तौर पर विनिमय के लिए स्वीकार्य नहीं है, तो इसे किस समस्या के रूप में जाना जाता है?
(क) विभाज्यता की समस्या
(ख) टिकाऊपन की समस्या
(ग) आवश्यकताओं का द्विसंयोग
(घ) सवाह्यता की समस्या
उत्तर:
(ग) आवश्यकताओं का द्विसंयोग
प्रश्न 4.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : आवश्यक्ताओं का द्विसंयोग एक महत्वपूर्ण समस्या है।
कथन II : इस समस्या के कारण वस्तु विनिमय प्रणाली में कठिनाई होती है।
विकल्प:
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(घ) दोनों I और II सही हैं।
प्रश्न 5.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : मुद्रा का उपयोग वस्तु विनिमय प्रणाली गं नहीं होता।
कथन II : मुद्रा का उपयोग वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को निर्धारित करने में होता है।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
प्रश्न 6.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें:
कथन I : टिकाऊपन की समस्या का अर्थ है किसी वस्तु का लंबे समय तक सुरक्षित रखना।
कथन II : टिकाऊपन की समस्या वस्तु विनिमय प्रणाली में महत्वपूर्ण नहीं .है।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(क) कथन I सही है और II गलत है।
रिक्त स्थान भरिए
1. सिक्के ढालने की प्रक्रिया को ______ कहा जाता है।
उत्तर: मिंटिंग
2. कागजी मुद्रा या करेंसी पहली बार ______ में प्रयोग की गई थी।
उत्तर: चीन
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3. डिजिटल मुद्रा को ______ के माध्यम से लेन-देन के ल्लिए प्रयोग किया जाता है।
उत्तर: मोबाइल फोन
4. मुद्रा एक सामान्य ______ के रूप में कार्य करती है, जिसके द्वारा वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को मापा जाता है।
उत्तर: अंकित मूल्य।
सत्य/असत्य संबंधी प्रश्न
1. मुद्रा का मुख्य कार्य मूल्य के संग्रहण (स्टोर ऑफ वैल्यू) का है।
उत्तर: सत्य
2. सिक्के केवल सोने और चाँदी से बनाए जाते हैं।
उत्तर: असत्य।
3. डिजिटल मुद्रा का प्रयोग केवल बड़े लेन-देन के लिए किया जाता है।
उत्तर: असत्य।
4. भारतीय रिजर्व बैंक के अलावा कोई अन्य संस्था मुद्रा जारी कर सकती है।
उत्तर: असत्य।
कॉलम मिलाएँ
| कॉलम अ | कॉलम ब |
| 1. स्थिरता | (क) छोटे हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है |
| 2. स्वीकार्यता | (ख) लंबे समय तक उपयोग में लाने की क्षमता |
| 3. विभाजनशीलता | (ग) व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त होना |
| 4. टिकाऊपन | (घ) समय के साथ मूल्य में परिवर्तन |
उत्तर:
| कॉलम अ | कॉलम ब |
| 1. स्थिरता | (घ) समय के साथ मूल्य में परिवर्तन |
| 2. स्वीकार्यता | (ग) व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त होना |
| 3. विभाजनशीलता | (क) छोटे हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है |
| 4. टिकाऊपन | (ख) लंबे समय तक उपयोग में लाने की क्षमता |