Understanding the question and answering patterns through Geography Practical Book Class 12 Solutions in Hindi Chapter 4 आंकड़ों का प्रक्रमण एवं मानचित्रण में कंप्यूटर का उपयोग will prepare you exam-ready.
Class 12 Geography Practical Chapter 4 Question Answer in Hindi आंकड़ों का प्रक्रमण एवं मानचित्रण में कंप्यूटर का उपयोग
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।
(i) निम्नलिखित आँकड़ों के प्रदर्शन के लिए आप किस प्रकार के ग्राफ का उपयोग करेंगे?
(क) रेखा
(ख) बहुदण्ड आलेख
(ग) वृत्त आरेख
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(ग) वृत्त आरेख
(ii) राज्य के अन्तर्गत जिलों का प्रदर्शन किस प्रकार के स्थानिक आँकड़ों द्वारा होगा?
(क) बिन्दु
(ख) रेखाएँ
(ग) बहुभुज
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(ग) बहुभुज
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(iii) एक वर्कशीट के सेल में दिए गए सूत्र में वह कौनसा प्रचालक है जिसका पहले परिकलन किया जाता है?
(क) +
(ख) –
(ग) /
(घ) x
उत्तर:
(घ) x
(iv) एक्सेल में विजार्ड फंक्शन आपको समर्थ बनाता है-
(क) ग्राफ रचना में
(ख) गणितीय और सांख्यिकीय क्रियाओं को करने में
(ग) मानचित्र आलेखन में
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(क) ग्राफ रचना में
प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।
प्रश्न (i) एक्सेल में विजार्ड फंक्शन आपको समर्थ बनाता है?
उत्तर:
एक्सेल में विजार्ड फंक्शन हमें आँकड़ों को आरेखीय रूप में निरूपित करने में समर्थ बनाता है। चार्ट विजार्ड पर क्लिक करने पर वर्कशीट की संख्या, चयनित आँकड़ा परिसर और दण्ड आरेख तथा शीर्षक अक्षों के नाम, डाटा लेबल आदि के विकल्प मिलते हैं।
प्रश्न (ii) एक कम्प्यूटर के विभिन्न भागों की हस्तेन विधियों की तुलना में कम्प्यूटर के प्रयोग के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
कम्प्यूटर के निम्नलिखित लाभ इसे हस्तचालित विधियों से अलग करते हैं-
(1) यह अभिकलन और आँकड़ों के प्रक्रमण की गति को बढ़ा देता है।
(2) यह आँकड़ों की विशाल मात्रा का निपटान कर सकता है, जो सामान्यतः हस्तचालित विधियों द्वारा संभव नहीं है।
(3) यह आँकड़ों की प्रतिलिपि बना सकता है, उनका संपादन कर सकता है, उन्हें सुरक्षित कर सकता है और उन्हें पुनः प्राप्त कर सकता है।
(4) कम्प्यूटर आसानी से आँकड़ों को प्रमाणीकरण, पड़ताल और संशुद्धि के योग्य बनाता है।
(5) कम्प्यूटर तुलनात्मक विश्लेषण को मानचित्रों के आरेखन अथवा आलेखन द्वारा अत्यन्त सरल बना देता है।
(6) आलेख अथवा मानचित्र के प्रकार ( जैसे-दण्ड/वृत्त अथवा छायाओं के प्रकार) शीर्षक, संकेत सूचिका तथा अन्य रूपों को आसानी से कम्प्यूटर द्वारा बदला जा सकता है।
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प्रश्न (iii) आँकड़ा प्रक्रमण और प्रदर्शन की हस्तेन विधियों की तुलना में कम्प्यूटर के प्रयोग के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
कम्प्यूटर के अग्रालिखित लाभ इसे आँकड़ा प्रक्रमण और प्रदर्शन की हस्तेन विधियों से अलग करते हैं-
(1) कम्प्यूटर में आँकड़ों की विशाल संख्या और चाटों का भंडारण कर उसकी प्रतिलिपि बना सकते हैं।
(2) आँकड़ों और इनकी प्रतिलिपियों को एक कोष्ठिका से दूसरी कोष्ठिका में ले जा सकते हैं।
(3) इसमें आँकड़ों को लम्बे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।
(4) त्रुटिपूर्ण अथवा अवांछित आँकड़ों अथवा सम्पूर्ण फाइल, जिसकी भविष्य में आवश्यकता नहीं हो, को विलुप्त करने को सुगम बनाता है।
प्रश्न (iv) वर्कशीट क्या होती है?
उत्तर:
वर्कशीट-यह एक्सेल स्क्रीन का मुख्य भाग होती है। एक्सेल में साधारणतया जहाँ डाटा (आँकड़े) को भरा जाता है, उसे वर्कशीट कहते हैं। यह कई पंक्ति और स्तम्भ से मिलकर बनी होती है। कई वर्केशीट का समूह वर्कबुक कहलाता है। एक एक्सेल वर्कशीट (कार्यविधि पत्र) में 16384 पंक्तियाँ और 256 स्तम्भ होते हैं।
प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 125 शब्दों से अधिक में नहीं दें-
प्रश्न (i) स्थानिक और गैर-स्थानिक आँकड़ों में क्या अन्तर है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
(1) स्थानिक आँकड़े-स्थानिक आँकड़े भौगोलिक दिक्स्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं। बिन्दु, रेखाएँ और बहुभुज इनके अभिलक्षण होते हैं। बिन्दु आँकड़े मानचित्र पर विद्यालय, अस्पताल, कुएँ, नलकूप, कस्बे और गाँव जैसे भौगोलिक लक्षणों की अवस्थिति सम्बन्धी विशेषताओं का प्रदर्शन करते हैं। रेखाएँ सड़कों, रेलवे लाइनों, नहरों, नदियों, शक्ति और संचार पथों जैसे रेखिक लक्षणों को चित्रित करती हैं, जबकि बहुभुज किसी क्षेत्र विशेष को परिबद्ध करती हुई अन्तर्सम्बन्धित अनेक रेखाओं से बनते हैं और इनका प्रयोग प्रशासकीय इकाइयों (देश, जिले, राज्य और खण्ड), भूमि उपयोग प्रकार (कृषि क्षेत्र, वन्य भूमि, परती भूमि, चरागाह आदि) तथा तालाब, झील आदि जैसे लक्षणों को दर्शाने में किया जाता है।
(2) गैर-स्थानिक आँकड़े-स्थानिक आँकड़ों का वर्णन करने वाले आँकड़े गैर स्थानिक आँकड़े अथवा गुण न्यास कहलाते हैं। उदाहरण के लिए विद्यालय के मानचित्र में उसका नाम, प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों की अनुसूची, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, उपकरणों इत्यादि की सुविधा जैसी सूचनाओं को संलग्न कर सकते हैं। इस प्रकार गैर स्थानिक आँकड़े स्थानिक आँकड़ों के गुणों की व्यखख्या करने में सहायक होते हैं।
प्रश्न (ii) भौगोलिक आँकड़ों के तीन प्रकार कौनसे हैं?
उत्तर:
भौगोलिक आँकड़ों के प्रकार-भौगोलिक आँकड़े अनुरूप (मानचित्र और वायव फोटोग्राफ) अथवा आंकिक रूप (क्रमवीक्षित प्रतिबिम्बों) में उपलब्ध होते हैं। इनके प्रकार निम्न प्रकार से हैं-
(1) बिन्दु आँकड़े-यह मानचित्र पर विद्यालय, अस्पताल, कुएँ, नलकूप, कस्बे और गाँव; जैसे-कुछ भौगोलिक लक्षणों की अवस्थिति सम्बन्धी विशेषताओं का प्रदर्शन करते हैं।
(2) रेखा आँकड़े-यह आँकड़े मानचित्र पर सड़क, रेलवे लाइन, नहरों, नदियों, शक्ति और संचार पथों; जैसेरैखिक लक्षणों को चित्रित करते हैं।
(3) बहुभुज आँकड़े-इस प्रकार के आँकड़े किसी क्षेत्र विशेष को परिबद्ध करती हुई अन्तर्सम्बन्धित अनेक रेखाओं से बनते हैं। यह मानचित्र पर प्रशासनिक इकाइयों (देश, जिले, राज्य और खण्ड) भूमि उपयोग के प्रकार; जैसे-कृषि क्षेत्र, वन्य भूमि, परती भूमि, चरागाह क्षेत्र आदि तथा तालाब, झील जैसे लक्षणों को प्रदर्शित करने के काम आते हैं।
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अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1.
सी.पी.यू. से तात्पर्य है-
(क) कॉमन प्रोसेसिंग यूनिट
(ख) सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट
(ग) कन्ट्रोल प्रोसेसिंग यूनिट
(घ) उपर्युक्त कोई नहीं
उत्तर:
(ख) सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट
प्रश्न 2.
कम्प्यूटर का जनक किसे कहा जाता है?
(क) पासकल
(ख) जोसेफ जैकार्ड
(ग) जैम्स जींस
(घ) चार्ल्स बैवेज
उत्तर:
(घ) चार्ल्स बैवेज
प्रश्न 3.
प्रोग्राम क्या है?
(क) सॉफ्टवेयर
(ख) गणना
(ग) हार्डवेयर
(घ) सूचना
उत्तर:
(क) सॉफ्टवेयर
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प्रश्न 4.
एक वर्कशीट में कितने कॉलम/स्तम्भ होते हैं?
(क) 175
(ख) 205
(ग) 256
(घ) 315
उत्तर:
(ग) 256
प्रश्न 5.
एक अंकरूपीय मानचित्र में कितनी फाइलें होती हैं-
(क) तीन
(ख) चार
(ग) पाँच
(घ) सात
उत्तर:
(क) तीन
प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से कौनसी फाइल.डी-बेस फाइल होती है?
(क) Shp
(ख) dbf
(ग) Shx
(घ) dhf
उत्तर:
(ख) dbf
प्रश्न 7.
1KB के बराबर है –
(क) 10 बाइट्स
(ख) 1000 बाइट्स
(ग) 1024 बाइट्स
(घ) 2024 बाइट्स
उत्तर:
(ग) 1024 बाइट्स
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अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
कम्प्यूटर में कौन-कौनसी संग्रह युक्तियाँ होती हैं?
उत्तर:
एक कम्प्यूटर में आँकड़ों के स्थाई भंडारण हेतु फ्लॉपी डिस्क, सीडी, पैन ड्राइव, मैगनेटो ऑप्टीकल डिस्क आदि संग्रहण युक्तियाँ होती हैं।
प्रश्न 2.
की-बोर्ड से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
की-बोर्ड कम्प्यूटर में विभिन्न प्रकार की कुंजियाँ लगी होती हैं, जिनकी सहायता से सांख्यिकीय आँकड़ों और निर्देशों को कम्प्यूटर में प्रविष्ट किया जाता है।
प्रश्न 3.
बहिर्वेशी उपकरण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
बहिर्वेशी उपकरण मुद्रकों की अनेक किस्में; जैसे-इंकजेट, लेजर, रंगीन लेजर, मुद्रक और $\mathrm{A}_3$ से $\mathrm{A}_0$ तक विभिन्न आकारों में उपलब्ध आलेखकों को शामिल करते हैं।
प्रश्न 4.
सेल किसे कहते हैं?
उत्तर:
एक्सेल में स्थित एक पंक्ति और स्तम्भ का मिश्रण, जो एक आयताकार क्षेत्र होता है, सेल कहलाता है। वर्कशीट सेलों से निर्मित होती हैं।
प्रश्न 5.
प्रचालन (ऑपरेटर्स) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
कम्प्यूटर के की-बोर्ड पर,+- , * और / के चिह्न दिए होते हैं, जिनके प्रयोग से आँकड़ों को क्रमशः जमा, घटा, गुणा और भाग कर सकते हैं। यह चिह्न ही प्रचालन कहलाते हैं।
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प्रश्न 6.
विंडोज में ‘आइकॉन’ क्या होते हैं?
उत्तर:
विंडोज में किसी वस्तु को चित्रांकन करने हेतु स्क्रीन पर छोटे-छोटे सिम्बल्स दिखाई देते हैं, जिन्हें ‘आइकॉन’ कहा जाता है।
प्रश्न 7.
फाइल किसे कहते हैं?
उत्तर:
फाइल एक कम्प्यूटर की स्टोरेज से सम्बन्धित प्रारम्भिक इकाई होती है, जिसमें किसी डेटा को स्टोर किया जाता है। यह कई प्रकार की होती हैं।
प्रश्न 8.
कम्प्यूटर के मुख्य अंगों के नाम बताइए।
उत्त:
कम्प्यूटर प्रणाली के दो आधारभूत अंग होते हैं-
(i) हार्डवेयर
(ii) सॉफ्टवेयर।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
मॉनीटर से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
मॉनीटर अथवा आलेखी प्रदर्शन यन्त्र-यह सभी कम्प्यूटरों में प्रयोक्ता के लिए प्रधान दृश्य संचार माध्यम का कार्य करता है। सामान्यतः आलेखी और मानचित्रण अनुप्रयोगों के लिए रंगों के प्रदर्शन की
सम्भव विशाल भिन्नता तथा रंगों के प्रारूपों में तीव्र परिवर्तन हेतु ‘लुक-अप’ तालिकाओं (LUT) से युक्त एक उच्च विभेदन प्रदर्शन तंत्र को वरीयता दी जाती है।
प्रश्न 2.
बाइट से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
स्मृति/मैमोरी की न्यूनतम इकाई बिट कहलाती है और आठ बिट का समूह बाइट कहलाता है। कम्प्यूटर में स्मृति की भंडारण क्षमता को बाइट में ही मापा जाता है, जैसे-किलोबाइट, गीगाबाइट आदि।
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प्रश्न 3.
कम्प्यूटर से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। इसमें अनेक उपतंत्र होते हैं; जैसे—स्मृति, माइक्रो प्रोसेसिंग, इनपुट सिस्टम और आउटपुट सिस्टम। यह सभी उपतंत्र एक साथ काम करते हुए इसे एक समन्वित तन्त्र बनाते हैं। कम्प्यूटर एक अत्यन्त शक्तिशाली साधन है, जो आँकड़ों के प्रक्रंमण, मानचित्रण और विश्लेषण की प्रणालियों पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव डालता है। इस प्रकार कम्प्यूटर प्रयोक्ता के द्वारा बताए गए प्रोग्राम के नियन्त्रण में आँकड़ों का संसाधन (प्रोसेसिंग) तेजी से और परिशुद्धता से करते हुए अर्थपर्ण (प्रोसेसिंग) तेजी से और परिशुद्धता से करते हुए अर्थपूर्ण सूचनाओं का सृजन करने में सक्षम होता है।
प्रश्न 4.
आँकड़ों के प्रक्रमण और मानचित्रण के लिए सॉफ्टवेयर को कौन-कौनसे मॉड्यूलों की आवश्यकता होती है?
उत्तर:
कम्प्यूटर में सॉफ्टवेयर एक लिखित क्रमादेश होता है, जो स्मृति में संग्रहित होता है। प्रयोक्ता द्वारा दिए गए निर्देशानुसार यह विशिष्ट क्रियाएँ सम्पन्न करता है। आँकड़ों के प्रक्रमण और मानचित्रण के लिए सॉफ्टवेयर को अग्रलिखित मॉड्यूलों की आवश्यकता होती है-
(i) आँकड़ा प्रविष्टि और संपादक मॉड्यूल,
(ii) संवर्ग रूपान्तरण और क्रिया कौशल मॉड्यूल,
(iii) आँकड़ा प्रदर्शन और बहिर्वेशी मॉड्यूल।
प्रश्न 5.
स्प्रैड शीट से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
स्प्रैड शीट-यह एक्सेल स्क्रीन का मुख्य और सबसे बड़ा भाग होता है। इस कारण एम.एस. एक्सेल को ‘स्रैड शीट प्रोग्राम’ भी कहा जाता है। एक स्र्रैड शीट एक आयताकार पेज होती है, जो सूचनाओं का भंडारण करती है। स्रैड शीट को ही वर्कशीट भी कहा जाता है। यह कई पंक्तियों और स्तम्भों से मिलकर बना होता है। इसका प्रत्येक आयताकार खाना सेल कहलाता है। एक सेल में संख्यात्मक मद, एक सूत्र (जो परिकलन के उपरान्त संख्यात्मक मद उपलब्ध कराता है ) अथवा पाठ अंतर्विष्ठ होता है। स्प्रैड शीट में साधारणतः 16,384 पंक्तियाँ और 256 स्तम्भ होते हैं।
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प्रश्न 6.
रैम और रॉम में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
रैम और रॉम में अन्तर –
| रैम | रॉम |
| इसका पूरा नाम रेण्डम एक्से स मै मोरी (Random Access Memory) है। | इसका पूरा नाम रीड ऑनली मैमोरी (Read Only Memory) है। |
| यह अस्थाई मैमोरी होती है। | यह स्थाई मैमोरी होती है। |
| इसमें सूचनाएँ लिखी और पढ़ी जा सकती हैं। | इस तरह की मैमोरी को केवल पढ़ा ही जा सकता है। |
| इसमें लिखी सूचनाओं को बदला या मिटाया जा सकता है। | इसमें लिखी सूचनाओं को बदला नहीं जा सकता है। |
| यह वॉलेटाइल होती हैं अर्थात् कम्प्यूटर के बन्द करने के पश्चात् इसमें लिखी सूचनाएँ हट जाती हैं। | यह नॉन वॉलेटाइल होती हैं अर्थात् सूचनाएँ कम्प्यूटर बन्द करने के पश्चात् भी संग्रहित रहती हैं। |
| यह दो प्रकार की होती हैं-
(i) स्थैतिक (Static), (ii) गतिक (Dynamic) |
यह भी दो प्रकार की होती हैं-
(i) प्रोग्रामेबल रॉम (Programmable Rom), (ii) इरेजेबल प्रोग्रामेबल रॉम (Erasable Program-mable Rom) |
प्रश्न 7.
कम्प्यूटर सहायक मानचित्रण पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
कम्प्यूटर सहायक मानचित्रण-मानचित्रों को कम्प्यूटर हार्डवेयर और मानचित्रण सॉफ्टवेयर के संयोजन से भी आलेखित कर सकते हैं। कम्प्यूटर सहायक मानचित्रण में स्थानिक सूचनाधार की रचना के साथ इसके लक्षणों अथवा गैर-स्थानिक आँकड़ों से समन्वय की आवश्यकता होती है। इसके अन्तर्गत भण्डारित आँकड़ों का सत्यापन और संरचना को शामिल किया जाता है।
इस परिश्रेक्ष्य में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण यह है कि आँकड़े व्यापक रूप में मान्य और समुचित रूप से परिभाषित निर्देशांक प्रणाली द्वारा ज्यामितीय रूप से पंजीकृत एवं कोडित हों, जिससे उनका कम्प्यूटर के अन्दर आंतरिक सूचनाधार संरचना में भण्डारण किया जा सके। इस प्रकार कम्प्यूटर सहायक मानचित्रण में स्थानिक व गैर-स्थानिक आँकड़ों की आवश्यकता होती है।
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प्रश्न 8.
आँकड़ा प्रविष्टि और संपादक मॉड्यूल के विषय में लिखिए।
उत्तर:
आँकड़ा प्रविष्टि और संपादक मॉड्यूलआँकड़ों के प्रक्रमण और मानचित्रण के ये सॉफ्टवेयर अंतरापृष्ठ आँकड़ा प्रविष्टि तंत्र, सूचनाधार उत्पत्ति, त्रुटि निष्कासन, मापनी और प्रक्षेप हस्तकौशल, उनके संगठन और आँकड़ों के अनुरक्षण को सुगम बनाते हैं। इनमें से किसी और आँकड़ा प्रविष्टि, संपादन और प्रबंधन से सम्बन्धित सामर्थ्य का निष्पादन स्क्रिन पर प्रदर्शित सूची (Menu) एवं अनुसंकेतों (Icons) का प्रयोग करते हुए किया जा सकता है। आजकल के एमएस-एक्सेल (स्प्रैडशीट), लोट्स 2-3 और डी-बेस जैसे व्यावसायिक पैकेज आँकड़ों के प्रक्रमण और आलेखों के उत्पादन का सामर्थ्य प्रदान करते हैं। दूसरी ओर आर्क व्यू/आर्क जीआईएस, जिओमीडिया में मानचित्रण और विश्लेषण के मॉड्यूल होते हैं।
प्रश्न 9.
केन्द्रीय प्रक्रमण इकाई (C.P.U.) से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
केन्द्रीय प्रक्रमण इकाई-सीपीयू किसी आंकिक (डिजीटल) कम्प्यूटर प्रणाली का तन्त्रिका केन्द्र होता है। यह अन्य सभी इकाइयों की क्रियाओं का नियन्त्रण और समन्वय करता है तथा प्रयोग किए जाने वाले आँकड़ों के लिए सभी अंकगणितीय और तार्किक प्रक्रमों को सम्पादित करता है। सीपीयू में तीन पृथक् हार्डवेयर खंडआन्तरिक मैमोरी, अंकगणितीय इकाई और एक नियन्त्रक खंड (चिप) होते हैं, जो समन्वित विद्युत परिपथ के बृहद् जाल को धारण करते हैं।
निबन्धात्मक प्रश्न –
प्रश्न 1.
हार्डवेयर से क्या अभिप्राय है? इसके प्रमुख भागों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
हार्डवेयर-कम्प्यूटर के सभी भौतिक उपकरण, जो कम्प्यूटर सिस्टम को आकार प्रदान करते हैं, हार्डवेयर कहलाते हैं। अतः कम्प्यूटर के सभी मशीनी तत्व हार्डवेयर ही होते हैं। कम्प्यूटर के हार्डवेयर घटक में निम्नलिखित भाग सम्मिलित किए जाते हैं-
(1) केन्द्रीय प्रक्रमण इकाई ( सी.पी.यू. ) और भंडारण तन्त्र-आधुनिक कम्प्यूटरों के मूल में एक केन्द्रीय प्रक्रमण इकाई समाविष्ट होती है, जो आँकड़ों के प्रक्रमण हेतु क्रमादेशों का क्रियान्वयन और परिधीय उपस्कारों का नियंत्रण करती है। प्रचालक तंत्र और अनुप्रयोग क्रमादेश के साथ समस्त आँकड़े चुम्बकीय भण्डारण इकाई में आध्यासित होते हैं, जो एक कार्यकारी स्मृति के रूप में क्रियाएँ करते हैं।
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आँकड़ों के प्रक्रमण और मानचित्रण के लिए हार्डवेयर भण्डारण क्षमता 1 GB से 4 GB अथवा अधिक और RAM 32 MB अथवा अधिक होनी चाहिए। चक्रीय भण्डारण के अतिरिक्त सक्रिय रूप से प्रभावित न हो रहे आँकड़ों की विशाल मात्राओं के स्थायी भण्डारण हेतु फ्लॉपी डिस्क, सी.डी., पैन ड्राइव और चुम्बकीय टेपों जैसे द्वितीयक भण्डारों का प्रयोग किया जाता है। प्रचालक तंत्र एक मूल क्रमादेश होता है, जो कम्प्यूटर में आँकड़ों के आंतरिक प्रक्रमण को प्रशासित करता है। एमएस-डॉस, विण्डोज और यूनिक्स जैसे प्रचालक तंत्रों का प्रयोग आम है।
(2) आलेखी प्रदर्शन उपतंत्र अथवा मॉनीटरकम्प्यूटर में प्रयुक्त मॉनीटर एक टेलीविजय सदृश भाग होता है। प्रयोक्ता जो कुछ भी टाइप करता है अथवा कलाकृति बनाता है, मॉनीटर उसे दिखाता है। इस प्रकार मॉनीटर सभी कम्प्यूटरों में प्रयोक्ता के लिए प्रधान दृश्य संचार माध्यम का कार्य करता है।
(3) निवेशी उपकरण अथवा इनपुट डिवाइस (Input Device)-कम्प्यूटर में सूचनाओं को इनपुट उपकरणों के माध्यम से ही निवेशित किया जाता है। इस कार्य हेतु मुख्यत: की-बोर्ड तथा माउस की सहायता ली जाती है।
(4) बहिर्वेशी साधन अथवा आउटपुट डिवाइस (Output Devices)-इसके अन्तर्गत मुद्रकों की अनेक किस्में; जैसे-इंकजेट, लेजर और रंगीन लेजर, A3 से A0 तक विभिन्न आकारों में उपलब्ध आलेखकों को सम्मिलित किया जाता है।
प्रश्न 2.
एक्सेल में आँकड़ा प्रविष्टि और भण्डारण की प्रक्रिया को समझाइए।
उत्तर:
एक्सेल में आँकड़ा प्रविष्टि और भंडारण की प्रक्रिया-एक्सेल में आँकड़ों के भंडारण और प्रविष्टि की प्रक्रिया अत्यन्त सरल है। इसमें आँकड़ों को आसानी से प्रविष्ट कर उनकी प्रतिलिपि बना सकते हैं और उन्हें एक कोष्ठिका से दूसरी कोष्ठिका में ले जा सकते हैं। इसमें आँकड़ों को सुरक्षित भी रख सकते हैं तथा त्रुटिपूर्ण और अवांछित आँकड़ों या सम्पूर्ण फाइल को, जिनकी आगे आवश्यकता नहीं है, को निष्कासित भी कर सकते हैं। एक्सेल की प्राथमिक क्रियाओं को जिनकी आवश्यकता प्रयोक्ता को आँकड़ों की प्रविष्टि और भंडारण में होती है, का वर्णन निम्नलिखित तालिका में दिया गया है-
| प्रकार्य | निर्देश | मेन्यू | द्वितीयक मेन्यू (ड्राप डाउन सूची स) | की-बोर्ड पर लघुतर विधि |
| 1.नई फाइल खोलने के लिए | File | New | Ctrl N | |
| पहले से विद्यमान फाइल खोलने के लिए | File | Open | Ctrl O | |
| 2. फाइल को सुरक्षित करने के लिए | फाइल को नाम दीजिए और वर्णन कीजिए कि आप फाइल का भंडारण कहाँ करना चाहते हैं। चूक व्यतिक्रम द्वारा यह है। | File | Save | Ctrl S |
| 3. प्रति बनाने, उसे अन्यत्र ले जाने तथा आँकड़ों के वर्ग को पेस्ट करने हेतु | माउस को घसीटकर आँकड़ों के उस वर्ग पर ले जाइए जिसका आप चयन करना चाहते हैं और माउस के बायें बटन को दबाकर आँकड़ों के वर्ग का चयन कीजिए। | Edit | Copy | Ctrl C |
| 4. काटने, अन्यत्र ले जाने और आँकड़ों के एक वर्ग को पेस्ट करने हेतु | माउस को घसीटकर आँकड़ों के उस वर्ग पर ले जाइए जिसका आप चयन करना चाहते हैं और माउस के बायें बटन को दबाकर आँकड़ों के वर्ग का चयन करें। | Edit | Cut | Ctrl X |
| 5. आँकड़ों के एक वर्ग को पेस्ट करना | प्रसंकेतक को उस सेल पर ले जाइए जहाँ उसे पेस्ट करना चाहते हैं। | Edit | Paste | Ctrl V |
| 6. अंतिम कार्य का निराकरण करना * | Edit | Undo | Ctrl Z | |
| 7. अन्तिम कार्य की पुनरावृत्ति | Edit | Repeat | Ctrl Y |
टिप्पणी- अन्तिम कार्य के पश्चात् आप फाइल को सुरक्षित कर चुके हैं, तो आप किसी भी कार्य का निराकरण और ‘पुनरावृत्ति नहीं कर सकते।
प्रश्न 3.
मानचित्रण सॉफ्टवेयर और उनके प्रकार्यों को बताइए।
उत्तर:
मानचित्रण सॉफ्टवेयर-कम्प्यूटर में किसी भी प्रकार के नियन्त्रण के लिए निर्देशों की आवश्यकता होती है। यह निर्देश ही सॉफ्टवेयर कहलाते हैं। अतः कम्प्यूटर को उपयोग में लाने के लिए आवश्यक प्रोग्राम ही सॉफ्टवेयर होते हैं। कई मानचित्रण सॉफ्टवेयर जैसे कि आर्क जी आई एस, आर्क व्यू, जियो मीडिया, ग्राम, इदरिसी, जिओमेटिका आदि व्यावसायिक रूप में उपलब्ध हैं। कुछ मुफ्त डाउनलोड करने योग्य सॉफ्टवेयर भी हैं, जिन्हें इंटरनेट की सहायता से डाउनलोड किया जा सकता है।
मानचित्रण सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते हुए वर्णमात्री मानचित्रण में सामान्यतया प्रयुक्त होने वाली प्रक्रिया का वर्णन कर सकते हैं। एक मानचित्रण सॉफ्टवेयर स्थानिक और गुण न्यास निवेश के माध्यम से स्क्रीन पर क्रमवीक्षित मानचित्रों के अंकीकरण, त्रुटियों के निष्कासन, मापनी के रूपान्तरण और प्रक्षेपण, आँकड़ा समन्वय, मानचित्र डिजाइन, प्रदर्शन और विश्लेषण की क्रियाएँ प्रदान करता है।
एक अंकरूपीय मानचित्र में तीन फाइलें होती हैं। इन फाइलों का विस्तार shp, shx और dbf है। dbf फाइल डी- एक अंकरूपीय मानचित्र में तीन फाइलें होती हैं। इन फाइलों का विस्तार shp, shx और dbf है । dbf फाइल डीबेस फाइल है, जिसमें गुण न्यास होता है और यह shx और shp से जुड़ी होती है । दूसरी ओर shx और shp फाइलों में स्थानिक (मानचित्र) सूचना होती है। dbf फाइल का संपादन एमएस-एक्सेल में किया जा सकता है। इस प्रकार उपलब्ध सॉफ्टवेयर की नियम पुस्तिका में दिए गए सोपानों का अनुसरण करते हुए वर्णमात्री मानचित्र की रचना की जा सकती है।
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प्रश्न 4.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए-
(क) निर्देशांक रूपान्तरण और क्रिया कौशल मॉड्यूल।
(ख) आँकड़ा प्रदर्शन और बहिर्वेशी मॉड्यूल।
उत्तर:
(क) निर्देशांक रूपान्तरण और क्रियाकौशल मॉड्यूल-आजकल के सॉफ्टवेयर स्थानिक आँकड़ों के स्तरों की निर्देशांक, समन्वयी रूपान्तरण, संपादन और स्थानिक आँकड़ों को आँकड़ों के गैर-स्थानिक गुणों से जोड़ने की विस्तृत परिसर की शक्तियों को उपलब्ध कराते हैं।
(ख) आँकड़ा प्रदर्शन और बहिर्वेशी मॉड्यूलसंक्रियाओं के परिसर की दृष्टि से आँकड़ा प्रदर्शन और बहिर्वेश प्रचालन में भिन्नता पाई जाती है और ये कम्प्यूटर ग्राफी में विकसित कुशलताओं पर अत्यधिक निर्भर करती है।
आधुनिक सॉफ्टवेयर कुछ साधारण सामर्थ्य प्रस्तुत करते हैं, जो इस प्रकार हैं-
(i) चयनित क्षेत्रों और मापनी परिवर्तन प्रचालन को दर्शाने के लिए जूमिंग व विंडोइंग।
(ii) वर्ण नियतन/परिवर्तन संक्रिया।
(iii) त्रिआयामी और संदर्श प्रदर्शन।
(iv) विभिन्न विषयों का चयनित प्रदर्शन।
(v) बहुभुज छायाकरण, रेखा शैली और बिन्दु चिह्नक प्रदर्शन।
(vi) प्लॉटर यंत्रों/मुद्रकों से योजन हेतु बहिर्वेशी साधनों के अंतरापृष्ठ आदेश।
(vii) सुगम योजन हेतु ग्राफिक यूजर इंटरफेस (GUI) आधारित तालिका संरचना।
प्रश्न 5.
एम.एस. एक्सेल की सहायता से भारत के विभिन्न राज्यों की नगरीय जनसंख्या के प्रतिशत का परिकलन कीजिए।
उत्त:
एम.एस. एक्सेल द्वारा नगरीय जनसंख्या का परिकलन-एम.एस. एक्सेल से भारत के विभिन्न राज्यों की नगरीय जनसंख्या के परिकलन हेतु सर्वप्रथम सभी राज्यों की कुल जनसंख्या और नगरीय जनसंख्या के आँकड़े एकत्रित करते हैं।
इसके पश्चात् निम्नांकित चरणों का पालन करके नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत निकाल लेते हैं-
चरण 1.सर्वप्रथम प्रथम स्तम्भ अर्थात् स्तम्भ A में सभी राज्यों के नाम प्रविष्ट करते हैं।
चरण 2.इसके पश्चात् स्तम्भ B में प्रत्येक राज्य के अनुसार उसकी नगरीय जनसंख्या के आकार को प्रविष्ट करते हैं।
चरण 3 .स्तम्भ C में तदनुरूपी राज्यों में कुल जनसंख्या के आकार को प्रविष्ट करते हैं।
चरण 4.अब स्तम्भ D और पंक्ति 2 में = टाइप करके B2/C2 टाइप करेंगे (जो किसी राज्य की नगरीय जनसंख्या को उसी राज्य की कुल जनसंख्या से भाग देना है) और 100 से गुणा करेंगे, तब अभिव्यक्ति इस प्रकार से प्राप्त होगी = B2/C2 x 100
चरण 5.इसके बाद एंटर-की को दबाएँगे जिससे अभिव्यक्ति का हल प्राप्त हो जाएगा। यह उस राज्य की नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत होगा।
चरण 6.अब अन्य राज्यों की नगरीय जनसंख्या के प्रतिशत को परिकलन के लिए सूत्र को पुनः लिखने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए केवल D2 के सेल को दबाएँगे। यह प्रथम राज्य/सेल के सूत्र की प्रतिलिपि नीचे तक के स़ी सेलों के लिए जहाँ तक इन्हें खींचकर ले जाते हैं, बना देता है। इस प्रकार प्रत्येक राज्य की नगरीय जनसंख्या के प्रतिशत का परिकलन कर लेते हैं।