Students prefer NCERT Class 5 Hindi Veena Solutions Chapter 5 सुंदरिया के प्रश्न उत्तर Sundariya Question Answer Pdf that are written in simple and clear language.
Sundariya Class 5 Question Answer
Class 5 Hindi Sundariya Question Answer
कक्षा 5 हिंदी पाठ 5 प्रश्न उत्तर – Class 5 Hindi Chapter 5 Sundariya Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
जवाहरसिंह अपनी गाय को मौसी कहकर बुलाता है। आप अपने घर या आस-पास के पशु-पक्षियों को क्या कहकर पुकारते हैं?
उत्तर :
जवाहरसिंह अपनी गाय को मौसी कहकर पुकारता है। मैं सुबह घर की छत पर जाकर चिड़ियाँ को दाना डालता हूँ, साथ ही कबूतर, तोते और कौओं को भी पुकारता हूँ। चिड़ियों को मैं ‘चिड़िया रानी’, तोतों को ‘मिट्ठू मियाँ’ और कौओं को ‘काक’ कहकर बुलाता हूँ।
प्रश्न 2.
सुंदरिया के दूर चले जाने के बाद जवाहरसिंह को कैसा लगा होगा? जब आपका कोई प्रिय आपसे दूर हो जाए तो आपको कैसा लगता है?
उत्तर :
सुंदरिया के दूर चले जाने के बाद जवाहरसिंह को अकेलापन महसूस हुआ होगा । उदासी की भावना रही होगी क्योंकि हर स्थिति में उसे सुंदरिया गाय की याद सताती होगी। जवाहरसिंह को सुंदरिया को लेकर चिंता और परेशानी भी अनुभव होती होगी कि उसे सही भोजन व देखभाल मिल रहा है या नहीं?
प्रिय मित्र के दूर हो जाने पर खालीपन और दुख की भावना से मन भर जाता है। उसके साथ बीता समय बार-बार याद आता है।
प्रश्न 3.
जवाहरसिंह सुंदरिया की देखभाल के लिए क्या-क्या करता होगा?
उत्तर :
जवाहरसिंह सुंदरिया को परिवार का अंग मानता था। वह सुंदरिया की देखभाल पर विशेष ध्यान देता होगा। जैसे-
(क) स्वस्थ आहार और पानी देना ।
(ख) पशु चिकित्सक का परामर्श लेकर सुंदरिया के स्वास्थ्य को ठीक रखना ।
(ग) स्वच्छ व सुरक्षित स्थान प्रदान करना जो सुंदरिया को तेज़ धूप, बारिश और ठंड से बचाए ।
(घ) वह सुंदरिया को खुश रखने के लिए प्यार और सम्मान से पेश आता होगा ।
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प्रश्न 4.
आप अपने आस-पास के पशु-पक्षियों के लिए क्या-क्या करते हैं?
उत्तर :
मैं अपने आस-पास के पशु-पक्षियों को स्वस्थ और सुरक्षित रखने का प्रयास करती हूँ। घर की छत पर पक्षियों के लिए चावल, बाजरा, चना, गेहूँ आदि अनाज डालती हूँ। साफ बर्तन / कटोरे में पीने का पानी हमेशा भरकर रखती हूँ ताकि पक्षी प्यासे न रहें। हम घर की छत की नियमित सफाई भी करते हैं जिससे पक्षी बीमारियों से बचे रहें।
पाठ से
नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर पर (😊) का चिह्न बनाइए ।
प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी सही हो सकते हैं-
प्रश्न 1.
लोग सुंदरिया को देखकर ईर्ष्या क्यों करते थे?
(क) सुंदरिया को खाने-पीने को बहुत कुछ मिलता था।
(ख) सुंदरिया बहुत आकर्षक थी।
(ग) सुंदरिया बहुत दूध देती थी।
(घ) सुंदरिया सभी से प्रेम करती थी ।
उत्तर :
(ख) सुंदरिया बहुत आकर्षक थी ।
प्रश्न 2.
हीरासिंह के मन में सुंदरिया को बेचने की बात क्यों आई?
(क) सुंदरिया सभी को परेशान करने लगी थी।
(ख) सुंदरिया के लिए चारे का प्रबंध करना कठिन हो गया था।
(ग) सुंदरिया हीरासिंह के घर नहीं रहना चाहती थी ।
(घ) सुंदरिया पड़ोसियों को परेशान करती थी।
उत्तर :
(ख) सुंदरिया के लिए चारे का प्रबंध करना कठिन हो गया था।
प्रश्न 3.
हीरासिंह ने स्वयं को गाय की नौकरी पर लगाने की बात क्यों कही ?
(क) सुंदरिया को ठीक से चारा नहीं मिलता था ।
(ख) वह गाय से बिछोह सहन नहीं कर पा रहा था।
(ग) उसे रुपयों की आवश्यकता थी ।
(घ) गाय घोसी के व्यवहार से प्रसन्न नहीं थी ।
उत्तर :
(घ) गाय घोसी के व्यवहार से प्रसन्न नहीं थी ।
प्रश्न 4.
गाय घोसी के साथ क्यों नहीं जाना चाहती थी?
(क) गाय हीरासिंह और उसके परिवार से अलग नहीं होना चाहती थी।
(ख) गाय को भय था कि घोसी उसे स्नेह से नहीं पालेगा।
(ग) गाय को अपने गाँव के सभी लोगों की याद आ रही थी ।
(घ) गाय बीमार थी और चल नहीं पा रही थी।
उत्तर :
(क) गाय हीरासिंह और उसके परिवार से अलग नहीं होना चाहती थी ।
सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1.
हीरासिंह गाय को बेचने से क्यों डर रहा था ?
उत्तर :
हीरासिंह का बड़ा लड़का सुंदरिया से अत्यधिक प्रेम करता था। वह गाय को परिवार का सदस्य मानता और उसे मौसी कहा करता था। इसलिए हीरासिंह सुंदरिया को बेचने से डरता था ।
प्रश्न 2.
सेठ हीरासिंह की गाय को देखकर क्यों प्रसन्न हुआ?
उत्तर :
सुंदरिया को देखकर सेठ जी बहुत खुश हुए क्योंकि उसके जैसी सुंदर, स्वस्थ और ज्यादा दूध देने वाली गाय उन्होंने अब तक नहीं देखी थी।
प्रश्न 3.
“तुमने मुझे धोखे में क्यों रखा?” सेठ ने हीरासिंह से ऐसा क्यों कहा?
उत्तर :
सेठ को आशा थी कि गाय पंद्रह सेर दूध देगी । हीरासिंह ने आश्वासन दिया था कि गाय दूध देने में कामधेनु है। परंतु सुंदरिया हीरासिंह से विछोह नहीं सह पा रही थी, वह बहुत दुखी थी। ऐसी स्थिति में उसने दूध देना बंद कर दिया और सेठ को लगा कि उसे धोखा दिया गया है।
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प्रश्न 4.
सेठ के कुछ कहने से पहले ही हीरासिंह गाय को लेकर क्यों चल दिया?
उत्तर :
हीरासिंह सुंदरिया से बहुत प्रेम करता था । उसे सुंदरिया को बेचने का दुख और पछतावा हो रहा था। दूसरी ओर सुंदरिया का स्वास्थ्य भी बिगड़ता जा रहा था। इससे पहले कि बात हाथ से निकल जाए, हीरासिंह ने अपनी गाय को गाँव यानी अपने घर वापस ले जाने का निश्चय कर लिया।
सुंदरिया और हीरासिंह
प्रश्न 1.
कहानी में सुंदरिया की बहुत-सी विशेषताओं का पता चलता है। उन विशेषताओं को नीचे लिखिए। आपकी सुविधा के लिए एक उदाहरण दिया जा रहा है-

उत्तर :
- वह कामधेनु है ।
- वह शांत स्वभाव की है।
- वह डील – डौल में अच्छी है।
- वह हीरासिंह से अत्यंत प्रेम करती है।
- उसमें मनुष्य के समान भावनाएँ हैं।
प्रश्न 2.
अब आप हीरासिंह की विशेषताओं को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए ।
उत्तर :
हीरासिंह बहुत ही नरम दिल व्यक्ति है। उसका सुंदरिया के प्रति लगाव प्रत्यक्ष प्रमाण है।
समझ और अनुभव
प्रश्न 1.
क्या आपको लगता है कि पशु-पक्षी भी हमारी भावनाएँ समझते हैं? कोई अनुभव साझा कीजिए ।
उत्तर :
हाँ, पशु-पक्षी मनुष्य की भावनाओं को समझते हैं। वे प्रेम को समझते हैं और हाव-भाव व व्यवहार से अभिव्यक्त करते हैं। पशु-पक्षी हमारे सुख-दुख के साथी होते हैं।
एक बार परीक्षा में कम अंक आने के कारण मैं बहुत उदास था। मेरे पालतू कुत्ते ‘जैकी’ ने मेरी मन की स्थिति को समझ लिया। मैं चुपचाप बैठा था, तो वह भी मौन होकर मेरे पास बैठ गया और मेरी ओर एकटक देखता रहा । मुझे आभास हुआ मानो वह मेरी परेशानी समझ रहा हो। उसका अपनापन देखकर मैं भावुक हो गया और उसे गले से लगा लिया। उस क्षण एहसास हुआ कि पशु-पक्षी हमारी भावनाओं को समझते हैं और हर स्थिति में हमारे साथी बन जाते हैं।
प्रश्न 2.
जवाहरसिंह सुंदरिया को मौसी कहकर क्यों संबोधित करता होगा?
उत्तर :
जवाहरसिंह सुंदरिया को मौसी कहकर संबोधित करता था क्योंकि वह उनके परिवार का अंग थी । उसने सुंदरिया को घर के सदस्य के समान पाला-पोसा और सुरक्षा प्रदान की होगी। जवाहरसिंह के लिए सुंदरिया माँ समान थी।
प्रश्न 3.
हम देखते हैं कि नगरों में बड़े पशुओं (गाय, भैंस, ऊँट आदि ) को पालतू बनाने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। आपको इसके क्या कारण लगते हैं?
उत्तर :
हाँ, शहरों में बड़े पशुओं जैसे भैंस, गाय, ऊँट आदि को पालतू बनाने वाले लोगों की संख्या कम है और इसके कारण निम्नलिखित हैं-
(क) स्थान की कमी: शहरों में मकान छोटे होते हैं। डिब्बे जैसे फ्लैट में मनुष्य को स्वयं के लिए भी जगह की कमी रहती है तो वह बड़े पशु कैसे पाल सकता है।
(ख) पशुओं को स्वतंत्र वातावरण में घूमना होता है। शहरों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती । (ग) साफ-सफाई की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। आस-पड़ोस के लोग भी आपत्ति कर सकते हैं। (घ) आर्थिक तंगी के कारण शहरों में लोग बड़े पशुओं को पालने से बचते हैं।
प्रश्न 4.
पशु-पक्षी मनुष्य की तरह बोल तो नहीं पाते परंतु वे भी आपस में अपनी बातें करते होंगे। क्या आप इस बात से सहमत हैं? अपने उत्तर के लिए उदाहरण भी दीजिए।
उत्तर :
जी हाँ, पशु-पक्षी भी मनुष्य के समान भावों को व्यक्त करते हैं। वे आपस में बातचीत भी करते हैं। वे अपने हाव-भाव, आवाज़ों, गंध और व्यवहार से एक-दूसरे से बात करते हैं। उदाहरण के लिए कुत्तों का व्यवहार । वे अपनी पूँछ हिलाकर भौंककर, कानों की स्थिति बदलकर अपने मन की बात उजागर करते हैं। दूसरा उदाहरण हाथियों का है। वे अपनी सूंड, स्पर्श और कंपन के माध्यम से संवाद करते हैं।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
गाय का नाम ‘ सुंदरिया’ किसने एवं क्यों रखा होगा ?
उत्तर :
गाय का नाम हीरासिंह ने रखा होगा । गाय हीरासिंह के परिवार का अंग थीं और देखने में बहुत सुंदर, आकर्षक और साफ-सुथरी थी। इसी आधार पर हीरासिंह ने गाय को ‘सुंदरिया’ नाम दिया। हीरासिंह को प्यार और अपनापन जताने के लिए ‘सुंदरिया’ नाम उपयुक्त लगा होगा ।
प्रश्न 2.
हीरासिंह के घर से सुंदरिया की विदाई के दृश्य की कल्पना कीजिए ।
उत्तर :
सुंदरिया की विदाई का दृश्य दुख और निराशा की भावनाओं से भरा हुआ होगा । सुंदरिया केवल पशु नहीं बल्कि परिवार का हिस्सा थी कई वर्षों से वह इस घर में थी । हीरासिंह की पुत्री के जैसी, बच्चों की माँ जैसी और उनके सुख-दुख की साथी । परंतु गरीबी और विवशता के कारण उसे किसी और को देना पड़ रहा था । हीरासिंह ने दिल पर पत्थर रखकर अपनी गाय को ले जाने का निर्णय लिया। माँ की आँखों से आँसू बह रहे होंगे और बहुत प्यार से अपने हाथों से सुंदरिया को गुड़ और पानी दिया होगा। बच्चे जो गाय को मौसी कहकर पुकारते थे, उसके गले से लिपटकर रो रहे होंगे। सुंदरिया से विदाई परिवार के लिए अत्यंत कष्टपूर्ण रही होगी।
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प्रश्न 3.
सुंदरिया को वापस घर लेकर जाते हुए हीरासिंह को कैसा लग रहा होगा एवं क्यों ?
उत्तर :
सुंदरिया को वापस घर ले जाते हुए हीरासिंह बहुत भावुक हो गया होगा । उसके मन में एक नई शांति और संतोष की भावना भर गई होगी। उसे लग रहा होगा कि वह अपनी गलती सुधार – रहा है और ठान लिया होगा कि आगे चाहे जो भी हो, वह कभी उसे नहीं छोड़ेगा । उसे ऐसा महसूस हुआ होगा जैसे सुंदरिया भी जानती थी कि उसका पिता समान मालिक उसे वापस गाँव अपने घर जरूर ले जाएगा।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए मुहावरों का प्रयोग कहानी में किया गया है। कहानी में इन्हें ढूँढ़िए और इनके अर्थ लिखकर अपनी लेखन पुस्तिका में वाक्य बनाइए-

उत्तर :
(क) लाज से गड़ जाना- झूठ बोलते हुए पकड़े जाने पर, वह लाज से गड़ गया।
(ख) दूध देने में कामधेनु – राकेश जी के डेयरी फार्म में कामधेनु जैसी गायें हैं, जो हमेशा दूध देती हैं।
(ग) जी भर जाना – अपने पुराने मित्र से मिलकर आज मेरा जी भर आया ।
(घ) एकटक देखना – वह खिड़की से बाहर एकटक देख रहा था ।
(ङ) आँख लगना-पढ़ते-पढ़ते छात्र की कक्षा में आँख लग गई।
प्रश्न 2.
नीचे कुछ वाक्य दिए गए हैं। वाक्यों में रेखांकित शब्द से मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द चुनकर वाक्य पुनः लिखिए-
(क) सुंदरिया की सुंदरता से कई लोगों को जलन होती थी । (प्रसन्नता/ईर्ष्या)
(ख) वहाँ की गायें अच्छी होती हैं। एक गाय का बंदोबस्त कर दो। (प्रबंध / संकेत)
(ग) सुंदरिया मेरी रुसवाई क्यों कराती है? (प्रशंसा/अपमान)
(घ) सुंदरिया को देखकर हीरासिंह विह्वल हो उठा। (भावुक / प्रसन्न)
(ङ) आप मुझसे जितने महीने चाहें, कसकर चाकरी करवाएँ। (नौकरी / बागवानी)
उत्तर :
(क) ईर्ष्या
(ख) प्रबंध
(ग) अपमान
(घ) भावुक
(ङ) नौकरी
प्रश्न 3.
कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ आया? अपने विचार समूह में साझा ‘कीजिए-
(क) रुपए तो ले लिए लेकिन हीरासिंह का जी भरा जा रहा था ।
(ख) गाय की नौकरी पर मुझे लगा दीजिए। चाहे तनख्वाह कम कर दीजिए ।
(ग) गाय ने उसकी ओर देखा । जैसे पूछना चाहती थी – ” क्या सचमुच ही इसके साथ चली जाऊँ?”
(घ) फिर गाय के गले पर सिर रखकर बोला- “ सुंदरिया, देख… मेरी ओछी मत करा । मैं दूर हूँ तो क्या ! इसमें मुझे सुख है?”
उत्तर :
(क) हीरासिंह ने गरीबी और मजबूरी में गाय सुंदरिया को सेठ जी को बेच दिया था। लेकिन यह हीरासिंह के लिए दुखद और भावनात्मक रूप से बड़ी मुशकिल घड़ी थी।
(ख) हीरासिंह अपनी गाय से दूरी सहन नहीं कर पा रहा था। पीड़ा और अपराधबोध के कारण वह गाय की नौकरी पर लगाने की बात सेठ जी को कहता है ।
(ग) सुंदरिया गाय हीरासिंह के लाड़-प्यार और दुलार को समझती थी। हीरासिंह ने बच्चे के समान उसका पालन-पोषण किया था। सेठ जी ने घोसी को गाय ले जाने का आदेश दिया। गाय में भी भावनाएँ होती हैं, वह विश्वास नहीं कर पा रही थी कि उसके पालक हीरासिंह ने उसे अपने से दूर कर दिया है। वह हीरासिंह के पास सुखी और सुरक्षित थी ।
(घ) हीरासिंह अपनी गाय से आग्रह करता है कि वह पहले के जैसे ज्यादा दूध दे। हीरासिंह से बिछड़ जाने के कारण सुंदरिया दुखी थी और उसने दूध देना बंद कर दिया था। हीरासिंह को सेठ जी के ताने न सुनने पड़ जाए, इसलिए वह अपनी गाय से पूरा दूध देने के लिए समझाता है।
प्रश्न 4.
रेखांकित शब्द किसके लिए प्रयोग किए गए हैं? पहचानकर लिखिए-
(क) उसे एक सेठ के यहाँ चौकीदार की नौकरी मिल गई। – हीरासिंह के लिए
(ख) उसे देखकर लोगों को ईर्ष्या होती थी। – ___________
(ग) वह कैसे बताए कि सुंदरिया उसके परिवार का अंग है। – ___________
(घ) सचमुच वैसी सुंदर, स्वस्थ गाय उन्होंने अब तक न देखी थी। – ___________
(ङ) गाय उसके साथ जाना ही नहीं चाहती थी। – ___________
उत्तर :
(ख) सुंदरिया के लिए
(घ) सेठ जी के लिए
(ग) हीरासिंह के लिए
(ङ) घोसी के लिए
पाठ से आगे
प्रश्न 1.
नीचे कुछ चित्र दिए गए हैं। इनको देखते हुए अपने समूह में चर्चा कर यह सुझाइए कि हम पशु-पक्षियों के लिए क्या-क्या कर सकते हैं। आप इनके अतिरिक्त भी कुछ और बिंदु जोड़ सकते हैं।

उत्तर :
विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से करें ।
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प्रश्न 2.
आपके घर में दूध कहाँ से आता है, यह भी पता कीजिए कि किन-किन पशुओं का दूध पीने के लिए उपयोग किया जाता है।
उत्तर :
विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से करें ।
प्रश्न 3.
किसी गौशाला अथवा दुग्ध उत्पादन केंद्र ( डेयरी फार्म ) का भ्रमण कर पता कीजिए कि पशुओं का लालन-पालन कैसे किया जाता है। आप इस गतिविधि में शिक्षकों एवं अभिभावकों की सहायता ले सकते हैं।
उत्तर :
विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से करें ।
कल्पना की उड़ान
सेठ के घर से लौटकर जाते हुए हीरासिंह सुंदरिया को बहुत प्यार करता है, उसको सहलाता है एवं उससे बातें करता है। यदि सुंदरिया भी बोल सकती तो कल्पना कीजिए कि सुंदरिया और हीरासिंह के बीच क्या बातचीत होती ।

उत्तर :
मालिक! मैं आप सबको बहुत याद करती थी। मन में बस यही उम्मीद थी कि फिर आपके पास वापस आऊँ।
हाँ, सुंदरिया… मुझे माफ कर दें कि मैंने मजबूरी में तुझे दूसरे के हाथ सौंप दिया। मुझे अपनी गलती पर पछतावा है। अब हम गाँव में मिलकर रहेंगे।
हाँ मालिक, मैं आपकी भावनाओं को समझ रही थी। मुझे जवाहरसिंह की बहुत याद आती है। गाँव के घर के आंगन में रहना कितना सुख भरा है !
हाँ-हाँ! अब हम कभी अलग नहीं होंगे।
नाटक-मंचन
आपने ‘सुंदरिया’ कहानी पढ़ी । इस कहानी को नाटक के रूप में बदलकर कक्षा में अपने समूह के साथ नाटक मंचन कीजिए ।
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।
भूल-भुलैया
जवाहरसिंह ने सुंदरिया के बारे में जानने के लिए अपने पिता हीरासिंह को पत्र लिखा है । महिला डाकिया उस पत्र को हीरासिंह तक पहुँचाना चाहती है। आपको इस पहेली को हल करते हुए उसे बाहर निकालना है ताकि वह हीरासिंह तक पहुँच सके।

बाएँ से दाएँ का सूचक
1. हीरासिंह कहाँ रहता था ?
3. जवाहरसिंह सुंदरिया को क्या कहा करता था?
4. सेठ के यहाँ हीरासिंह को कौन-सी नौकरी मिली?
7. दूध से क्या बनता है?
8. सुंदरिया ने स्वयं को क्या कहा?
9. सुंदरिया सेठ को दिखने में कैसी लगी?
10. हीरासिंह कैसा व्यक्ति था?
ऊपर से नीचे का सूचक
2. गाय का नाम क्या था?
5. मापन की एक प्राचीन इकाई ।
6. सुंदरिया को क्या कहा गया है?
11. ‘दार’ प्रत्यय से एक शब्द बनाइए ।
12. ‘सिपुर्द’ का अर्थ क्या है?
उत्तर :
विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से करें ।