Students prefer NCERT Class 5 Hindi Veena Solutions Chapter 4 साङकेन के प्रश्न उत्तर Sanken Question Answer Pdf that are written in simple and clear language.
Sanken Class 5 Question Answer
Class 5 Hindi Sanken Question Answer
कक्षा 5 हिंदी पाठ 4 प्रश्न उत्तर – Class 5 Hindi Chapter 4 Sanken Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
त्योहारों पर घरों में कई प्रकार की मिठाइयाँ और नमकीन बनाई जाती हैं। आपको कौन-सी मिठाइयाँ और नमकीन अच्छी लगती हैं? वे किस त्योहार पर बनाई जाती हैं?
उत्तर :
भारतवर्ष के हर त्योहार के साथ विविध मिठाइयाँ और व्यंजन जुड़े होते हैं। हमारा परिवार कृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार को खूब उल्लास और धूमधाम से मनाता है। इस अवसर पर माखन-मिश्री, पेड़ा, पंजीरी, खीर, गुड़ के लड्डू, मखाना पकवान और पंचामृत आदि व्यंजन व मिठाइयाँ मुझे प्रिय हैं।
प्रश्न 2.
आप कौन-से त्योहार मनाते हैं? इनमें और साङकेन में कौन-कौन – सी समानताएँ हैं ?
उत्तर :
हम रंगों के त्योहार होली को मनाते हैं। इस पारंपरिक त्योहार में रंगों और पानी से खेलना, विविध व्यंजनों को खाना और खिलाना और गीत – संगीत शामिल हैं। बौद्ध संस्कृति के साङकेन त्योहार और होली में कई समानताएँ हैं। जैसे-
(क) रंगों व जल का प्रयोग – लोग एक-दूसरे के चेहरों पर पारंपरिक रंग लगाते हैं और जल शरीर पर डालते हैं, जिससे पूरा माहौल खुशनुमा हो जाता है।
(ख) आपसी मेल-जोल / सामुदायिक उत्सव – लोग नाचते-गाते एक-दूसरे के घर जाते हैं, बधाई देते हैं और मन की बुराइयों को दूर करते हैं। सभी लोग एक साथ आते हैं, खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं और शुभकामनाएँ देते हैं।
(ग) नव-वर्ष – होली वसंत ऋतु के आगमन और नई शुरुआत का प्रतीक है। इसी प्रकार साङकेन से नया वर्ष आरंभ होता है।
प्रश्न 3.
हमारे देश में अनेक अवसरों पर शोभायात्राएँ (जुलूस) निकाली जाती हैं। आपने कौन-कौन सी शोभायात्राएँ देखी हैं? उनके बारे में अपने अनुभव बताइए ।
उत्तर :
भारत देश में विभिन्न प्रकार की शोभा यात्राएँ निकाली जाती हैं। सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सवों के समय शोभायात्राओं में भक्त – जन पारंपरिक वेशभूषा में रंग-बिरंगी झाकियाँ प्रस्तुत करते हुए भाग लेते हैं। धार्मिक शोभायात्रा मंदिरों, गुरुद्वारों व अन्य धार्मिक स्थलों से संबंधित होती हैं। जैसे-रामनवमी, गणेश विसर्जन, हनुमान जयंती, गुरुपर्व आदि अवसरों पर निकलने वाली शोभायात्रा उत्सव, भक्ति और सौहार्द की भावना का प्रतीक हैं। सांस्कृतिक शोभा यात्राएँ कला, संगीत, नृत्य कौशल प्रदर्शित करती हैं।
मुझे अपने परिवार सहित इस वर्ष जगन्नाथपुरी की शोभा यात्रा में सम्मिलित होने का मौका मिला था।
यह यात्रा अनुभव अत्यंत अनूठा और उत्साहवर्धक रहा। भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रादेवी की मूर्तियों को सुंदर सजे रथों में विराजमान करके शोभा यात्रा को गुंडिया मंदिर की ओर आगे बढ़ाया गया। भगवान ” जय जगन्नाथ” के जयकारे लगाने और रथ खींचने का अनुभव हमारे परिवार के लिए यादगार अनुभव बन गया।
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प्रश्न 4.
आप नया वर्ष कब और कैसे मनाते हैं?
उत्तर :
आमतौर पर नया साल (नव वर्ष) 31 दिसंबर को देर रात से लेकर 1 जनवरी तक लोग धूमधाम से मनाते हैं। स्कूलों की छुट्टियाँ होने के कारण नए साल पर परिवार के साथ घूमने-फिरने और पार्टी करने में आनंद आता है। लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हैं। इसके साथ ही मेरे परिवार के बड़े-बुजुर्ग व माता – पिता चैत्र माह में हिंदू नव वर्ष (विक्रम संवत) भी मनाते हैं। मेरी माताजी चैत्र नवरात्रि के व्रत रखती हैं और घर को सजाती हैं। दादी द्वारा बनाए पारंपरिक व्यंजन खाने में खूब आनंद आता है।
पाठ से
प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सामने तारे का चिह्न (✶) बनाइए-
प्रश्न 1.
साङकेन क्यों मनाया जाता है?
(क) दीपावली पर्व के कारण
(ख) नव वर्ष प्रारंभ होने के उपलक्ष्य में
(ग) नए मंदिर के उद्घाटन की प्रसन्नता में
(घ) बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर
उत्तर :
(ख) नव वर्ष प्रारंभ होने के उपलक्ष्य में
प्रश्न 2.
भगवान बुद्ध का मंदिर कहाँ बना हुआ था ?
(क) चिकित्सालय के पास
(ग) नदी के किनारे
(ख) सरोवर के किनारे
(घ) समुद्र के किनारे
उत्तर :
(ग) नदी के किनारे
प्रश्न 3.
लोग बहुत देर तक एक-दूसरे पर पानी डालते रहे क्योंकि-
(क) उन्हें गरमी लग रही थी।
(ख) वे स्नान कर रहे थे।
(ग) वे गंदे हो गए थे।
(घ) वे साङकेन मना रहे थे।
उत्तर :
(घ) वे साङकेन मना रहे थे।
प्रश्न 4.
“ यहाँ के लोगों के मुखों पर सदैव मुस्कान बनी रहती है।” इस वाक्य का क्या अर्थ है ?
(क) यहाँ के लोग सदैव प्रसन्न रहते हैं।
(ख) यहाँ के लोग सदैव प्रसन्न रहने का अभिनय करते हैं।
(ग) यहाँ के लोगों को खेलना-कूदना अच्छा लगता है।
(घ) यहाँ के लोगों को नाचना-गाना अच्छा लगता है।
उत्तर :
(क) यहाँ के लोग सदैव प्रसन्न रहते हैं।
पाठ से
प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए-
(क) साङकेन का त्योहार मनाते समय वल्लरी को होली की याद क्यों आई?
उत्तर :
साङकेन और होली दोनों त्योहार धार्मिकता और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े हुए हैं। वल्लरी ने अरुणाचल प्रदेश में बौद्ध संस्कृति के त्योहार साङकेन और उत्तर भारत का होली त्योहार, दोनों में समानताएँ देखीं। दोनों प्रकार के त्योहार लोगों को एक साथ लाने और समुदाय की भावना को प्रेरित करते हैं। खुशी और उत्साह से मनाए जाने वाले इन त्योहारों में लोग नृत्य व संगीत में झूमते हुए एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और पानी डालते हैं। साङकेन नव वर्ष के आरंभ और होली बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।
(ख) वल्लरी को चौखाम और दिल्ली में क्या अंतर लगा ?
उत्तर :
वल्लरी को दिल्ली शहर और चौखाम में काफी अंतर दिखाई दिया। दिल्ली की सड़कें भीड़भरी होती हैं। हॉर्न बजाती हुई कारें, बसें और आदमियों की लंबी-लंबी कतारें दूर तक नजर आती हैं। चौखाम का वातावरण खुला और शांत महसूस हुआ। चारों ओर पेड़-पौधों और खिले फूलों से भरे चौखाम का सौंदर्य मन को सहज आकर्षित व प्रसन्न करता है।
(ग) मंदिर की सजावट कैसे की गई थी ?
उत्तर :
साङकेन की शोभायात्रा के दौरान मंदिरों की सजावट लुभावनी थी। समुदाय के लोग मिलकर मंदिरों को सजाते और उत्सव मनाते थे। मंदिर परिसर में जालीदार दीवारों को बाँस और खपच्चियों से बनाया गया था। जिनके बीच-बीच में रंग-बिरंगे फूलों और हरी-भरी टहनियों की सजावट बहुत सुंदर लग रहे थे।
(घ) आपको कौन-कौन आशीर्वाद देते हैं? वे क्या आशीर्वाद देते हैं ?
उत्तर :
आशीर्वाद एक सकारात्मक ऊर्जा है। मुझे घर के बड़े-बुजुर्ग, माता-पिता, भगवान और अध्यापकगण कल्याण और सफलता प्राप्त करने का आशीर्वाद देते हैं। वे अच्छे स्वास्थ्य, खुशी, लंबी उम्र और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
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प्रश्न 2.
नीचे पाठ की कुछ पंक्तियों के भावार्थ दिए गए हैं। उदाहरण के अनुसार पाठ की उन पंक्तियों को लिखिए जो दिए गए भावार्थ पर आधारित हैं-

उत्तर :
| भावार्थ | पाठ की पंक्तियाँ |
| शोभायात्रा में लोग बहुत प्रसन्न दिखाई दे रहे थे। | शोभायात्रा में सब लोग नाचते-गाते हुए जा रहे थे। लोगों में बहुत उत्साह था। |
| मंदिर सुंदर सजा था। | इतना सादा और सुंदर मंदिर वल्लरी ने कभी नहीं देखा था। |
| ऐसा लगता है कि लोग होली का त्योहार मना रहे हैं। | वल्लरी ने देखा कि लोग एक-दूसरे पर बालटियाँ भर-भरकर पानी डाल रहे हैं। वे एक-दूसरे के चेहरों पर चावल का आटा भी लगा रहे हैं। |
| त्योहारों में सब एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं। | होली के दूसरे दिन लोग एक-दूसरे से मिलने जाते हैं । उस दिन लोग घरों में कई प्रकार की मिठाइयाँ और नमकीन बनाते हैं और अतिथियों का स्वागत करते हैं। |
भाषा की बात
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के समानार्थी शब्दों का प्रयोग करते लेखन – पुस्तिका में वाक्यों को पुनः लिखिए-
(क) एक दिन वल्लरी को उसके मित्र चाऊतान ने अपने घर बुलाया।
(ख) हमारे गाँव के लोगों ने नदी के किनारे एक मंदिर बनाया है।
(ग) बीच-बीच में पेड़ों की हरी-भरी टहनियाँ सजाई गई थीं।
(घ) आज हमारे यहाँ साङकेन का त्योहार है।
उत्तर :
(क) एक दिन वल्लरी को उसके दोस्त चाऊतान ने अपने गृह बुलाया ।
(ख) हमारे ग्राम के लोगों ने सरिता के तीर एक मंदिर बनाया है।
(ग) बीच-बीच में वृक्षों की हरी-भरी शाखाएँ सजाई गई थीं ।
(घ) आज हमारे यहाँ साङकेन का पर्व है।
प्रश्न 2.
दिए गए उदाहरण को समझकर वाक्यों को पूरा कीजिए-
(क) जहाँ देखो हरियाली ही हरियाली और फूल ही फूल!
(ख) मैं समुद्र के किनारे गई, जहाँ देखो ___________ पानी!
(ग) मेरा गाँव केरल में है; जहाँ देखो नारियल के पेड़ ___________ ।
(घ) मुंबई में जिधर देखो ___________ ।
(ङ) ___________ की दुकान में जहाँ देखो ___________।
उत्तर :
(ख) मैं समुद्र के किनारे गई, जहाँ देखो पानी ही पानी!
(ग) मेरा गाँव केरल में है; जहाँ देखो नारियल के पेड़ ही पेड़ दिखाई देते हैं।
(घ) मुंबई में जिधर देखो भीड़ ही भीड़ है !
(ङ) बड़े – बड़े शहरों की दुकान में जहाँ देखो ग्राहक ही ग्राहक दिखाई देते हैं।
प्रश्न 3.
रेखांकित शब्दों के वचन बदलकर वाक्य पूरा कीजिए-
(क) शोभायात्रा में बड़ी मूर्ति की पालकी सबसे पीछे थी और छोटी मूर्तियों की पालकियाँ आगे थीं।
(ख) बाँस की खपच्चियाँ उधर रखी हैं, एक ___________ मुझे दे दीजिए।
(ग) गंगा एक पवित्र नदी है। भारत में अनेक पवित्र ___________ हैं।
(घ) मेरे जन्मदिन पर कई प्रकार की मिठाइयाँ थीं लेकिन मुझे रसगुल्ले की ___________ सबसे अच्छी लगती है।
(ङ) सारी बालटियाँ पानी से भर गई हैं, केवल एक ___________ बची है।
उत्तर :
(ख) बाँस की खपच्चियाँ उधर रखी हैं, एक खपची मुझे दे दीजिए।
(ग) गंगा एक पवित्र नदी है। भारत में अनेक पवित्र नदियाँ हैं।
(घ) मेरे जन्मदिन पर कई प्रकार की मिठाइयाँ थीं लेकिन मुझे रसगुल्ले की मिठाई सबसे अच्छी लगती है।
(ङ) सारी बालटियाँ पानी से भर गई हैं, केवल एक बालटी बची है।
प्रश्न 4.
जब किसी की बात ज्यों की त्यों लिखी जाती है तब एक चिह्न लगाया जाता है। इसे उद्धरण चिह्न कहते हैं। उदाहरण के लिए-
चाऊतान बोला, “ आज से हमारा नया वर्ष आरंभ होता है । ”
पाठ में आए ऐसे चार वाक्य खोजकर लेखन – पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर-
(क) वल्लरी ने चाऊतान से पूछा, “ ये लोग कहाँ जा रहे हैं? बहुत प्रसन्न दिख रहे हैं। ”
(ख) “क्या हम लोग भी शोभायात्रा में सम्मिलित हो सकते हैं?” वल्लरी के पिताजी ने पूछा।
(ग) “ हाँ-हाँ, अवश्य चलिए हम सब शोभायात्रा में चलते हैं।” चाऊतान के पिताजी बोले।
(घ) उसने चाऊतान से कहा, “ चाऊतान भाई, लगता है कि लोग होली का त्योहार मना रहे हैं।”
प्रश्न 5.
पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन्हें हिंदी वर्णमाला के क्रम में लिखिए, जैसे- कलम, खरगोश, गगन…
करेला, समय, मठ, तट, नमकीन, जल, वन, मटका
उत्तर :
करेला, जल, तट, नमकीन, मटका, मठ, वन, समय।
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पाठ से आगे
प्रश्न 1.
आपके घर में त्योहारों के लिए कौन-कौन सी तैयारियाँ की जाती हैं?
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।
प्रश्न 2.
आपके घर पर त्योहारों के समय कौन-कौन, क्या-क्या काम करता है? सूची बनाइए ।
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।
प्रश्न 3.
हमारे देश में लोग अनेक प्रकार से अभिवादन करते हैं। उदाहरण के लिए, ‘नमस्ते’ बोलकर । आपके राज्य में क्या बोलकर अभिवादन किया जाता है? एक सूची बनाइए-

इस कार्य के लिए आप अपने मित्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की भी सहायता ले सकते हैं।
उत्तर :
| राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | अभिवादन के लिए शब्द |
| दिल्ली | नमस्कार |
| राजस्थान | राम-राम जी या खम्मा घणी |
| केरल | नमस्कारम या स्वामी शरणम |
| लद्दाख | जूली |
| गुजरात | जय श्री कृष्ण |
सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1.
इस पाठ में आपको सबसे अच्छा क्या लगा और क्यों?
उत्तर :
साङकेन पाठ में वल्लरी और चाऊतान पात्र मुझे सबसे अच्छे लगे। दोनों मित्र एक-दूसरे की बात को समझते हैं। वे भारतीय त्योहारों के महत्त्व और संस्कृति पर अपने-अपने विचार साझा करते हैं और पाठकों को भी जागरुक करते हैं । यह पाठ छात्रों को उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में बौद्ध संस्कृति से जुड़े त्योहार साङकेन तथा उत्तर भारत के प्रमुख त्योहार होली के बीच समानताएँ उजागर करता है । पाठ के माध्यम से छात्रों को भारतीय त्योहारों के पीछे की कहानियाँ, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक महत्त्व से परिचित किया गया है।
प्रश्न 2.
नीचे दिए गए उदाहरण को देखकर आगे की कड़ी बनाइए-

उत्तर :
| दूध | घी | दही | खीर |
| गन्ना | गुड़ | चीनी | रस |
| चना | दाल | बेसन | पकौड़े |
| चावल | पुलाव | खिचड़ी | इडली |
प्रश्न 3.
अपने मित्र को साङकेन के बारे में पूरे दिन का आँखों-देखा वर्णन अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखकर बताइए। आपकी सहायता के लिए कुछ मुख्य संकेत बिंदु नीचे दिए गए हैं-
| स्वागत, पकवान, शोभायात्रा, मूर्तियाँ, मंदिर, एक-दूसरे पर पानी डालना, मिल-जुलकर खुशी मनाना, पालकी, बाँस की खपच्चियाँ, भगवान बुद्ध का मंदिर, बौद्ध भिक्षु, होली, आशीर्वाद, घर, फूल |
आप इन शब्दों के अतिरिक्त अन्य शब्दों की भी सहायता ले सकते हैं। ये शब्द आपकी अपनी भाषा से भी हो सकते हैं।
उत्तर :
प्रिय मित्र,
सप्रेम नमस्कार।
मैं कुछ समय पहले ही अरुणाचल प्रदेश की यात्रा से लौटा हूँ। वहाँ के प्रसिद्ध बौद्ध त्योहार साङकेन का अनुभव अविस्मरणीय है। यह त्योहार प्रेम, मेलजोल और उमंगों से भरपूर होता है। इस त्योहार की शोभायात्रा अत्यंत मनमोहक होती है। साङकेन त्योहार में शामिल होकर मुझे हमारी होली की याद आ गई।
त्योहार का आरंभ भव्य शोभायात्रा से हुआ जिसमें बौद्ध भिक्षु पारंपरिक वस्त्रों में सजे आगे बढ़ रहे थे। स्थानीय निवासी संगीत और नृत्य में लीन होकर उत्सव का आनंद उठा रहे थे।
शोभायात्रा जब मंदिर पहुँची तो एक अनूठा अनुभव प्राप्त हुआ। मंदिर रंग-बिरंगे फूली और हरी-भरी टहनियों से सजा हुआ था। लोग भगवान बुद्ध की मूर्तियों को पालकी में रखकर मंदिर तक ले जा रहे थे।
सबसे रोचक और खुशनुमा क्षण था जब लोग एक-दूसरे पर पानी और रंग डालने लगे। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उत्साह में भरकर भीग रहे थे और साङकेन की बौद्ध परंपरा को निभा रहे थे। यह दृश्य मुझे होली पर्व की याद दिला रहा था। साङकेन नव वर्ष का आरंभ माना जाता है, इसलिए खूब मिल-जुलकर लोग शुभकामनाएँ दे रहे थे। इस त्योहार ने मुझे भारत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ दिया और सिखाया कि प्रेम, भाईचारा व सौहार्द ही जीवन का असली मार्ग है। आशा करती हूँ कि कभी तुम्हारे साथ भी इस त्योहार में शामिल होने का मौका मिले।
मेरी कलाकारी
यहाँ कुछ प्राणियों के चित्र दिए गए हैं जिन्हें सूखे पत्तों से बनाया गया है। इन प्राणियों को पहचानिए और पत्तों से किसी भी प्राणी की आकृति बनाकर नीचे दिए गए स्थान पर चिपकाइए ।

उत्तर :

तितली का चित्र

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पस्तकालय से
नीचे दिए गए बिंदुओं के आधार पर अरुणाचल प्रदेश के बारे में शिक्षकों और पुस्तकालय की सहायता से महत्वपूर्ण जानकारी जुटाइए।

बझो पहेली
ज्योति को उसके जन्मदिन पर मिठाई बनाने के लिए उसकी माताजी ने दूधवाले भैया के पास 5 लीटर दूध लेने भेजा। दूधवाले भैया के पास दूध को मापने के दो ही बरतन थे — एक 4 लीटर का और दूसरा 3 लीटर का। दूधवाला कभी इस बरतन में, कभी उस बरतन में और कभी पतीले में दूध डाल रहा था। ज्योति ध्यानपूर्वक यह सब देख रही थी। उसे उत्सुकता भी थी कि आखिर वह 5 लीटर दूध कैसे दे सकेगा?
दूधवाले भैया ने उसे 5 लीटर दूध दे दिया जिसे लेकर वह घर आ गई। शाम को जन्मदिन के उत्सव पर उसने मित्रों को यह रोचक बात बताई और उनसे पूछा कि बताओ दूधवाले ने उसे 5 लीटर दूध कैसे दिया होगा।
अब आप बताइए कि ज्योति ने अपने मित्रों को उत्तर में क्या बताया होगा?