Students prefer NCERT Class 5 Hindi Veena Solutions Chapter 9 न्याय के प्रश्न उत्तर Nyay Question Answer Pdf that are written in simple and clear language.
Nyay Class 5 Question Answer
Class 5 Hindi Nyay Question Answer
कक्षा 5 हिंदी पाठ 9 प्रश्न उत्तर – Class 5 Hindi Chapter 9 Nyay Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
जब शाम होती है तो आपको प्रकृति में क्या-क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?
उत्तर :
शाम होते ही आकाश का रंग बदलने लगता है। नारंगी, लाल, गुलाबी और बैंगनी जैसे रंग पूरे आसमान में फैल जाते हैं। जिससे एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिलता है। दिन की तेज़ रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
मौसम सुहावना हो जाता है। चारों ओर शांति का वातावरण फैल जाता है। सभी पशु-पक्षी अपने-अपने घरों की ओर लौट रहे होते हैं । पक्षियों की चहचहाहट कम हो जाती हैं। वहीं, कुछ निशाचर जानवर अपनी गतिविधियों के लिए तैयार होने लगते हैं।
प्रश्न 2.
क्या आपने कभी किसी पशु-पक्षी को बचाया है? उनसे जुड़ा कोई अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर :
हाँ, एक बार मैं विद्यालय जा रहा था तो मैंने रास्ते में एक ऐसे पक्षी को देखा जो दर्द से कराह रहा था। जब मैंने पास जाकर देखा तो वह कबूतर था । उसके एक पैर में चोट लगी हुई थी। वह बहुत बुरी तरह घायल था। कबूतर दर्द से ऐसे कराह रहा था कि उसे देखकर मुझे बहुत दुःख हो रहा था। मैंने उस दिन से पहले कभी किसी पक्षी को अपने हाथ में नहीं लिया था । इसलिए मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था ।
जब मैंने पक्षी को हाथ लगाया तो वह और जोर से फड़फड़ाने लगा । उस पक्षी की आँखों में आँसू देख मुझे बहुत दुःख हुआ और मैंने उसे बचाने की ठान ली।
मैं जल्दी से उस पक्षी को घर ले आया और फिर मैंने उस पक्षी के घाव को डिटॉल से धोया। पक्षी को घाव में जलन होने से वह और फड़फड़ाने लगा। लेकिन कुछ देर बाद मैंने उसके घाव पर मरहम पट्टी कर दी और उसे दाना खिलाया । पक्षी कुछ देर तक शांत रहा और बाद में मेरे साथ थोड़ा घुल- मिल गया। उस पक्षी को बचाकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। पक्षी का घाव शीघ्र ही ठीक हो गया और मैंने उसे खुले आसमान में उड़ा दिया ।
प्रश्न 3.
यदि आप मंत्री के स्थान पर होते तो न्याय कैसे करते?
उत्तर :
यदि मैं मंत्री के स्थान पर होता तो मैं भी मंत्री जैसा ही न्याय करता क्योंकि पशु-पक्षी भी प्रेम की भाषा बखूबी समझते हैं। वे दोस्त और दुश्मन में फर्क को जल्दी ही भाँप जाते हैं। मारने वाले से ज्यादा अधिकार बचाने वाले का होता है। अतः जो न्याय मंत्री का था वही न्याय मेरा भी होता ।
प्रश्न 4.
इस नाटक में सभी पात्र पुरुष हैं। यदि किन्हीं दो पात्रों को महिला पात्र के रूप में प्रस्तुत करना हो तो आप किन्हें बदलकर प्रस्तुत करना चाहेंगे और क्यों ?
उत्तर :
मैं सिद्धार्थ और देवदत्त के स्थान पर दो महिला पात्र को रखना चाहूँगा। क्योंकि महिला पात्रों के आने से एकांकी के नैतिक मुद्दों को एक नया परिप्रेक्ष्य मिलेगा। सामाजिक भूमिकाएँ, रिश्ते और न्याय की अवधारणाएँ स्त्री – विशिष्ट अनुभवों के माध्यम से सामने आ सकती हैं।
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सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1.
हंस को घायल देखकर सिद्धार्थ ने क्या किया?
उत्तर :
हंस को घायल देखकर सिद्धार्थ ने उसे अपनी गोद में ले लिया। उसने हंस के शरीर से तीर निकाला और जख्मों को साफ किया। फिर उसने उसकी मरहम पट्टी की और पानी पिलाया ।
प्रश्न 2.
अंततः हंस सिद्धार्थ को ही क्यों मिला?
उत्तर :
अंततः हंस सिद्धार्थ को इसलिए मिला क्योंकि उसने हंस की जान बचाई थी । देवदत्त ने हंस को तीर मारकर घायल कर दिया था, लेकिन सिद्धार्थ ने उसकी मरहम-पट्टी की और उसकी जान बचाई। इसलिए, राजा ने फैसला सुनाया कि “ मारने वाले से बचाने वाले का हक अधिक होता है” और हंस सिद्धार्थ को दे दिया गया।
प्रश्न 3.
कहानी को अपने ढंग से प्रवाह चार्ट के रूप में लिखिए-

उत्तर :

अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
जिस समय आकाश में हंस को तीर लगा उस समय उसके अन्य साथियों ने आपस में क्या बातें की होंगी?
उत्तर :
जब हंस को तीर लगा उस समय उसके अन्य साथियों ने संभवतः डर, पीड़ा और आश्चर्य की भावनाएँ व्यक्त की होंगी। वे एक-दूसरे से पूछ रहे होंगे कि ” क्या हुआ”, “कहाँ लगा?” “कौन है जिसने तीर चलाया?” जैसे सवाल एक-दूसरे से पूछकर वे घबराहट और अनिश्चितता व्यक्त कर रहे होंगे। कुछ साथी हंस के पास जाकर उसे सांत्वना देने और मदद करने की बात कर रहे होंगे। वे आपस में शिकारी से बदला लेने की बात कर रहे होंगे।
प्रश्न 2.
हंस देवदत्त के पास उड़कर क्यों नहीं गया?
उत्तर :
हंस देवदत्त के पास उड़कर इसलिए नहीं गया क्योंकि उसने उसे तीर मारकर घायल कर दिया था।
प्रश्न 3.
राजा शुद्धोदन ने निर्णय के बाद सिद्धार्थ से क्या कहा होगा?
उत्तर :
राजा शुद्धोदन ने निर्णय के बाद सिद्धार्थ से कहा होगा, “बेटा, यह हंस अब तुम्हारा है, यह घायल था और तुमने इसे बचाया है । यह पक्षी प्रेम को पहचानता है, इसलिए यह तुम्हारे पास रहेगा। क्योंकि मारने वाले से बचाने वाले का अधिकार ज्यादा होता है। यह पक्षी प्रेमवश तुम्हारे पास आया है। इसकी देखभाल करना और इसे स्वस्थ करना तुम्हारी जिम्मेदारी है ।
प्रश्न 4.
एक रात सिद्धार्थ मीठी नींद सो रहे हैं। उनके सपने में हंस आता है और सिद्धार्थ के साथ ‘न्याय वाले दिन का अपना अनुभव सुनाता है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि हंस ने सिद्धार्थ से क्या- क्या बातें की होंगी?

उत्तर :

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भाषा की बात
प्रश्न 1.
पाठ में हंस और हँस शब्द आए हैं। हंस में अनुस्वार (ं) का प्रयोग हुआ है और हँस में चंद्रबिंदु ( ँ) का प्रयोग हुआ है। अब आप इस पाठ में आए अनुस्वार एवं चंद्रबिंदु वाले शब्दों को खोजिए और अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए। उनका वाक्यों में भी प्रयोग कीजिए।
उत्तर :
| अनुस्वार (ं) वाले शब्द | चंद्रबिंदु ( ँ ) वाले शब्द |
| (i) शांति – कैसी शांति है! | (i) माँओं – उनकी माँओं के घर लौटने का समय है। |
| (ii) सुंदर – हंस एक सुंदर पक्षी है। | (ii) सँभालते – कुमार करुणा से भरकर उसे सँभालते हैं। |
| (iii) राजहंस – अरे मित्र, ये तो राजहंस है। | (iii) दूँगा- मैं तुम्हारी गवाही दूँगा देवदत्त ! |
प्रश्न 2.
रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्दों से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) सूर्य का उदय पूर्व दिशा में और __________ पश्चिम दिशा में होता है।
उत्तर :
सूर्य का उदय पूर्व दिशा में और अस्त पश्चिम दिशा में होता है।
(ख) उसने मारा है परंतु मैंने __________ है।
उत्तर :
उसने मारा है परंतु मैंने बचाया है।
(ग) इस निर्दोष पक्षी को मारने वाला __________ है।
उत्तर :
इस निर्दोष पक्षी को मारने वाला दोषी है।
(घ) इस जटिल समस्या का हल बहुत __________ है।
उत्तर :
इस जटिल समस्या का हल बहुत सरल है।
प्रश्न 3.
नीचे दिए गए चित्रों और शब्दों को जोड़कर मुहावरे / लोकोक्ति बनाइए। साथ ही अपनी रुचि के किन्हीं पाँच मुहावरों और लोकोक्तियों का वाक्यों में प्रयोग भी कीजिए-

उत्तर :
(क) मगरमच्छ के आँसू बहाना।
(ख) आँख मिचौनी खेलना ।
(ग) एक और एक ग्यारह।
(घ) अक्ल बड़ी या भैंस ।
(ङ) बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद !
(च) नौ दो ग्यारह होना ।
(छ) लाल पीला होना ।
(झ) पेट में चूहे कूदना ।
(ज) दाँतों तले उँगली दबाना ।
(ञ) सूरज को दीया दिखाना ।
अपनी रुचि के मुहावरे और लोकोक्तियाँ
1.अक्ल बड़ी या भैंस (बुद्धिबल, ताकत से श्रेष्ठ होती है ) –
वाक्य-प्रयोग – तुम्हें ताकत से नहीं चतुराई से काम लेना चाहिए । इसी को कहते हैं कि अक्ल बड़ी या भैंस।
2. नौ दो ग्यारह होना ( भाग जाना)
वाक्य-प्रयोग – पुलिस को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गया ।
3. लाल-पीला होना ( गुस्सा होना )
वाक्य- प्रयोग – एक तो तुमने गलती की फिर भी लाल-पीला हो रहे हो ।
4. पेट में चूहे कूदना (भूख लगना)
वाक्य-प्रयोग – माँ मुझे जल्दी खाना दो, पेट में चूहे कूद रहे हैं।
5. सूर्य को दीपक दिखाना (ज्ञानी को उपदेश देना)
वाक्य – प्रयोग – छात्र को अध्यापक के सामने शेखी बघारना सूर्य को दीपक दिखाने जैसा है।
पाठ से आगे
प्रश्न 1.
हंस वाली घटना के बाद सिद्धार्थ, देवदत्त को एक संदेश देना चाहते हैं। आपके अनुसार सिद्धार्थ ने देवदत्त को क्या संदेश लिखकर भेजा होगा-

उत्तर :
प्रिय भाई देवदत्त
यह जानकर अत्यंत दुख हुआ कि तुमने हंस को बाण से मारा। जीवन अनमोल है, चाहे वह किसी भी प्राणी का हो। हमें सभी जीवों के प्रति करुणा और दया का भाव रखना चाहिए। एक जीवन को बचाने में अधिक महानता है, बजाय उसे लेने के। मेरा मानना है कि वह हंस मेरा है, क्योंकि मैंने उसे जीवनदान दिया है, जबकि तुमने उसे चोट पहुँचाई ।
आशा है तुम बात को समझोगे और भविष्य में सभी जीवों के प्रति संवेदनशील रहोगे ।
आपका भाई
सिद्धार्थ
प्रश्न 2.
बगीचे में सुंदर – सुंदर गुलाब के फूल लगे हैं। प्रमोद को ये फूल बहुत सुंदर लगते हैं। वह उन फूलों को तोड़कर अपने पास रख लेता है। करुणा को भी फूल बहुत पसंद हैं। वह प्रतिदिन फूलों को खाद-पानी देकर उनकी देखभाल करने का निर्णय लेती है। आप इन फूलों से अपना प्रेम कैसे दर्शाएँगे एवं क्यों ? अपनी कक्षा के साथियों के साथ चर्चा कर अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए ।

उत्तर :
हम फूलों को खाद-पानी देकर उन्हें सही मात्रा में धूप देकर उन्हें कीड़ों से बचाकर, फूलों को तोड़ने से बचाकर तथा उनके आस-पास के क्षेत्र को साफ करके अपना प्रेम दर्शाएँगे ।
क्यों- क्योंकि फूल हमारे पर्यावरण को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। वे हवा से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। साथ ही फूल सुंदर होते हैं और हमारे घरों और बगीचों की शोभा बढ़ाते हैं।
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प्रश्न 3.
कुछ पक्षियों की संख्या निरंतर कम होती जा रही है। कई पक्षी तो ऐसे हैं जो विलुप्त होने की स्थिति में आ गए हैं, उदाहरण के लिए गौरैया। चित्रों के माध्यम से नीचे कुछ ऐसे संकेत दिए गए हैं जो पक्षियों की दिन-प्रतिदिन कम होती संख्या के लिए उत्तरदायी हैं । चित्रों को देखकर अपने सहपाठियों के साथ इन कारणों पर चर्चा कीजिए। यह भी पता लगाइए कि हम इन पक्षियों के बचाव और उनकी संख्या में वृद्धि के लिए कैसे योगदान दे सकते हैं।

उत्तर :
पक्षियों की दिन-प्रतिदिन कम होती संख्या के लिए उत्तरदायी कारक निम्नलिखित हैं-
(क) आवास का विनाश जंगलों की कटाई, शहरीकरण और कृषि भूमि का विस्तार पक्षियों के प्राकृतिक आवासों को नष्ट कर रहा है। इससे पक्षियों को रहने और प्रजनन करने के लिए जगह नहीं मिल पाती है।
(ख) प्रदूषण – कीटनाशकों, औद्योगिक कचरे और अन्य प्रदूषकों का पक्षियों के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। ये प्रदूषक पक्षियों के भोजन को दूषित करते हैं और उनके प्रजनन को भी प्रभावित करते हैं।
(ग) पतंगबाजी – भारत में विभिन्न त्योहारों पर पतंग उड़ाने का प्रचलन है, खासकर मकरसंक्रांति और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर। पतंग की डोर जिसे मांजा कहा जाता है एक विशेष तरीके के लेप से बनी होती है जिसके कारण उसमें तेज धार होती है।
जब पक्षी आकाश में उड़ते हैं तो मांजे से टकराकर अपना जीवन खो देते हैं। इससे उनकी संख्या कम हो जाती है।
(घ) मोबाइल टावरों का रेडिएशन- कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि मोबाइल टावरों से निकलने वाली हानिकारक तरंगें पक्षियों के अंडे और प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती हैं जिसके कारण उनकी संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है।
पक्षियों के बचाव और उनकी संख्या में वृद्धि के लिए हम निम्नलिखित योगदान दे सकते हैं-
(i) प्राकृतिक आवासों का संरक्षण और बहाली करना ।
(ii) प्रदूषण को कम करना ।
(iii) मोबाइल टावरों का रेडिएशन कम करना ।
(iv) पतंगबाजी प्रथा पर रोक लगाना ।
(v) पक्षियों के शिकार और अवैध व्यापार पर रोक लगाकर आदि ।
पुस्तकालय एवं अन्य स्त्रोत
प्रश्न 1.
अपने सहपाठियों के साथ पुस्तकालय में जाइए और गौतम बुद्ध से संबंधित जातक कथाओं को पढ़िए ।
उत्तर :
विद्यार्थी स्वयं करेंगे।
प्रश्न 2.
राजा विक्रमादित्य भी अपने न्याय के लिए प्रसिद्ध थे । राजा विक्रमादित्य के न्याय से जुड़ी कथाओं को पुस्तकालय सहायक एवं सहपाठियों की सहायता से ढूँढ़िए और उन्हें पढ़कर आपस में इन कथाओं पर बातचीत कीजिए।
उत्तर :
विद्यार्थी स्वयं करेंगे।
प्रश्न 3.
आपके घर अथवा आस-पास ऐसे कौन-से व्यक्ति हैं जिनके पास लोग अपनी समस्याओं को सुलझाने हेतु सहायता के लिए जाते हैं? उनके बारे में अभिभावकों से पूछिए और कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर :
अपने घर अथवा आस-पास के उन व्यक्तियों के नाम निम्नलिखित हैं जिनके पास लोग अपनी समस्याओं को सुलझाने हेतु सहायता के लिए जाते हैं-
(क) परिवार के सदस्य
(ख) मित्र
(ग) शिक्षक या गुरु
(घ) वरिष्ठ नागरिक
(ङ) प्रधान
(च) पड़ोसी
(छ) डॉक्टर, वकील आदि ।
(ज) रिश्तेदार ।
मैं भी सिद्धार्थ
प्रश्न 1.
नीचे कुछ चित्र दिए गए हैं जो सहायता, समझदारी और करुणा से संबंधित हैं। कक्षा में समूह में इन पर संवाद कीजिए एवं किसी एक चित्र पर कुछ पंक्तियाँ भी लिखिए ।

उत्तर :
विद्यार्थी स्वयं करेंगे।
पेयजल
पानी एक अनमोल संसाधन है और इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। पानी को निम्नलिखित तरीकों से बचाया जा सकता है-
(i) पानी की टोटी को खुला न छोड़ें।
(ii) नहाते समय शॉवर के बजाय बाल्टी और मग का उपयोग करें।
(iii) लीकेज (टोंटी से बार-बार टपकने पर ) ठीक करें।
(iv) पानी बचाने के महत्त्व के बारे में दूसरों को बताएँ ।
(v) तालाबों, झीलों और नदियों को प्रदूषित होने से बचाएँ ।
प्रश्न 2.
नाटक के प्रथम दृश्य में सिद्धार्थ और उनका सखा राज उद्यान के सौंदर्य का देख- आनंद ले रहे हैं। यदि उनका कोई सखा देखने-सुनने में असमर्थ होता तो सिद्धार्थ उसे इस आनंद का अनुभव कैसे करवाते? कक्षा में चर्चा कीजिए ।
उत्तर :
यदि उनका कोई सखा देखने-सुनने में असमर्थ होता तो सिद्धार्थ सांकेतिक भाषा का प्रयोग करके उसे आनंद का अनुभव करवाता।
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मेरा पक्षी
अपने अभिभावक और शिक्षक की सहायता से निम्न चित्रों को देखते हुए अपने लिए कागज का एक पक्षी बनाइए –

उत्तर :
विद्यार्थी स्वयं करेंगे।