Reading Class 4 Hindi Notes Veena Chapter 11 कविता का कमाल Kavita Ka Kamal Summary in Hindi helps students understand the main plot quickly.
Kavita Ka Kamal Class 4 Summary in Hindi
Kavita Ka Kamal Class 4 Hindi Summary
कविता का कमाल का सारांश – Kavita Ka Kamal Summary in Hindi
प्रस्तुत कहानी में मदन नाम के एक लड़के के बारे में बताया गया है। जो अपनी माँ के साथ एक गाँव में रहता था। गरीबी के कारण माँ-बेटे बहुत दुखी रहते थे, क्योंकि मदन दिन-भर खेल – कूद में समय बिताता था। एक दिन माँ ने नाराज होकर उसे कुछ पैसे कमाकर लाने के लिए कहा। मदन को समझ नहीं आ रहा था कि वो कैसे पैसे कमाए कि तभी उसने राजा के द्वारा करवाई गई मुनादी सुनी। जिसमें कहा जा रहा था कि जो राजा को सबसे अच्छी कविता सुनाएगा, उसे राजा से सौ अशर्फियाँ मिलेंगी।
मदन के लिए धन कमाने का यह एक अच्छा अवसर था। हालाँकि उसे कविता रचना नहीं आता था परंतु सौ अशर्फियों के लालच में वह राजमहल की ओर चल दिया। मजेदार बात यह रही कि रास्ते में कुत्ता, भैंस, चिड़िया और साँप को देखकर वह अपने मन से तुकबंदी करता और कविता बनाता हुआ चला गया। अंत में उसने धन्नू शाह जो वास्तव में चोर था उसके नाम का प्रयोग करके कविता को पूरा किया। उसकी कविता में. प्रयोग किए गए प्राणियों के क्रियाकलाप थे।

उसकी कविता दरबार में सबको विचित्र लगी, राजा को भी लगा शायद इसमें कोई पहेली है। संयोगवश जब राजा उस रात अपने महल में खड़े होकर अर्थ जानने की जिज्ञासा से मदन की अटपटी कविता दोहरा रहे थे तो उसी क्षण धन्नू शाह जो राजमहल में चोरी के उद्देश्य से आया था, कविता सुनकर उसे लगा कि राजा साहब को उसकी चोरी का इरादा पता चल गया है और डरकर वह राजा साहब के सामने आकर क्षमा-याचना करने लगा। राजा साहब उसे देखकर हैरान रह गए और सच्चाई पता चलने पर उन्होंने मदन को बुलाकर शाबाशी दी और बहुत सारा सोना-चाँदी दिया, क्योंकि उसकी कविता की वजह से राजा का खजाना लुटने से बच गया था।
यह कहानी मदन नाम के एक गरीब लड़के की है, जो अपनी माँ के साथ गाँव में रहता था। एक दिन मदन की माँ ने उसे कुछ कमाकर लाने को कहा। रास्ते में उसे यह घोषणा सुनाई दी कि राजमहल में कवि सम्मेलन हो रहा है और सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को इनाम मिलेगा ।
मदन को कविता नहीं आती थी, लेकिन वह चलते-चलते आसपास के दृश्यों से प्रेरित होकर अजीब-सी कविता बना लेता है । यह कविता कुछ इस तरह थी कि सुनने वालों को समझ नहीं आई, लेकिन किसी ने मूर्ख बनने के डर से यह जाहिर नहीं किया।
रात में राजा को वही कविता याद आने लगी। उसी समय कुछ चोर खजाना चुराने आए, लेकिन राजा की कविता की पंक्तियाँ सुनकर वे डर गए और समझे कि उनकी चोरी पकड़ी गई है। उनमें से एक चोर ‘धन्नू शाह’ डर के कारण राजा के सामने आत्मसमर्पण कर देता है । राजा को समझ आता है कि मदन की कविता की वजह से ही खजाना बच गया । वह मदन को बुलाकर खूब इनाम देता है। अंत में मदन खुशी-खुशी अपने गाँव लौटता है और अब उसके पास अपनी और अपनी माँ की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त धन होता है।

कविता का कमाल शब्दार्थ
ढिंढोरा पीटना – घोषणा करवाना।
अशर्फियाँ – सोने के सिक्के ।
क्रियाकलाप-कार्य करने का ढंग ।
विचित्र – अजीब सा ।
तुकबंदी – एक जैसे स्वर के शब्द जोड़ना जैसे – (राजा-बाजा)।
संयोगवश – इत्तफ़ाक़ से
जिज्ञासा – जानने की इच्छा।
अटपटी – बिना अर्थ की।
उद्देश्य से – इरादे से ।
क्षमा-याचना- माफी माँगना ।
दोहराना – बार- बार बोलना ।
राजमहल – राजा का निवास स्थान;
कवि सम्मेलन – कवियों की सभा, जहाँ वे अपनी कविताएँ सुनाते हैं;
अशर्फियाँ – पुराने समय की सोने की मुद्राएँ (सिक्के);
ढिंढोरा पीटना – जोर-जोर से घोषणा करना;
सुरुर – सुरुर – कुछ पीने की आवाज;

ताक-झाँक – चुपके से देखना;
सरक-सरक – धीरे – धीरे खिसकने की आवाज या क्रिया;
संदेह – शक,सन्देह;
मालामाल – बहुत धनवान,
हक्के-बक्के रहना – बहुत अधिक आश्चर्यचकित हो जाना;
भीख माँगना – दया के लिए विनती करना;
मालूम – ज्ञात, पता;
माफी माँगना – क्षमा की प्रार्थना करना;
सजा- दंड;
समर्पण करना – आत्मसमर्पण करना, स्वयं को सौंप देना।