Students prefer NCERT Class 4 Hindi Veena Solutions Chapter 6 जयपुर से पत्र के प्रश्न उत्तर Jayapur Se Patra Question Answer Pdf that are written in simple and clear language.
Jayapur Se Patra Class 4 Question Answer
Class 4 Hindi Jayapur Se Patra Question Answer
कक्षा 4 हिंदी पाठ 6 प्रश्न उत्तर – Class 4 Hindi Chapter 6 Jayapur Se Patra Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
आपको घूमना कैसा लगता है?
उत्तर:
हमें घूमना अच्छा लगता है।
प्रश्न 2.
अगर आपके आस-पास कोई ऐसा स्थान है जहाँ बाहर से लोग घूमने आते हैं तो उसके विषय में बताइए |
उत्तर:
हमारे आस-पास ‘संगम’ है, जहाँ ‘कुंभ का मेला’ लगता है। यह विश्व प्रसिद्ध है। मेला लगने पर या वैसे ही पर्यटक बाहर से घूमने आते हैं।
![]()
प्रश्न 3.
अगर आपको किसी स्थान पर जाने का अवसर मिले तो आप कहाँ जाना चाहेंगे और क्यों?
उत्तर:
यदि कभी मुझे किसी स्थान पर जाने का अवसर मिले, तो मैं नैनीताल जाना चाहूँगा। क्योंकि यहाँ गर्मियों के दिनों में बहुत अच्छा लगता है।
प्रश्न 4.
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य कहीं पर घूमने गया हो तो उसके विषय में बताइए ।
उत्तर:
मैं रामेश्वरम् गया था। फिर कन्याकुमारी गया, वहाँ का मनोरम दृश्य कभी भूल नहीं पाता हूँ । कन्याकुमारी मन को मोहने वाली है। वहाँ का प्रात:काल का दृश्य तो बहुत ही सुंदर होता है।
समझ की बात
नीचे कुछ बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। प्रश्नों के उत्तर में एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं। सही विकल्प के आगे (
) बनाइए-
प्रश्न 1.
शीशमहल है-
(क) शिला देवी मंदिर के पास
(ख) आमेर के दुर्ग में
(ग) हवामहल के पास
(घ) रामनिवास बाग में
उत्तर:
(ख) आमेर के दुर्ग में (
)
प्रश्न 2.
पत्र-
(क) जयपुर से लिखा गया था।
(ख) यात्रा के बाद लिखा गया था।
(ग) पिता को लिखा गया था।
(घ) अमर ने लिखा था।
उत्तर:
(क) जयपुर से लिखा गया था। (
)

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से किसे सैर (भ्रमण) नहीं कहा जाएगा-
(क) ताजमहल देखने के लिए आगरा जाना
(ख) बीमारी के उपचार के लिए नगर जाना
(ग) पढ़ाई के लिए शिलांग जाना
(घ) भारत दर्शन पर जाना
उत्तर:
(ख) बीमारी के उपचार के लिए नगर जाना (
)

अपनी बात
अमर के पत्र का एक अंश नीचे दिया गया है। इसे ध्यान से पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी समझ के अनुसार लिखिए-
“परसों रात को हम सकुशल जयपुर पहुँच गए। हमारी यात्रा बहुत अच्छी रही । अध्यापकों ने हमारा बहुत ध्यान रखा । यहाँ मौसम अच्छा है।” यात्रा में ऐसा क्या – क्या हुआ होगा कि अमर ने अपने पत्र में लिखा-
(क) परसों रात को हम सकुशल जयपुर पहुँच गए।
(ख) हमारी यात्रा बहुत अच्छी रही ।
(ग) अध्यापकों ने हमारा बहुत ध्यान रखा।
(घ) यहाँ मौसम अच्छा है।

उत्तर:
(क) अमर को यात्रा में कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ी, बल्कि जयपुर रात में सकुशल पहुँच गया था।
(ख) अध्यापक/अध्यापिका की देख-रेख में छात्रों की यात्रा सुखद और अच्छी रही।
(ग) छात्रों के अभिभावक के तौर पर अध्यापक थे, जिन्होंने बच्चों का खयाल रखा।
(घ) जब बच्चों को अपने अध्यापक/अध्यापिका के साथ सैर (भ्रमण) करने का अवसर मिलता है, तो वे बहुत खुश होते हैं और मौसम सुहावना हो, तो अधिक प्रसन्नता होती है।
![]()
सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1.
अमर ने जयपुर में क्या-क्या देखा?
उत्तर:
अमर ने जयपुर में हवामहल, जंतर-मंतर और रामनिवास बाग देखा।
प्रश्न 2.
उसने कला – संग्रहालय को दर्शनीय क्यों बताया ?
उत्तर:
कला-संग्रहालय में जयपुर के राजा-महाराजाओं के कपड़े, अस्त्र-शस्त्र और उनके चित्र रखे थे, इसलिए अमर ने कला – संग्रहालय को दर्शनीय बताया।
प्रश्न 3.
उसने आमेर के दुर्ग को बहुत बड़ा और पुराना क्यों कहा है?
उत्तर:
अमर ने आमेर – दुर्ग को बहुत बड़ा और पुराना इसलिए कहा कि – यहाँ का शीशमहल और इसी के पास शिला देवी का मंदिर भी है।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
निम्नलिखित के बारे में अनुमान लगाइए कि ये क्या और कैसे होंगे?
(क) जंतर-मंतर
(ख) रामनिवास बाग
(ग) शीशमहल
(घ) हवामहल
उत्तर:
(क) जंतर-मंतर: यह एक वेधशाला है, जिसे राजा सवाई सिंह ने बनवाया था जो आश्चर्यजनक है।
(ख) रामनिवास बाग: यह कला – संग्रहालय होने के कारण विश्व प्रसिद्ध है।
(ग) शीशमहल: यह आमेर का शीशमहल है, जो सैर करने वालों के लिए देखने योग्य है।
(घ) हवामहलः यहाँ पास में ही जंतर-मंतर है, जो बहुत दर्शनीय है।
प्रश्न 2.
अनुमान लगाकर बताइए कि उदयपुर को झीलों का नगर क्यों कहा जाता है।
उत्तर:
उदयपुर की सातों झीलें आपस में जुड़ी हुई हैं, जहाँ पानी का बहाव नहीं होता और सदैव ये झीलें पानी से भरी होती हैं। इसलिए इसे झीलों का नगर कहते हैं।
खान-पान
अमर ने जयपुर में दाल-बाटी चूरमा खाया। आइए, इस व्यंजन के बारे में जानते हैं।
दाल-बाटी चूरमा एक पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन है। इसमें तीन मुख्य व्यंजन होते हैं-
दाल: यह अरहर, मूँग, चने या मसूर की दाल से बनती है। इसे कई मसालों के साथ पकाकर बनाया जाता है जिससे इसका स्वाद बढ़ जाता है। हरा धनिया इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है ।
बाटी: यह गेहूँ के आटे से बनी गोल लोइयाँ होती हैं जिन्हें उपले और लकड़ियों की आग में सेंका जाता है। फिर तैयार गरम बाटियों को घी में डुबोया जाता है। उसके बाद इसे खाने के लिए परोसा जाता है। ये बाटियाँ बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम होती हैं।

चूरमा: यह थोड़े मोटे आटे से बनता है। इसे बनाने के लिए पहले बाटी अथवा मोटी रोटी बनाई जाती है । फिर इसे मूसल की सहायता से ओखली में कूटा जाता है। जब यह बारीक हो जाता है, तब इसमें घी, सूखे मेवे और बूरा (गुड़ अथवा चीनी से मिलता-जुलता पदार्थ) मिला दिया जाता है। आधुनिक समय में इसे बनाने की विधि में कुछ परिवर्तन आ गए हैं।
उत्तर:
छात्र स्वयं इसे अपनी माताजी से दाल-बाटी चूरमा बनवाकर अनुभव कर सकते हैं।
आपकी रुचि का व्यंजन
अब आप अपने रुचिकर व्यंजनों में से किसी एक के विषय में बताइए जो आपके घर में विशेष अवसरों पर बनाया जाता है। संक्षेप में बताइए कि यह कैसे तैयार किया जाता है और इसमें क्या – क्या सामग्री डाली जाती है।

उपला, जिसे ‘गोइठा’ अथवा ‘कंडा’ भी कहा जाता है गाय या भैंस के गोबर से बना एक पारंपरिक ईंधन है। इसे गोबर को हाथ से आकार देकर और धूप में सुखाकर बनाया जाता है।
उत्तर:
छात्र अपने रुचिकर व्यंजनों के बारे में बताएँ, जो उनके यहाँ त्योहारों पर अक्सर बनाया जाता है।
इन्हें भी जानिए
डाक पेटी (पोस्ट बॉक्स)
डाक पेटी एक लाल रंग की पेटी होती है। इसका प्रयोग भेजी जाने वाली चिट्ठियों का संग्रह करने के लिए किया जाता है। जब हमें किसी को चिट्ठी भेजनी होती है तो हम उस पर सही पता लिखकर डाक पेटी में डाल देते हैं। फिर डाकघर (पोस्ट ऑफिस) वाले डाकिया भैया / बहना इस डाक पेटी से चिट्ठियाँ निकालकर डाकघर ले जाते हैं। डाकघर से चिट्ठियाँ पते पर लिखे नगरों के डाकघरों को भेजी जाती हैं। उसके पश्चात् डाकिया भैया / बहना उन्हें सही पते पर देने जाते हैं।

![]()
पिनकोड

पिनकोड (PIN Code) छह अंकों की संख्या होती है। इसे किसी विशेष क्षेत्र की पहचान के लिए प्रयोग किया जाता है। यह मुख्य रूप से डाक (चिट्ठी और पार्सल) भेजने और प्राप्त करने में सहायता करता है ।
उदाहरण के लिए यदि किसी गाँव या नगर में कोई चिट्ठी भेजनी हो तो उस स्थान का पिनकोड डालकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि चिट्ठी सही पते पर पहुँचे। इसका पहला अंक राज्य को बताता है। दूसरा और तीसरा अंक ज़िले को बताता है। अंतिम तीन अंक डाकघर की पहचान बताते हैं ।
उत्तर:
डाक पेटी (पोस्ट बॉक्स) – यह लाल रंग की एक पेटी होती है। जिसका प्रयोग भेजने वाली चिट्ठियों को संग्रह हेतु किया जाता है। चिट्ठी में सही पता लिखकर डाक पेटी में डाला जाता है। फिर डाकिया उस चिट्ठी को डाकघरों के माध्यम से अन्यत्र भेज देता है।
पिन कोड – यह छह अंकों की एक संख्या होती है जिसका प्रयोग किसी विशेष क्षेत्र की पहचान के लिए होता है। इसका पहला अंक राज्य तथा दूसरा – तीसरा अंक जिला को बताता है। अंतिम तीन अंक डाकघर की पहचान बताते हैं । पिन कोड की सहायता से चिट्ठी सही पते पर पहुँचती
है।
चिट्ठी आई है
पत्र लिखना एक बहुत पुरानी और आनंददायक कला है। सोचिए कि मोबाइल फोन, ईमेल या व्हाट्सएप आने से पहले लोग एक-दूसरे से कैसे संवाद करते थे। हाँ, वे पत्र लिखते थे! पत्र एक संदेश होता है जिसे कागज पर लिखा जाता है और डाक के द्वारा दूर रहने वाले मित्रों तथा सगे-संबंधियों को भेजा जाता है।
पत्र कैसे लिखें?
प्रारंभ – सबसे पहले आप ऊपर दाईं ओर दिनांक लिखें ताकि पत्र पाने वाले को पता चले कि यह कब लिखा गया था।
संबोधन- संबोधन में पूज्य या आदरणीय माँ अथवा पिताजी या मेरे प्रिय मित्र लिख सकते हैं।
अभिवादन – संबोधन के बाद अभिवादन अवश्य लिखें, जैसे नमस्ते, प्रणाम, आशीर्वाद आदि । आपकी बात- अभिवादन के बाद पत्र के माध्यम से आप क्या कहना चाहते हैं, वह लिखें।
अंतिम पंक्ति- घर के अन्य लोगों का अभिवादन करें, जैसे- बड़ों को प्रणाम और छोटों को प्यार।
समापन – अंत में आप, आपका / आपकी प्यारा बेटा / प्यारी बेटी या आपका प्रिय मित्र और फिर अपना नाम लिखें।

पत्र लिखते समय आपको अपनी भावनाओं को कागज पर उतारने का अवसर मिलता है। जब दूसरा व्यक्ति इसे पढ़ता है तो उसे ऐसा लगता है कि आप उसके पास ही बैठे हैं और उससे बातें कर रहे हैं। और हाँ, पत्र को लिफ़ाफे में डालना न भूलें। लिफ़ाफे पर एक डाक टिकट भी चिपकाएँ और साफ अक्षरों में जिसे पत्र भेज रहे हों, उसका पूरा पता पिनकोड सहित लिखें।
आजकल ऐसे पत्र कम लिखे जाते हैं, फिर भी वे बहुत विशेष होते हैं। तो क्या आप किसी को पत्र लिखने का सोच रहे हैं? इसे लिखें और देखें कि यह प्राप्तकर्ता तक पहुँचता है या नहीं।
उत्तर:
पत्र लिखना एक कला है, भले ही मोबाइल के हो जाने से पत्र का महत्व कम हो गया है लेकिन डाकिया के आने से मन में एक खुशी होती है कि – ” कहीं मेरा पत्र तो नहीं आया है। ” मोबाइल में हम SMS कर सकते हैं, पर चिट्ठी जैसा विवरण नहीं लिख सकते हैं।
पत्र कैसे लिखें?
1. दिनांक
………..
2. आदरणीय पिताजी/ आदरणीया माताजी या पूज्यनीय पिताजी / पूज्यनीया माताजी
सादर चरण स्पर्श, नमस्ते या प्रणाम या मित्र के लिए
प्रिय मित्र
नमस्ते
3. अपने मन की बात – आप क्या लिखना या कहना चाहते हैं?
4. अन्य लोगों को – बड़ों को प्रणाम और छोटों को स्नेह, आशीष या दुलार
5. समापन – अंत में आपका प्यारा बेटा / आपकी प्यारी बेटी या आपका प्रिय मित्र लिखें।
6. समापन के ही नीचे – अपना नाम लिखें।
अपने मन की बात में – आप अपने मन की भावनाओं को लिखते हैं। इससे पढ़ने वाला व्यक्ति प्रभावित होता है।
![]()
अभिवादन
प्रश्न 1.
अमर ने अपने पिता को पत्र में ‘सादर प्रणाम’ लिखा है। सोचिए वह क्या लिखता यदि वह-
उत्तर:

प्रश्न 2.
आप अपने मित्र को पत्र लिखिए । पत्र में आस-पास के भ्रमण – स्थलों और प्रसिद्ध व्यंजनों के बारे में बताइए ।
उत्तर:
प्रिय मित्र
नमस्कार!
दिनांक
…………
मैं यहाँ सकुशल हूँ, और आशा करता हूँ कि तुम भी वहाँ अच्छी तरह से होंगे। मित्र, तुम यहाँ गर्मियों की छुट्टी में आओ तो मैं भ्रमण – स्थलों की सैर कराऊँ। क्योंकि यहाँ अक्सर अन्य जगहों से लोग भ्रमण करने आते हैं।
यहाँ के लाजवाब व्यंजनों की तो बात ही कुछ और है, जो कभी भुलाए नहीं भूलता, बस ये समझो, नाम लेते ही मुँह में पानी आ जाता है। अपने माताजी – पिताजी को चरण-स्पर्श कहना और छोटे भाई को आशीर्वाद ।
शेष सब कुशल है।
तुम्हारा प्रिय मित्र
अ……ब……स
(यहाँ भेजने वाले अपना नाम लिखें।)
विशेष – (छात्र अपने शहर या गाँव का वर्णन अवश्य करें कि वहाँ क्या – क्या स्थल घूमने के काबिल हैं तथा प्रसिद्ध व्यंजनों के बारे में भी जरूर लिखें।)
भाषा की बात
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए उदाहरण को ध्यान से पढ़िए । अब आप भी उसी प्रकार नए शब्द बनाकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए-

उत्तर:
| उपसर्ग | मूल शब्द | नया शब्द | वाक्य प्रयोग |
| वि | शेष | विशेष | आज का दिन मेरे लिए विशेष है। |
| भर | पेट | भरपेट | आज मैंने भरपेट खाना खाया। |
| उप | योग | उपयोग | इसका क्या उपयोग है? |
| प्र | सन्न | प्रसन्न | वह आज बहुत प्रसन्न है। |
| अनु | शासन | अनुशासन | हमें अनुशासन में रहना चाहिए। |
प्रश्न 2.
नीचे दिए गए वाक्य को ध्यान से पढ़िए-
हमने घूम-घूमकर जंतर-मंतर देखा ।
अब इन्हें आगे बढ़ाइए – …………….
हमने झूम-झूमकर – …………….
हमने कूद-कूदकर – …………….
हमने उछल-उछलकर – …………….
हमने – …………….
उत्तर:
हमने झूम-झूमकर – हमने झूम-झूमकर नाचा।
हमने कूद-कूदकर – हमने कूद कूदकर खेला।
हमने उछल-उछलकर – हमने उछल-उछलकर दौड़ा।
हमने – हमने मिलकर खाना खाया।
प्रश्न 3.
तालिका को ध्यान से पढ़कर उपयुक्त वाक्य लिखिए-

उत्तर:
| समय | वाक्य |
| जो कार्य बीते समय में पूरे हो गए हों। | हमारी यात्रा बहुत अच्छी थी। हमने अपना कार्य कर लिया। हमने भोजन कर लिया। |
| जो कार्य अभी हो रहे हैं। | मैं गीत गा रही / रहा हूँ। मैं जा रहा / रही हूँ। मैं सुन रहा / रही हूँ। |
| जो कार्य आगे आने वाले समय में होंगे। | हम सपरिवार कल घूमने जाएँगे । कल हम अपना जन्म – दिन मनाएँगे । कल सपरिवार उत्सव में जाएँगे । |
![]()
प्रश्न 4.
पत्र में आए शब्दों को वर्ग पहेली से खोजकर लिखिए-

उत्तर:
- उदयपुर
- जंतर-मंतर
- चूरमा
- आमेर
- हवामहल
- कला
- जयसिंह
- दाल-बाटी
- राजा
- पुल
- जयपुर
- जल
प्रश्न 5.
पत्र में संग्रहालय शब्द आया है। ऐसे और भी शब्द पता कीजिए, जैसे- विद्यालय। उन्हें समझिए और अपनी लेखन – पुस्तिका में उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
विद्यालय ………….. ……………. ………………..
………… ………….. ……………. ………………..
उत्तर:
- विद्यालय
- विश्रामालय
- हिमालय
- अनाथालय
- देवालय
- वाचनालय
- न्यायालय
- पुस्तकालय
उपरोक्त शब्दों का वाक्यों में प्रयोग-
- विद्यालय – मैं प्रतिदिन विद्यालय जाता हूँ।
- अनाथालय – अनाथ बच्चों के लिए अनाथालय है।
- न्यायालय – न्यायालय में वकील होते हैं।
- विश्रामालय – सरकारी अधिकारियों हेतु विश्रामालय होते हैं।
- देवालय – देवालय में ईश्वर की मूर्तियाँ होती हैं ।
- पुस्तकालय – पुस्तकालय में पुस्तकें होती हैं।
- हिमालय – हिमालय की चोटियाँ बहुत ऊँची हैं।
- वाचनालय – हम वाचनालय में पुस्तकें पढ़ते हैं।
शिक्षण- संकेत – शिक्षक अवसर देखकर विद्यार्थियों को किसी संग्रहालय में ले जाएँ। उन्हें वहाँ रखी सामग्रियों के बारे में बताएँ। साथ ही बच्चों को देश के अन्य संग्रहालयों की जानकारी भी दें।
वेधशाला
वह स्थान जहाँ ग्रहों, तारों और नक्षत्रों | को देखने के लिए यंत्र रखे जाते हैं, | उसे वेधशाला कहते हैं। इन यंत्रों की सहायता से ग्रहों की गति -स्थिति का निरंतर अध्ययन किया जाता है।

संग्रहालय
संग्रहालय एक ऐसा सार्वजनिक भवन है जहाँ सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, ऐतिहासिक एवं कलात्मक महत्व की वस्तुओं को प्रदर्शित किया जाता है। संग्रहालयों में कई प्रकार की वस्तुएँ रखी जाती हैं जिनमें से कुछ अद्वितीय होती हैं।
![]()
पता लगाइयए
प्रश्न 1.
जंतर-मंतर क्या है ? भारत में यह जयपुर के अतिरिक्त और कहाँ-कहाँ स्थित है?
उत्तर:
यहं वह स्थान है, जहाँ ग्रहों, तारों और नक्षत्रों को देखने के लिए यंत्र रखे जाते हैं। यह जयपुर के अतिरिक्त दिल्ली में भी है।

प्रश्न 2.
आपके राज्य में कौन-कौन से दर्शनीय स्थल हैं? उनका संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं अपने राज्य के दर्शनीय स्थल के बारे में लिखें।
कुछ कीजिए
प्रश्न 1.
अपने शिक्षक या किसी बड़े सदस्य के साथ डाकघर जाइए। वहाँ क्या-क्या काम किए जाते हैं, इसकी जानकारी एकत्रित कीजिए ।
उत्तर:
छात्र स्वयं अपने अभिभावक के साथ डाकघर जाकर वहाँ के कार्य के बारे में जानकारी प्राप्त करें।
प्रश्न 2.
सभी विद्यार्थी चार-चार के समूह में भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों के चित्रों का संग्रह कर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए ।
उत्तर:
छात्र स्वयं भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों का चित्र एकत्रित कर उन्हें अपनी कक्षा में प्रदर्शित कर सकते हैं।