Reading Class 8 Hindi Notes Malhar Chapter 2 दो गौरैया Summary in Hindi Explanation helps students understand the main plot quickly.
दो गौरैया Class 8 Summary in Hindi
दो गौरैया Class 8 Hindi Summary
दो गौरैया का सारांश – दो गौरैया Class 8 Summary in Hindi
“दो गौरैया” कहानी एक ऐसे घर की है जहाँ लेखक अपने माता-पिता के साथ रहते हैं। घर में चूहे, छिपकलियाँ और छत पर कबूतरों का बसेरा है। कहानी का मुख्य आकर्षण दो गौरैयाँ हैं जो घर में घुस आती हैं और पिताजी के तमाम प्रयासों के बावजूद घर नहीं छोड़तीं। पिताजी गौरैयों को भगाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।

वे गौरैयों को डराते हैं; लाठी उठाते हैं और जब गौरैयाँ घोंसला बनाती हैं, तो उसे तोड़ने का प्रयास करते हैं। माँ और लेखक पिताजी को समझाते हैं कि पक्षियों को भी अपने रहने के लिए जगह चाहिए। इसके बावजूद भी पिताजी गौरैयों को भगाने में लगे रहते हैं।
पिताजी गौरैयों को हटाने के अपने प्रयासों को जारी रखते हैं, यहाँ तक कि उन पर लाठी भी मारते हैं लेकिन वे बस उड़कर बाहर जाती हैं और फिर खुली खिड़कियों या दरवाजों से वापस आ जाती हैं। वह सारे दरवाजे बंद करने की कोशिश करते हैं लेकिन गौरैयाँ फिर भी रास्ता ढूँढ़ लेती हैं।

एक दिन जब पिताजी लाठी से गौरेयों के घोंसले को उजाड़ने का प्रयास करते हैं तो एक तेज आवाज़ आती है, “ चीं-चीं-चीं!!!” पिताजी घबरा जाते हैं, लेकिन देखते हैं घोंसले में गौरैया के नन्हे बच्चे हैं। वे गौरैयों का घोंसला नहीं तोड़ते। अंतत: पिताजी को अपनी गलती का एहसास होता है। वे इन पक्षियों को अपने घर का सदस्य मान लेते हैं।
कहानी मानवीय और प्राकृतिक दुनिया के सह-अस्तित्व को दर्शाती है और बताती है कि कैसे प्रेम, धैर्य और समझ से हम प्रकृति के साथ सद्भाव में रह सकते हैं, बजाय उसे भगाने के । यह कहानी पिताजी के हृदय परिवर्तन को भी दिखाती है जो अंततः इन नन्हें जीवों के प्रति स्नेह और सहानुभूति विकसित करते हैं।

शब्दार्थ
पृष्ठ संख्या – 13 :
सराय – धर्मशाला ।
डेरा डालना – अस्थायी निवास।
पृष्ठ संख्या – 14 :
निरीक्षण – ध्यान से देखना ।
पृष्ठ संख्या – 15 :
ठकोरा – आघात, चोट ।
पृष्ठ संख्या – 16 :
पिल पड़ना – किसी काम में तेज़ी से लग जाना या किसी पर टूट पड़ना।