Students prefer NCERT Class 5 Hindi Veena Solutions Chapter 3 चाँद का कुर्ता कविता के प्रश्न उत्तर Chand Ka Kurta Kavita Poem Question Answer Pdf that are written in simple and clear language.
Chand Ka Kurta Class 5 Question Answer
Class 5 Hindi Chand Ka Kurta Question Answer
कक्षा 5 हिंदी पाठ 3 प्रश्न उत्तर – Class 5 Hindi Chapter 3 Chand Ka Kurta Poem Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
आकाश आपको कब-कब बहुत सुंदर दिखाई देता है और क्यों?
उत्तर :
मुझे आकाश सबसे सुंदर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय लगता है। इन दोनों के समय आकाश लाल, नारंगी और गुलाबी दिखाई पड़ता है जो बहुत सुंदर लगता है। इसके अलावा तारों से भरा आकाश भी मुझे बहुत भाता है।
प्रश्न 2.
चाँद को ठंड लगती है इसलिए वह झिंगोला माँग रहा है। सूरज क्या कहकर अपनी माँ से कपड़े माँगेगा?
उत्तर :
सूरज कहेगा कि माँ मुझे कपड़े ला दो क्योंकि ज्यादा गरमी के कारण मेरा रंग काला पड़ता जा रहा है। मेरी त्वचा का रंग गहरा होता जा रहा है।
प्रश्न 3.
आपने आकाश में क्या-क्या परिवर्तन होते देखे हैं?
उत्तर :
मैंने आकाश में बहुत से परिवर्तन होते देखे हैं। जैसे दिन के समय अंबर नीला दिखाई देता है क्योंकि सूरज की रोशनी होती है। सूर्य के अस्त होने के समय नारंगी, लाल और गुलाबी रंग दिखाई देता है। मैंने साफ़ रात में तारों से भरा आकाश भी देखा है। इसके अलावा बारिश, बिजली, बादल, इंद्रधनुष और रात में तारे और चंद्रमा भी देखे हैं। रात को आकाश काला या गहरा नीला दिखाई पड़ता है।
प्रश्न 4.
जब आप अपने अभिभावक के साथ नए कपड़े खरीदने जाते हैं तब किन-किन बातों का ध्यान रखते हैं?
उत्तर :
जब मैं अपने मम्मी-पापा के साथ नए कपड़े खरीदने जाता हूँ तो ध्यान रखता हूँ कि कपड़ा चुभने वाला न हो बल्कि मुलायम हो। इसके अलावा मुझे रंगीन और मजेदार प्रिंट वाले कपड़े लेना अच्छा लगता है। मैं ध्यान रखता हूँ कि कपड़े आरामदायक हो ताकि मुझे खेलने और इधर-उधर घूमने में परेशानी न हो।
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कविता से
नीचे दिए गए प्रश्नों में चार विकल्प हैं। इनमें एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं। सही विकल्प पर चाँद का चित्र (🌙) बनाइए-
प्रश्न 1.
चाँद की माँ उसे झिंगोला क्यों नहीं दे पा रही है?
(क) चाँद के पास पहले से ही बहुत से झिंगोले हैं।
(ख) चाँद के शरीर का आकार घटता-बढ़ता रहता है।
(ग) चाँद अपने वस्त्र सँभालकर नहीं रखता है ।
(घ) चाँद की माँ अभी कोई नया वस्त्र नहीं सिलवाना चाहती है।
उत्तर :
(ख) चाँद के शरीर का आकार घटता-बढ़ता रहता है।
प्रश्न 2.
कविता में चाँद के बदलते आकार का वर्णन करने के लिए किन शब्दों का प्रयोग किया गया है?
(क) एक अंगुल – भर चौड़ा
(ख) एक फुट मोटा
(ग) किसी दिन बड़ा
(घ) किसी दिन छोटा
उत्तर :
(क) एक अंगुल-भर चौड़ा
(ख) एक फुट मोटा
(ग) किसी दिन बड़ा
(घ) किसी दिन छोटा
प्रश्न 3.
कविता में ठंड के मौसम का वर्णन करने के लिए किन-किन शब्दों का प्रयोग किया गया है?
(क) ऊन का मोटा झिंगोला
(ख) सन सन चलती हवा
(ग) ठिठुर – ठिठुरकर यात्रा
(घ) भाड़े का कुरता
उत्तर :
(क) ऊन का मोटा झिंगोला
(ख) सन सन चलती हवा
(ग) ठिठुर-ठिठुरकर यात्रा
(घ) भाड़े का कुरता
सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1. कविता की किन पंक्तियों से पता चलता है कि चाँद किसी एक दिन बिलकुल दिखाई नहीं देता है?
उत्तर- घटता-बढ़ता रोज किसी दिन ऐसा भी करता है,
नहीं किसी की भी आँखों को दिखलाई पड़ता है।
प्रश्न 2. सर्दी से बचने के लिए चाँद, माँ से ऊन के झिंगोले के अतिरिक्त और कौन-से कपड़े माँग सकता है?
उत्तर – सर्दी से बचने के लिए चाँद, माँ से ऊन के झिंगोले के अतिरिक्त ऊन से बनी टोपी, कनटोप और मफ़लर इत्यादि भी माँग सकता है।
प्रश्न 3. जाड़े के मौसम में चाँद को क्या कठिनाई होती है?
उत्तर- जाड़े के मौसम में चाँद को रातभर झिंगोला न होने के कारण सन सन चलती हवा से बहुत ज्यादा ठंड लगती है।
प्रश्न 4. चाँद किस यात्रा को पूरा करने की बात कर रहा है?
उत्तर- चाँद पृथ्वी के चारों ओर घूमता है और यहाँ चाँद अपनी इसी यात्रा को पूरा करने की बात कर रहा है।
अभिभावक और आप
जब नीचे दी गई बातें एवं घटनाएँ होती हैं तब आपके अभिभावक क्या-क्या कहते या करते हैं? अपने-अपने अनुभव कक्षा में साझा कीजिए ।
प्रश्न 1.
जब आप ठंडी रात में सोते समय अपने पैरों से कंबल या रजाई उतार फेंकते हैं।
उत्तर :
मेरे अभिभावक दोबारा से मुझे कंबल या रजाई ओढ़ा देते हैं।
प्रश्न 2.
जब आप ठंड में आइसक्रीम खाने का हठ करते हैं।
उत्तर :
मम्मी-पापा दोनों प्यार से समझाते हैं कि मुझे ठंड लग जाएगी।
प्रश्न 3.
जब आप दूध पीने, हरी सब्जियाँ और फल आदि खाने से कतराते हैं।
उत्तर :
वे कहते हैं कि अगर मैं दूध नहीं पिऊँगा, हरी सब्जियाँ और फल नहीं खाऊँगा तो मैं बड़ा नहीं हो पाऊँगा और न ही स्वस्थ रहूँगा ।
प्रश्न 4.
जब आप देर तक सोते हैं।
उत्तर :
देर तक सोने पर मम्मी-पापा दोनों मुझे डाँटते हुए समझाते हैं कि मुझे स्कूल पहुँचने में देर हो जाएगी। वे कहते हैं कि जीवन में सफल होने के लिए हमें सुबह जल्दी उठना चाहिए। जल्दी उठने से हम सभी कार्य सही समय पर कर पाते हैं और हमारा शरीर भी स्वस्थ और निरोगी रहता है।
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प्रश्न 5.
जब कोई आपके घर आपकी शिकायत करने आता है।
उत्तर :
मेरे मम्मी-पापा मुझे अपनी गलती मानकर उनसे माफी माँगने के लिए कहते हैं ।
प्रश्न 6.
जब आपके अच्छे कामों के लिए आपकी प्रशंसा होती है अथवा पुरस्कार मिलता है।
उत्तर :
वे दोनों मुझे बहुत शाबाशी देते हैं। इसके अलावा मुझे बहुत – सा प्यार और मेरी मनपसंद चीजें भी लेकर देते हैं।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
आप अपनी माँ से चाँद का दुखड़ा कैसे बताएँगे?
उत्तर :
मैं अपनी माँ को बताऊँगा कि कैसे चाँद अपनी आसमान की यात्रा ठंड में ठिठुर – ठिठुर कर पूरी करता है। यह भी बताऊँगा कि चाँद के पास कोई झिंगोला भी नहीं है और उसके घटते-बढ़ते आकार के कारण उसकी माँ उसके लिए झिंगोला भी बनवा के नहीं दे पाती है।
प्रश्न 2.
गरमी और वर्षा से बचने के लिए चाँद अपनी माँ से क्या कहेगा? वह किस प्रकार के कपड़ों एवं वस्तुओं की माँग कर सकता है?
उत्तर :
चाँद गरमी और वर्षा से बचने के लिए माँ से कहेगा कि वह हर मौसम में बिना कपड़ों के घूमता है जिससे उसे बहुत कष्ट होता है। इसलिए माँ उसे मौसम के हिसाब से कपड़े सिलवा दे। वह गरमी के लिए सूती कपड़ों और बारिश से बचने के लिए रेनकोट और छाते जैसी वस्तुओं की माँग कर सकता है।
प्रश्न 3.
चाँद ने माँ से कुरता किराए पर लाने के लिए क्यों कहा होगा?
उत्तर :
चाँद ने माँ से कुरता किराए पर लाने के लिए इसलिए कहा होगा क्योंकि उसका आकार हमेशा घटता-बढ़ता रहता है। यदि माँ सिलवाकर देगी तो वो फिर उसे हर रोज़ ढीला या छोटा पड़ सकता है। यदि किराए पर लाएगी तो उसके आकार के हिसाब से लाएगी जो उसे आराम से आ पाएगा।
प्रश्न 4.
यदि माँ ने चाँद का कुरता सिलवा दिया होता तो क्या होता?
उत्तर :
यदि माँ ने चाँद का कुरता सिलवा दिया होता तो उसका आकार घटने और बढ़ने के हिसाब से कुरता भी ढीला या छोटा हो जाता। चाँद का आकार सदा एक-सा नहीं रहता है। इसलिए वह कुरता पहन ही न पाता।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
“ सन सन चलती हवा रात भर, जाड़े से मरता हूँ।” कविता की इस पंक्ति में ‘भर ‘ शब्द का प्रयोग किया गया है। अब आप ‘भर’ की सहायता से पाँच वाक्य अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए, जैसे- पानी गिलास भर है, उसने दिन भर पढ़ाई की आदि ।
उत्तर :
‘भर’ की सहायता से पाँच वाक्य निम्नलिखित हैं-
(क) हमने रात भर पढ़ाई की।
(ख) मैंने पेट भर खाना खा लिया।
(ग) साल भर में बहुत से त्योहार आते हैं।
(घ) मिठाई खा कर मेरा मन भर गया है।
(ङ) रवि पल भर में अपनी बात से मुकर जाता है।
प्रश्न 2.
नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यान से पढ़िए-
(क) “ठिठुरकर किसी तरह यात्रा पूरी करता हूँ।
(ख) “ ठिठुर – ठिठुरकर किसी तरह यात्रा पूरी करता हूँ। ”
अपनी बात पर बल देने के लिए हम इस प्रकार के कुछ शब्दों का प्रयोग दो बार करते हैं, जैसे- जल्दी चलो, जल्दी-जल्दी चलो आदि। अब आप ऐसे ही पाँच वाक्य अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए ।
उत्तर :
पाँच वाक्य
(क) धीरे – धीरे बोलो।
(ख) मैं कभी-कभी तीखा भी खा लेता हूँ।
(ग) ज़ोर-ज़ोर से मत बोलो।
(घ) छोटे-छोटे अक्षर पढ़ना मुश्किल होता है।
(ङ) श्यामा की आँखें बहुत बड़ी-बड़ी हैं।
प्रश्न 3.
नीचे दी गई कविता की पंक्तियों में संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया पहचानकर उन्हें दिए गए स्थानों में लिखिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए-

उत्तर :

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चाँद का झिंगोला
प्रश्न 1.
मान लीजिए कि चाँद, झिंगोले के लिए माँ, कपड़े के दुकानदार और दर्जी से संवाद करता है। बातचीत के कुछ अंश नीचे दिए गए हैं। आप इन्हें आगे बढ़ाइए। आप संवाद अपनी मातृभाषा में भी लिख सकते हैं।
चाँद और माँ का संवाद
चाँद : माँ, मुझे बहुत ठंड लगती है। मेरे लिए एक मोटा झिंगोला सिलवा दो !
माँ: तुझे सच में ठंड सताती होगी लेकिन एक समस्या है।
चाँदः समस्या ? कैसी समस्या, माँ?
माँ: तेरा आकार तो प्रतिदिन बदलता रहता है। कभी छोटा, कभी बड़ा, कभी एकदम गायब ! मैं कैसे नाप लूँ?
चाँद : (सोचकर) अरे हाँ! लेकिन फिर भी कोई उपाय तो होगा? हाँ, एक उपाय तो है ।

माँ: _______________________________________
चाँद: _______________________________________
माँ: _______________________________________
उत्तर :
माँ: हाँ, एक उपाय तो है।
चाँद: (खुश होकर) सच माँ! जल्दी बताओ।
माँ: मैं तेरी बात मान लेती हूँ। मुझे भी लगता है कि तेरे बढ़ते-घटते आकार के हिसाब से मैं तेरे लिए भाड़े का कुरता ले आया करूँगी।
चाँद : हाँ, माँ मुझे भी यही सही लगता है। इस तरह मुझे मेरे आकार के अनुसार झिंगोला भी मिल जाएगा और मुझे भी ठंड नहीं लगेगी।
चाँद और कपड़े का दुकानदार
चाँद: दुकानदार जी, मुझे एक गरम कपड़ा चाहिए जिससे मेरी सर्दी दूर हो जाए।
दुकानदार: अवश्य, कितने मीटर चाहिए?
चाँद: यही तो समस्या है! मैं कभी छोटा होता हूँ, कभी बड़ा। आप ही बताइए… कितने मीटर लूँ?
दुकानदार : (हँसकर) अरे छोटू चाँद ! जब आपका नाप ही तय नहीं तो कपड़ा कैसे दूँ? पहले नाप तो तय

उत्तर :
चाँदः करके आओ!
दुकानदार : जी। रोना तो इसी बात का है कि मैं घटता-बढ़ता रहता हूँ। और आप मुझे छोटू – चाँद मत कहिए।
दुकानदार: क्यों भाई ? छोटे हो तो छोटू चाँद ही कहूँगा ना।
चाँद: वो तो मैं अभी छोटा हूँ थोड़े से दिनों में ही मैं बड़ा हो जाऊँगा ।
दुकानदार: चलो मान लिया कि तुम सही कह रहे हो। किंतु अगर ऐसा है तो तुम कैसे तय करोगे कि तुम्हें कितने मीटर कपड़ा लेना है?
चाँद: यही तो समझ नहीं पा रहा हूँ। चलो कोई बात नहीं। कल माँ से पूछकर फिर आऊँगा ।
चाँद और दर्जी का संवाद
चाँद : दर्जी जी, मेरे लिए एक कुरता सिल दीजिए।
दर्जी : बिलकुल ! लेकिन पहले नाप तो दो ।
चाँद : यही तो समस्या है ! कभी मैं छोटा, कभी बड़ा हो जाता हूँ।
दर्जी : (हँसते हुए) तो फिर ऐसा करो, प्रतिदिन मेरे पास आओ और मैं प्रत्येक दिन तुम्हारे नाप का नया कुरता सिल दूँगा !
चाँद: (प्रसन्न होते हुए) फिर तो मुझे प्रतिदिन नए कपड़े मिलेंगे! लेकिन माँ मानेंगी नहीं !

उत्तर :
दर्ज़ी: हाँ, हो सकता है क्योंकि इसमें काफी खर्चा होगा। पर फिर भी मुझे लगता है कि तुम्हारी माँ मना नहीं करेंगी ।
चाँद : सच ! पर तुम इस बात को इतना यकीन के साथ कैसे कह सकते हो ?
दर्जी : क्योंकि मैं एक माँ के दिल को जानता हूँ। माँ कभी नहीं चाहेगी कि उसका बेटा किसी भी कष्ट में रहे।
चाँद: अच्छा! फिर तो बढ़िया है। मुझे हर रोज़ नए-नए कपड़े मिलेंगे।
प्रश्न 2.
अब आप इन संवादों पर कक्षा में शिक्षक की सहायता से अभिनय कीजिए ।
उत्तर :
छात्र शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।
कविता से आगे
प्रश्न 1.
क्या चाँद की तरह आप भी अपनी माँ से किसी वस्तु के लिए हठ करते हैं? आप अपनी माँ को इसके लिए कैसे मनाते हैं ?
उत्तर :
मैं अपनी माँ से चॉकलेट खाने की जिद करता हूँ। माँ मुझे हफ्ते में सिर्फ एक या दो चॉकलेट ही खाने के लिए कहती हैं । पर मैं उन्हें यह कहकर मना लेता हूँ कि सोने से पहले मैं दाँत साफ़ करके ही सोऊँगा ।
प्रश्न 2.
आपकी माँ आपको किसी काम के लिए कैसे मनाती हैं?
उत्तर :
मेरी माँ मुझे किसी भी काम के लिए बड़े ही प्यार से मना लेती हैं। वह मुझे उस काम को करके हम क्या अच्छा कर सकते हैं और उसको करने के क्या फायदे हैं. उनके बारे में समझाकर बड़ी आसानी से मुझसे वो काम करवा लेती हैं।
प्रश्न 3.
गरमी, सर्दी या वर्षा से बचने के लिए आपकी माँ आपको क्या कहती अथवा क्या-क्या करती हैं?
उत्तर :
| मौसम | माँ क्या कहती हैं? | माँ क्या-क्या करती हैं? |
| 1. गरमी | धूप में मत खेलो। | नींबू पानी, खीरा, तरबूज आदि खिलाती हैं। |
| 2. सर्दी | ऑइसक्रीम मत खाओ, ठंडा पानी मत पियो । | गर्म कपड़े पहनाती हैं। सोते समय बार-बार रज़ाई ओढ़ाती रहती हैं। |
| 3. वर्षा | बारिश में मत भीगो, सारे कपड़े गीले हो जाएँगे । | रेनकोट पहनाती हैं। स्कूल से घर आने पर सिर को अच्छे से सुखाती हैं। |
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सोचिए, समझिए और बताइए
प्रश्न 1.
कविता में चाँद अपनी माँ से बातें कर रहा है। मान लीजिए कि चाँद बोल नहीं सकता । अब वह अपनी माँ को अपनी बात कैसे बताएगा ?
उत्तर :
अगर चाँद अपनी माँ से बोल नहीं पाएगा तो भी कोई बात नहीं। चाँद अपनी माँ को इशारों से और लिख करके अपनी बात बता पाएगा।
प्रश्न 2.
मान लीजिए कि चाँद का एक मित्र है जो देख नहीं सकता। चाँद उसे अपने बदलते हुए आकार के बारे में कैसे समझाएगा?
उत्तर :
चाँद का मित्र देख नहीं सकता किंतु सुन तो सकता ही है। चाँद उसे अपनी सारी बातें अच्छे से बताएगा और अपने घटते-बढ़ते आकार को उसे छूकर महसूस करने के लिए भी कहेगा ।